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Benefits of Figs: आज की तेज़ रफ्तार और व्यस्त जिंदगी में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. ऐसे समय में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ हमारी दिनचर्या को आसान बनाते हैं, जिनमें से एक अंजीर है. आकार में छोटा दिखने वाला यह फल पोषक तत्वों का खजाना है. मध्य प्रदेश का आयुष विभाग भी अंजीर को मिठास के साथ सेहत का बेहतरीन स्रोत मानता है, जिसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
अंजीर शरीर को प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्रदान करता है और कई बीमारियों से सुरक्षा देता है. इसका सबसे बड़ा लाभ है लिवर और किडनी का डिटॉक्स, यानी इन अंगों की सफाई. नियमित रूप से अंजीर खाने से शरीर में जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है.
पाचन सुधारने में अंजीर है कारगर
अंजीर पाचन सुधारने में भी बेहद कारगर है. अगर किसी को कब्ज की पुरानी समस्या है, तो रात में भिगोए गए अंजीर सुबह खाली पेट खाने से काफी आराम मिलता है. वजन कम करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह फल प्राकृतिक उपाय है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है. इससे पेट देर तक भरा रहता है और ओवरईटिंग घटती है.
दिल के लिए होता फायदेमंद
दिल की सेहत के लिए भी अंजीर फायदेमंद माना जाता है. यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है और आयरन की अधिक मात्रा शरीर में खून की कमी को दूर करती है. नियमित सेवन से त्वचा चमकदार होती है, बाल मजबूत होते हैं और इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि अंजीर का सबसे अच्छा सेवन तरीका है. इसे रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना.
ताजा अंजीर का करें सेवन
भिगोया हुआ अंजीर अधिक नरम होता है और इसके पोषक तत्व जल्दी अवशोषित होते हैं. सर्दियों में ताज़ा अंजीर खाना और भी फायदेमंद माना जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को सावधानी रखनी चाहिए. जिन्हें अंजीर से एलर्जी है, उन्हें खुजली, चकत्ते या जलन हो सकती है. ऐसी स्थिति में इसका सेवन न करें. वहीं डायबिटीज के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह पर ही खाएं.
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Turmeric Water Benefits: भारत में हल्दी केवल रसोई का मसाला नहीं, बल्कि एक पारंपरिक औषधि भी मानी जाती है. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. हल्दी का पानी रोजाना पीना शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा देता है.
1. त्वचा के लिए फायदेमंद
हल्दी वाला पानी त्वचा की चमक बढ़ाने में मदद करता है. इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. मुंहासे, झाइयां और त्वचा की जलन जैसी समस्याओं में भी यह राहत प्रदान करता है. नियमित सेवन से त्वचा साफ, मुलायम और दमकती हुई नजर आती है.
2. पाचन क्रिया को सुधारता है
अगर आप अक्सर अपच, गैस या भारीपन महसूस करते हैं, तो हल्दी का पानी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. हल्दी पित्त रस (Bile) के स्राव को उत्तेजित करती है, जिससे फैट्स जल्दी पचते हैं और पोषक तत्व बेहतर तरीके से शरीर में अवशोषित होते हैं. यह पेट की सूजन और गैस की समस्या को भी कम कर सकती है.
3. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
हल्दी के प्राकृतिक गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं. इसके नियमित सेवन से सर्दी-खांसी, जुकाम और अन्य संक्रमणों से बचाव होता है. हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक तत्व पाया जाता है, जो वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है.
4. वजन घटाने में करता है मदद
हल्दी का पानी मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे शरीर की चर्बी जल्दी जलती है. यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी सहायता करता है, जिससे वजन कम करने की प्रक्रिया में सहायता मिलती है.
5. दिल के स्वास्थ्य में लाभदायक
हल्दी का पानी शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. इससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है और हृदय स्वस्थ बना रहता है.
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US Visa Health Restrictions: डायबिटीज और कैंसर समेत कई बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए अमेरिकी वीजा पाना थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने वीजा नीति में कुछ बदलाव किए हैं. इसके अनुसार हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर, मोटापा और मेंटल हेल्थ से जूझ रहे लोगों को अमेरिकी वीजा के लिए मना किया जा सकता है.
ट्रंप सरकार की ओर से गुरुवार को एक निर्देश जारी किया गया, जिसके अनुसार अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को हृदय रोग, श्वसन रोग, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ जैसी दिक्कतों की वजह से वीजा देने से मना भी किया जा सकता है.
