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Navratri Vrat Recipe: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो चुका है. नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान हल्के और हेल्दी स्नैक्स की तलाश हर किसी को रहती है. ऐसा ही एक नाश्ता है कच्चे केले के कटलेट, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी है.
कच्चे केले के कटलेट बनाने के लिए सामग्री
3-4 कच्चे केले
2-3 उबले आलू
स्वादानुसार नमक और काली मिर्च
2 बड़े चम्मच कटा हुआ ताजा हरा धनिया
2 हरी मिर्च (बारीक कटी)
तेल (ग्रीस करने और तलने के लिए)
बनाने का तरीका
सबसे पहले आलू को अच्छी तरह उबालकर छील लें और मैश करें. इसमें नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर मसालेदार मिक्स तैयार कर लें. अब कच्चे केलों को उबालें. उबलने के बाद छीलकर मैश करें और स्वादानुसार नमक, काली मिर्च डालें. तेल लगे हाथों से आलू के मिक्स की छोटी-छोटी गोलियां बना लें.
मैश किए हुए केले का थोड़ा हिस्सा लें, उसे हल्का चपटा करें. बीच में आलू की गोली रखकर किनारे बंद कर टिक्की जैसा आकार दें. कड़ाही में तेल गरम करें और कटलेट को दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें. फिर एक्स्ट्रा तेल सोखने के लिए पेपर टॉवल पर रख दें. इन कटलेट्स को आप दही या हरी चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. व्रत में यह एक स्वादिष्ट और हेल्दी स्नैक है, जिसे बनाना बेहद आसान है.
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Winter Health Mistakes: सर्दियों में लोगों को अक्सर कम प्यास लगती है. ठंडी हवा, हीटर और सूखा माहौल धीरे-धीरे शरीर को अंदर से सुखा देते हैं. बहुत से लोग पानी पीना भूल जाते हैं और यह छोटी सी आदत धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन का बड़ा कारण बन जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में दस में से एक मरीज़ डिहाइड्रेशन से परेशान रहता है और इस समस्या को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है. डिहाइड्रेशन सिर्फ़ गर्मियों की समस्या नहीं है; यह सर्दियों में भी एक छिपा हुआ खतरा पैदा करता है.
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कई प्रोसेस पर असर पड़ता है. ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, किडनी टॉक्सिन को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है और इम्यूनिटी कमज़ोर होने लगती है. शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, थकान, रूखी त्वचा, फटे होंठ, गहरे रंग का यूरिन, मांसपेशियों में ऐंठन, दिल की धड़कन तेज़ होना, लो ब्लड प्रेशर और हल्का चक्कर आना शामिल हैं. बुज़ुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस स्थिति के प्रति सबसे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं.
आयुर्वेद में इसे "तृष्णा विकार" कहा जाता है. पानी की कमी से रस धातु कमज़ोर हो जाती है, अग्नि धीमी हो जाती है और वात बढ़ जाता है. इससे शरीर ड्राई हो जाता है, एनर्जी कम हो जाती है और कब्ज़ और गैस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. मॉडर्न साइंस भी कहता है कि शरीर का लगभग 60 परसेंट हिस्सा पानी है और इसके बिना शरीर के सभी कामों पर असर पड़ता है.
सबसे अच्छा तरीका है कि उठते ही गुनगुना पानी पिएं, दिन भर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं और खाने से 30 मिनट पहले पानी पिएं. खाने के दौरान ज़्यादा पानी पीने से बचें. सर्दियों में भी 7-8 गिलास पानी ज़रूरी है. अगर ज़्यादा मेहनत हो तो पानी की मात्रा बढ़ा दें. सर्दियों में गुनगुना पानी सबसे अच्छा होता है. पेशाब रोकने की आदत से भी खतरा बढ़ सकता है. इससे किडनी पर दबाव पड़ता है, टॉक्सिन जमा होते हैं और UTI होने की संभावना बढ़ जाती है. ब्लैडर कमज़ोर हो जाता है.
