फाइल फोटो
Grok AI Saves User Life: आजकल लगभग हर सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है जहां AI ने सचमुच एक इंसान की जान बचाई है. यह मामला एलन मस्क की कंपनी xAI के चैटबॉट ग्रोक से जुड़ा है. रेडिट पर एक 49 साल के आदमी की पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उसने बताया है कि कैसे AI की सलाह ने उसकी जान बचाई.
उस आदमी के मुताबिक, उसे अचानक पेट में बहुत तेज़ दर्द हुआ, जिसके बाद वह डॉक्टर के पास गया. डॉक्टर ने दर्द को आम गैस की समस्या बताया, कुछ दवाएं दीं और उसे घर भेज दिया. हालांकि, दवा लेने के बाद भी दर्द कम नहीं हुआ, बल्कि और बढ़ गया. इसके बाद उसने अपने लक्षण ग्रोक AI चैटबॉट के साथ शेयर किए.
ग्रोक AI ने चेतावनी दी
यूज़र के लक्षण पढ़ने के बाद, ग्रोक AI ने तुरंत जवाब दिया कि यह दर्द नॉर्मल नहीं है. AI ने बताया कि यह अपेंडिसाइटिस का मामला हो सकता है, जिसमें अपेंडिक्स में सूजन, छेद या फटने का खतरा हो सकता है. ग्रोक ने उसे तुरंत हॉस्पिटल जाने और CT स्कैन करवाने की सलाह दी, क्योंकि स्थिति गंभीर हो सकती थी.
AI की चेतावनी के बाद आदमी हॉस्पिटल गया
AI की सलाह को गंभीरता से लेते हुए, वह तुरंत हॉस्पिटल गया. डॉक्टर को बढ़ते दर्द के बारे में बताने के बाद, उसने CT स्कैन करवाने का अनुरोध किया. जांच के नतीजे चौंकाने वाले थे - उसका अपेंडिक्स बुरी तरह सूजा हुआ था और फटने वाला था। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की और अपेंडिक्स निकाल दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, थोड़ी सी भी देरी जानलेवा हो सकती थी.
उसने डॉक्टर से AI वाली बात छिपाई
ऑपरेशन के बाद, जब वह रूटीन चेकअप के लिए गया, तो उसने डॉक्टर को यह नहीं बताया कि सलाह AI से मिली थी. उसने झूठ बोला कि उसकी बहन, जो एक नर्स है, ने उसे स्कैन करवाने की सलाह दी थी.
AI के इस्तेमाल पर एक्सपर्ट्स की चेतावनी
हालांकि यह मामला AI के पॉजिटिव इस्तेमाल को दिखाता है, लेकिन एक्सपर्ट्स और AI कंपनियां चेतावनी देती हैं कि AI चैटबॉट डॉक्टरों का विकल्प नहीं हैं. OpenAI के CEO समेत कई एक्सपर्ट्स पहले ही सलाह दे चुके हैं कि स्वास्थ्य से जुड़े फैसले सिर्फ मेडिकल प्रोफेशनल्स को ही लेने चाहिए.