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Bhujangasana Benefits: व्यस्तता, कामकाजी, ट्रैफिक और घरेलू जिम्मेदारियों में फंसे लोगों के शरीर में तनाव, थकान, पेट की जिद्दी चर्बी और कब्ज जैसी समस्याएं घर कर जाती हैं, लेकिन ऐसे में योग करना एक प्रभावी उपाय हो सकता है. इन्ही में से एक है भुजंगासन.
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, यह आसन तनाव घटाने, पेट की जिद्दी चर्बी पिघलाने और कब्ज जैसी पाचन परेशानियों को जड़ से खत्म करने में मददगार हो सकता है. पीठ दर्द, साइटिका और श्वसन तंत्र की दिक्कतों से छुटकारा दिलाने वाला यह योग हर उम्र के लिए वरदान है.
'भुजंगासन' को 'कोबरा पोज' या फिर 'सर्पासन' के नाम से भी जाना जाता है. इसे सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से आठवां स्थान प्राप्त है. आयुष मंत्रालय ने भी 'भुजंगासन' पर विशेष जानकारी दी, जिसमें बताया गया है कि 'भुजंग' शब्द का अर्थ होता है 'सर्प' या 'नाग'. इस आसन में शरीर की आकृति सर्प के फन की तरह ऊपर उठती है, इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है. यह आसन तनाव को कम करने, चर्बी घटाने और कब्ज दूर करने में सहायक है. साथ ही, यह पीठ दर्द व श्वसन नली से संबंधित समस्याओं को दूर करता है.
'भुजंगासन' को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं और अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें और इस बात का ध्यान रखें कि आपके दोनों टखने एक-दूसरे को छूते रहें. इसके बाद दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और साथ ही दोनों हथेलियों को जमीन की तरफ रखें. अब शरीर का वजन हथेलियों पर डालें और धीरे-धीरे सांस भीतर की ओर खींचे और सिर को उठाते हुए पीठ की तरफ खींचें.
ध्यान दें कि इस वक्त तक आपकी कुहनी मुड़ी हुई है और फिर सिर को पीछे की तरफ ले जाएं और साथ ही अपनी छाती को आगे की तरफ निकालें. फिर पुन: वाली अवस्था में आ जाएं और अपनी क्षमता के अनुसार इस प्रक्रिया को दोहराएं. पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें. डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं.
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Gas Problem Home Remedies: आजकल की व्यस्त जीवनशैली, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से बहुत से लोग गैस और पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं. यह समस्या दिखने में मामूली लगती है, लेकिन जब यह लगातार बनी रहती है तो व्यक्ति की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को काफी प्रभावित कर देती है. गैस होने पर पेट भारी लगना, डकार आना, पेट दर्द या बेचैनी जैसी परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में समय पर ध्यान देना और जीवनशैली में सुधार करना बहुत जरूरी है.
गैस से राहत पाने के लिए डॉक्टर अकसर कहते हैं कि सबसे पहले अपने खान-पान और आदतों में सुधार करना चाहिए. इसके साथ ही कुछ घरेलू नुस्खे भी इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं.
भरपूर मात्रा में पानी पिएं
गैस की समस्या को कम करने का सबसे आसान और असरदार तरीका है कि आप दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. पानी पेट की सफाई करता है और पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त रखता है. इसके साथ ही आप नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या दही जैसी चीजें भी अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं. ये पेय पदार्थ न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि आंतों की सेहत (गट हेल्थ) को भी सुधारते हैं. इससे कब्ज और गैस की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है.
किन सब्जियों और दालों से बचें
सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन कुछ सब्जियां गैस बनाने के लिए जानी जाती हैं. अगर आपको बार-बार गैस की दिक्कत होती है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बीन्स, कुछ दालें, ब्रोकली, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी सब्जियों का सेवन करने से बचना चाहिए. इन चीजों में फाइबर और गैस पैदा करने वाले तत्व ज्यादा होते हैं, जो पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं.
छोटे-छोटे मील लें
अक्सर लोग दिन में केवल तीन बड़े मील लेते हैं, जिससे पेट पर दबाव बढ़ जाता है और गैस की समस्या हो सकती है. इसकी जगह अगर आप दिनभर में छोटे-छोटे मील लेते हैं तो यह आपके पाचन के लिए ज्यादा अच्छा होगा. छोटे मील लेने से खाना आसानी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा हमेशा ध्यान रखें कि खाना अच्छी तरह चबाकर खाएं. जल्दी-जल्दी खाने से खाना ठीक से नहीं पचता और गैस बनने की संभावना बढ़ जाती है.
