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सांसें थम गईं! निसांका-हसारंगा के धमाके से हांगकांग चित्त, लास्ट ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी

श्रीलंका और हांगकांग के मैच की तस्वीरें

श्रीलंका और हांगकांग के मैच की तस्वीरें

SL vs Hong Kong Match in Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के ग्रुप बी मुकाबले में श्रीलंका ने रोमांचक जीत दर्ज करते हुए हांगकांग को 4 विकेट से हराया. मैच में जीत जितनी महत्वपूर्ण रही, उतनी ही कठिन भी साबित हुई. हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 149 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंका ने सतर्क शुरुआत की और शुरुआत में विकेट गिरने के बाद संघर्ष करते हुए लक्ष्य का पीछा किया. पिच धीमी थी और रन बनाने में मुश्किलें आईं, लेकिन पाथुम निसांका की शानदार अर्धशतकीय पारी ने टीम को संकट से उबारा. अंत में वानिंदु हसारंगा की आक्रामक बल्लेबाजी ने जीत की मुहर लगाई. इस जीत के साथ श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए हुए है.

पहले बल्लेबाजी करने उतरी हांगकांग की टीम ने अच्छी शुरुआत की. ओपनर जीशान अली ने तेज़ बल्लेबाजी करते हुए पहले चार ओवरों में 38 रन जोड़ दिए. उनकी आक्रामकता से टीम को शुरुआती लय मिली. हालांकि इसके बाद श्रीलंका के गेंदबाजों ने वापसी की. तेज गेंदबाज दुष्मंता चमीरा ने अपने कोटे में 29 रन देकर दो अहम विकेट हासिल किए और रन गति को रोका. वहीं स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने बाबर हयात का विकेट लेकर टीम को और मजबूती दी. लेकिन इसके बावजूद हांगकांग की पारी को निजाकत खान और अंशुमान रथ ने संभाला. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 61 रन की शानदार साझेदारी हुई.

निजाकत खान ने 38 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाकर अपनी टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दी. उन्होंने लेग स्पिनर वानिंदु हसारंगा पर दो चौके और लांग ऑन पर एक छक्का जमाकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया. इसी दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला. 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर विकेटकीपर कुसल मेंडिस उनका आसान कैच टपका बैठे. वहीं उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन पर बेहतरीन कैच लपका गया, लेकिन गेंदबाज तुषारा ने नो-बॉल कर हांगकांग के बल्लेबाज को बचा लिया. दूसरी ओर अंशुमान रथ ने 46 गेंदों पर 48 रन बनाए. उन्होंने मैदान के दोनों ओर शॉट खेले और खासकर स्पिनर चरिथ असालंका की गेंद पर इनसाइड आउट कवर ड्राइव खेलते हुए अपनी तकनीक दिखाई.

हांगकांग ने हालांकि आखिरी ओवरों में विकेट गंवाए, लेकिन पहले चार ओवरों की तेज शुरुआत और मध्यक्रम में निजाकत–रथ की साझेदारी ने उन्हें 150 के करीब स्कोर तक पहुंचाया. अंततः हांगकांग ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए. यह स्कोर श्रीलंका के लिए आसान नहीं था, क्योंकि पिच धीमी थी और गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो रही थी.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम की शुरुआत संतोषजनक नहीं रही. टीम ने पहले 10 ओवर में 65 रन पर दो बड़े विकेट गंवा दिए. कुसल मेंडिस और कामिल मिशारा जल्दी आउट हो गए. ऐसे में पाथुम निसांका ने मोर्चा संभाला और कुसल परेरा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी की. निसांका ने समय देखकर आक्रामकता दिखाई और अपने बड़े शॉट स्क्वायर लेग क्षेत्र में खेलते हुए रन गति बढ़ाई. उन्हें दो बार जीवनदान मिला, एक बार 40 रन पर और दूसरी बार 60 रन पर. इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने 68 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मैच में बनाए रखा.

