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Beetroot Idli Recipe: इडली एक पारंपरिक साउथ इंडियन डिश है, जिसे आमतौर पर चावल और उड़द दाल के घोल को खमीर उठाकर बनाया जाता है. यह डिश हल्की, सुपाच्य और बहुत ही पौष्टिक मानी जाती है. अगर आप रोज़ की सिंपल इडली में थोड़ा बदलाव लाकर उसे और अधिक हेल्दी और रंगीन बनाना चाहते हैं, तो चुकंदर इडली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है.
चुकंदर क्यों है फायदेमंद?
चुकंदर में आयरन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. साथ ही, इसका नेचुरल गुलाबी-लाल रंग खाने को आकर्षक भी बनाता है. जब इसे इडली जैसे नाश्ते में मिलाया जाए, तो यह स्वाद और सेहत दोनों में चार चांद लगा देता है.
1. इडली का तैयार घोल – 2 कप (खमीर उठा हुआ चावल और उड़द दाल का मिश्रण)
2. चुकंदर – 1 मीडियम आकार का (कद्दूकस किया हुआ)
3. अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
4. हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी हुई (इच्छा अनुसार)
5. नमक – स्वादानुसार
6. तेल या घी – मोल्ड ग्रीस करने के लिए
7. हरा धनिया – सजावट के लिए
बनाने की विधि (Steps)
1. चुकंदर की तैयारी
चुकंदर को अच्छी तरह धोकर छील लें और फिर कद्दूकस करें. एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें, उसमें कद्दूकस किया चुकंदर डालें और 2-3 मिनट तक हल्का भूनें ताकि उसका कच्चापन कम हो जाए. इसमें एक चुटकी नमक डालें ताकि स्वाद और नमी संतुलित रहे.
2. इडली घोल में मिलाना
भुने हुए चुकंदर को इडली के तैयार घोल में डालें. घोल को अच्छे से मिलाएं ताकि उसमें गुलाबी-लाल रंग आ जाए. अगर घोल ज्यादा गाढ़ा लगे तो थोड़ा पानी डालकर उसे सही टेक्सचर में लाएं.
3. स्टीमिंग की प्रक्रिया
इडली के मोल्ड्स को तेल या घी से अच्छी तरह ग्रीस करें. फिर हर मोल्ड में घोल को सावधानी से भरें. अब इन मोल्ड्स को इडली स्टीमर में रखें और मीडियम आंच पर 10-12 मिनट तक भाप में पकाएं.
4. पकने की जांच
इडली के पकने की जांच के लिए एक टूथपिक डालें. अगर वह साफ बाहर निकलती है तो समझिए इडली तैयार है.
5. परोसने का तरीका
इडली को मोल्ड से निकालें और ऊपर से हरे धनिए से सजाएं. इसे नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या गरमागरम सांबर के साथ परोसें.
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Healthy Foods Mistakes: आजकल लोग अपनी डाइट में हेल्दी फूड शामिल करने के लिए काफी सजग हो गए हैं. चिया सीड्स, चुकंदर, पालक, बादाम और ओट्स जैसे फूड्स रोज़ाना की थाली का हिस्सा बन चुके हैं. माना जाता है कि ये शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर इन हेल्दी फूड्स को गलत तरीके से खाया जाए तो ये फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा पहुंचा सकते हैं?
दरअसल, कई बार लोग हेल्दी फूड तो खाते हैं लेकिन उन्हें खाने का सही तरीका नहीं जानते. नतीजा यह होता है कि शरीर को इनमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते और पाचन संबंधी दिक्कतें भी शुरू हो जाती हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सा हेल्दी फूड कैसे खाना चाहिए ताकि उसका पूरा फायदा मिले.
चिया सीड्स
चिया सीड्स आज की हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन चुके हैं. इन्हें वेट लॉस, डाइजेशन और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन अगर इन्हें सूखा खा लिया जाए तो समस्या हो सकती है. दरअसल, चिया सीड्स पानी को सोखकर फूल जाते हैं. ऐसे में इन्हें बिना भिगोए खाने पर पेट फूलने, गैस या यहां तक कि दम घुटने तक की परेशानी हो सकती है.
सही तरीका: चिया सीड्स को हमेशा पानी या दूध में कम से कम 20–30 मिनट भिगोने के बाद ही खाएं. इससे ये न सिर्फ आसानी से पचते हैं बल्कि शरीर को भरपूर पोषण भी मिलता है.
चुकंदर
चुकंदर शरीर को आयरन और नाइट्रेट की अच्छी मात्रा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और खून की कमी भी दूर होती है लेकिन अगर इसे ज्यादा उबालकर या तलकर खाया जाए तो इसके नाइट्रेट और अन्य पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं.
सही तरीका: चुकंदर को भाप में पकाकर या जूस के तौर पर लेना सबसे फायदेमंद है. इससे इसके सारे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और शरीर को पूरा लाभ मिलता है.
पालक
हर कोई जानता है कि पालक आयरन और मिनरल्स से भरपूर है लेकिन रोजाना अधिक मात्रा में कच्चा पालक खाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसमें मौजूद ऑक्सेलेट किडनी स्टोन का कारण बन सकते हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्व सही से अवशोषित नहीं होने देते.
सही तरीका: पालक को हमेशा हल्का पकाकर या भूनकर खाना चाहिए. पकाने से इसमें मौजूद ऑक्सेलेट की मात्रा कम हो जाती है और शरीर को ज्यादा पोषण मिलता है.
