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चुकंदर को हेल्थ और स्किन दोनों के लिए सुपरफूड माना जाता है. यही वजह है कि आजकल कई लोग सुबह खाली पेट Beetroot Juice पीकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. कहा जाता है कि इससे स्टैमिना बढ़ता है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. लेकिन क्या खाली पेट इसे पीना सभी के लिए फायदेमंद है? इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट राशी चहल ने एक इंटरव्यू में दिया.
खाली पेट चुकंदर का जूस पीने के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, अगर आपका पाचन ठीक है तो खाली पेट चुकंदर का जूस पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है.
आयरन और विटामिन का बेहतर अवशोषण: खाली पेट पीने पर शरीर बीटरूट में मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स को जल्दी और बेहतर तरीके से अवशोषित करता है.
न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि इसे सुबह नाश्ते से करीब 30 मिनट पहले या वर्कआउट से पहले नींबू का रस मिलाकर पिएं, इससे असर दोगुना हो जाता है.
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है, खासकर जिन लोगों को पेट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें इसे खाली पेट नहीं पीना चाहिए.
न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
राशी चहल कहती हैं कि खाली पेट बीटरूट जूस पीना फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा में. अगर आपको लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन या पेट की समस्या है, तो इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न पिएं. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि चुकंदर का जूस अन्य फूड्स के साथ मिलाकर पिया जाए.
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Beetroot Idli Recipe: इडली एक पारंपरिक साउथ इंडियन डिश है, जिसे आमतौर पर चावल और उड़द दाल के घोल को खमीर उठाकर बनाया जाता है. यह डिश हल्की, सुपाच्य और बहुत ही पौष्टिक मानी जाती है. अगर आप रोज़ की सिंपल इडली में थोड़ा बदलाव लाकर उसे और अधिक हेल्दी और रंगीन बनाना चाहते हैं, तो चुकंदर इडली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है.
चुकंदर क्यों है फायदेमंद?
चुकंदर में आयरन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. साथ ही, इसका नेचुरल गुलाबी-लाल रंग खाने को आकर्षक भी बनाता है. जब इसे इडली जैसे नाश्ते में मिलाया जाए, तो यह स्वाद और सेहत दोनों में चार चांद लगा देता है.
1. इडली का तैयार घोल – 2 कप (खमीर उठा हुआ चावल और उड़द दाल का मिश्रण)
2. चुकंदर – 1 मीडियम आकार का (कद्दूकस किया हुआ)
3. अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
4. हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी हुई (इच्छा अनुसार)
5. नमक – स्वादानुसार
6. तेल या घी – मोल्ड ग्रीस करने के लिए
7. हरा धनिया – सजावट के लिए
बनाने की विधि (Steps)
1. चुकंदर की तैयारी
चुकंदर को अच्छी तरह धोकर छील लें और फिर कद्दूकस करें. एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें, उसमें कद्दूकस किया चुकंदर डालें और 2-3 मिनट तक हल्का भूनें ताकि उसका कच्चापन कम हो जाए. इसमें एक चुटकी नमक डालें ताकि स्वाद और नमी संतुलित रहे.
2. इडली घोल में मिलाना
भुने हुए चुकंदर को इडली के तैयार घोल में डालें. घोल को अच्छे से मिलाएं ताकि उसमें गुलाबी-लाल रंग आ जाए. अगर घोल ज्यादा गाढ़ा लगे तो थोड़ा पानी डालकर उसे सही टेक्सचर में लाएं.
3. स्टीमिंग की प्रक्रिया
इडली के मोल्ड्स को तेल या घी से अच्छी तरह ग्रीस करें. फिर हर मोल्ड में घोल को सावधानी से भरें. अब इन मोल्ड्स को इडली स्टीमर में रखें और मीडियम आंच पर 10-12 मिनट तक भाप में पकाएं.
4. पकने की जांच
इडली के पकने की जांच के लिए एक टूथपिक डालें. अगर वह साफ बाहर निकलती है तो समझिए इडली तैयार है.
5. परोसने का तरीका
इडली को मोल्ड से निकालें और ऊपर से हरे धनिए से सजाएं. इसे नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या गरमागरम सांबर के साथ परोसें.
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Questions to Ask Before Marriage: शादी जिंदगी का सबसे अहम फैसला होता है. यह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी रिश्ता होता है. इसलिए शादी से पहले एक-दूसरे को समझना और जरूरी मुद्दों पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है. इससे रिश्ते में पारदर्शिता आती है और आगे चलकर अनबन या गलतफहमी से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे 10 जरूरी सवाल जो आपको अपने होने वाले लाइफ पार्टनर से शादी से पहले ज़रूर पूछने चाहिए.
1. पैसों को लेकर सोच क्या है?
शादी के बाद वित्तीय मामलों को लेकर अक्सर तकरार होती है. इसलिए पहले ही यह जान लेना जरूरी है कि पार्टनर की सेविंग्स, खर्च, निवेश और लोन को लेकर क्या सोच है. इससे भविष्य की प्लानिंग बेहतर होगी.