निसांका और परेरा की साझेदारी ने श्रीलंका को मजबूती दी और अगले तीन ओवरों में 42 रन जोड़कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया. लेकिन इसके बाद हांगकांग ने मैच में वापसी करते हुए आठ रन के अंतराल में निसांका, परेरा, कामिंदु मेंडिस और कप्तान चरिथ असालंका का विकेट झटक लिया. एक समय श्रीलंका का स्कोर 2 विकेट पर 119 से गिरकर 6 विकेट पर 127 रन हो गया और जीत मुश्किल दिखने लगी.

ऐसे नाजुक समय में वानिंदु हसारंगा ने नाबाद 20 रन की तेज पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई. उन्होंने महज 9 गेंदों में महत्वपूर्ण रन बनाकर श्रीलंका को 18.5 ओवर में 6 विकेट पर 153 रन बनाकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया. इस जीत के साथ श्रीलंका ने एशिया कप में अपनी सुपर चार की दौड़ को बरकरार रखा.

इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट में संघर्ष, साझेदारी और सही समय पर साहसी बल्लेबाजी किस तरह मैच का रुख बदल देती है. निसांका की पारी, निजाकत–रथ की साझेदारी और हसारंगा की अंतिम क्षणों की बल्लेबाजी ने इस मैच को बेहद रोमांचक और यादगार बना दिया. अब श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ेगा जबकि हांगकांग की टीम ने कड़ी टक्कर देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं.
 


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Written by: Raihan

16 Sep 2025  ·  Published: 04:43 IST

"एशिया कप 2025: पाकिस्तान ने शाहीन-तलत की दमदार पारी से श्रीलंका को 5 विकेट से हराया!

श्रीलंका की हार से पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा

श्रीलंका की हार से पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा

SL Pak Match in Asia Cup: एशिया कप का फीवर चढ़ने लगा है. मंगलवार (23 सितंबर) को पाकिस्तान और श्रीलंका बीच सुपर-4 का मुकाबले में कड़ा रोमांच देखने को मिला
शाहीन शाह अफरीदी और हुसैन तलत की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने एशिया कप टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सुपर-4 चरण में श्रीलंका को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा. 

भारत के खिलाफ पिछली हार से उबरते हुए पाकिस्तान ने श्रीलंका द्वारा दिए गए 134 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया. पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद नवाज (नाबाद 38 रन, 24 गेंद, तीन चौके, तीन छक्के) और हुसैन तलत (नाबाद 32 रन, 30 गेंद, चार चौके) ने छठे विकेट के लिए 58 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत की राह दिखाई.

पाकिस्तान गेंदबाजों की फ्लाप के बाद बदली किस्मत

श्रीलंका की ओर से महेश तीक्षणा (दो विकेट, 24 रन) और वानिंदु हसरंगा (दो विकेट, 27 रन) ने उम्दा स्पिन गेंदबाजी की लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे. इससे पहले टॉस जीतकर पाकिस्तान ने श्रीलंका को बल्लेबाजी का न्योता दिया और गेंदबाजों ने कप्तान आगा सलमान के फैसले को सही साबित कर दिखाया। शाहीन अफरीदी ने 28 रन देकर तीन विकेट, तलत ने 18 रन पर दो विकेट और हारिस राऊफ ने 37 रन पर दो विकेट चटकाए. 

लेग स्पिनर अबरार अहमद ने भी चार ओवर में मात्र आठ रन देकर एक विकेट झटका. श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी. टीम की ओर से कामिंदु मेंडिस ने 44 गेंदों में 50 रन (तीन चौके, दो छक्के) की जुझारू पारी खेली. उन्होंने चमिका करुणारत्ने (नाबाद 17) के साथ सातवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर पारी को संभाला. कप्तान चरिथ असलंका ने 20 रन बनाए।

