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56 की उम्र में 40 दिखने के लिए अजमाए भाग्यश्री का हेल्थ सीक्रेट

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फाइल फोटो

Health News: सलमान खान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से पहचान बनाने वाली भाग्यश्री आज भी अपने फिटनेस और ग्लो से चर्चा में रहती हैं. 56 साल की उम्र में भी वो 40 की नजर आती हैं. फिल्मों से दूर रहने के बावजूद वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और हेल्थ टिप्स शेयर करती हैं.

भाग्यश्री इंस्टाग्राम पर ‘ट्यूसडे टिप विद बी’ नाम की सीरीज चलाती हैं, जिसमें वो फिटनेस और हेल्थ से जुड़े आसान उपाय बताती हैं. हाल ही में उन्होंने घर पर की जाने वाली एक आसान एक्सरसाइज बताई, जो खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो जिम नहीं जा पातीं. उन्होंने कहा कि अगर जिम जाने का मन नहीं है, तो “गरबा को घर ले आइए”, यानी एक्सरसाइज को मजेदार बनाइए.

भाग्यश्री ने बताया कि gym stepper की मदद से आप कई वर्कआउट घर पर ही कर सकते हैं. इससे फिटनेस और एनर्जी दोनों बनी रहती हैं. उनके मुताबिक, हेल्दी रहने के लिए रोज थोड़ा समय खुद के लिए निकालना जरूरी है. इसी बीच, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की वेबसाइट Harvard Health Publishing ने भी घर पर की जाने वाली कुछ आसान एक्सरसाइज बताई हैं, जो खासकर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं. ये न सिर्फ वजन नियंत्रण में रखती हैं, बल्कि हड्डियों, जोड़ों और दिमाग को भी मजबूत बनाती हैं.

पैदल चलना (Walking)
यह सबसे आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज है. इससे कोलेस्ट्रॉल घटता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और डायबिटीज या हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है. रोज़ाना 30-45 मिनट चलने से मूड और याददाश्त दोनों बेहतर रहते हैं.

तैराकी (Swimming)
स्विमिंग को “संपूर्ण व्यायाम” कहा गया है. यह शरीर को बिना दबाव के फिट रखती है और गठिया जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद है. इससे मूड अच्छा रहता है, तनाव कम होता है और कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं.

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training)
यह सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं है. महिलाएं भी घर पर हल्के वजन उठाकर शुरुआत कर सकती हैं. इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उम्र के साथ आने वाली कमजोरी से बचाव होता है.


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Written by: Taushif

13 Oct 2025  ·  Published: 10:13 IST

एनीमिया क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

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Iron Deficiency Symptoms: आयरन हमारे शरीर के लिए एक बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है. यह न सिर्फ खून बनाने में मदद करता है, बल्कि पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम भी करता है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए तो इसका सीधा असर हमारी ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अंगों के कामकाज पर पड़ता है. आयरन की कमी से सबसे ज्यादा एनीमिया नामक बीमारी होती है, जो आज के समय में बहुत आम हो चुकी है.

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिपोर्ट के मुताबिक, आयरन की कमी खासकर उन लोगों में देखी जाती है जो फोर्टिफाइड अनाज या आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का कम सेवन करते हैं. फोर्टिफाइड अनाज में मौजूद पोषक तत्व रोज़ाना की ज़रूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकते हैं. अगर इन्हें डाइट से हटा दिया जाए तो शरीर में धीरे-धीरे आयरन की कमी हो सकती है.

एनीमिया किन कारणों से होता है?


एनीमिया सिर्फ आयरन की कमी से नहीं होता, बल्कि इसके कई और भी कारण हैं:-

विटामिन की कमी – खासकर फोलेट और विटामिन बी12 की कमी

क्रॉनिक बीमारियां – लंबे समय तक चलने वाले रोग, जैसे किडनी या लिवर की समस्या

थैलेसीमिया और जेनेटिक रेड ब्लड सेल डिसऑर्डर – वंशानुगत बीमारियां

संक्रमण और ऑटो-इम्यून डिजीज़ – शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी दिक्कतें

कुछ दवाओं का असर

गर्भावस्था – इस दौरान महिलाओं को अतिरिक्त आयरन की ज़रूरत होती है

इन सब कारणों में सबसे कॉमन कारण आयरन की कमी है, जो धीरे-धीरे गंभीर समस्या का रूप ले सकती है.

आयरन की कमी के प्रमुख लक्षण

1. लगातार थकान रहना
थकान आयरन की कमी का सबसे आम लक्षण है. आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाता है. अगर खून में आयरन की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और इंसान अक्सर थका हुआ महसूस करता है. हालांकि, थकान के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे – डिप्रेशन, ज्यादा तनाव, नींद की दिक्कत या स्लीप एप्निया. लेकिन अगर बिना किसी बड़ी वजह के लगातार थकान महसूस हो रही है तो आयरन की जांच करवाना जरूरी है.

