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Haq Movie Review: ‘हक’ में गूंजती है हर उस औरत की आवाज, जिसने इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी

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फाइल फोटो

Haq Movie Review: इमरान हाशमी और यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘हक’ सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक महिला की आवाज है. जो अपने अधिकारों, अपनी पहचान और अपने अस्तित्व के लिए खड़ी होती है. फिल्म आपको सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज में औरत को इंसाफ के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ता है.

क्या है पूरी कहानी
‘हक’ की कहानी है शाजिया बानो (यामी गौतम) की एक ऐसी औरत की जो अपने पति और मशहूर वकील अब्बास खान (इमरान हाशमी) के खिलाफ अपने बच्चों के मुआवजे का केस लेकर अदालत पहुंचती है. अदालत में जब जज उसे ‘काजी के पास जाने’ की सलाह देता है, तो शाजिया का सवाल सबको झकझोर देता है. “अगर मैंने किसी का खून किया होता, तब भी आप यही कहते?” यही सवाल फिल्म का मूल है, इंसाफ के दो पैमाने क्यों?

शाह बानो केस से प्रेरित
फिल्म ‘हक’ 1985 के चर्चित शाह बानो केस से प्रेरित है। उस केस ने तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर राष्ट्रीय बहस छेड़ी थी. निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने उसी संवेदनशील मुद्दे को आधुनिक दौर की पृष्ठभूमि में पेश किया है. जहां प्यार, रिश्ते और धार्मिक व्यवस्था के बीच एक महिला की लड़ाई दिखती है.

रिश्ते, धोखा और दर्द
फिल्म की शुरुआत शाजिया और अब्बास के खूबसूरत रिश्ते से होती है. दोनों का प्यार, एक-दूसरे के लिए समर्पण, सब कुछ परफेक्ट लगता है. लेकिन वक्त गुजरते ही अब्बास की जिंदगी में दूसरी औरत सायरा (वर्तिका सिंह) की एंट्री होती है. शाजिया का टूटना, सवाल करना और फिर खुद के लिए खड़ा होना. ये सफर ही फिल्म का भावनात्मक केंद्र है.

फिल्म का एक सीन बेहद प्रतीकात्मक है. जब शाजिया रसोई में तीन प्रेशर कुकर देखती है, और नौकरानी कहती है, “साहब में सब्र नहीं है, कुछ खराब होता है तो उसे ठीक करवाने की बजाय नया ले आते हैं.” वो सीन आगे आने वाली कहानी का संकेत देता है और बताता है कि अब्बास अपनी बीवी के साथ भी यही करेगा.

एक्टिंग और निर्देशन
यामी गौतम ने शाजिया बानो को बेहद संवेदनशीलता के साथ जिया है. उनके चेहरे की खामोशी, आंखों का दर्द और गुस्से का संयम, हर फ्रेम में झलकता है. इमरान हाशमी अपने करियर के सबसे सशक्त किरदारों में से एक में नजर आते हैं. वो अब्बास खान के रूप में एक ऐसे आदमी को पेश करते हैं, जो प्यार करता भी है और अपनी मर्दानगी के जाल में उलझा भी है. वर्तिका सिंह, शीबा चड्ढा और दानिश हुसैन भी अपनी भूमिकाओं में असरदार हैं. डायरेक्टर सुपर्ण वर्मा का निर्देशन सधा हुआ है. उन्होंने इमोशन और सामाजिक संदेश के बीच संतुलन बनाए रखा है.

कमजोरियां
फिल्म के कुछ हिस्से थोड़े ड्रामेटिक लगते हैं, खासकर कोर्टरूम सीन्स में संवाद ज़रूरत से ज़्यादा तीखे हैं. कहीं-कहीं कहानी अपने मूल मुद्दे से हटती भी है. फिर भी इसका संदेश, महिलाओं के अधिकार और न्याय की समानता, दर्शकों तक साफ पहुंचता है.


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Written by: Taushif

06 Nov 2025  ·  Published: 09:36 IST

बिग बॉस 19 में हाई वोल्टेज ड्रामा; अमाल मलिक ने फरहाना की प्लेट फेंकी, सलमान ने लगाई क्लास

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फाइल फोटो

Bigg Boss 19 Weekend Ka Vaar: बिग बॉस 19 के घर में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है. कैप्टेंसी टास्क के दौरान फरहाना भट्ट और सिंगर अमाल मलिक के बीच तीखा झगड़ा हुआ, जिसने सबको हैरान कर दिया.