लो स्कोरिंग मैच में रोमांच का जादू

लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान को साहिबजादा फरहान (24) और फखर जमां (17) ने 45 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई. हालांकि तीक्षणा ने फरहान और फखर को लगातार गेंदों पर आउट कर मैच में वापसी दिलाई.  इसके बाद हसरंगा ने सईम अयूब (2) और आगा सलमान (5) को आउट करके पाकिस्तान को संकट में डाल दिया।

इस समय पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 57 रन था. यहां से तलत और मोहम्मद हारिस (13) ने थोड़ी देर संभाला, लेकिन चमीरा ने हारिस को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ दी. इसके बाद नवाज और तलत ने मिलकर मोर्चा संभाला. नवाज ने हसरंगा और चमीरा पर आक्रामक शॉट्स लगाए, जबकि तलत ने धैर्य से खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया.

श्रीलंका की पारी का हाल

श्रीलंका ने मैच की शुरुआत ही खराब की और दूसरी ही गेंद पर कुसाल मेंडिस (0) शाहीन की गेंद पर कैच देकर आउट हो गए. पथुम निसांका (8) भी ज्यादा देर नहीं टिक पाए। असलंका (20) और कुसाल परेरा (15) ने कुछ रन जोड़े लेकिन बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहे. कामिंदु मेंडिस ने जरूर अर्धशतक जड़ा लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला. तलत ने असलंका और दासुन शनाका (0) को लगातार गेंदों पर आउट किया और श्रीलंका की पारी बिखेर दी.

पाकिस्तान की उम्मीदें बरकरार

अंतिम पांच ओवर में पाकिस्तान को 30 रन चाहिए थे. इस दौरान तलत ने हसरंगा पर लगातार चौके लगाए और नवाज ने चमीरा पर तीन छक्के जड़कर टीम को आसानी से जीत दिला दी. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूती दे दी, जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा.


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Written by: Raihan

24 Sep 2025  ·  Published: 01:45 IST

टीम इंडिया की दहलीज पर सरफराज! हरियाणा के खिलाफ बुच्ची बाबू में ठोका तूफानी शतक

मैच में शाट लगाते सरफराज खान (फाइल फोटो)

मैच में शाट लगाते सरफराज खान (फाइल फोटो)

Sarfaraz Khan in Buchi Babu Tournament: मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में रन बरसाने वाले सरफराज खान का जलवा एक बार फिर देखने को मिला है. 27 साल के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने मंगलवार को बुच्ची बाबू इनविटेशनल टूर्नामेंट में हरियाणा के खिलाफ खेलते हुए एक और शानदार शतक जड़ दिया. यह शतक उन्होंने तीसरे सत्र में मात्र 99 गेंदों में पूरा किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली का एक और उदाहरण है.

सरफराज ने शतक पूरा करने के लिए हरियाणा के गेंदबाज ईशांत भारद्वाज की गेंद पर शानदार छक्का जड़ा. शतक पूरा करने के बाद उन्होंने हेलमेट उतारकर दर्शकों और टीम के साथियों का अभिवादन किया. हालांकि, वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और 111 रन बनाकर पार्थ वत्स की गेंद पर आउट हो गए.

यह सरफराज का इस सीजन का दूसरा शतक है. इससे पहले उन्होंने टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच में TNCA XI के खिलाफ नाबाद 138 रन बनाए थे, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 6 छक्के जड़े थे. दोनों पारियों में सरफराज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया.

हरियाणा के खिलाफ खेली गई पारी में सरफराज को बल्लेबाजी के दौरान क्रैम्प्स भी आए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मजबूती से खेलते रहे. इस जुझारूपन और निरंतर प्रदर्शन से उन्होंने टीम इंडिया के चयनकर्ताओं, खासकर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और नए मुख्य कोच गौतम गंभीर को एक मजबूत संदेश भेजा है.

गौरतलब है कि सरफराज को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में मौका नहीं मिला था. लेकिन अब जब भारत की घरेलू सीरीज 2 अक्टूबर से वेस्ट इंडीज और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही है, तो उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज करना चयनकर्ताओं के लिए आसान नहीं होगा. सरफराज खान फिलहाल जिस लय में हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भारतीय टेस्ट टीम में अपनी वापसी की दहलीज पर खड़े हैं.