2. हर वक्त ठंड लगना
आयरन की कमी की वजह से कुछ लोगों को हमेशा ठंड लगती रहती है. खासकर हाथ-पांव ठंडे रहने लगते हैं. 2022 के एक अध्ययन में पाया गया कि शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में थायरॉइड हार्मोन की अहम भूमिका होती है. थायरॉइड का सही से काम करने के लिए आयरन बेहद जरूरी है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो तो थायरॉइड प्रभावित हो सकता है और शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है.

3. सांस फूलना
अगर आप रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करते हैं और फिर भी आपको सांस लेने में दिक्कत होती है, तो यह भी आयरन की कमी का लक्षण हो सकता है. 2023 की एक स्टडी में बताया गया कि आयरन शरीर में ऑक्सीजन को हर सेल तक पहुंचाने का काम करता है. जब शरीर में आयरन कम हो जाता है तो मांसपेशियों और अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है. इसके चलते हल्की गतिविधि करने पर भी सांस फूलने लगती है.

आयरन की कमी क्यों खतरनाक है?
आयरन की मामूली कमी शुरुआत में सामान्य लग सकती है, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज कर दिया जाए तो यह गंभीर एनीमिया का कारण बन सकती है. इससे इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे बार-बार संक्रमण होता है. गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी से प्रीमैच्योर डिलीवरी और शिशु के कम वजन की समस्या हो सकती है. लंबे समय तक कमी रहने पर दिल और दिमाग पर असर पड़ सकता है.

आयरन की कमी से बचाव के उपाय

आहार में बदलाव

  • पालक, मेथी, चुकंदर, हरी पत्तेदार सब्जियां

  • सेब, अनार, किशमिश, खजूर

  • मसूर और चना जैसी दालें

  • मीट, मछली, अंडा (नॉन-वेज खाने वालों के लिए)

फोर्टिफाइड अनाज और खाद्य पदार्थ का सेवन
गेहूं, चावल और आटे में मिलने वाले फोर्टिफाइड प्रोडक्ट्स

विटामिन C का सेवन

संतरा, नींबू, अमरूद जैसे फलों के साथ आयरन लें, इससे शरीर आयरन को जल्दी अवशोषित करता है.

डॉक्टर से नियमित जांच

अगर लगातार थकान, ठंड या सांस फूलने की समस्या है तो खून की जांच जरूर करवाएं.


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Written by: Taushif

08 Sep 2025  ·  Published: 12:38 IST

अंडा-टोस्ट: नाश्ते में हेल्दी कॉम्बिनेशन, ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए कितना सही?

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सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत को तय करता है. अक्सर लोग जल्दीबाज़ी में ऐसे खाने की तलाश करते हैं जो झटपट तैयार हो जाए, पेट भी भर दे और शरीर को पोषण भी मिले. ऐसे में अंडे और टोस्ट नाश्ते का सबसे आसान और लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं. चाहे दफ्तर के लिए देर हो रही हो, बच्चे स्कूल जा रहे हों या फिर खाना बनाने का ज्यादा वक्त न हो, अंडा और टोस्ट तुरंत तैयार हो जाता है लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कॉम्बिनेशन सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित है या फिर सेहत, खासकर ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भी अच्छा है?

अंडे खाने से क्या फायदे होते हैं?
हैदराबाद स्थित केयर हॉस्पिटल्स की क्लिनिकल डाइटीशियन जी. सुषमा के अनुसार, अंडा-टोस्ट नाश्ते का क्लासिक कॉम्बिनेशन है. अंडे में प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद करता है. यही कारण है कि रोज़ाना फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोग अक्सर इसे नाश्ते में शामिल करते हैं.

अंडे में कई ज़रूरी विटामिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जैसे – विटामिन A, D, E और B12 – आंखों, हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए ज़रूरी. आयरन और जिंक – खून और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए ज़रूरी. कोलीन – दिमाग़ की हेल्थ और याददाश्त को दुरुस्त रखने में मददगार. अंडे खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती, यानी बार-बार स्नैक्स खाने की आदत भी कम हो जाती है. अगर इसे साबुत अनाज (Whole Grain) ब्रेड या खमीर (Sourdough) वाली ब्रेड के साथ खाया जाए तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. साबुत अनाज वाली ब्रेड में फाइबर होता है, जो पाचन में मदद करता है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है.

ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए अंडा और टोस्ट कितना बेहतर?
यहां बात आती है ब्लड शुगर यानी शुगर लेवल पर इसके असर की. आमतौर पर सफेद ब्रेड (White Bread) जल्दी से ग्लूकोज में बदल जाती है. इसका मतलब है कि इसे खाने के बाद शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है और फिर थोड़ी देर बाद अचानक गिर भी जाता है. यही वजह है कि डायबिटीज़ के मरीजों या ब्लड शुगर पर नज़र रखने वालों को सफेद ब्रेड से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है. दूसरी तरफ, अंडों में कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है और ये प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं. यही कारण है कि अंडा खाने से शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है और शुगर लेवल अचानक से बढ़ता या घटता नहीं है. अगर सफेद टोस्ट की जगह साबुत अनाज या खमीर वाला टोस्ट लिया जाए और उसके साथ अंडा खाया जाए तो ब्लड शुगर पर इसका असर काफी स्थिर रहता है.

डायबिटीज़ और इंसुलिन रेसिस्टेंस वालों के लिए सलाह
अगर आप प्री-डायबिटिक हैं, डायबिटीज़ के मरीज हैं या फिर इंसुलिन रेसिस्टेंस से जूझ रहे हैं, तो नाश्ते में सिर्फ सफेद टोस्ट खाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे ब्लड शुगर तुरंत बढ़ जाता है और थोड़ी ही देर में गिरने लगता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि अंडे को अपने नाश्ते में शामिल करें और टोस्ट चुनते समय साबुत अनाज या खमीर वाली ब्रेड का इस्तेमाल करें.

अंडा-टोस्ट को और हेल्दी कैसे बनाएं?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप अपने नाश्ते को और ज़्यादा पौष्टिक बनाना चाहते हैं तो कुछ चीज़ें अंडे और टोस्ट के साथ जोड़ सकते हैं. 

हरी सब्जियां – जैसे पालक, शिमला मिर्च, टमाटर.
एवोकाडो – हेल्दी फैट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत.
अलसी (Flax Seeds) – ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर.
मक्खन या पीनट बटर – अतिरिक्त ऊर्जा और स्वाद के लिए.
इन सबको अंडे और टोस्ट के साथ खाने से ब्लड शुगर स्थिर रहता है और शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है.


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Written by: Taushif

24 Aug 2025  ·  Published: 11:10 IST

पेट रहेगा स्वस्थ तो शरीर रहेगा तंदरुस्त, जानिए किन चीज़ों से मिलेगा फायदा

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Fermented Foods For Gut Health: अगर आप अपनी सेहत को लंबे समय तक अच्छा बनाए रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने गट यानी पाचन तंत्र की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. एक हेल्दी गट न सिर्फ पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है, बल्कि यह हार्मोन बैलेंस, इम्युनिटी बढ़ाने और स्किन ग्लो तक में अहम भूमिका निभाता है. रिसर्च से यह भी साबित हो चुका है कि हेल्दी गट हमारे मूड और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है.

गट हेल्थ सुधारने में फर्मेंटेड फूड्स (Fermented Foods) की अहम भूमिका होती है. ये फूड्स प्रोबायोटिक्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन से भरपूर होते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे कुछ बेहतरीन फर्मेंटेड फूड्स के बारे में जो आपके गट के लिए रामबाण की तरह काम कर सकते हैं.

1. घर का बना दही
दही भारतीय रसोई में रोज़मर्रा का हिस्सा है और यह सबसे लोकप्रिय प्रोबायोटिक फूड है. यह अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, सूजन कम करता है और पाचन शक्ति मजबूत बनाता है.

2. सॉरक्रॉट (Sauerkraut)
यह फर्मेंटेड पत्ता गोभी से बनाया जाता है. इसमें फाइबर, विटामिन C और प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में होते हैं. यह गट के बैक्टीरियल बैलेंस को सुधारने में मदद करता है.

3. इडली और डोसा
इडली और डोसा भी फर्मेंटेड फूड की श्रेणी में आते हैं. ये चावल और उड़द दाल को भिगोकर और फर्मेंट करके बनाए जाते हैं, जिससे पाचन में आसानी होती है.

4. कोम्बुचा
कोम्बुचा एक फर्मेंटेड चाय है जो प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती है। यह डाइजेशन, डिटॉक्स और एनर्जी बूस्ट के लिए बहुत लाभकारी मानी जाती है.

5. फर्मेंटेड चावल
बचे हुए चावल को रात भर पानी में भिगोकर सुबह छाछ या दही के साथ खाने से यह एक बेहतरीन प्रोबायोटिक फूड बन जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है और गट हेल्थ को सपोर्ट करता है.

6. किमची और मिसो (वैकल्पिक विदेशी विकल्प)
कोरियन डिश किमची और जापानी मिसो भी बेहतरीन फर्मेंटेड फूड्स हैं. हालांकि ये हर जगह आसानी से नहीं मिलते, लेकिन जहां उपलब्ध हों वहां ये गट हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी हैं.


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Written by: Taushif

31 Jul 2025  ·  Published: 05:05 IST