एयर चीफ मार्शल एपी सिंह
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बुधवार (01 अक्टूबर) को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आईएएफ की असली ताकत केवल पायलटों और गरुड़ कमांडो तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि IAF का हर सदस्य-तकनीशियन, इंजीनियर, लॉजिस्टिक्स और ग्राउंड स्टाफ-उसकी रीढ़ है.
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय वायुसेना की शक्ति केवल लड़ाकू विमानों और कमांडो पर आधारित नहीं है, बल्कि पूरी टीम की अनुशासन, तकनीकी दक्षता और समर्पण से बनती है. उनका संदेश था कि हर एयरमैन और अफसर की भूमिका मिशन की सफलता में उतनी ही महत्वपूर्ण है.
पायलट और कमांडो नहीं, पूरी टीम है असली ताकत
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि वायुसेना की ताकत केवल आसमान में उड़ने वाले पायलट और विशेष ऑपरेशन करने वाले गरुड़ कमांडो ही नहीं हैं, बल्कि हर रैंक का जवान इसमें बराबर का योगदान देता है.
तकनीशियन और इंजीनियरों की अहम भूमिका
उन्होंने बताया कि वायुसेना के विमानों को युद्ध या मिशन के लिए तैयार करने में तकनीशियन और इंजीनियरों की अहम भूमिका होती है. उनकी मेहनत और कुशलता के बिना पायलट हवा में उड़ान नहीं भर सकते.
लॉजिस्टिक्स और ग्राउंड स्टाफ की जिम्मेदारी
IAF के लॉजिस्टिक्स और ग्राउंड स्टाफ हर मिशन के पीछे चुपचाप काम करते हैं. हथियारों की सप्लाई, ईंधन, और रणनीतिक सपोर्ट इन्हीं की जिम्मेदारी होती है.
अनुशासन और टीमवर्क ही सफलता की कुंजी
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय वायुसेना का हर सदस्य चाहे वह अधिकारी हो या एयरमैन, वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाता है. यही टीमवर्क IAF की असली ताकत है.
सुमीरा राजपूत की सिंध में हत्या
Pakistani Tiktoker Sumira Rajput Death: पाकिस्तान में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. पिछले महीने इस्लामाबाद में 17 साल की टिकटॉक क्रिएटर सना यूसुफ की उसके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब एक और चौंकाने वाला मामला सिंध प्रांत के घोटकी जिले से सामने आया है, जहां एक मशहूर टिकटॉक स्टार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई.
शनिवार (26 जुलाई) को घोटकी जिले में टिकटॉक क्रिएटर सुमीरा राजपूत की उनके ही घर में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है. सुमीरा की उम्र करीब 35 साल थी और वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं. टिकटॉक पर उनके करीब 58 हजार फॉलोअर्स थे और उनके वीडियो पर कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके थे.
खास बात यह है कि उनकी 15 साल की बेटी भी टिकटॉक पर एक्टिव है और उसके भी उतने ही फॉलोअर्स हैं.सुमीरा की बेटी ने चौंकाने वाला दावा किया है. उसने बताया कि कुछ लोग उसकी मां पर जबरन शादी के लिए दबाव बना रहे थे. जब सुमीरा ने इनकार किया, तो उन्हें जहरीली गोलियां देकर मार दिया गया. बेटी की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है.
घोटकी जिला पुलिस अधिकारी अनवर शेख ने लड़की के आरोप की पुष्टि की है. हालांकि अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कहा गया है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत के असली वजह का पता चल पाएगा.
इससे पहले जून में सना यूसुफ नाम की टिकटॉक क्रिएटर को इसलिए मार दिया गया था क्योंकि उसने एक युवक का शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. हमलावर बेरोजगार और गरीब था, जिसने सना को पहले बात करने के बहाने बुलाया और फिर घर के अंदर जाकर गोली मार दी थी. पाकिस्तान में बढ़ती ऐसी घटनाएं सोशल मीडिया पर एक्टिव महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
नीतीश कुमार
बिहार की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर है. एनडीए विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार को प्रदेश के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आज गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे. यह उनका 10वां कार्यकाल होगा. इसी के साथ नए मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है, जिसमें दोनों गठबंधन दलों के कई बड़े नेताओं को जगह मिलने की उम्मीद है. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को डिप्टी सीएम का पद मिलना तय है.
कब और कहाँ होगा शपथ ग्रहण?
शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान पटना में होगा. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व अन्य, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, सहित कई राज्यों में सीएम और गणमान्य व्यक्ति शिरकता करेंगे. ृ
10वीं बार सीएम बनेंगे नीतीश कुमार
इससे पहले नीतीश कुमार 2000, 2005, 2010, 2015, 2017, 2020, 2022 और अन्य अंतरिम चरणों में अलग-अलग गठजोड़ों के साथ मुख्यमंत्री बन चुके हैं. बिहार की राजनीति में उनकी यह रिकॉर्ड बन चुकी वापसी बताती है कि वे राज्य की राजनीति में सबसे प्रभावी चेहरा हैं.
किसे मिलेगा मंत्री बनने का मौका?
