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फेस्टिव लुक में चार चांद लगाएं! दिवाली पर अपनाएं ये स्टाइलिश आउटफिट और मेकअप आइडियाज

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फाइल फोटो

Diwali Fashion Tips: दिवाली रोशनी, रंगों और खुशियों का त्योहार है. इस दिन हर कोई अपने घर को सजाता है, लेकिन अपने लुक को निखारना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इस दिवाली सबसे अलग और स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो ये कुछ आसान फैशन और ब्यूटी टिप्स आपके लिए हैं.

पारंपरिक लुक में दें मॉर्डन टच
दिवाली जैसे मौके पर एथनिक लुक तो बनता है, लेकिन उसे थोड़ा मॉर्डन ट्विस्ट दें. भारी लहंगे या साड़ी की जगह एम्ब्रॉयडरी वाली कुर्ती को स्कर्ट या पलाजो के साथ पहनें. इससे आपको स्टाइलिश और कंफर्टेबल दोनों लुक मिलेगा.

मेकअप रखें ग्लोइंग और बैलेंस्ड
फेस्टिव लुक के लिए ग्लॉसी और ग्लोइंग मेकअप परफेक्ट रहता है. ध्यान रखें कि मेकअप में बैलेंस जरूरी है — अगर आंखों का मेकअप शिमरी है तो लिपस्टिक हल्के रंग की रखें, और अगर लिपस्टिक डार्क है तो आई मेकअप लाइट रखें. अपने स्किन टोन से मैच करता हुआ फाउंडेशन या बीबी क्रीम लगाएं. चेहरे पर हल्का हाईलाइटर और ब्लश जरूर लगाएं ताकि नैचुरल ग्लो दिखे. साथ ही वॉटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें.

हेयरस्टाइल से बढ़ाएं चार्म
बाल आपके लुक को पूरी तरह बदल सकते हैं. अगर खुले बाल पसंद हैं तो सॉफ्ट वेव्स या हल्के कर्ल्स ट्राय करें. वहीं, अगर बन बनाना चाहती हैं तो लो बन, मेसी बन या फिशटेल चोटी एकदम परफेक्ट रहेंगी. बालों में गजरा या फैंसी हेयरपिन लगाकर लुक में एलीगेंस जोड़ें.

ज्वेलरी से बढ़ाएं खूबसूरती
ड्रेस के अनुसार ज्वेलरी चुनना जरूरी है. अगर आपकी ड्रेस हेवी है तो सिंपल और मिनिमल ज्वेलरी पहनें. वहीं, अगर आउटफिट लाइट है तो स्टेटमेंट नेकपीस, झुमके या माथा पट्टी पहन सकती हैं. ये आपके पूरे लुक को फेस्टिव टच देंगे.

मैचिंग बैग रखना न भूलें
अपनी ड्रेस से मैच करता पोटली बैग या क्लच कैरी करें. इससे लुक और भी स्टाइलिश लगेगा और फोन, लिपस्टिक जैसी जरूरी चीजें आसानी से रखी जा सकेंगी.


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Written by: Taushif

20 Oct 2025  ·  Published: 11:30 IST

किडनी सिस्ट बढ़ने से पहले पहचानें संकेत, अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय

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Kidney Cyst Symptoms: बहुत से लोग किडनी सिस्ट से परेशान रहते हैं. ये छोटी, फ्लूइड से भरी थैलियां होती हैं. ज़्यादातर मामलों में ये हानिरहित होती हैं, लेकिन समस्या तब होती है जब सिस्ट का आकार बढ़ने लगता है, जिससे पेट या पीठ के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब करते समय जलन, बार-बार इन्फेक्शन या ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार, किडनी सिस्ट बनने का कारण शरीर में रुकावटें, कफ का जमा होना और लाइफस्टाइल में असंतुलन है. कई मामलों में शुरुआती स्टेज में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर और कुछ पारंपरिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके राहत मिल सकती है, हालांकि कोई भी उपाय आज़माने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है.

किडनी सिस्ट के कारण अक्सर हमारी रोज़ाना की आदतों में छिपे होते हैं, जैसे कम पानी पीना, रात को देर तक जागना, ज़्यादा नमक या मसालेदार खाना खाना, मीठा खाने की आदत, शरीर में सूजन बढ़ना, कब्ज़ या पाचन धीमा होना. ये छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे किडनी पर असर डालती हैं.

आयुर्वेद कुछ पारंपरिक उपाय बताता है, जिसमें गोक्षुर और एलोवेरा जूस का मिश्रण, वरुण चूर्ण, गिलोय सत्व, खीरा, पुदीना और धनिया से बना पानी, पुनर्नवा और अश्मभेद का काढ़ा, रात भर भिगोए हुए किशमिश, हल्का लौकी का पानी और रात को त्रिफला लेना शामिल है. कई लोग सूजन कम करने, हल्का महसूस करने और पाचन को संतुलित रखने के लिए इन उपायों का इस्तेमाल करते हैं.

इसी तरह, मत्स्यासन, भुजंगासन और मकरासन जैसे हल्के योगासन किडनी के एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. कुछ लोग सुबह तांबे के बर्तन में रखा पानी भी पीते हैं, जिसे पारंपरिक रूप से पाचन और सफाई के लिए फायदेमंद माना जाता है. किडनी सिस्ट वाले लोगों को भारी, ज़्यादा नमकीन या प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करना चाहिए.

