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Couple Relationship Advice: अक्सर कपल्स सोचते हैं कि रिश्ते को मजबूत और खुशहाल बनाने के लिए महंगे गिफ्ट्स, रोमांटिक डिनर या घूमने-फिरने जैसी चीजें जरूरी हैं. लेकिन सच यह है कि रिश्ते का असली जादू छोटी-छोटी बातों में छुपा होता है. रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें ही कपल्स को एक-दूसरे के और करीब लाती हैं और उनका रिश्ता लंबे समय तक जीवंत बनाए रखती हैं.
यहां ऐसी ही 8 आदतें बताई जा रही हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी अपने रिश्ते को और गहरा व खुशहाल बना सकते हैं:-
1. रोजाना बात करना – चाहे दिन कितना भी व्यस्त क्यों न हो, अपने पार्टनर से रोज हालचाल पूछना जरूरी है. “आज दिन कैसा रहा?” जैसे छोटे सवाल भी दोनों को करीब लाते हैं और यह एहसास कराते हैं कि उनकी बातें सुनी जा रही हैं.
2. ध्यान से सुनना – बातचीत जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है पार्टनर की बातें ध्यान से सुनना. जब आप सच में सुनते हैं और सोच-समझकर जवाब देते हैं तो रिश्ता और गहरा होता है.
3. आभार जताना – “थैंक यू” कहना एक छोटा लेकिन असरदार तरीका है. रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों में मदद के लिए भी पार्टनर को शुक्रिया कहना प्यार और सम्मान दोनों बढ़ाता है.
4. प्यार भरे छोटे इशारे – रिश्ता सिर्फ रोमांस से नहीं चलता. हल्का सा स्पर्श, हाथ पकड़ना, गले लगाना जैसे इशारे प्यार जताने के आसान तरीके हैं, जो नजदीकियां बढ़ाते हैं.
5. मिलकर काम करना – घर के कामों की जिम्मेदारी आपस में बांटना बोझ कम करता है और पार्टनरशिप का एहसास मजबूत करता है.
6. छोटी-छोटी खुशियां देना – सरप्राइज के लिए बड़ी चीजें जरूरी नहीं. एक हैंडरिटेन नोट या चॉकलेट जैसी छोटी चीजें भी पार्टनर का दिन बना सकती हैं.
7. क्वालिटी टाइम बिताना – फोन और स्क्रीन से दूर रहकर साथ में वक़्त बिताना, टहलना या किताब पढ़ना रिश्ते में गहराई लाता है.
8. साथ में हंसी-मजाक करना – चुटकुले शेयर करना, हल्की-फुल्की नोकझोंक करना रिश्ते में मस्ती लाता है और जुड़ाव बढ़ाता है.
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Kidney Health: हमारे शरीर से निकलने वाला यूरिन आमतौर पर हल्के पीले से लेकर गहरे पीले या अंबर रंग का होता है. लेकिन कई बार लोग देखते हैं कि यूरिन झागदार दिख रहा है. ज़्यादातर मामलों में ऐसा तब होता है जब ब्लैडर (मूत्राशय) बहुत भरा होता है और पेशाब तेज़ी से निकलने पर पानी में हलचल पैदा होती है. हालांकि, अगर झाग बार-बार और लगातार बने रहते हैं तो ये किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है.
क्यों बनता है यूरिन में झाग?
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित KIMS अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजीत गुजेला के मुताबिक, झागदार पेशाब हमेशा खराब किडनी का लक्षण नहीं होता. यह कभी-कभी तेज़ पेशाब, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) या टॉयलेट में बचे साबुन के अवशेषों की वजह से भी हो सकता है. लेकिन अगर यूरिन में लगातार झाग बन रहे हैं और जल्दी गायब नहीं हो रहे, तो यह प्रोटीन्यूरिया का संकेत हो सकता है. इसका मतलब है कि यूरिन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ रही है, जो दर्शाता है कि किडनी ठीक से फ़िल्टरिंग नहीं कर रही है.
किडनी डैमेज के शुरुआती संकेत
अगर यूरिन बार-बार झागदार आ रहा है और लंबे समय तक झाग बना रहता है, तो यह किडनी डैमेज या किडनी डिजीज़ का शुरुआती लक्षण हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि स्वस्थ किडनी खून से प्रोटीन को फ़िल्टर नहीं होने देती, लेकिन जब किडनी के फ़िल्टर (ग्लोमेरुलस) खराब होने लगते हैं तो प्रोटीन मूत्र में आने लगता है.
इन लक्षणों पर भी रखें ध्यान
अगर झागदार यूरिन के साथ नीचे दिए लक्षण नज़र आएं, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें.
हाथ, पैर, चेहरा या पेट में सूजन (फ्लूइड जमा होना)
लगातार थकान रहना
भूख न लगना
मतली या उल्टी
नींद की समस्या
यूरिन की मात्रा में बदलाव
पेशाब का बहुत हल्का या बहुत गहरा रंग
क्या करें?
अगर झागदार पेशाब कभी-कभी आता है तो ज़्यादा चिंता की बात नहीं, लेकिन अगर यह लगातार दिख रहा है या साथ में अन्य लक्षण भी हैं, तो नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) से तुरंत जांच कराएं. समय रहते ध्यान देने पर किडनी रोग को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है.
