दिल्ली ब्लास्ट को केंद्र ने माना आतंकी हमला.
दिल्ली ब्लास्ट को लेकर अब सरकार की ओर से भी बड़ा बयान सामने आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस धमाके को आतंकी हमला माना गया है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसमें डार्कनेट, फेक बिजनेस फंडिंग और जैश से जुड़े डिजिटल लिंक का ज़िक्र था. इसी बीच NIA ने एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे कई अहम खुलासे की उम्मीद है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस ब्लास्ट के पीछे जैश-ए-मोहम्मद के 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का हाथ हो सकता है.
कैबिनेट सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने इस बैठक में एक विस्तृत प्रस्तुति दी जिसमें दिल्ली ब्लास्ट के पीछे संगठित आतंकी मॉड्यूल की भूमिका का उल्लेख था. रिपोर्ट में बताया गया कि धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक उच्च ग्रेड के थे और इन्हें क्रिप्टो ट्रांजेक्शंस के जरिए विदेशी स्रोतों से फंड किया गया था.
फिलहाल, केंद्र सरकार ने दिल्ली ब्लास्ट को आतंकवादी हमला करार दिया. सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस आतंकी हमले के गुनहगारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 नवंबर की शाम को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट से जुड़ी आतंकवादी घटना में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया. मंत्रिमंडल ने मारे गए निर्दोष लोगों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा.
मंत्रिमंडल की ओर से पारित प्रस्तावों में कहा गया कि देश ने सोमवार को लाल किले के पास राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा अंजाम दी गई एक जघन्य आतंकवादी घटना देखी है. इस विस्फोट में कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "मंत्रिमंडल ने तुरंत और पेशेवर तरीके से इस आतंकी हमले की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि गुनाहगारों और उसके सहयोगियों की पहचान की जा सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके."
NIA ने जांच के दौरान अब तक 7 लोगों से पूछताछ की है. ताजा हिरासत में लिया गया व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर में एक फर्जी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कंपनी चलाता था, जो आतंकी फंडिंग को वैध कारोबारी ट्रांजेक्शन के रूप में दिखाने का काम करती थी. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब NIA और IB को मिलकर ‘डिजिटल टेरर नेटवर्क’ की जड़ें काटने की जिम्मेदारी दी गई है. आने वाले दिनों में कई राज्यों में छापेमारी की संभावना है.