ये भी पढ़ें: वर्ल्ड फुटबॉल चैंपियनशिप में झारखंड की 7 बेटियों का जलवा, भारत की U-17 टीम में चयन


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Written by: Raihan

27 Aug 2025  ·  Published: 03:31 IST

टीनो बेस्ट ने क्रिकेट करियर में 500+ महिलाओं के साथ बनाए रिश्ते, ऑस्ट्रेलिया में 40 से रहा खास

टीनो बेस्ट और प्रीती जिंटा (बाएं)

टीनो बेस्ट और प्रीती जिंटा (बाएं)

क्रिकेट की दुनिया के तूफानी गेंदबाज टीनो बेस्ट ने न केवल मैदान पर अपनी रफ्तार से लोगों को प्रभावित किया बल्कि अपनी निजी जिंदगी के विवादों और खुलासों से भी सुर्खियां बटोरीं. NBT के स्पेशल सेगमेंट में उनके जिंदगी की कहानी, करियर और विवादित लाइफस्टाइल का विश्लेषण पेश किया गया है. जिसमें हालिया दिनों उनके जरिये लिखी गई किताब के पन्नो के हिस्सों को भी साझा किया गया है.

टीनो बेस्ट का क्रिकेट सफर
टीनो बेस्ट का जन्म 26 अगस्त 1981 को बारबाडोस में हुआ. क्रिकेट में उनकी प्रारंभिक शिक्षा परिवार से ही मिली, क्योंकि उनके कई रिश्तेदार भी इंटरनेशनल क्रिकेटर थे. उन्होंने 2003 में वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. तेज बाउंसर और यॉर्कर के लिए मशहूर टीनो को मैदान पर खतरनाक गेंदबाज माना जाता था. उनकी 2012 की इंग्लैंड के खिलाफ पारी भी खास थी, जिसमें उन्होंने नंबर 11 बल्लेबाज के तौर पर 95 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया.

टीनो बेस्ट की जिंदगी मुश्किलों से भरी रही. उनका पिता ड्रग एडिक्ट थे और परिवार पर कठोरता दिखाते थे. टीनो ने अकेले ही क्रिकेट में अपना नाम कमाया. उनके चाचा कार्लाइल बेस्ट ने उन्हें मार्गदर्शन और समर्थन दिया.

टीनो बेस्ट की पर्सनल लाइप रही है विवादित लाइफ
NBT की रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट ने अपनी आत्मकथा 'Mind the Window: My Story' में क्रिकेट करियर के दौरान 500 से 650 महिलाओं के साथ संबंधों का दावा किया. उन्होंने खुद को प्लेबॉय बताया और खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 40 से ज्यादा महिलाओं से संबंध बनाए.

इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और टीम के कुछ खिलाड़ियों की आलोचना भी की. बेस्ट ने बताया कि उन्हें अक्सर टीम से बाहर रखा जाता था, भले ही उनका प्रदर्शन शानदार होता, क्योंकि वह सिस्टम और राजनीति से सवाल करते थे. इस खुलासे ने क्रिकेट जगत के बाहर भी विवाद खड़ा किया.

मैदान का तूफानी और लाइफ का रंगीन खिलाड़ी
टीनो बेस्ट को क्रिकेट के मैदान पर उनके आक्रामक अंदाज और तेज गेंदबाजी के लिए याद किया जाता है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में विवाद, पार्टियों और रिलेशनशिप्स ने भी उन्हें हमेशा सुर्खियों में रखा. टीनो बेस्ट की जिंदगी एक रोलरकोस्टर राइड रही, जहां सफलता, विवाद और व्यक्तिगत चुनौतियां हमेशा साथ रही और यही टीनो बेस्ट की कहानी को क्रिकेट के इतिहास में यादगार बनाती है.


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Written by: Raihan

29 Aug 2025  ·  Published: 01:01 IST