अकील होसेन और रोहित पौडेल ट्रॉफी के साथ पोज देते हुए
Nepal vs West Indies T20 Cricket Match: नेपाल ने शनिवार को क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतिहास रच दिया. देश की क्रिकेट टीम ने दो बार के विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 19 रन से हराया. यह नेपाल की किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ पहली जीत है. इससे पहले नेपाल ने 2014 में अफगानिस्तान को हराया था, लेकिन उस समय नेपाल केवल एसोसिएट सदस्य था.
शनिवार का मुकाबला नेपाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी जीत साबित हुआ. यह जीत न केवल वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आई, बल्कि यह किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ उनकी पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की जीत भी थी.
बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर नेपाल ने आठ विकेट खोकर 148 रन बनाए. मैच के शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाज अकील हुसैन और जेसन होल्डर ने शानदार शुरुआत करते हुए चौथे ओवर तक नेपाल का स्कोर दो विकेट पर 12 रन कर दिया. इसके बाद कप्तान रोहित पोडेल (38) और कुशल मल्ला (30) ने 58 रन की अहम साझेदारी करके नेपाल की पारी को संभाला. लेकिन वेस्टइंडीज के नवीन बिदाईसी ने दोनों को जल्दी-जल्दी आउट कर दिया.
कुशल मल्ला ने दो छक्के लगाकर रन गति में इजाफा किया, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी (24) और गुलशन झा (22) ने भी उम्दा पारियां खेलीं. होल्डर ने 19वें ओवर में तीन विकेट चटकाए, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम कुछ कैच टपकाने की वजह से नेपाल को आठ विकेट पर 148 रन बनाने में सफल होने से नहीं रोक सकी.
वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत खराब रही. नेपाल के कुशल भुर्तेल ने काइल मायर्स (05) को रन आउट किया. अकीम ऑगस्टे (15) ने दो छक्के लगाकर पलटवार किया, लेकिन नेपाल के स्पिनरों ने जल्दी ही रन गति पर ब्रेक लगा दिया. ललित राजवंशी ने छह रन देकर एक विकेट लिया, जबकि रोहित पोडेल ने 20 रन पर एक विकेट लेकर मध्य ओवरों में वेस्टइंडीज की पारी को काबू में किया.
इसके बाद दीपेंद्र ऐरी ने शानदार फील्डिंग करते हुए कीसी कार्टी (16) को रन आउट किया. होल्डर (05) भी भुर्तेल की गेंद पर आउट हो गए, जिससे कैरेबियाई टीम की जीत की उम्मीदें धूमिल हो गईं. हुसैन (18) और फैबियन एलेन (19) ने टीम को संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन नेपाल की जीत को रोक नहीं सके.
साइना कश्यप फिर से आए करीब
Saina Nehwal and Parupalli Kashyap Relationship: भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल और उनके पति पारुपल्ली कश्यप के रिश्ते में एक भावनात्मक मोड़ आया है. तलाक की घोषणा के महज दो हफ्ते बाद अब दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है. साइना की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ये साफ कर दिया कि अब दोनों फिर से साथ आने की कोशिश कर रहे हैं.
भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और उनके पति पारुपल्ली कश्यप के रिश्ते में अब नई उम्मीद की किरण दिख रही है. कुछ दिन पहले ही दोनों ने अलग होने का फैसला लिया था, लेकिन अब साइना ने एक भावुक पोस्ट के जरिए यह संकेत दिया है कि वे दोनों फिर से अपने रिश्ते को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.
शनिवार (2 अगस्)त को साइना ने इंस्टाग्राम पर पारुपल्ली कश्यप के साथ एक फोटो शेयर की.जिसमें उन्होंने लिखा, "कभी-कभी दूरियां आपको किसी की अहमियत का महत्व सिखाती हैं. यहां हम फिर से कोशिश कर रहे हैं." इस पोस्ट के सामने आते ही फैंस की प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई. किसी ने इसे "सच्चे प्यार की जीत" बताया तो किसी ने कहा, "प्यार को फिर से मौका देना सबसे खूबसूरत फैसला है."
इससे पहले 14 जुलाई को साइना ने इंस्टाग्राम स्टोरी में कश्यप से अलग होने का ऐलान किया था. उन्होंने लिखा था कि जिंदगी कभी-कभी अलग रास्तों पर ले जाती है और बहुत सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला लिया है. इस खबर ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया था, क्योंकि साइना और कश्यप भारतीय खेल जगत की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक रहे हैं.
साइना और कश्यप की शादी दिसंबर 2018 में हुई थी और दोनों 2007 से रिलेशनशिप में थे. दोनों ने हैदराबाद में साथ ट्रेनिंग की और बीते कुछ सालों में कश्यप साइना के कोच भी बने. कश्यप ने 2024 में बैडमिंटन से संन्यास ले लिया था. साइना ने जून 2023 के बाद से कोई भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं खेला है.
साइना नेहवाल का करियर चोटों के चलते काफी प्रभावित हुआ, लेकिन उन्होंने भारत को ओलंपिक में कांस्य पदक (लंदन 2012) दिलाकर इतिहास रचा था. अब जबकि साइना और कश्यप ने एक बार फिर साथ आने का फैसला किया है, यह सिर्फ उनके निजी रिश्ते के लिए ही नहीं बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी एक सुखद खबर है. ये साबित करता है कि प्यार और समझदारी से कोई भी रिश्ता फिर से संवर सकता है.
