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छोटा बाजरा: सर्दियों में सेहत के लिए सुपरफूड, आयुर्वेद भी करता है इसकी सिफारिश

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Little Millet Benefits: भारत के कई ग्रामीण इलाकों में सदियों से खाया जाने वाला छोटा बाजरा, जिसे अंग्रेज़ी में Little Millet कहा जाता है, आज एक बार फिर लोकप्रिय हो रहा है. पहले यह आम भोजन का हिस्सा था, लेकिन अब इसे एक सुपरफूड माना जा रहा है, क्योंकि इसके फायदों की सूची लंबी है.

छोटा बाजरा पोषण का बेहतरीन स्रोत है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, विटामिन बी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यह शरीर को ऊर्जा देने, खून की कमी दूर करने, हड्डियों को मजबूत करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. खासकर सर्दियों के मौसम में इसे खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है और पाचन शक्ति को मजबूत करता है.

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी छोटा बाजरा को सुपरफूड की श्रेणी में रखा है. मंत्रालय का कहना है कि यह अनाज शरीर में ऊर्जा बनाए रखने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और कई पाचन संबंधी बीमारियों में मदद करता है.

आयुर्वेद में छोटा बाजरा के फायदे और भी विस्तार से बताए गए हैं. आयुर्वेदिक सिद्ध साहित्य के अनुसार इसमें गैलिक एसिड, क्लोरोजेनिक एसिड, फेरुलिक एसिड और पी-कौमरिक एसिड जैसे सक्रिय बायो-कंपाउंड होते हैं. ये तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं, जिससे सूजन कम होती है और शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता बढ़ती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़ाना भोजन में छोटा बाजरा शामिल करने से पाचन मजबूत होता है और मोटापे, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. साथ ही यह डायबिटीज वालों के लिए भी सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. छोटा बाजरा को खिचड़ी, उपमा, दलिया या रोटी की तरह आसानी से रोज़ाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है.
 


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Written by: Taushif

24 Nov 2025  ·  Published: 11:41 IST

नवरात्रि व्रत को बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट, वरई पुलाव और बेलामृत शरबत की रेसिपी

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Navratri Fasting Recipes: नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस दौरान लोग देवी की पूजा-अर्चना के साथ-साथ उपवास भी रखते हैं. उपवास के दिनों में हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना ऊर्जा बनाए रखने के लिए ज़रूरी होता है. अक्सर व्रत में साबूदाना खिचड़ी या फल खाना आम है, लेकिन हर बार वही व्यंजन खाने से ऊब हो सकती है. ऐसे में अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट रेसिपी आज़माना चाहते हैं, तो वरई पुलाव और बेलामृत शरबत आपके व्रत के मेनू को खास बना सकते हैं. ये दोनों ही व्यंजन बनाने में आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक हैं.

वरई पुलाव (सामक चावल पुलाव)
वरई या सामक चावल व्रत के दिनों में खूब खाया जाता है. यह हल्का और ऊर्जा देने वाला होता है.

ज़रूरी सामग्री
सामक चावल 200 ग्राम, हरी मिर्च 10 ग्राम, मूंगफली 20 ग्राम, काजू 20 ग्राम, बादाम 20 ग्राम, अनार के दाने 30 ग्राम (गार्निश के लिए), सेंधा नमक 1 छोटा चम्मच, दूध 350 मिलीलीटर, घी 40 मिलीलीटर.

बनाने का तरीका
सामक चावल को अच्छी तरह धोकर पानी निकाल लें. एक कड़ाही में घी गरम करें और उसमें हरी मिर्च, मूंगफली, काजू और बादाम हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें धुले हुए सामक चावल और सेंधा नमक डालें. फिर दूध डालकर मिलाएं और धीमी आंच पर ढककर 10 मिनट तक पकाएं, जब तक चावल नरम हो जाएं और दूध सूख जाए. गैस बंद करने के बाद 5 मिनट रहने दें. कांटे से हल्के-हल्के फुलाएं और ऊपर से अनार व ड्राईफ्रूट्स डालकर सर्व करें.

बेलामृत शरबत
व्रत के दौरान ताज़ा और ठंडा पेय शरीर को हाइड्रेटेड और ताज़गीभरा रखता है. बेलामृत शरबत इस काम के लिए बिल्कुल सही है.

ज़रूरी सामग्री
एक पका बेल फल, एक पैशन फ्रूट, नींबू का रस 20 मिली, कच्चा शहद सिरप 25 मिली.

बनाने का तरीका
बेल और पैशन फ्रूट का गूदा निकाल लें. इसे एक बड़े जार या शेकर में डालें. नींबू का रस और शहद सिरप डालकर बर्फ के साथ अच्छी तरह हिला लें. मिश्रण को छानकर बर्फ वाले लंबे गिलास में डालें. ऊपर से नींबू का टुकड़ा या पुदीने की पत्ती से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें. इन दोनों रेसिपीज़ से आपका नवरात्रि उपवास पौष्टिक, स्वादिष्ट और एनर्जी से भरपूर रहेगा.