ब्रोकली
ब्रोकली को सुपरफूड कहा जाता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और कैंसर से लड़ने वाले कंपाउंड्स पाए जाते हैं लेकिन कई लोग इसे ज्यादा उबालकर या माइक्रोवेव में पकाकर खाते हैं, जिससे इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं.
सही तरीका: ब्रोकली को भाप में हल्का पकाकर खाना सबसे सही होता है. इससे इसमें मौजूद सल्फोराफेन सुरक्षित रहता है और यह आसानी से पच भी जाती है.
बादाम
बादाम को दिमागी ताकत और सेहतमंद दिल के लिए बेहतरीन माना जाता है लेकिन अगर आप इन्हें बिना भिगोए या खाली पेट खा लेते हैं तो अपच की समस्या हो सकती है. साथ ही, कच्चे बादाम का छिलका टैनिन और फाइटिक एसिड से भरा होता है, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है.
सही तरीका: बादाम को रातभर पानी में भिगोकर और सुबह छिलका उतारकर खाना चाहिए. इससे इसके सभी पोषक तत्व शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं.
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Pigmentation Home Remedies: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, गलत खान-पान और प्रदूषित वातावरण के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं आम होती जा रही हैं। इनमें पिगमेंटेशन सबसे आम समस्या है। यह सिर्फ़ असमान रंगत या काले धब्बों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती है। हालाँकि, कुछ घरेलू उपायों से आप धीरे-धीरे इस समस्या को कम कर सकते हैं और अपनी त्वचा को फिर से चमकदार बना सकते हैं।
1. अलसी का जेल
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है और इसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। यह त्वचा को अंदर से शांत करके पिगमेंटेशन को हल्का करने में मदद करती है।
बनाने की विधि: 2 बड़े चम्मच अलसी को 1.5 कप पानी में उबालें। जब यह जेल जैसा हो जाए, तो इसे छान लें। इसे ठंडा करके एक जार में भर लें और रोज़ रात त्वचा पर लगाएँ। 20 मिनट बाद धो लें या रात भर लगा रहने दें।
2. चंदन, हल्दी और शहद का मास्क
यह मास्क त्वचा में निखार लाता है और दाग-धब्बों को हल्का करता है।
सामग्री: 1 छोटा चम्मच चंदन पाउडर, एक चुटकी हल्दी, 1 छोटा चम्मच कच्चा शहद और गुलाब जल की कुछ बूँदें।
कैसे लगाएँ: पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएँ। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। इसे हफ़्ते में दो बार लगाने से फ़ायदा होगा।
3. मुलेठी और एलोवेरा जेल
मुलेठी मेलेनिन के उत्पादन को रोकती है और त्वचा की रंगत निखारती है।
विधि: 1 छोटा चम्मच मुलेठी पाउडर और 2 छोटे चम्मच ताज़ा एलोवेरा जेल मिलाएँ। इसे पिगमेंटेड जगह पर लगाएँ और 20 मिनट बाद धो लें।
4. आलू और नींबू का दाग-धब्बों का उपचार
आलू में मौजूद एंजाइम और नींबू के प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट मिलकर ज़िद्दी दागों को हल्का करते हैं।
विधि: एक छोटे आलू को कद्दूकस करके उसका रस निकालें और उसमें नींबू की कुछ बूँदें मिलाएँ। इसे प्रभावित जगह पर लगाएँ और 10 मिनट बाद धो लें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इससे बचना चाहिए और हफ़्ते में दो बार से ज़्यादा इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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Weight loss with insulin resistance: आजकल बहुत से लोग बढ़ते वजन, डायबिटीज, थायरॉयड और पीसीओडी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. कई लोग हेल्दी रहने के लिए घंटों एक्सरसाइज करते हैं, डाइटिंग करते हैं लेकिन फिर भी वजन कम नहीं हो पाता. इसकी एक बड़ी वजह है – हार्मोनल इम्बैलेंस, खासकर इंसुलिन रेजिस्टेंस.
इंसुलिन हमारे शरीर का एक जरूरी हार्मोन है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. जब हम बहुत ज्यादा मीठा या रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं, तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे फैट बर्न होने के बजाय फैट स्टोर होने लगता है. इसलिए अगर आप वाकई में वजन कम करना और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो सिर्फ डाइट और वर्कआउट नहीं, बल्कि ये 3 सीक्रेट्स भी अपनाइए:
मीठा और रिफाइंड चीजें जैसे वाइट ब्रेड, मैदे वाले फूड्स (भटूरे, कुलचा, केक) और पैकेज्ड चीजें खाने से बचें
ज्यादा फ्रुक्टोज (हनी, किशमिश, अंजीर जैसे ड्रायफ्रूट्स) भी इंसुलिन बढ़ा सकता है
बार-बार खाना खाने की आदत भी इंसुलिन लेवल को बढ़ा देती है – इसलिए फिक्स टाइम पर खाएं
इंफ्लेमेशन यानी शरीर में सूजन, जो मोटापा और थकान का कारण बनती है. इसे कम करने के लिए:
रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाएं
पैकेज्ड और डीप फ्राइड फूड्स से दूर रहें
हल्दी, अदरक, लहसुन जैसी एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें शामिल करें
वजन घटाने की जर्नी सिर्फ शारीरिक नहीं होती, ये एक मेंटल जर्नी भी होती है.
छोटे-छोटे टारगेट सेट करें और पॉजिटिव सोचें और डाइटिंग को सज़ा नहीं, खुद के लिए इनाम समझें