2. बच्चों को लेकर विचार क्या हैं?
क्या पार्टनर बच्चे चाहते हैं? अगर हां, तो कितने और कब? उनकी परवरिश को लेकर सोच क्या है? इन बातों पर साफ बातचीत ज़रूरी है ताकि बाद में कोई भ्रम न रहे.
3. झगड़े को कैसे संभालते हैं?
हर रिश्ते में मतभेद होते हैं, लेकिन उन्हें सुलझाने का तरीका सबसे अहम होता है. क्या पार्टनर तुरंत बात करके सुलझाना पसंद करते हैं या थोड़ी दूरी बनाकर?
4. परिवार से रिश्ता कैसा है?
उनका अपने परिवार से रिश्ता कैसा है? वे माता-पिता के साथ कितना समय बिताना चाहते हैं? इन सवालों से आप रिश्तों की प्राथमिकता समझ सकते हैं.
5. घर की जिम्मेदारियों का बंटवारा कैसे होगा?
अगर दोनों वर्किंग हैं, तो घर के काम कैसे बांटे जाएंगे? कौन खाना बनाएगा, कौन बाजार जाएगा? ये बातें पहले ही तय हो जाएं तो रिश्ते में संतुलन बना रहता है.
6. करियर को लेकर क्या प्लान है?
क्या वे नौकरी बदलना चाहते हैं या बिजनेस करना चाहते हैं? इससे आप उन्हें सपोर्ट कर पाएंगे और आगे की प्लानिंग कर पाएंगे.
7. जीवनशैली कैसी है?
क्या पार्टनर को शांति पसंद है या पार्टी करना? जल्दी सोना पसंद है या देर रात तक जागना? ये बातें जानकर आप तालमेल बना सकते हैं.
8. फुर्सत के वक्त क्या करना पसंद है?
क्या पार्टनर अकेले समय बिताना पसंद करते हैं या आपके साथ रहना पसंद करेंगे? इससे आप उन्हें स्पेस देने या साथ समय बिताने में संतुलन रख सकते हैं.
9. बड़े फैसलों में कैसे प्रतिक्रिया देते हैं?
जैसे नौकरी छोड़ना, घर बदलना या परिवार की ज़िम्मेदारी उठाना – इन मुद्दों पर उनकी सोच क्या है? यह जानना बहुत जरूरी है.
10. भविष्य के सपने और लक्ष्य क्या हैं?
उनका ड्रीम क्या है? लाइफ से क्या चाहते हैं? क्या आप दोनों के लक्ष्य मिलते-जुलते हैं?
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Elderly Health: सीड्स यानी बीज देखने में छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल्स, हेल्दी फैट्स और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो दिल को हेल्दी रखते हैं, एनर्जी बढ़ाते हैं और डाइजेशन सुधारते हैं. लेकिन हर चीज की तरह सीड्स भी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होते, खासकर बुजुर्गों के लिए.
उम्र बढ़ने के साथ पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे में कुछ बीज पेट फूलने, गैस या कब्ज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. कुछ छोटे और सख्त बीज गले में फंस सकते हैं या दम घुटने का खतरा बढ़ा सकते हैं. साथ ही, कई बीज ऐसी दवाओं के असर को भी कम कर देते हैं जो ब्लड प्रेशर, शुगर या कोलेस्ट्रॉल के लिए ली जाती हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन से सीड्स बुजुर्गों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं.
1. पॉपी सीड्स
खसखस केक या ब्रेड में स्वाद और क्रंच लाने के लिए डाली जाती है. लेकिन इनमें कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो पेन किलर या ब्लड थिनर दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं. बुजुर्गों को इन्हें चबाना या निगलना भी मुश्किल होता है. इसलिए खसखस का इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में और पका हुआ ही करें.
2. चिया सीड्स
चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, लेकिन इन्हें सूखा खाने से पेट में सूजन या कब्ज हो सकता है क्योंकि ये पानी के संपर्क में आने पर फूल जाते हैं. इन्हें खाने से पहले पानी या दूध में भिगोना जरूरी है. बुजुर्ग दिन में 1–2 चम्मच तक ही सुरक्षित रूप से खा सकते हैं.
3. अलसी के बीज
अलसी के बीज पाचन और हार्ट हेल्थ के लिए लाभदायक हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से गैस या दस्त की दिक्कत हो सकती है. साथ ही, ये कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकते हैं. इन्हें खाने से पहले पीसकर थोड़ी मात्रा में ही लें.
4. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज हेल्दी स्नैक हैं, लेकिन मार्केट में मिलने वाले पैक्ड बीजों में नमक या चीनी मिलाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है और किडनी पर असर डाल सकती है. हमेशा बिना नमक-चीनी वाले बीज चुनें और कम मात्रा में खाएं.
5. हेम्प सीड्स
भांग के बीज प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से पेट खराब हो सकता है. साथ ही ये ब्लड थिनर दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए दिन में 1–2 बड़े चम्मच तक ही लें और अगर कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.