नोट: यह जानकारी जागरूकता के उद्देश्य से है. किसी भी लक्षण पर डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है.
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Navratri Fasting Recipes: नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस दौरान लोग देवी की पूजा-अर्चना के साथ-साथ उपवास भी रखते हैं. उपवास के दिनों में हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना ऊर्जा बनाए रखने के लिए ज़रूरी होता है. अक्सर व्रत में साबूदाना खिचड़ी या फल खाना आम है, लेकिन हर बार वही व्यंजन खाने से ऊब हो सकती है. ऐसे में अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट रेसिपी आज़माना चाहते हैं, तो वरई पुलाव और बेलामृत शरबत आपके व्रत के मेनू को खास बना सकते हैं. ये दोनों ही व्यंजन बनाने में आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक हैं.
वरई पुलाव (सामक चावल पुलाव)
वरई या सामक चावल व्रत के दिनों में खूब खाया जाता है. यह हल्का और ऊर्जा देने वाला होता है.
ज़रूरी सामग्री
सामक चावल 200 ग्राम, हरी मिर्च 10 ग्राम, मूंगफली 20 ग्राम, काजू 20 ग्राम, बादाम 20 ग्राम, अनार के दाने 30 ग्राम (गार्निश के लिए), सेंधा नमक 1 छोटा चम्मच, दूध 350 मिलीलीटर, घी 40 मिलीलीटर.
बनाने का तरीका
सामक चावल को अच्छी तरह धोकर पानी निकाल लें. एक कड़ाही में घी गरम करें और उसमें हरी मिर्च, मूंगफली, काजू और बादाम हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें धुले हुए सामक चावल और सेंधा नमक डालें. फिर दूध डालकर मिलाएं और धीमी आंच पर ढककर 10 मिनट तक पकाएं, जब तक चावल नरम हो जाएं और दूध सूख जाए. गैस बंद करने के बाद 5 मिनट रहने दें. कांटे से हल्के-हल्के फुलाएं और ऊपर से अनार व ड्राईफ्रूट्स डालकर सर्व करें.
बेलामृत शरबत
व्रत के दौरान ताज़ा और ठंडा पेय शरीर को हाइड्रेटेड और ताज़गीभरा रखता है. बेलामृत शरबत इस काम के लिए बिल्कुल सही है.
ज़रूरी सामग्री
एक पका बेल फल, एक पैशन फ्रूट, नींबू का रस 20 मिली, कच्चा शहद सिरप 25 मिली.
बनाने का तरीका
बेल और पैशन फ्रूट का गूदा निकाल लें. इसे एक बड़े जार या शेकर में डालें. नींबू का रस और शहद सिरप डालकर बर्फ के साथ अच्छी तरह हिला लें. मिश्रण को छानकर बर्फ वाले लंबे गिलास में डालें. ऊपर से नींबू का टुकड़ा या पुदीने की पत्ती से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें. इन दोनों रेसिपीज़ से आपका नवरात्रि उपवास पौष्टिक, स्वादिष्ट और एनर्जी से भरपूर रहेगा.
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आजकल लोग अपनी डाइट और फिटनेस को लेकर बहुत सजग हो गए हैं. इसी में अंडे सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले हेल्दी फूड्स में से एक हैं. अब सफेद और भूरे अंडों के साथ-साथ काले अंडे (ब्लैक एग्स) भी चर्चा में हैं. ये अंडे दिखने में अलग होते हैं. इनका छिलका काला होता है और अंदर का रंग भी थोड़ा गहरा.
काले अंडे कड़कनाथ मुर्गी के होते हैं, जो भारत की एक खास नस्ल है. इसका मीट, पंख और अंडे सभी गहरे रंग के होते हैं. ये मुर्गियां ज़्यादातर मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में पाई जाती हैं. इनके अंडे स्वादिष्ट, लो-फैट और हाई-प्रोटीन माने जाते हैं, इसलिए फिटनेस लवर्स इन्हें खूब पसंद करते हैं.
| अंडे का प्रकार | प्रोटीन | फैट | कोलेस्ट्रॉल |
|---|---|---|---|
| कड़कनाथ (काला) | 15.6 ग्राम | 1 ग्राम | 180 मिलीग्राम |
| सामान्य (सफेद) | 6.6 ग्राम | 5.8 ग्राम | 372 मिलीग्राम |
कड़कनाथ अंडों में लगभग दोगुना प्रोटीन होता है, जबकि फैट और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है.
इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियों से बचाव होता है.
मसल्स मजबूत करते हैं, खासकर जिम जाने वालों के लिए फायदेमंद हैं.
दिल के लिए अच्छे हैं, क्योंकि इनमें वसा और कोलेस्ट्रॉल कम है.
डाइजेशन सुधारते हैं, जिससे शरीर को पोषण आसानी से मिलता है.
इनमें मौजूद ग्लूटामिक एसिड स्वाद को और लाजवाब बनाता है.
सफेद और काले दोनों अंडे फायदेमंद हैं, लेकिन पोषण के मामले में काले अंडे आगे हैं. इनमें ज़्यादा प्रोटीन, कम फैट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. हालांकि, ये महंगे होते हैं और हर जगह आसानी से नहीं मिलते, अगर आप रोजाना के लिए सस्ता और हेल्दी विकल्प चाहते हैं, तो सफेद अंडे भी बेहतरीन विकल्प हैं.