शारीरिक गतिविधि है जरूरी
गैस की समस्या से बचने का एक और आसान तरीका है रोज़ाना शारीरिक रूप से एक्टिव रहना. नियमित व्यायाम या हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी, जैसे टहलना, योग करना या स्ट्रेचिंग करना, न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है. जब पाचन सही तरीके से होगा तो कब्ज और गैस की समस्या अपने आप कम हो जाएगी.
घरेलू नुस्खे जो दिला सकते हैं राहत
कुछ घरेलू उपाय भी गैस की समस्या से राहत पाने में कारगर होते हैं.
किन आदतों से बचें
गैस की समस्या को कंट्रोल करने के लिए कुछ आदतों को बदलना भी जरूरी है. जैसे–
धूम्रपान और शराब जैसी आदतें भी गैस और एसिडिटी को बढ़ा सकती हैं, इसलिए इन्हें छोड़ना ही बेहतर है.
कब करें डॉक्टर से संपर्क
हालांकि गैस एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहती है और इसके साथ तेज पेट दर्द, खून की उल्टी, वजन घटना या बार-बार कब्ज जैसी समस्याएं हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
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Health News: अगर आपके पैरों में बार-बार सुई चुभने जैसी सनसनी या झनझनाहट महसूस होती है, तो इसे हल्के में न लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह लक्षण सिर्फ सामान्य थकान नहीं, बल्कि किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
पैर में झनझनाहट की सबसे आम वजह लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना या पैर दबा कर बैठना होता है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और रक्त संचार प्रभावित होता है। हालांकि लगातार झनझनाहट रहना कई बार डायबिटीज, विटामिन B12 की कमी, या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटिक न्यूरोपैथी, साइयाटिका, या थायरॉइड संबंधी गड़बड़ियों के मरीजों में यह लक्षण आम है। साथ ही अत्यधिक शराब और धूम्रपान करने वालों में भी नसों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है जिससे झनझनाहट हो सकती है।
लक्षणों में पैरों में सुन्नपन, जलन, चलने में परेशानी और कमजोरी शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि यह समस्या अक्सर हो रही है, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
उपचार के तौर पर संतुलित आहार, विटामिन B12 युक्त भोजन (जैसे अंडा, दूध, पत्तेदार सब्ज़ियां), और नियमित व्यायाम को जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह एक बढ़ती हुई आम समस्या बनती जा रही है, जिसे नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर रूप ले सकता है।
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Vastu Shastra Tips for Home: वास्तु शास्त्र हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में बैलेंस और पॉजिटिविटी लाता है. इस शास्त्र के अनुसार, हमारे घरों और ज़िंदगी में छोटी-छोटी चीज़ें भी अहम भूमिका निभाती हैं. कभी-कभी, गलती से हमारे हाथ से कुछ गिर जाना वास्तु के नज़रिए से एक बड़ा संकेत होता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपके हाथ से कुछ चीज़ें गिरना आपकी ज़िंदगी में आने वाली परेशानियों और चुनौतियों का संकेत देता है.
दूध: वास्तु शास्त्र में हाथ से दूध गिरना अशुभ माना जाता है. दूध को ज़िंदगी में खुशहाली और धन का प्रतीक माना जाता है. अगर आपके हाथ से दूध गिर जाए, तो इसका मतलब है कि आपको जल्द ही पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यह संकेत हमें पैसे के मामलों में सावधानी बरतने की याद दिलाता है.
काली मिर्च: काली मिर्च न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसे ज़िंदगी से नेगेटिव एनर्जी दूर करने वाली भी माना जाता है. अगर काली मिर्च आपके हाथ से गिरती या बिखरती है, तो इसका मतलब है कि आपकी ज़िंदगी में नेगेटिविटी और स्ट्रेस बढ़ सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसे समय में अपने घर को साफ़ रखना और पॉजिटिव सोच बनाए रखना बहुत ज़रूरी है.
खाना: खाना गिरना भी एक अशुभ संकेत माना जाता है. चाहे आप खाना खा रहे हों या किसी और को परोस रहे हों, उसका गिरना मतलब है कि गरीबी या मुश्किल आने वाली है. इससे आपके घर की शांति और खुशी पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए, वास्तु के अनुसार, ध्यान से खाना और खाने की चीज़ों का सम्मान करना बहुत ज़रूरी है.
नमक: वास्तु में नमक का गिरना भी बहुत अशुभ माना जाता है. नमक को जीवन में स्थिरता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. अगर यह आपके हाथ से गिर जाए, तो इसका मतलब है कि गंभीर समस्याएँ आने वाली हैं. ऐसे समय में, संयम बरतना और सोच-समझकर फ़ैसले लेना ज़रूरी है.