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क्या ब्लैक एग्स सफेद अंडों से बेहतर हैं? जानिए एक्सपर्ट की राय

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फाइल फोटो

आजकल लोग अपनी डाइट और फिटनेस को लेकर बहुत सजग हो गए हैं. इसी में अंडे सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले हेल्दी फूड्स में से एक हैं. अब सफेद और भूरे अंडों के साथ-साथ काले अंडे (ब्लैक एग्स) भी चर्चा में हैं. ये अंडे दिखने में अलग होते हैं. इनका छिलका काला होता है और अंदर का रंग भी थोड़ा गहरा.

काले अंडे क्या हैं?

काले अंडे कड़कनाथ मुर्गी के होते हैं, जो भारत की एक खास नस्ल है. इसका मीट, पंख और अंडे सभी गहरे रंग के होते हैं. ये मुर्गियां ज़्यादातर मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में पाई जाती हैं. इनके अंडे स्वादिष्ट, लो-फैट और हाई-प्रोटीन माने जाते हैं, इसलिए फिटनेस लवर्स इन्हें खूब पसंद करते हैं.

पोषण तुलना (100 ग्राम में)

अंडे का प्रकार प्रोटीन फैट कोलेस्ट्रॉल
कड़कनाथ (काला) 15.6 ग्राम 1 ग्राम 180 मिलीग्राम
सामान्य (सफेद) 6.6 ग्राम 5.8 ग्राम 372 मिलीग्राम

कड़कनाथ अंडों में लगभग दोगुना प्रोटीन होता है, जबकि फैट और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है.

 सेहत के फायदे

  • इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियों से बचाव होता है.

  • मसल्स मजबूत करते हैं, खासकर जिम जाने वालों के लिए फायदेमंद हैं.

  • दिल के लिए अच्छे हैं, क्योंकि इनमें वसा और कोलेस्ट्रॉल कम है.

  • डाइजेशन सुधारते हैं, जिससे शरीर को पोषण आसानी से मिलता है.

  • इनमें मौजूद ग्लूटामिक एसिड स्वाद को और लाजवाब बनाता है.

कौन बेहतर है?

सफेद और काले दोनों अंडे फायदेमंद हैं, लेकिन पोषण के मामले में काले अंडे आगे हैं. इनमें ज़्यादा प्रोटीन, कम फैट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. हालांकि, ये महंगे होते हैं और हर जगह आसानी से नहीं मिलते, अगर आप रोजाना के लिए सस्ता और हेल्दी विकल्प चाहते हैं, तो सफेद अंडे भी बेहतरीन विकल्प हैं.


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Written by: Taushif

04 Nov 2025  ·  Published: 22:04 IST

दिनभर खुश और फोकस्ड रहना चाहते हैं? अपनाइए आर्थर ब्रूक्स की मॉर्निंग आदतें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

Harvard Morning Routine: हमारी सुबह की शुरुआत सिर्फ मूड पर ही नहीं, बल्कि दिनभर की एनर्जी, क्रिएटिविटी और फोकस पर भी असर डालती है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आर्थर ब्रूक्स ने ऐसा मॉर्निंग रूटीन तैयार किया है, जो उन्हें पूरे दिन एनर्जेटिक, पॉजिटिव और खुश रखता है. आइए जानते हैं उनका पूरा रूटीन...

सूर्योदय से पहले उठना
ब्रूक्स रोज़ाना सुबह 4:30 बजे उठते हैं. उनका मानना है कि जल्दी उठने से दिमाग शांत रहता है और दिन की शुरुआत फोकस के साथ होती है. कई रिसर्च में भी यह साबित हुआ है कि सुबह जल्दी उठने वाले लोग ज़्यादा क्रिएटिव और आत्मविश्वासी होते हैं.

हर दिन एक्सरसाइज
ब्रूक्स उठने के करीब 15 मिनट बाद अपने घर के जिम में एक घंटे की एक्सरसाइज करते हैं. इसमें कार्डियो और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग दोनों शामिल होते हैं. वह कहते हैं, “मैं हफ्ते के सातों दिन एक्सरसाइज करता हूं. इससे मेरा मूड अच्छा रहता है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है.”

मेडिटेशन या जर्नलिंग
हर दिन वे एनालिटिकल मेडिटेशन करते हैं, जो दलाई लामा से प्रेरित है. कभी वे चर्च में जाकर ध्यान लगाते हैं या कार में बैठकर कैथोलिक मेडिटेशन करते हैं. उनका कहना है कि यह उन्हें आत्मा से जोड़ता है और मन को शांत रखता है. जो लोग ध्यान नहीं कर पाते, वे 20-30 मिनट जर्नलिंग करके भी मन की शांति पा सकते हैं.

हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर नाश्ता
ब्रूक्स सुबह के नाश्ते में करीब 60 ग्राम प्रोटीन लेते हैं. वे ग्रीक योगर्ट, व्हे प्रोटीन, अखरोट और बेरीज का मिश्रण खाते हैं. इससे उनका पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वे दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं.

सुबह के वक्त फोकस्ड वर्क
ब्रूक्स अपनी सुबह की एनर्जी सोशल मीडिया पर बर्बाद नहीं करते. इसके बजाय, वे इस वक्त को अपने सबसे क्रिएटिव और गहन काम में लगाते हैं. उनका कहना है, “सुबह के दो घंटे मेरा सबसे प्रोडक्टिव टाइम होता है.”