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Written by: Taushif

27 Sep 2025  ·  Published: 12:18 IST

दिल को फिट और फाइन रखता है 'कलौंजी, काले दानों में छिपा है सेहत का राज

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भारतीय रसोई में औषधीय गुणों से भरपूर कई मसाले होते हैं. इनके सेवन से न सिर्फ भोजन का स्वाद बढ़ता है बल्कि कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी मदद करते हैं. ऐसा ही एक नाम है कलौंजी, जो खाने के स्वाद को बढ़ाता है और दिल के साथ अन्य समस्याओं को भी दूर करने में कारगर है.

इस काले और छोटे दाने का इस्तेमाल अचार के साथ अन्य पकवानों के रूप में भी होता है. कलौंजी का सही तरीके से सेवन कई समस्याओं को भगाने में कारगर है. भारत सरकार का आयुष मंत्रालय कलौंजी के सेवन से होने वाले लाभ और सेवन की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी देता है. एक्सपर्ट कलौंजी को दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हैं.

मंत्रालय के मुताबिक, कलौंजी का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं. यह दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है. कलौंजी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानकारी देते हुए एक्सपर्ट बताते हैं कि कलौंजी में मौजूद तत्व दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं. 

इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और रक्त नलिकाओं को स्वस्थ रखने में भी सहायक है. खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटाने में मदद करता है, जिससे दिल का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. कलौंजी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

कलौंजी का सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है. यह आंतों में सूजन को कम करता है और कब्ज, अपच, गैस जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है. कलौंजी में फैटी एसिड और अन्य तत्व होते हैं, जो शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करते हैं. यह शरीर की चर्बी को कम करने और वजन घटाने में भी मदद करते हैं. 

यही नहीं कलौंजी का तेल त्वचा और बालों के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. साथ ही यह मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा से संबंधित संक्रमण से भी बचाव करता है. कलौंजी का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी है. यह ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह इंसुलिन के कार्य को बेहतर बनाता है, जिससे डायबिटीज के नियंत्रण में भी मदद मिलती है.


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Written by: Taushif

19 Nov 2025  ·  Published: 11:14 IST

खाना खाने के बाद पेट फूलना और गैस की दिक्कत? ये देसी नुस्खे दिलाएंगे आराम

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Bloating After Eating: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि जैसे ही वे खाना खाते हैं, उनका पेट फूलने लगता है या खट्टी डकारें आने लगती हैं. कई लोग इसे मामूली पाचन समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि यह दिक्कत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर और विषाक्त बना सकती है.

क्यों होती है पेट फूलने की समस्या?
आयुर्वेद के अनुसार पेट फूलने की समस्या वात दोष बढ़ने से होती है. जब शरीर में वात दोष असंतुलित हो जाता है, तो पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है. इसका असर सीधे लिवर, आंतों और हार्मोन सिस्टम पर पड़ता है.

गलत खानपान और जीवनशैली इसके कई बड़े कारण हैं. ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से भी ये समस्या हो जाती है. इसके अलावा, गलत फूड कॉम्बिनेशन (जैसे कढ़ी के साथ दही या रायता), बार-बार चाय, कॉफी या ठंडे पेय पीना, खाना खाने के बाद तुरंत लेटना या टहलना न करना और खाते वक्त बात करना, जिससे हवा पेट में चली जाती है. इन छोटी-छोटी गलतियों के कारण ही गैस, पेट दर्द और पेट फूलने की समस्या बार-बार होती रहती है. इस समस्या को दूर कैसे करें आइए जानते हैं.

अजवाइन और काला नमक
थोड़ी सी अजवाइन और काले नमक को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. खाने के बाद एक चुटकी सेवन करें. इससे गैस और पेट फूलने में काफी राहत मिलेगी.

अदरक का पानी
ताजा अदरक को पानी में उबालें और दिन में दो बार पिएं. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करता है.

सौंफ और मिश्री
सौंफ और धागे वाली मिश्री को दरदरा पीसकर खाने के बाद लें. यह न सिर्फ मुंह का स्वाद ठीक करता है, बल्कि पेट को भी हल्का रखता है. अगर कब्ज की समस्या रहती है तो इसे गुनगुने दूध के साथ लें.

मुनक्का और काला नमक
कुछ मुनक्कों के अंदर थोड़ा काला नमक भरकर सुबह खाली पेट खाएं. यह आंतों की सफाई करता है और पेट को हल्का रखता है.


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Written by: Taushif

26 Oct 2025  ·  Published: 15:21 IST