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Benefits of Figs: आज की तेज़ रफ्तार और व्यस्त जिंदगी में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. ऐसे समय में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ हमारी दिनचर्या को आसान बनाते हैं, जिनमें से एक अंजीर है. आकार में छोटा दिखने वाला यह फल पोषक तत्वों का खजाना है. मध्य प्रदेश का आयुष विभाग भी अंजीर को मिठास के साथ सेहत का बेहतरीन स्रोत मानता है, जिसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
अंजीर शरीर को प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्रदान करता है और कई बीमारियों से सुरक्षा देता है. इसका सबसे बड़ा लाभ है लिवर और किडनी का डिटॉक्स, यानी इन अंगों की सफाई. नियमित रूप से अंजीर खाने से शरीर में जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है.
पाचन सुधारने में अंजीर है कारगर
अंजीर पाचन सुधारने में भी बेहद कारगर है. अगर किसी को कब्ज की पुरानी समस्या है, तो रात में भिगोए गए अंजीर सुबह खाली पेट खाने से काफी आराम मिलता है. वजन कम करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह फल प्राकृतिक उपाय है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है. इससे पेट देर तक भरा रहता है और ओवरईटिंग घटती है.
दिल के लिए होता फायदेमंद
दिल की सेहत के लिए भी अंजीर फायदेमंद माना जाता है. यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है और आयरन की अधिक मात्रा शरीर में खून की कमी को दूर करती है. नियमित सेवन से त्वचा चमकदार होती है, बाल मजबूत होते हैं और इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि अंजीर का सबसे अच्छा सेवन तरीका है. इसे रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना.
ताजा अंजीर का करें सेवन
भिगोया हुआ अंजीर अधिक नरम होता है और इसके पोषक तत्व जल्दी अवशोषित होते हैं. सर्दियों में ताज़ा अंजीर खाना और भी फायदेमंद माना जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को सावधानी रखनी चाहिए. जिन्हें अंजीर से एलर्जी है, उन्हें खुजली, चकत्ते या जलन हो सकती है. ऐसी स्थिति में इसका सेवन न करें. वहीं डायबिटीज के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह पर ही खाएं.
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Amrood ke fayde: अमरूद भारत में आसानी से मिलने वाला एक साधारण लेकिन बेहद फायदेमंद फल है. यह बाकी फलों की तुलना में कीमत में सस्ता होता है, लेकिन इसके पोषक तत्व और फायदे किसी भी महंगे फल से कम नहीं हैं. अमरूद विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है, जिसकी वजह से इसे हेल्थ एक्सपर्ट्स सुपरफ्रूट भी मानते हैं. रोजाना डाइट में अमरूद शामिल करने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं.
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
अमरूद में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है. यही वजह है कि यह आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. नियमित रूप से अमरूद खाने से पेट साफ रहता है और पाचन संबंधी दिक्कतें कम होती हैं.
स्किन और बालों के लिए फायदेमंद
अमरूद विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और अन्य एंटीऑक्सिडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है. ये तत्व त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं. विटामिन सी कोलेजन प्रोटीन के निर्माण को बढ़ाता है, जो त्वचा को टाइट रखता है और एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करता है. इसके सेवन से झुर्रियां देर से आती हैं और स्किन लंबे समय तक जवान दिखती है. बालों के लिए भी अमरूद पोषण का अच्छा स्रोत है, जो उन्हें मजबूत और घना बनाता है.
इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक
अमरूद को विटामिन सी का खजाना कहा जाता है. यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. अमरूद का सेवन श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे शरीर संक्रमण और वायरस से लड़ने में सक्षम होता है. यही कारण है कि जो लोग नियमित रूप से अमरूद खाते हैं, उन्हें बार-बार बीमारियां नहीं घेरतीं.
दिल की सेहत के लिए अच्छा
अमरूद में पोटैशियम और घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है. दोनों ही चीजें दिल की सेहत के लिए जरूरी हैं. अमरूद का नियमित सेवन करने से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है.
वजन कम करने में मददगार
अमरूद कम कैलोरी वाला फल है, लेकिन इसमें फाइबर और जरूरी पोषक तत्व भरपूर होते हैं. इसे खाने से जल्दी भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. इस तरह यह वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए एक बेहतरीन फल है.