प्रतीकात्मक AI तस्वीर
Agra Accident During Idol Immersion: आगरा जिले में गुरुवार (2 अक्टूबर) को विजयादशमी के अवसर पर उस समय मातम छा गया, जब उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. नौ लोग गहरे पानी में उतर गए, जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं. यह दर्दनाक घटना खैरागढ़ इलाके में हुई, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, विसर्जन के दौरान अचानक कई युवक तेज बहाव में बह गए. ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वहीं, कुछ देर की मशक्कत के बाद पुलिस और गोताखोरों ने दो शव बरामद किए, जिनकी पहचान गगन (26 वर्ष) और ओमपाल (32 वर्ष) के रूप में हुई है.
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची. जिला मजिस्ट्रेट अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि छह लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्थानीय गोताखोर और पुलिसकर्मी लगातार अभियान चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए पहले से ही एक सुरक्षित और तय स्थल निर्धारित किया था, लेकिन मृतक और लापता लोग नदी के किसी अन्य हिस्से में चले गए थे, जहां पानी अधिक गहरा था. इसी वजह से यह हादसा हुआ.
इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है. शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हादसे में घायल या प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी.
खैरागढ़ और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद माहौल गमगीन है. लोग लगातार नदी किनारे जुटकर लापता युवकों की तलाश की खबरों का इंतजार कर रहे हैं. परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है.
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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक्स पर अपने पोस्ट में ग्राहम ने कहा कि मैं भारत के अपने दोस्तों से कह रहा हूं, भारत और अमेरिका के संबंधों को सुधारने के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण काम वे कर सकते हैं, वह है यूक्रेन में जारी इस खूनखराबे को खत्म के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की मदद करना. उन्होंने कहा कि भारत रूस से सस्ते तेल का आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, जिससे पुतिन के वॉर मशीन के लिए ईंधन का काम करता है.
मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से अपनी हालिया फोन कॉल में इस युद्ध को न्यायपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से हमेशा के लिए खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया होगा. मेरा हमेशा से मानना रहा है कि इस मामले में भारत का प्रभाव है और मुझे उम्मीद है कि वे इस प्रभाव का समझदारी से इस्तेमाल भी करेंगे.
मोदी ने क्या कहा था?
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने यह बयान पीएम मोदी के उस एक्स पोस्ट की प्रतिक्रिया के तौर पर दी, जिसे उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत होने के बात एक्स पर शेयर किया था. पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहा था, “मैंने अपने दोस्त राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक बहुत अच्छी और विस्तृत बातचीत की.” 8 अगस्त, 2025 को पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की फोन पर हुई बातचीत में पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन से संबंधित ताजा घटनाक्रमों की जानकारी दी थी.
बता दें कि कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. अमेरिका इस युद्ध को किसी भी हाल में समाप्त कराना चाहता है. इसके वह रूस पर लगातार दबाव भी डाल रहा है, लेकिन यूक्रेन और रूस अपने-अपने एजेंडे से टस से मस होने को तैयार नहीं है. इस मामले में जेलेंस्की का रवैया भी समझ से परे है. अब इस काम में अमेरिका चाहता है कि भारत उनकी मदद करे. जबकि अमेरिका खुद यूक्रेन को युद्ध के लिए हथियार मुहैया करा रहा है.
बिहार में चुनावी गठबंधन
बिहार की राजनीति में गठबंधन का इतिहास दशकों पुराना है. करीब 58 साल पहले कांग्रेस के खिलाफ 7 दलों ने मिलकर एक नया राजनीतिक समीकरण बनाया था. उस दौर का गठबंधन सत्ता परिवर्तन की वजह बना था. अब एक बार फिर बिहार की राजनीति में इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के रूप में 7 पार्टियां एक साथ एनडीए गठबंधन के खिलाफ एकजुट हुई हैं. गठबंधन के प्रमुख नेता राहुल रविवार को वोट का अधिकार यात्रा की शुरुआत की है. सवाल उठ रहा है कि क्या इतिहास खुद को दोहराएगा और नया गठबंधन कांग्रेस को मजबूती देने के साथ सत्ता की नई तस्वीर पेश करेगी?
साल 1967 में पहली बार कांग्रेस के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट हुए और 7 पार्टियों का ‘संयुक्त विधायक दल’ बना, जिसने कई राज्यों में कांग्रेस की सत्ता को चुनौती दी। मौजूदा समय में भी राजनीतिक समीकरण और गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं, जिससे पुराने दौर की याद ताजा हो रही है। क्या इतिहास खुद को दोहराएगा? 2025 चुनावी साल है. बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन की ताकत दिखाने की कोशिश शुरू हो गई है. बिहार में पहली बार गठबंधन की सरकार 1967 में बनी थी. हालांकि चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हुआ था. चुनाव के बाद कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए पहली बार 7 दलों ने गठबंधन किया था.
5 दल बनाम महागठबंधन की 7 पार्टी
बिहार में चुनावी गठबंधन 1967 में शुरू हुआ था. ऐसे 1977 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी का जब गठन हुआ था तो उसमें कई दल शामिल हो गए थे. बाद में गठबंधन की सरकार ही बनी थीं लेकिन आज राजनीतिक विशेषज्ञ भी कह रहे हैं कि बिना गठबंधन की सरकार बनना संभव नहीं है. इसीलिए एक तरफ एनडीए तो दूसरी तरफ महागठबंधन अपनी ताकत संवारने में लगा है. दोनों तरफ से दावे भी हो रहे हैं. इस बार एनडीए के पांच दल का मुकाबला महागठबंधन के 7 दल से होना है.