फाइल फोटो
शरीर के हर जरूरी अंग की तरह दांत भी हमारी सेहत का बेहद अहम हिस्सा हैं. सुंदर मुस्कान के साथ-साथ दांत ही भोजन को चबाकर पाचन की प्रक्रिया शुरू करते हैं. अगर दांत और मसूड़े कमजोर हों, तो इसका सीधा असर पेट, पाचन और पूरे शरीर पर पड़ता है. आयुर्वेद में दांतों को पूरे शरीर की सेहत का आधार माना गया है.
Ayurveda के मुताबिक, दांतों को अस्थि धातु यानी हड्डियों से जोड़ा गया है. इसका मतलब है कि दांत जितने मजबूत होंगे, शरीर भी उतना ही मजबूत रहेगा. लेकिन आज की जीवनशैली में गलत खानपान, तनाव और लापरवाही की वजह से कम उम्र में ही दांतों की परेशानी शुरू हो जाती है. मसूड़ों से खून आना, बदबू, कैविटी, पीले दांत और दांत हिलने जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन में दो बार दांत साफ न करना, जिह्वा की सफाई न करना, तंबाकू का सेवन, बहुत ज्यादा मीठा खाना और बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. ज्यादा ठंडा या बहुत गर्म भोजन भी दांतों की जड़ों को कमजोर करता है.
आयुर्वेदिक उपाय जो घर बैठे अपनाए जा सकते हैं
आयुर्वेद में दांतों की देखभाल के लिए कुछ बेहद आसान और कारगर उपाय बताए गए हैं. सबसे पहला उपाय है तेल से कुल्ला करना. सुबह खाली पेट नारियल या तिल के तेल से 5 से 10 मिनट तक कुल्ला करने से दांतों की गंदगी साफ होती है और मसूड़े मजबूत होते हैं.
दूसरा असरदार उपाय है Triphala. रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से पेट साफ रहता है और पाचन मजबूत होता है. जब पेट सही रहेगा, तो दांत भी अपने आप मजबूत रहेंगे. दांत साफ करने के लिए बाजार के केमिकल युक्त टूथपेस्ट की बजाय नीम की दातुन या त्रिफला, लौंग, अजवाइन और नीम की छाल के पाउडर से दांत साफ करने की सलाह दी जाती है. इससे दांतों की चमक बढ़ती है और मुंह की बदबू भी दूर होती है.
लौंग का तेल और सही खानपान भी जरूरी
लौंग का तेल दांतों और मसूड़ों के लिए रामबाण माना जाता है. यह मसूड़ों की सूजन कम करता है और दांतों में कीड़ा लगने से बचाता है. इसके साथ ही दांतों को मजबूत और चमकदार बनाए रखता है. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा जरूरी है. सर्दियों में गुड़, तिल, मूंगफली, सूखे मेवे, बीज और छेना को खाने में शामिल करने से दांत और मसूड़े दोनों मजबूत होते हैं.
फाइल फोटो
Desi ghee benefits: देसी घी सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए नहीं होता, बल्कि सदियों से इसे भारत में ताकत, ऊर्जा और लंबी उम्र का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है. आज आधुनिक विज्ञान भी यह मानता है कि देसी गाय का घी दुनिया के सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में शामिल है. देसी घी में CLA, ब्यूट्रेट, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A, D, E, K2 और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे एक तरह की प्राकृतिक औषधि बना देते हैं. आयुर्वेद में इसे “योगवाही” कहा गया है, यानी यह दूसरी दवाओं के असर को और बढ़ा देता है.
पाचन के लिए अमृत
घी का सबसे बड़ा फायदा है कि यह पाचन को मजबूत बनाता है. इसमें मौजूद ब्यूट्रिक एसिड आंतों को ठीक करता है, गैस-एसिडिटी शांत करता है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम में राहत देता है. घी ‘अग्नि’ यानी डाइजेशन पावर को बढ़ाता है.
दिमाग के लिए वरदान
घी मस्तिष्क को स्निग्धता देता है, जिससे याददाश्त बेहतर होती है, मानसिक तनाव कम होता है और फोकस बढ़ता है. घी को आयुर्वेद में ‘मेध्य रसायन’ यानी दिमाग का टॉनिक कहा गया है.
हार्मोन बैलेंस के लिए फायदेमंद
महिलाओं में PCOD, थायरॉयड और पीरियड संबंधित समस्याओं में घी के अच्छे परिणाम देखे जाते हैं, क्योंकि यह हार्मोन संतुलन में मदद करता है.
हड्डियों और जोड़ों के लिए श्रेष्ठ
घी में मौजूद विटामिन K2 कैल्शियम को सही जगह यानी हड्डियों में जमने में मदद करता है.
इससे हड्डियां मजबूत होती हैं, जोड़ों का दर्द कम होता है और शरीर में स्नेहन बढ़ता है.
सर्दियों में खास लाभ
घी शरीर को अंदर से गर्म रखता है, साथ ही वायरल इंफेक्शन से बचाता है और इम्युनिटी मजबूत करता है.