अपना रूटीन खुद बनाएं
वे कहते हैं कि हर व्यक्ति का मॉर्निंग रूटीन अलग होता है. किसी को एक्सरसाइज, किसी को मेडिटेशन या राइटिंग सूट करती है. ज़रूरी यह है कि आप एक स्थिर और अनुशासित शुरुआत करें, जिससे दिनभर पॉजिटिविटी बनी रहे.


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Written by: Taushif

25 Oct 2025  ·  Published: 19:12 IST

खाली पेट चुकंदर का जूस पीना सही या गलत? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सच्चा असर

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फाइल फोटो

चुकंदर को हेल्थ और स्किन दोनों के लिए सुपरफूड माना जाता है. यही वजह है कि आजकल कई लोग सुबह खाली पेट Beetroot Juice पीकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. कहा जाता है कि इससे स्टैमिना बढ़ता है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. लेकिन क्या खाली पेट इसे पीना सभी के लिए फायदेमंद है? इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट राशी चहल ने एक इंटरव्यू में दिया.

खाली पेट चुकंदर का जूस पीने के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, अगर आपका पाचन ठीक है तो खाली पेट चुकंदर का जूस पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है.

आयरन और विटामिन का बेहतर अवशोषण: खाली पेट पीने पर शरीर बीटरूट में मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स को जल्दी और बेहतर तरीके से अवशोषित करता है.

  1. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है: बीटरूट जूस में नाइट्रेट्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नैचुरल तरीके से नियंत्रित करते हैं.

  2. ब्लड फ्लो बढ़ाता है: यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है.

  3. वर्कआउट में मददगार: वर्कआउट से पहले पीने पर यह मसल्स तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाता है और थकान कम करता है.

  4. पाचन में सुधार: इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है और आंतों की सेहत सुधारता है.

न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि इसे सुबह नाश्ते से करीब 30 मिनट पहले या वर्कआउट से पहले नींबू का रस मिलाकर पिएं, इससे असर दोगुना हो जाता है.

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है, खासकर जिन लोगों को पेट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें इसे खाली पेट नहीं पीना चाहिए.

  1. गैस या ब्लोटिंग: फाइबर की ज्यादा मात्रा कुछ लोगों के लिए पाचन में परेशानी, गैस या एसिडिटी का कारण बन सकती है.

  2. किडनी स्टोन का खतरा: चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकती है.

  3. एसिड रिफ्लक्स: ज्यादा मात्रा में पीने से पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है.

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
राशी चहल कहती हैं कि खाली पेट बीटरूट जूस पीना फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा में. अगर आपको लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन या पेट की समस्या है, तो इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न पिएं. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि चुकंदर का जूस अन्य फूड्स के साथ मिलाकर पिया जाए.


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Written by: Taushif

14 Oct 2025  ·  Published: 10:45 IST

धूल-मिट्टी से भर चुके पर्दे होंगे चकाचक, जानिए आसान सफाई टिप्स

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फाइल फोटो

Curtain Cleaning Tips: अक्सर घर की खिड़कियों और दरवाजों पर लगे पर्दे सबसे ज्यादा गंदगी सोखते हैं. धूल, मैल और नमी की वजह से ये जल्दी फीके और पुराने दिखने लगते हैं. खासतौर पर प्लास्टिक, कॉटन, सिल्क या अन्य फैब्रिक के पर्दों को साफ करना लोगों को मुश्किल लगता है. अगर इन्हें सही तरीके से साफ और सुखाया न जाए तो ये भद्दे दिखते हैं और कपड़ा भी खराब हो सकता है. लेकिन कुछ आसान उपायों से बिना ज्यादा मेहनत के पर्दों को साफ कर इन्हें नया जैसा चमकदार बनाया जा सकता है.

पर्दे धोने के आसान तरीके
पर्दों को धोने से पहले उन्हें रातभर हल्के डिटर्जेंट वाले पानी में भिगोकर छोड़ दें. इससे पर्दों पर जमा मैल नर्म हो जाएगा और वे आसानी से साफ हो जाएंगे. अगली सुबह इन्हें वॉशिंग मशीन के डेलिकेट मोड पर ठंडे पानी से धोएं. हल्के डिटर्जेंट का ही इस्तेमाल करें ताकि कपड़े का रंग खराब न हो.

रेशम या किसी नाजुक कपड़े के पर्दों को मशीन में न धोएं. इन्हें ठंडे पानी में हल्के डिटर्जेंट के साथ भिगोकर एक से दो घंटे रखें. बाद में हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें और हल्की धूप या हवा वाली जगह पर सुखाएं. धुलाई से पहले पर्दों को उतारकर खुले स्थान पर अच्छी तरह झाड़ लें. इससे सतह पर जमा धूल निकल जाएगी और धोना आसान होगा. वैकल्पिक रूप से आप वैक्यूम क्लीनर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर पर्दों को हटाना संभव न हो, तो सॉफ्ट ब्रश अटैचमेंट वाले वैक्यूम क्लीनर से हल्के-हल्के साफ करें. यह तरीका पर्दों पर जमा ऊपरी धूल और गंदगी को हटाने में कारगर है.

सुखाने में बरतें सावधानी
पर्दों को हमेशा सीधी धूप में डालने से बचें. उन्हें छाया या हल्की धूप में ही सुखाएं. सीधी धूप पर्दों के रंग को फीका कर सकती है और कपड़े की मजबूती भी घटा सकती है. इन छोटे-छोटे टिप्स को अपनाकर आप बिना ज्यादा मेहनत किए अपने पर्दों को लंबे समय तक नया, साफ-सुथरा और आकर्षक बनाए रख सकते हैं.


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Written by: Taushif

28 Sep 2025  ·  Published: 01:36 IST