दरअसल, टास्क में घरवालों को अपने परिवार की चिट्ठी मिली थी. इसी दौरान फरहाना ने नीलम गिरी की चिट्ठी फाड़ दी, ताकि वो खुद कप्तान बनने की रेस में आगे निकल सकें. नीलम की आंखों में आंसू आ गए और घरवाले फरहाना पर बरस पड़े.

इसके बाद अमाल मलिक गुस्से में फरहाना के पास पहुंचे, जो उस वक्त खाना खा रही थीं. अमाल ने ताना मारते हुए कहा, “ऐसा काम करने के बाद भी तुम खा कैसे सकती हो?” फरहाना ने पलटकर जवाब दिया, जिससे अमाल आगबबूला हो गए. उन्होंने फरहाना की प्लेट छीनकर फेंक दी और कुछ भद्दे कमेंट्स भी कर दिए.

 pic.twitter.com/p7kAO4m1a7

October 18, 2025

यह वाकया देखकर सभी कंटेस्टेंट्स हैरान रह गए. ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने भी अमाल की क्लास लगाई. इसी बीच अमाल के पिता डब्बू मलिक घर में आए और बेटे को समझाया कि किसी महिला से इस तरह पेश आना गलत है. पिता की बात सुनकर अमाल इमोशनल हो गए.

वहीं, फरहाना की मां का वीडियो मैसेज भी दिखाया गया. मां ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, क्योंकि वो दिल से गेम खेल रही है. अपनी मां की आवाज सुनकर फरहाना फूट-फूटकर रोने लगीं. शो में एक और सरप्राइज तब आया जब शहनाज गिल ने अपने भाई शहबाज के लिए मैसेज भेजा. इसके अलावा सिंगर शान भी घरवालों के लिए स्पेशल दिवाली गिफ्ट लेकर आए.


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Written by: Taushif

19 Oct 2025  ·  Published: 11:46 IST

बॉलीवुड और गणपति उत्सव, जब फिल्मों ने भक्ति और ड्रामा को जोड़ा

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फाइल फोटो

Ganesh Chaturthi in Bollywood: गणपति बप्पा के स्वागत का इंतजार उनके भक्त हर साल बेसब्री से करते हैं. देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. जहां लोग भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहते हैं, वहीं इस त्योहार की झलक हमें बॉलीवुड फिल्मों में भी खूब दिखाई देती है. कई दशकों से हिंदी सिनेमा ने गणपति महोत्सव को न केवल पर्दे पर उतारा है, बल्कि अपनी कहानियों को इससे गहराई से जोड़ा भी है. फिल्मों में बने गाने, आरती और गणेश विसर्जन के दृश्य दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाते हैं. इतना ही नहीं, कई फिल्मों के टर्निंग पॉइंट गणेश चतुर्थी के इर्द-गिर्द ही रचे गए हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में जहां गणपति बप्पा सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा बने.

गणपति गानों की शुरुआत
बताया जाता है कि 1980 के दशक से गणपति गीतों को फिल्मों में अलग पहचान मिलने लगी थी. फिल्म हमसे बढ़कर कौन (1981) में मोहम्मद रफी, शैलेंद्र सिंह और आशा भोसले की आवाज़ में गाया गया गाना देवा हो देवा गणपति देवा इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी हर पंडाल में बजता सुनाई देता है. इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म डॉन का मोरेया रे और सलमान खान की फिल्म वॉन्टेड का जलवा भी लोगों की जुबान पर चढ़ गया.

अग्निपथ (1990 और 2012)
फिल्म अग्निपथ के दोनों वर्ज़न में गणपति विसर्जन का दृश्य बेहद अहम है. 1990 की फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार विजय दीनानाथ चौहान विसर्जन के दौरान अपने गांव लौटता है और कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच जाती है. वहीं 2012 की फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ गणपति विसर्जन का जश्न बढ़ती हिंसा से जुड़कर कहानी को भावनात्मक और नाटकीय ऊंचाई देता है.

वास्तव (1999)
महेश मांजरेकर की फिल्म वास्तव मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी. संजय दत्त का किरदार रघुनाथ नामदेव शिवलकर और उसके दोस्त डेढ़फुटिया की कहानी में गणेश उत्सव एक प्रतीक के तौर पर दिखाई देता है. फिल्म के क्लाइमैक्स में जब पूरा परिवार आरती में शामिल होता है, तब डेढ़फुटिया पुलिस के हाथों पकड़ा जाता है और उसकी मौत एक फेक एनकाउंटर में हो जाती है. इस दृश्य ने दिखाया कि किस तरह उत्सव की भक्ति और अपराध की काली दुनिया एक साथ टकराती है.