जेडीयू से संभावित मंत्रियों में विजय चौधरी, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, श्रवण कुमार, रामनगर या चकाई से नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं. बीजेपी से संभावित मंत्रियों में विजय सिन्हा, सम्राट चौधरी, संजय सरावगी, प्रेम कुमारका नाम शामिल है. इसके अलावा एलजेपीआर के दो, हम के एक और आरएलएम के एक—एक मंत्री शपथ लेंगे.
क्या बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे?
पिछली सरकार की तुलना में युवा और महिला चेहरों को ज्यादा तरजीह मिलने की संभावना है. नीतीश कुमार प्रशासनिक अनुभव वाले नेताओं को महत्वपूर्ण विभाग दे सकते हैं. गठबंधन संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी.
राजनीतिक संदेश क्या है?
यह एनडीए की मजबूती का संकेत माना जा रहा है. नीतीश कुमार की अनुभवी नेतृत्व शैली पर बीजेपी ने दोबारा भरोसा जताया है. यह गठबंधन 2026 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
तेज प्रताप यादव
बिहार में सियासी उठापटक जारी है. फिलहाल जब से लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने पीली टोपी पहनी है, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और तेजस्वी की नींद गायब है. वहीं, पीली टोपी धारण करने के बाद से तेज प्रताप सुर्खियों में हैं. इस बार वह अपने बयान से नहीं बल्कि अपने फैसलों की वजह से हैं. आज पटना के सियासी गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब तेज प्रताप समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंच गए. तो क्या तेज प्रताप अब अखिलेश यादव के खेमे में दिखेंगे?
दरअसल, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव अक्सर अपने अजीबोगरीब बयानों, हरकतों और भगवा झुकाव के चलते चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह जो करने जा रहे हैं, वह बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है. तेज प्रताप पटना के समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचने के बाद पार्टी के नेताओं से मुलाकात की, चाय पी, फोटो खिंचवाई और जब मीडिया ने पूछा कि ये दौरा किसलिए? तो जवाब मिला समाजवाद की विचारधारा से प्रभावित हूं.
क्या सपा को है तेज प्रताप की जरूरत?
तेज प्रताप की सपा नेताओं से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वे खुद पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. छोटे भाई तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी आगे बढ़ रही है, लेकिन तेज प्रताप को ना तो कोई ठोस जिम्मेदारी मिल रही है और ना ही राजनीतिक संतुलन का कोई संकेत. ऐसे में समाजवादी पार्टी से उनकी नजदीकी को महज ‘शिष्टाचार’ नहीं माना जा रहा. सियासी जानकारों का कहना है कि सपा को बिहार में आधार बढ़ाने के लिए तेज प्रताप जैसे ‘फेस’ की जरूरत हो सकती है, वहीं तेज को भी एक ऐसी जगह की तलाश है जहां वे खुद को साबित कर सकें.
सवाल यह भी है कि अखिलेश यादव जो खुद भी मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं, क्या वह तेज प्रताप को अपनाएंगे? या ये मुलाकात सिर्फ मीडिया स्टंट भर है.
साइकिल पर सवार होंगे तेज प्रताप?
पटना में इस सियासी घटना के बाद तेज प्रताप के सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के कयास लगाए जाने लगे हैं. हालांकि, उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर तेज प्रताप ने कोई खुलासा नहीं किया है. वह वैशाली जिले की महुआ सीट से निर्दलीय उतरने का ऐलान पहले कर चुके हैं.
अखिलेश ने पूछा था कहां से लड़ोगे चुनाव
आरजेडी और लालू परिवार से बेदखल किए जाने के बाद सपा प्रमुख ने तेज प्रताप यादव से वीडियो कॉल पर बात की थी. उस दौरान अखिलेश ने तेज प्रताप से पूछा था कि क्या वह चुनाव लड़ेंगे? इस पर तेज प्रताप ने हां कहा था. फिर सपा प्रमुख ने उनसे पूछा था कि कहां से चुनाव लड़ोगे, तो तेज प्रताप ने कहा था कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले वह लखनऊ आकर उनसे मुलाकात करेंगे. इसके बाद अखिलेश ने कहा था कि जब लखनऊ आओगे तो जरूर बताना. दोनों नेताओं के बीच वीडियो कॉल पर यह बातचीत लगभग एक महीना पहले हुई थी.
पार्टी और परिवार से तनातनी क्यों?
बता दें कि मई महीने में तेज प्रताप यादव की अनुष्का यादव से कथित रिलेशन की बात सार्वजनिक होने के बाद लालू यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से निकाल दिया था. तेज प्रताप के अकाउंट से अनुष्का के साथ फोटो भी पोस्ट किया गया था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था. पार्टी और परिवार से बेदखल होने के बाद तेज प्रताप ने अपनी गाड़ी से आरजेडी का झंडा बदल दिया. उन्होंने टीम तेज प्रताप यादव नाम से एक संगठन भी बनाया है. तेज प्रताप महुआ से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. वे लगातार क्षेत्र का दौरा भी कर रहे हैं.