फाइल फोटो
अगर हर सुबह बाल झड़ने से आपका तकिया और ब्रश भर जाता है, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. नानी-दादी के पुराने देसी नुस्खे आज भी असरदार हैं. नमें सबसे कारगर है आंवला और एलोवेरा का इस्तेमाल, जो बालों को जड़ से मजबूत और चमकदार बनाता है. आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूत करता है, नए बाल उगाने में मदद करता है और समय से पहले सफेद होने से रोकता है. वहीं एलोवेरा स्कैल्प को ठंडक देता है, डैंड्रफ और खुजली को कम करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है. आप इन दोनों का इस्तेमाल तीन तरीकों से कर सकते हैं.
सामग्री:
2 चम्मच आंवला पाउडर या पल्प
2 चम्मच एलोवेरा जेल
1 चम्मच नारियल तेल (यदि बाल सूखे हों)
विधि
सारी चीजें मिलाकर पेस्ट बनाएं, बालों की जड़ों पर लगाएं और 5 मिनट मालिश करें. 30-40 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें.
सामग्री
1 कप नारियल तेल
2 चम्मच आंवला पाउडर या सूखे टुकड़े
2 चम्मच एलोवेरा जेल
विधि
तेल को धीमी आंच पर गर्म करें, उसमें आंवला डालें और कुछ देर पकाएं. फिर एलोवेरा मिलाकर 2-3 मिनट पकाएं। ठंडा होने पर छान लें. हफ्ते में 2-3 बार इससे बालों की मालिश करें. इससे बाल झड़ना रुकता है और उनमें नेचुरल चमक आती है.
विधि
30ml आंवला जूस और 30ml एलोवेरा जूस को गुनगुने पानी में मिलाकर रोज़ सुबह खाली पेट पिएं. यह शरीर को डिटॉक्स करता है और बालों को अंदर से मजबूत बनाता है.
नतीजा
आंवला और एलोवेरा का ये कॉम्बिनेशन बालों को झड़ने से रोकने, स्कैल्प को हेल्दी रखने और नैचुरल शाइन लाने में बेहद फायदेमंद है.
फाइल फोटो
आजकल हेल्दी और फिट रहने की चाहत हर किसी को है, लेकिन हमारी डाइट में अक्सर प्रोटीन की कमी रह जाती है. प्रोटीन न सिर्फ मसल्स बनाने में मदद करता है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने, एनर्जी बनाए रखने और शरीर को सही तरीके से काम करने में भी अहम भूमिका निभाता है. न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर, जो करीना कपूर जैसी बॉलीवुड हस्तियों की डाइटीशियन रह चुकी हैं, ने बताया कि रोजाना के खाने में थोड़े-थोड़े बदलाव करके हम प्रोटीन की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं. उन्होंने पांच ऐसे नेचुरल सोर्स बताए हैं जिन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है.
1. स्प्राउट्स के साथ कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी
रुजुता दिवेकर के अनुसार, लोग स्प्राउट्स पर तो ध्यान देते हैं लेकिन रोटी, चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से बचने लगते हैं. ऐसा करने से शरीर को जरूरी अमिनो एसिड नहीं मिल पाते और प्रोटीन की कमी रह जाती है. इसलिए स्प्राउट्स के साथ-साथ रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट फूड्स को भी रोजाना की डाइट में शामिल करना जरूरी है.
2. दाल – भारतीय खाने का अहम हिस्सा
भारतीय खाना दाल के बिना अधूरा माना जाता है, लेकिन आजकल इसे ज्यादातर लोग सिर्फ कभी-कभार करी के रूप में ही खाते हैं. रुजुता का कहना है कि दाल को रोजाना के खाने का हिस्सा बनाना चाहिए. इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हेल्दी शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं.
3. ड्राई फ्रूट्स और लेग्यूम्स का सेवन
ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट और बीज जैसे चिया व फ्लैक्स सीड्स के साथ-साथ चना और मूंगफली को भी डाइट में शामिल करना चाहिए. ये शाम के समय हेल्दी स्नैक के तौर पर बेहतरीन विकल्प हैं. ये न केवल प्रोटीन देते हैं, बल्कि हेल्दी फैट्स और मिनरल्स का भी अच्छा स्रोत हैं.
4. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर या छाछ प्रोटीन से भरपूर होते हैं. रुजुता का सुझाव है कि दिन में कम से कम एक बार दूध या कोई भी डेयरी प्रोडक्ट जरूर लें. चाहे सुबह दूध पीना हो या दोपहर में दही-चावल खाना, इसे रोज की डाइट का हिस्सा बनाना न भूलें.
5. नॉन-वेज खाने वालों के लिए मांस, मछली और अंडे
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में मांस, मछली या अंडे को शामिल कर सकते हैं. ये न सिर्फ शरीर को आवश्यक प्रोटीन देते हैं, बल्कि मसल्स बनाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करते हैं.