एबीसीडी (2013)
रेमो डिसूजा की फिल्म एबीसीडी में गणपति सॉन्ग साडा दिल भी तू दर्शकों के दिलों में आज भी बसा है. यह गाना सिर्फ डांस और एनर्जी का प्रतीक नहीं था, बल्कि फिल्म में एक बड़ा मोड़ भी लाता है. जब प्रभु देवा का किरदार विष्णु अपनी टीम के साथ परफॉर्म करता है, तो मंच पर मौजूद हर कोई भावुक हो जाता है.  इवेन उसका दुश्मन भी. गाने में दिखाया गया इमोशनल ड्रामा दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है और यही इसकी खूबसूरती है.

सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या का क्लाइमैक्स भी गणपति विसर्जन पर आधारित है. इस फिल्म में भीड़-भाड़ वाले माहौल में सत्या अपने दोस्त भीकू महात्रे की मौत का बदला भाऊ नामक नेता से लेता है. विसर्जन के दौरान होने वाली हत्या न केवल फिल्म को रोमांचक अंत देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि विघ्नहर्ता गणपति बुराई का अंत करते हैं.

गणपति गाने और भक्ति का मेल
इन फिल्मों के अलावा भी कई गाने और दृश्य हैं जो गणपति उत्सव के साथ जुड़े हुए हैं. यह सिर्फ धार्मिक आस्था को ही नहीं दर्शाते, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का काम भी करते हैं. जब लोग देवा हो देवा, मोरेया रे या साडा दिल भी तू गाते हैं, तो यह गाने पंडालों और घरों की भक्ति का हिस्सा बन जाते हैं.


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Written by: Taushif

27 Aug 2025  ·  Published: 10:53 IST

'सैयारा' फेम अनीत पड्डा जल्द करेंगी ओटीटी डेब्यू, 'न्याय' से होगी एक नई बहस की शुरुआत

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फाइल फोटो

Aneet Padda OTT Debut: डेब्यू फिल्म 'सैयारा' से धमाकेदार शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस अनीत पड्डा अब ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं. फिल्म ‘सैयारा’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब फैंस अनीत को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखने के लिए बेताब हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अनीत जल्द ही रियल स्टोरी पर आधारित वेब सीरीज ‘न्याय’ में नजर आने वाली हैं, जिसमें उनके साथ फातिमा सना शेख और अर्जुन माथुर भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे.

OTT पर क्या है अनीत का रोल?

‘न्याय’ एक 17 साल की पीड़िता की कहानी है, जो एक ताकतवर धार्मिक गुरु द्वारा किए गए यौन शोषण के खिलाफ अदालत में केस लड़ती है. अनीत इस सीरीज में उसी बहादुर लड़की का किरदार निभा रही हैं. फातिमा सना शेख एक सख्त पुलिस अफसर की भूमिका में नजर आएंगी. अर्जुन माथुर एक वकील के किरदार में नजर आएंगे, जो न्याय की लड़ाई में पीड़िता का साथ देते हैं. इस सीरीज का निर्देशन नित्या मेहरा और करण कपाड़िया ने किया है. नित्या इससे पहले 'बार-बार देखो' जैसी फिल्म का निर्देशन कर चुकी हैं.

पहले से शूट हो चुका है प्रोजेक्ट

रिपोर्ट्स के अनुसार, अनीत की यह वेब सीरीज फिल्म सैयारा से पहले ही शूट हो चुकी थी. यानी, ओटीटी पर आने का यह कदम फिल्म की सफलता के बाद लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि पहले से तय प्रोजेक्ट का हिस्सा है.

‘सैयारा’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ‘सैयारा’ ने अब तक 217.25 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. सिर्फ 9वें दिन 26.5 करोड़ का नेट कलेक्शन हुआ. यह 2025 की दूसरी फिल्म बनी है जिसने 200 करोड़ क्लब में जगह बनाई. फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त क्रेज है और फैंस अब अनीत को एक बार फिर दमदार रोल में देखने के लिए उत्साहित हैं.

कब और कहां रिलीज होगी ‘न्याय’?

हालांकि सीरीज की रिलीज डेट और प्लेटफॉर्म का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार यह शो जल्द ही एक बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगा. एक तरफ जहां अनीत पड्डा की डेब्यू फिल्म ‘सैयारा’ ने कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए हैं, वहीं ओटीटी पर उनका अगला प्रोजेक्ट ‘न्याय’ उनके करियर को एक नई ऊंचाई देने वाला है. अब देखना यह है कि रियल स्टोरी पर आधारित यह सीरीज दर्शकों का दिल जीत पाती है या नहीं.


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Written by: Taushif

28 Jul 2025  ·  Published: 05:37 IST