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Diabetes diet plan: मधुमेह में दवा लेने के साथ-साथ खाने का सही संतुलन भी बहुत जरूरी है. खाने का सही अनुपात होने पर ब्लड शुगर स्थिर रहता है और वजन भी नियंत्रित रहता है. इसी संतुलन को बनाए रखने का आसान तरीका 'प्लेट फॉर्मूला' है. इसमें थाली को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें आधा हिस्सा सब्जियों का, चौथाई प्रोटीन का और चौथाई मिलेट्स या कार्ब्स का होता है. यह तरीका इंसुलिन स्पाइक को कम करता है और शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है.
सब्जियों का हिस्सा थाली का सबसे बड़ा होता है. सब्जियों में फाइबर भरपूर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है. करेले, लौकी, मेथी, पालक, ब्रोकली, खीरा, गाजर जैसी सब्जियां सबसे बेहतर हैं. कच्ची और पकी दोनों शामिल की जा सकती हैं. प्रोटीन थाली का चौथाई हिस्सा होना चाहिए. प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, मसल्स को मजबूत रखता है और भूख को नियंत्रित करता है. दालें, उड़द-मूंग, घर का बना पनीर, अंकुरित दालें, अंडा या चिकन अच्छे विकल्प हैं.
बाकी चौथाई मिलेट्स या लो-कार्बोहाइड्रेट का होता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कांगनी या ब्राउन राइस जैसे मिलेट्स शुगर को धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को स्थिर ऊर्जा देते हैं. मिलेट रोटी, खिचड़ी और उपमा बढ़िया विकल्प हैं. प्लेट फॉर्मूला को अपनाना आसान है. थाली को आधा सब्जियों से, चौथाई प्रोटीन से और बाकी मिलेट्स से भरें. खाने के साथ पानी कम लें और धीरे-धीरे खाएं. आयुर्वेद कहता है कि खाने का चित्त और मानसिक स्थिति भी स्वास्थ्य पर असर डालती है.
थाली को रंगीन बनाएं, हर भोजन में कम से कम 2-3 सब्जियां लें, सलाद खाने से पहले खाएं, रात का भोजन हल्का रखें और तेल, नमक व प्रोसेस्ड फूड कम करें. दिन में 20-30 मिनट वॉक और तनाव कम करना भी जरूरी है क्योंकि तनाव ब्लड शुगर बढ़ा सकता है. यह केवल सामान्य जानकारी है. किसी भी आयुर्वेदिक दवा या फॉर्मूला को अपनाने से पहले योग्य वैद्य से सलाह जरूर लें.
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Karwa Chauth 2025 Beauty Tips: करवाचौथ का त्योहार हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं. हर महिला चाहती है कि इस खास मौके पर उसका चेहरा चांद की तरह दमकता हुआ नजर आए. इस साल करवाचौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. अगर आप भी इस दिन परफेक्ट ग्लो पाना चाहती हैं, तो घर पर ही कुछ आसान नुस्खे अपनाकर अपनी स्किन को खूबसूरत बना सकती हैं.
1. हल्दी और दूध का फेस मास्क
हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. दूध स्किन को हाइड्रेट करता है. 1 चम्मच हल्दी और 2 चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरे पर 10–15 मिनट लगाकर छोड़ दें. गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देगा और व्रत के दौरान आने वाली ड्राइनेस कम करेगा.
2. नींबू और शहद का टोनर
नींबू स्किन को ब्राइट करता है और शहद मॉइस्चराइजिंग का काम करता है. 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएं. हल्के हाथ से चेहरे पर लगाएं और 5–10 मिनट बाद धो लें. इससे त्वचा पर फ्रेशनेस और निखार आता है.
3. ओटमील स्क्रब
यह डेड स्किन हटाकर त्वचा को मुलायम बनाता है. 2 चम्मच ओट्स, 1 चम्मच दही और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे पर हल्के हाथों से 5–7 मिनट मसाज करें और धो लें. यह स्किन को स्मूद बनाता है और मेकअप भी अच्छे से बैठता है.
4. नारियल तेल से मसाज
अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है तो व्रत से एक दिन पहले या उसी दिन नारियल तेल से चेहरे की मसाज करें. 5–10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. रोज रात को सोने से पहले भी नारियल तेल लगाकर सो सकती हैं. यह स्किन को हाइड्रेट और मुलायम रखेगा.
5. पानी पिएं और हाइड्रेट रहें
करवाचौथ के दिन महिलाएं पानी नहीं पीतीं, इसलिए व्रत से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. यह न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि त्वचा को भी हाइड्रेटेड रखता है और ड्राइनेस को रोकता है.
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Weight Loss Foods: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मोटापा एक आम समस्या बन गई है. सिर्फ दिखने में फर्क नहीं पड़ता, बल्कि बढ़ा हुआ वजन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की समस्या आदि. ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी डाइट और दिनचर्या पर ध्यान दें. वजन घटाने के लिए सबसे पहले हमें अपने खाने की आदतों को सुधारना चाहिए. कुछ फूड्स ऐसे होते हैं, जो कम कैलोरी वाले होते हैं लेकिन हमारे शरीर को भरपूर पोषण देते हैं और भूख भी लंबे समय तक नहीं लगने देते. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ हेल्दी फूड्स के बारे में.