अमेरिका के केएफएफ हेल्थ न्यूज के अनुसार संबंधित विभाग को लगता है कि इन बीमारियों से ग्रसित लोग दूसरों के लिए बोझ बन सकते हैं. इसके साथ ही अमेरिकी संसाधनों पर भी इसका बुरा असर होगा. इसलिए अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास को ये निर्देश दिया गया है. अमेरिकी मीडिया के अनुसार ये दिशानिर्देश दोनों दूतावास को केबल के जरिए भेजा गया. हालांकि, अमेरिकी वीजा के लिए पहले भी हेल्थ कंडीशन की जानकारी ली जाती थी, लेकिन अब नए दिशा निर्देश के बाद इस प्रक्रिया में भी बदलाव होंगे.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केबल में कहा गया, "आपको आवेदक के स्वास्थ्य पर विचार करना होगा. कुछ मेडिकल कंडीशन, जिनमें हृदय रोग, श्वसन रोग, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ कंडिशन समेत अन्य बीमारियां शामिल हैं, इनके लिए लाखों डॉलर की देखभाल की आवश्यकता हो सकती है." इसके साथ ही वीजा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह आकलन करें कि जिस शख्स ने वीजा का आवेदन किया है, वह अपने इलाज का खर्च उठाने में सक्षम है या नहीं. इसके साथ ही वीजा के लिए आवेदन डालने वाले शख्स के परिवार के हेल्थ का अपडेट लिया जाएगा.
इसे लेकर गैर लाभकारी कानूनी सहायता समूह कैथोलिक लीगल इमिग्रेशन नेटवर्क के एक वरिष्ठ वकील चार्ल्स व्हीलर ने कहा है कि ये दिशानिर्देश सभी वीजा के लिए हैं, लेकिन इनका उपयोग केवल स्थायी निवास के मामलों में ही किया जाएगा. व्हीलर ने कहा, "यह चिंताजनक है क्योंकि वीजा अधिकारी मेडिकल में प्रशिक्षित नहीं हैं, उन्हें इस क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है और उन्हें अपने व्यक्तिगत ज्ञान के आधार पर अनुमान नहीं लगाना चाहिए."
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Bajra Health Benefits: सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए बहुत सारे देसी उपाय होते हैं. काढ़ा बनाने से लेकर या हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को ठंड से बचाया जा सकता है. लेकिन ये चीजें शरीर को ऊर्जा प्रदान नहीं करतीं. ऐसे में बाजरा एक ऐसा अन्न है, जो ऊर्जा के साथ-साथ कई बीमारियों से भी बचाता है. सिर्फ खाना ही नहीं, बाजरे का पानी भी शरीर के लिए लाभकारी होता है.
बाजरा एक ग्लूटेन मुक्त अनाज है. बाजरे की तासीर गर्म होती है तो इसका इस्तेमाल मुख्यत: सर्दियों में किया जाता है, लेकिन राजस्थान में हर सीजन में बाजरे का सेवन किया जाता है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, और गुजरात में बाजरे की खेती की जाती है और पशुओं को भी आहार के तौर पर दिया जाता है.
बाजरा तासीर में गर्म होने के साथ कई गुणों से भरपूर होता है. बाजरे में आयरन, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और पोटेशियम होता है. इसमें विटामिन बी1, बी2, बी3 और बी6 सबसे अधिक मात्रा में पाए जाते हैं. ऐसे में बाजरा युक्त खाद्य पदार्थों को अपने खाने में शामिल करना अच्छा रहेगा. बाजरा युक्त खाद्य पदार्थ सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने गए हैं. बाजरा युक्त खाद्य पदार्थ न सिर्फ कुपोषण दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि ये संभावित प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक्स भी माने जाते हैं.
बाजरे का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है. बाजरे में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. बाजरे का सेवन करने के अलग-अलग तरीके हैं. इसके लिए बाजरे की रोटी, बाजरे की टिक्की, बाजरे की रोटी और खिचड़ी बनाई जा सकती हैं. बाजरे को भिगोकर सुबह उसका पानी पीना भी फायदेमंद होता है.
बाजरे में मैग्नीशियम और पोटेशियम सही मात्रा में होते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं. अगर बाजरे का सेवन रोजाना सही मात्रा में किया जाए तो ये शरीर के लिए लाभकारी होगा. अगर बाजरा खाने से कब्ज की समस्या बनती है, तो एक-एक दिन छोड़कर इसका सेवन किया जा सकता है. कुछ लोगों को बाजरे से पाचन संबंधी समस्या हो सकती है. ऐसे में सेवन कम मात्रा में करें. इसके अलावा बाजरा के सेवन से डायबटिज नियंत्रित रहती है, वजन कंट्रोल रहता है, शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है और ऊर्जा और शक्ति भी मिलती है.