आयुर्वेदिक नज़रिए से लौकी, खीरा, नारियल पानी, गाजर और हल्की दालें जैसे हल्के और पानी वाले खाद्य पदार्थ बेहतर माने जाते हैं. साथ ही, 7-8 गिलास पानी पीना, समय पर सोना, नमक का सेवन सीमित करना, रोज़ 30 मिनट चलना और अपनी क्षमता के अनुसार प्रोटीन का सेवन करना फायदेमंद होता है.


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Written by: Taushif

06 Dec 2025  ·  Published: 11:10 IST

फोन-लैपटॉप की वजह से सूजी आंखों से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान नुस्खे

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आजकल की डिजिटल जीवनशैली में दिन भर फ़ोन और लैपटॉप का इस्तेमाल आम बात हो गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका आपकी आंखों पर कितना असर पड़ता है? स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों पर तनाव बढ़ाती है. नतीजा आंखों के नीचे सूजन और पफीनेस के रूप में सामने आता है.

आंखों में सूजन सिर्फ़ स्क्रीन की वजह से ही नहीं होती-नींद की कमी, ज़्यादा नमक वाला खाना, एलर्जी, हार्मोनल बदलाव या रोना भी इसके कारण हो सकते हैं. आंखों के आसपास तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे ऊतकों में सूजन आ जाती है और चेहरा थका हुआ दिखने लगता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस समस्या को कम किया जा सकता है.

1. DIY एंटी-पफ सीरम
1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल लें, उसमें विटामिन E की 2 बूंदें और लैवेंडर या गुलाब के एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिलाएं. रात को सोने से पहले आंखों के नीचे हल्के हाथों से लगाएं.

2. कैमोमाइल टी बैग से सिकाई
दो कैमोमाइल टी बैग्स को गर्म पानी में भिगोएं और फ्रिज में ठंडा होने दें. फिर इसे 10 मिनट तक आंखों पर रखें. इससे सूजन कम होगी और आंखों को आराम मिलेगा.

3. गुनगुना नमक का पानी
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच समुद्री नमक मिलाएं. रुई भिगोकर आंखों के नीचे 5-10 मिनट तक रखें. यह उपाय अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने में मदद करता है, लेकिन ध्यान रखें कि यह सीधे आंखों में न जाए.

4. एलोवेरा और विच हेज़ल जेल
एक चम्मच एलोवेरा जेल में विच हेज़ल की 2-3 बूंदें मिलाकर आंखों के नीचे लगाएं. यह त्वचा में कसाव लाता है और सूजन कम करता है.

5. मालिश से जलनिकासी करें
नारियल या लैवेंडर के तेल से आंखों की अंदर से बाहर की ओर धीरे से मालिश करें. इससे लसीका जल निकासी में सुधार होता है और सूजन कम होती है.


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Written by: Taushif

02 Aug 2025  ·  Published: 19:09 IST

सर्दियों में पाचन मजबूत कैसे रखें? आयुर्वेद से जानें आसान टिप्स

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Winter Digestion Problems: सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडक, आलस और गरमागरम खाने का मजा जरूर लाता है, लेकिन इसी मौसम में पाचन से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंड के कारण शरीर की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, जिससे चयापचय (मेटाबॉलिज्म) प्रभावित होता है और पाचन अग्नि असंतुलित हो सकती है. इसका सीधा असर पेट पर पड़ता है और गैस, कब्ज, सीने में जलन, भारीपन और भूख न लगने जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं.

आयुर्वेद का मानना है कि सर्दियों में शरीर की पाचन अग्नि वैसे तो तेज होती है, लेकिन अगर खानपान गलत हो जाए तो यही अग्नि कमजोर भी पड़ जाती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मौसम में वात और कफ दोनों दोष बढ़ जाते हैं. वात बढ़ने से गैस, पेट दर्द और कब्ज की समस्या होती है, जबकि कफ बढ़ने से पेट भारी रहना, अपच और सुस्ती बढ़ जाती है. अगर अग्नि मंद पड़ जाए, तो शरीर में ‘आमा’ बनने लगता है, जिससे थकान बढ़ती है और इम्युनिटी भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है.

सर्दियों में पेट खराब होने के सामान्य लक्षणों में भूख कम लगना, खट्टी डकारें, पेट कड़ा महसूस होना, खाना खाने के बाद सुस्ती या नींद-सी आना शामिल हैं. ऐसे में खानपान को समझदारी से चुनना बेहद जरूरी हो जाता है. इस मौसम में हल्का, गरम और आसानी से पचने वाला भोजन सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. अदरक, काली मिर्च, जीरा, अजवायन और हल्दी पाचन को मजबूत बनाते हैं और गैस की समस्या को कम करते हैं.

विशेषज्ञों की सलाह है कि ठंड के मौसम में ठंडा पानी, फ्रिज का खाना, रात में दही, बहुत मीठा या तला-भुना भोजन जितना हो सके कम करें. चाय-कॉफी की जगह गरम पानी या हर्बल टी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है.

घरेलू उपायों पर भरोसा करने से भी काफी राहत मिलती है. सुबह खाली पेट अदरक और काली मिर्च वाला गुनगुना पानी पीना, भोजन के बाद सौंफ चबाना, अजवायन और काले नमक का पानी लेना गैस और अपच में तुरंत राहत देता है. अगर पेट में ज्यादा गैस बनती हो तो हिंग वाला गुनगुना पानी आराम पहुंचाता है.

इसके साथ ही योग और हल्की एक्सरसाइज को भी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है. रोज सुबह कपालभाति और खाने के बाद 10 मिनट टहलना पाचन को मजबूत रखने का सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है.
 


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Written by: Taushif

27 Nov 2025  ·  Published: 21:53 IST