IND VS ENG FIRST TEST
लीड्स टेस्ट में भारत ने ऐसा किया जो शायद किसी ने नहीं सोचा था...835 रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया हार गई। आज हम बात करेंगे इसी मैच की 5 बड़ी गलतियों की, जिन्होंने भारत से जीत छीन ली।
1. निचले क्रम की कमजोरी
भारत ने पहली पारी में 430 रन पर सिर्फ 3 विकेट गंवाए थे। लगा कि टीम 600 का स्कोर छू लेगी… लेकिन अचानक 41 रन में 7 विकेट गिर गए! दूसरी पारी में भी वही हाल — 333 पर 5 विकेट और फिर पूरी टीम 364 पर ऑलआउट। मानो ऐसा लगा की टेल-एंडर्स ने जरा भी प्रयास नहीं किया।
2. कैच छोड़ने की भारी चूक
टीम इंडिया ने पूरे मैच में 8 कैच टपकाए, जिसमें से अकेले यशस्वी जायसवाल ने 4 कैच छोड़े। एक समय ऐसा लग रहा था जैसे गेंद खुद जायसवाल की तरफ जा रही हो — ताकि वो उसे फिर से छोड़ दें! जडेजा, पंत और साई सुदर्शन ने भी कैच छोड़े और इंग्लैंड ने इन मौकों का पूरा इस्तेमाल किया।
3. दबाव में बिखरना
जब टीम strong position में थी, तब उसे और attacking game दिखाना चाहिए था लेकिन भारतीय बल्लेबाज दबाव में बिखर गए। खासकर आखिरी के 5-6 बल्लेबाजों में किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली।
4. इंग्लैंड के टेल-एंडर्स की वापसी
जहां भारत का lower order कुछ नहीं कर पाया, वहीं इंग्लैंड के टेल-एंडर्स ने 71 की साझेदारी कर डाली। यही रन मैच का रुख बदलने में अहम साबित हुए।
5. गेंदबाज़ी में धार की कमी
भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआती विकेट तो लिए लेकिन आखिरी में विकेट लेने की भूख कहीं गायब हो गयी थी। इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका मिला और भारत पहला टेस्ट हार गया।
ये थीं लीड्स टेस्ट की 5 बड़ी गलतियां जिन्होंने भारत से जीत छीन ली। शतक बनाने वाले खिलाड़ी तो थे, लेकिन टीम गेम की कमी साफ नजर आई। अब देखना ये है कि अगला मैच कौन-सी कहानी लिखता है।
श्रीलंका बांग्लादेश मैच के रोमांच की तस्वीरें (PC- espncricinfo)
Sri Lanka vs Bangladesh Match in Asia Cup 2025: एशिया कप के ग्रुप बी के मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को जीत के लिए 140 रन का लक्ष्य दिया. श्रीलंका ने यह लक्ष्य बेहद आसानी से 14.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया, जिससे टीम को 32 गेंद शेष रहते ही जीत मिली.
श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने कुसाल मेंडिस को जल्दी खो दिया, जो सिर्फ 3 रन बनाकर 13 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद पाथुम निसांका और कामिल मिशारा ने दूसरे विकेट के लिए 52 गेंदों पर 95 रन की शानदार साझेदारी की, जिसने मैच का रुख पूरी तरह श्रीलंका की तरफ मोड़ दिया. निसांका ने 34 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 50 रन बनाए. उनके आउट होने के बाद टीम को कुसाल परेरा (9) और दासुन शनाका (1) के रूप में दो झटके और लगे, लेकिन कप्तान चरिथ असलांका ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए मात्र 4 गेंदों में नाबाद 10 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई. कामिल मिशारा भी नाबाद रहे और उन्होंने 32 गेंदों पर 46 रन बनाए.
बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम के दोनों सलामी बल्लेबाज बिना खाता खोले ही लौट गए. तीसरा और चौथा झटका क्रमशः 11 और 38 के स्कोर पर गिरा. कप्तान लिटन दास 26 गेंदों में 28 रन बनाकर 53 के कुल स्कोर पर आउट हुए. लिटन के आउट होने के बाद टीम की स्थिति और भी कमजोर लग रही थी. हालांकि, जाकेर अली और शमीम हुसैन ने 61 गेंदों पर 86 रन की अहम साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया. जाकेर ने 34 गेंदों में 41 और शमीम ने 34 गेंदों में 42 रन बनाकर नाबाद रहे.
श्रीलंका की ओर से वानिंदु हसरंगा ने 2 विकेट लिए, जबकि नुवान तुषारा और चमीरा ने 1-1 विकेट हासिल किए. बांग्लादेश की ओर से महेदी हसन ने 2 विकेट लिए, जबकि मुस्तफिजुर रहमान और तंजिम हसन शाकिब ने 1-1 विकेट हासिल किया.
इस मैच में श्रीलंका की गेंदबाजी भी प्रभावशाली रही. टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद उन्होंने शुरुआती विकेट जल्दी लिए, जिससे बांग्लादेश को अपनी पारी संभालने का समय ही नहीं मिला. वहीं, बल्लेबाजी में मध्यक्रम की साझेदारी और कप्तान असलांका का आक्रामक खेल मैच का फैसला बना.
इस जीत के साथ श्रीलंका ने न केवल ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है. अब श्रीलंका की नजरें अगले मुकाबलों में लगातार प्रदर्शन करके सुपर फोर में जगह बनाने पर हैं. बांग्लादेश के लिए यह हार ग्रुप स्टेज में सुधार करने के लिए चेतावनी साबित होगी, और उन्हें अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार करने की जरूरत है.
श्रीलंका की जीत का मुख्य कारण उनकी मध्यक्रम की मजबूती और अंतिम ओवरों में आक्रामक खेल रहा, जिसने टीम को समय रहते लक्ष्य हासिल करने में मदद की. इस मुकाबले ने दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने का मौका दिया और टूर्नामेंट की रोमांचकता को और बढ़ा दिया.
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