1. अवोकाडो
अवोकाडो भले ही थोड़ा ज्यादा कैलोरी वाला फल हो, लेकिन इसमें मौजूद हेल्दी फैट और फाइबर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसे खाने के बाद पेट काफी देर तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और जंक फूड खाने का मन नहीं करता.
2. बेरीज
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे फल स्वाद में तो अच्छे लगते ही हैं, साथ ही इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कैलोरी कम. इन फलों को खाने से मीठा खाने की तलब भी शांत होती है और पेट भी भरा हुआ लगता है.
3. ओट्स
ओट्स को ब्रेकफास्ट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. इसमें घुलनशील फाइबर होता है जो पेट में जाकर पानी के साथ मिलकर जेल जैसा बनता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और खाने की इच्छा कम होती है.
4. दालें और चना
दालें, चने और बीन्स में प्रोटीन और फाइबर भरपूर होते हैं. ये धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है. साथ ही ये ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करते हैं, जिससे ज्यादा खाने का मन नहीं करता.
5. अंडे
अंडे में मौजूद प्रोटीन शरीर को मजबूत बनाता है और भूख को भी कंट्रोल करता है. अगर आप दिन की शुरुआत उबले अंडे या ऑमलेट से करें, तो काफी देर तक भूख नहीं लगती और शरीर में एनर्जी बनी रहती है.
6. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, बल्कि इनकी कैलोरी भी बेहद कम होती है. ये पेट को भरा रखती हैं और वजन कम करने में मदद करती हैं.
नोट:- वजन घटाने के लिए आपको भूखे रहने की जरूरत नहीं है, बस समझदारी से सही चीजें चुननी हैं. ऊपर बताए गए फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर लें, और साथ ही नियमित व्यायाम करें. इससे न सिर्फ वजन घटेगा, बल्कि आप अंदर से भी स्वस्थ और खुश महसूस करेंगे.
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Ayurveda Weight Loss Tips: वज़न कम करना कोई झटपट उपाय नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर पाचन अग्नि को बैलेंस करने का एक नेचुरल प्रोसेस है. आयुर्वेद कहता है कि मोटापा तब बढ़ता है जब हमारी पाचन अग्नि कमज़ोर हो जाती है और खाना ठीक से नहीं पचता. ऐसे मामलों में शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, जो बाद में फैट के रूप में जमा हो जाते हैं, जिससे वज़न बढ़ता है. इसलिए, असली समाधान पाचन अग्नि को ठीक करना, रोज़ाना के रूटीन को बैलेंस करना और खाने की आदतों में सुधार करना है.
चरक संहिता में भी साफ तौर पर कहा गया है कि ज़्यादा मीठा खाना, आलस, ज़्यादा सोना और अनियमित लाइफस्टाइल से मेदा (फैट) बढ़ता है. मोटापा किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई छोटी-छोटी बुरी आदतों से होता है, जैसे दिन भर लगातार स्नैकिंग करना, रात को देर तक जागना, कोल्ड ड्रिंक्स पीना, बैठे रहना और बहुत ज़्यादा स्ट्रेस लेना.
वज़न कम करने के लिए, सबसे पहले, सुबह खाली पेट गुनगुना पानी नींबू के साथ पीने से डाइजेशन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस होता है. रात को त्रिफला लेने से पुराने टॉक्सिन्स खत्म होते हैं और पाचन अग्नि मज़बूत होती है. अपनी डाइट में हल्दी, काली मिर्च और अदरक जैसे गर्म मसाले शामिल करना फायदेमंद होता है. आयुर्वेद रोज़ाना 30 मिनट पैदल चलना, पेट आधा भरने तक खाना और बैलेंस्ड फास्टिंग को वज़न कम करने के लिए गोल्डन रूल्स मानता है. डाइट के बारे में बात करें तो, सुबह दलिया या जौ का पानी पिएं, लंच में मूंग दाल और सब्ज़ियों जैसा हल्का खाना खाएं, और रात का खाना बहुत हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले.
कुछ आसान उपाय जो पाचन अग्नि को बढ़ाते हैं उनमें खाने से पहले थोड़ा अदरक और नमक, दिन में एक बार जीरा, धनिया और सौंफ का काढ़ा, सुबह आंवला या एलोवेरा का जूस, शहद के साथ पिप्पली, और नींबू अदरक की चाय शामिल हैं. ये शरीर को अंदर से हल्का करते हैं और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाते हैं. जल्दी उठना, योग और प्राणायाम करना, स्क्रीन टाइम कम करना और 7-8 घंटे की नींद लेना एक हेल्दी रूटीन के लिए ज़रूरी है.
सूर्य नमस्कार, कपालभाति, भस्त्रिका और पेट के योग आसन फैट कम करने में तेज़ी से मदद करते हैं. हफ्ते में एक बार हल्का डिटॉक्स डे रखना, जैसे सिर्फ सूप, फल या नारियल पानी पीना, शरीर को रीसेट करने में मदद करता है, हालांकि बहुत ज़्यादा स्ट्रिक्ट डाइटिंग फायदे से ज़्यादा नुकसान कर सकती है.