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अगर हर सुबह बाल झड़ने से आपका तकिया और ब्रश भर जाता है, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. नानी-दादी के पुराने देसी नुस्खे आज भी असरदार हैं. नमें सबसे कारगर है आंवला और एलोवेरा का इस्तेमाल, जो बालों को जड़ से मजबूत और चमकदार बनाता है. आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूत करता है, नए बाल उगाने में मदद करता है और समय से पहले सफेद होने से रोकता है. वहीं एलोवेरा स्कैल्प को ठंडक देता है, डैंड्रफ और खुजली को कम करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है. आप इन दोनों का इस्तेमाल तीन तरीकों से कर सकते हैं.
सामग्री:
2 चम्मच आंवला पाउडर या पल्प
2 चम्मच एलोवेरा जेल
1 चम्मच नारियल तेल (यदि बाल सूखे हों)
विधि
सारी चीजें मिलाकर पेस्ट बनाएं, बालों की जड़ों पर लगाएं और 5 मिनट मालिश करें. 30-40 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें.
सामग्री
1 कप नारियल तेल
2 चम्मच आंवला पाउडर या सूखे टुकड़े
2 चम्मच एलोवेरा जेल
विधि
तेल को धीमी आंच पर गर्म करें, उसमें आंवला डालें और कुछ देर पकाएं. फिर एलोवेरा मिलाकर 2-3 मिनट पकाएं। ठंडा होने पर छान लें. हफ्ते में 2-3 बार इससे बालों की मालिश करें. इससे बाल झड़ना रुकता है और उनमें नेचुरल चमक आती है.
विधि
30ml आंवला जूस और 30ml एलोवेरा जूस को गुनगुने पानी में मिलाकर रोज़ सुबह खाली पेट पिएं. यह शरीर को डिटॉक्स करता है और बालों को अंदर से मजबूत बनाता है.
नतीजा
आंवला और एलोवेरा का ये कॉम्बिनेशन बालों को झड़ने से रोकने, स्कैल्प को हेल्दी रखने और नैचुरल शाइन लाने में बेहद फायदेमंद है.
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Men Skincare Routine: अक्सर स्किन केयर को केवल महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है लेकिन यह धारणा अब बदलने का समय आ गया है. स्किन की देखभाल पुरुषों के लिए भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी महिलाओं के लिए भी है. दरअसल, पुरुषों की त्वचा महिलाओं की तुलना में थोड़ी मोटी और ऑयली होती है, जिससे उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है.
क्यों ज़रूरी है पुरुषों के लिए स्किन केयर?
पुरुषों की स्किन में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की अधिकता के कारण ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जिससे चेहरा जल्दी ऑयली हो जाता है और पिंपल्स या एक्ने की समस्या बढ़ जाती है. इसके अलावा, ज़्यादातर पुरुषों को लंबे समय तक बाहर रहकर धूप, धूल और प्रदूषण का सामना करना पड़ता है, जो त्वचा की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी त्वचा साफ, स्वस्थ और जवां दिखे, तो आपको भी एक सिंपल लेकिन असरदार स्किन केयर रूटीन को अपनाना चाहिए.
बेसिक स्किन केयर रूटीन, हर पुरुष के लिए ज़रूरी
हर दिन की शुरुआत और अंत में यह तीन स्टेप्स ज़रूर अपनाएं.
क्लीनिंग (साफ-सफाई): दिन में दो बार किसी अच्छे फेस वॉश से चेहरा धोएं, जिससे चेहरे पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल साफ हो जाए.
⦁ नॉरिशमेंट- चेहरा धोने के बाद स्किन को मॉइश्चराइज़ करें ताकि त्वचा हाइड्रेटेड और स्मूद बनी रहे.
⦁ प्रोटेक्शन- धूप में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें. SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन आपकी त्वचा को UV किरणों से बचाता है.
⦁ एडवांस स्किन केयर- अपनी स्किन टाइप के अनुसार करें देखभाल.
हर आदमी की स्किन एक जैसी नहीं होती. इसलिए अपनी त्वचा के प्रकार को पहचानना और उसी के अनुसार प्रोडक्ट्स चुनना फायदेमंद होता है.
⦁ ऑयली स्किन- इस प्रकार की स्किन वालों को सेलिसिलिक एसिड बेस्ड फेस वॉश और लाइटवेट, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करना चाहिए.
⦁ ड्राई स्किन- अगर त्वचा रूखी रहती है, तो हाइड्रेटिंग फेस वॉश और हेवी क्रीम-बेस्ड मॉइश्चराइज़र का चुनाव करें.
⦁ कॉम्बिनेशन स्किन- एक ऐसी स्किन जिसमें कुछ हिस्से ऑयली और कुछ ड्राई हों, उनके लिए बैलेंस्ड क्रीमी फेस वॉश और हल्का मॉइश्चराइज़र अच्छा रहेगा.
