पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड के बाद रेस्क्यू करती NDRF की टीम
Pithoragarh Heavy Rain and Landslide News: उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश आफत बनकर बरसी है. पिथौरागढ़ जिले में रविवार (31 अगस्त) को हुई मूसलाधार बारिश ने 280 मेगावाट की धौलीगंगा बिजली परियोजना को संकट में डाल दिया. बारिश से हुए भारी भूस्खलन ने परियोजना की सामान्य और इमरजेंसी दोनों सुरंगों के मुहाने को पत्थरों और मलबे से बंद कर दिया. इस दौरान सुरंगों के अंदर काम कर रहे 19 कर्मचारी फंस गए.
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक 8 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 11 को बचाने का अभियान जारी है. जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने जानकारी दी कि रविवार को बारिश के बाद अचानक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में पावर प्रोजेक्ट की सुरंगों के बाहर का हिस्सा आ गया. इसके चलते सामान्य और आपातकालीन दोनों रास्ते बंद हो गए. सुरंग के अंदर मौजूद कर्मचारी बाहर नहीं निकल पाए और वहीं फंस गए.
बिजली उत्पादन पर नहीं पड़ा असर
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन हरकत में आ गए. आनन-फानन में राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की जेसीबी मशीनों को मौके पर लगाया गया. अब तक 19 में से 8 कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया है. बाकी 11 को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं. अधिकारियों का कहना है कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और उनके पास खाने-पीने का पर्याप्त सामान मौजूद है.
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भूस्खलन से पावर प्रोजेक्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है. विद्युत उत्पादन सामान्य रूप से जारी है. पिथौरागढ़ जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने कहा, "स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. सभी कर्मचारियों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. चिंता की कोई बात नहीं है."
पुलिस-SDM ने दी स्थिति की जानकारी
पिथौरागढ़ की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि बड़े-बड़े पत्थरों ने सुरंग का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसे हटाने के लिए लगातार जेसीबी मशीनें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा कि फंसे हुए मजदूर और कर्मचारी लगातार कंपनी और प्रशासन से संपर्क में हैं. वहीं, धारचूला के उप-जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने भी आश्वस्त किया कि बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम मौके पर लगातार काम कर रही है और जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा.
हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के अंदर कर्मचारी सुरक्षित हैं और जल्द ही बाहर आ जाएंगे. जेसीबी मशीनों से लगातार मलबा हटाया जा रहा है. बिजली उत्पादन पूरी तरह से सामान्य है और किसी प्रकार का बड़ा खतरा नहीं है. अधिकारियों ने जल्द से जल्द स्थिति सामान्य होने की आशंका जताई है.
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