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Vitamin D Overdose: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसे अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, क्योंकि इसकी मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है. जब हमारी त्वचा सूरज की किरणों के संपर्क में आती है तो शरीर खुद विटामिन D बनाता है. इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, मछली, दूध और सप्लीमेंट्स भी विटामिन D का स्रोत हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने और समग्र स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही विटामिन D अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकता है?
ब्रिटेन में बुजुर्ग की मौत ने किया सभी को हैरान
साल 2024 में ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया. यहां 89 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी और इसकी वजह डॉक्टरों ने विटामिन D का ओवरडोज़ बताया. जांच में सामने आया कि बुजुर्ग लंबे समय से ज्यादा मात्रा में विटामिन D सप्लीमेंट ले रहे थे. धीरे-धीरे उनके खून में कैल्शियम का स्तर इतना बढ़ गया कि हार्ट और किडनी ने काम करना बंद कर दिया. यह घटना साफ करती है कि “जरूरत से ज्यादा” विटामिन D हमारे शरीर के लिए किसी जहर से कम नहीं है.
आखिर कितनी मात्रा में लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स, खासकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (अब NASEM) का कहना है कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए विटामिन D की मात्रा तय है. 19 से 70 साल की उम्र वाले लोगों को रोजाना 15 माइक्रोग्राम (mcg) लेना चाहिए. 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 20 mcg विटामिन D की जरूरत होती है. लेकिन एक वयस्क इंसान को दिनभर में 100 mcg से ज्यादा विटामिन D नहीं लेना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इससे अधिक मात्रा में रोजाना इसका सेवन करता है तो वह सीधे-सीधे अपनी सेहत को खतरे में डाल रहा है. क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कुछ लोगों के लिए 100 mcg की खुराक भी खतरनाक साबित हो सकती है. यानी हर व्यक्ति के लिए इसकी सहनशीलता अलग हो सकती है.
शरीर में विटामिन D ज्यादा हो जाने पर क्या होता है?
जब शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है, तो इसे विटामिन D टॉक्सिसिटी कहा जाता है. इस स्थिति में खून में कैल्शियम का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं.
शुरुआती लक्षण:-
मिचली और उल्टी
कब्ज और पेट दर्द
भूख कम लगना
थकान और कमजोरी
गंभीर लक्षण:-
अचानक बेहोशी
किडनी की समस्या
हड्डियों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
दिल की धड़कन असामान्य होना
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है.
सबसे ज्यादा असर किन अंगों पर पड़ता है?
1. किडनी पर असर
विटामिन D का ओवरडोज़ सबसे पहले किडनी पर प्रभाव डालता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, ज्यादा विटामिन D लेने से किडनी स्टोन, नेफ्रोकेल्सिनोसिस (किडनी में कैल्शियम जमा होना) और अचानक किडनी फेल होने की समस्या हो सकती है.
2. हार्ट पर असर
किडनी के बाद इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि ब्रिटेन के बुजुर्ग की मौत में हार्ट फेलियर को भी बड़ी वजह माना गया था.
3. हड्डियों और मांसपेशियों पर असर
आमतौर पर लोग विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए लेते हैं, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत बढ़ जाती है.
कब और कैसे लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन D की खुराक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. अगर आपके शरीर में विटामिन D की कमी है, तो पहले ब्लड टेस्ट कराएं. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही इसकी दवा या सप्लीमेंट लें. बिना जांच के खुद से ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.
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Cinnamon Tea for Diabetes: डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती जाती है. लेकिन भारतीय रसोई में मौजूद कई मसाले इस बीमारी को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं. इन्हीं में से एक है दालचीनी, जिसे आयुष मंत्रालय ने डायबिटीज मरीजों के लिए खास फायदेमंद बताया है.
भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में आयुष मंत्रालय प्राकृतिक और घरेलू उपाय अपनाने की सलाह देता है. दालचीनी की चाय न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है. दालचीनी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, जिससे शरीर ग्लूकोज को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाता है.
नियमित रूप से दालचीनी की चाय पीने से ब्लड शुगर का लेवल स्थिर रहता है और अचानक बढ़ने-घटने की समस्या कम होती है. यह चाय कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने में भी मदद करती है. खराब कोलेस्ट्रॉल कम होने से दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है, जो डायबिटीज मरीजों में आम समस्या है. दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर में सूजन कम करते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं.
दालचीनी की चाय बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले एक कप पानी लें और इसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर या एक छोटी दालचीनी की स्टिक डालें. इसके बाद 5–10 मिनट तक उबालें, छानकर गर्म-गर्म पिएं. साथ ही चाहें तो थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं.
नोट
दालचीनी फायदेमंद है, लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं है। शुगर मरीजों को अपनी दवा, डाइट और एक्सरसाइज जारी रखना जरूरी है. दालचीनी की चाय का सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करना चाहिए. गर्भवती महिलाएं और गंभीर मरीज इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.