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Strong Bones: हड्डियां हमारे शरीर की आधारशिला होती हैं। ये न केवल हमारे शरीर को आकार और सहारा देती हैं, बल्कि हमारे महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती हैं. इसलिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना हर उम्र में ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अच्छी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इन्हें मजबूत रखा जा सकता है.
1. कैल्शियम से भरपूर आहार अपनाएं
कैल्शियम हड्डियों की संरचना का प्रमुख हिस्सा है. यह हड्डियों के विकास और उन्हें मजबूत बनाए रखने में बेहद सहायक होता है. दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), फोर्टिफाइड अनाज, सोया उत्पाद और छोटी हड्डी वाली मछलियों में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. रोजाना कैल्शियम युक्त आहार लेने से हड्डियों का घनत्व बेहतर बना रहता है और टूटने की संभावना कम हो जाती है.
2. विटामिन D की कमी न होने दें
विटामिन D, कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. अगर शरीर में इसकी कमी हो, तो चाहे कैल्शियम जितना भी ले लिया जाए, उसका असर नहीं दिखेगा. विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है. इसके अलावा अंडे की ज़र्दी, फेटी फिश (जैसे साल्मन, टूना) और फोर्टिफाइड दूध/अनाज में भी यह पोषक तत्व मिलता है.
3. अन्य ज़रूरी पोषक तत्व
हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम और विटामिन D ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, विटामिन K और प्रोटीन भी ज़रूरी हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों की मजबूती बढ़ाने, उनके निर्माण और मरम्मत में मदद करते हैं. नट्स, बीज, साबुत अनाज और हरी सब्जियां इनका अच्छा स्रोत हैं.
4. नियमित एक्सरसाइज करें
व्यायाम न केवल हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ाता है. रोजाना वॉक करना, सीढ़ियां चढ़ना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डांस, टेनिस और बास्केटबॉल जैसे एक्टिविटीज़ हड्डियों पर सही दबाव डालती हैं, जिससे उनमें मजबूती आती है. वेट-बेयरिंग और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज मांसपेशियों को भी मजबूत करती हैं, जिससे हड्डियों पर तनाव कम होता है.
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Vitamin D Overdose: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसे अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, क्योंकि इसकी मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है. जब हमारी त्वचा सूरज की किरणों के संपर्क में आती है तो शरीर खुद विटामिन D बनाता है. इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, मछली, दूध और सप्लीमेंट्स भी विटामिन D का स्रोत हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने और समग्र स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही विटामिन D अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकता है?
ब्रिटेन में बुजुर्ग की मौत ने किया सभी को हैरान
साल 2024 में ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया. यहां 89 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी और इसकी वजह डॉक्टरों ने विटामिन D का ओवरडोज़ बताया. जांच में सामने आया कि बुजुर्ग लंबे समय से ज्यादा मात्रा में विटामिन D सप्लीमेंट ले रहे थे. धीरे-धीरे उनके खून में कैल्शियम का स्तर इतना बढ़ गया कि हार्ट और किडनी ने काम करना बंद कर दिया. यह घटना साफ करती है कि “जरूरत से ज्यादा” विटामिन D हमारे शरीर के लिए किसी जहर से कम नहीं है.
आखिर कितनी मात्रा में लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स, खासकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (अब NASEM) का कहना है कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए विटामिन D की मात्रा तय है. 19 से 70 साल की उम्र वाले लोगों को रोजाना 15 माइक्रोग्राम (mcg) लेना चाहिए. 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 20 mcg विटामिन D की जरूरत होती है. लेकिन एक वयस्क इंसान को दिनभर में 100 mcg से ज्यादा विटामिन D नहीं लेना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इससे अधिक मात्रा में रोजाना इसका सेवन करता है तो वह सीधे-सीधे अपनी सेहत को खतरे में डाल रहा है. क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कुछ लोगों के लिए 100 mcg की खुराक भी खतरनाक साबित हो सकती है. यानी हर व्यक्ति के लिए इसकी सहनशीलता अलग हो सकती है.
शरीर में विटामिन D ज्यादा हो जाने पर क्या होता है?
जब शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है, तो इसे विटामिन D टॉक्सिसिटी कहा जाता है. इस स्थिति में खून में कैल्शियम का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं.
शुरुआती लक्षण:-
मिचली और उल्टी
कब्ज और पेट दर्द
भूख कम लगना
थकान और कमजोरी
गंभीर लक्षण:-
अचानक बेहोशी
किडनी की समस्या
हड्डियों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
दिल की धड़कन असामान्य होना
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है.
सबसे ज्यादा असर किन अंगों पर पड़ता है?
1. किडनी पर असर
विटामिन D का ओवरडोज़ सबसे पहले किडनी पर प्रभाव डालता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, ज्यादा विटामिन D लेने से किडनी स्टोन, नेफ्रोकेल्सिनोसिस (किडनी में कैल्शियम जमा होना) और अचानक किडनी फेल होने की समस्या हो सकती है.
2. हार्ट पर असर
किडनी के बाद इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि ब्रिटेन के बुजुर्ग की मौत में हार्ट फेलियर को भी बड़ी वजह माना गया था.
3. हड्डियों और मांसपेशियों पर असर
आमतौर पर लोग विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए लेते हैं, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत बढ़ जाती है.
कब और कैसे लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन D की खुराक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. अगर आपके शरीर में विटामिन D की कमी है, तो पहले ब्लड टेस्ट कराएं. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही इसकी दवा या सप्लीमेंट लें. बिना जांच के खुद से ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.
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ब्रिटेन के ओल्डबरी (Oldbury) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड (Tame Road) के पास 20 साल की महिला के साथ बलात्कार किया गया. पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि दो लोगों ने उस पर हमला किया.
वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय उकसावे वाला हमला” बताया है. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि हमले के दौरान हमलावरों ने नस्लवादी टिप्पणियां भी कीं. इससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ यौन हिंसा का मामला नहीं, बल्कि नस्लीय भेदभाव से जुड़ा अपराध भी है.
पुलिस इस मामले में तेजी से जांच कर रही है. चीफ सुपरिंटेंडेंट किम मैडिल ने कहा, “हम जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक सबूत और अन्य जांच तेजी से चल रही है. हम गवाहों से अपील करते हैं कि वे सामने आएं और जांच में मदद करें.”
घटना के बाद स्थानीय और प्रवासी समुदाय में गुस्सा और डर का माहौल है. यूके की सिख फेडरेशन के दबिंदरजीत सिंह ने इस हमले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा, “यह हमला व्यस्त सड़क पर, दिन के उजाले में हुआ है. यह घटना बताती है कि महिलाएं और अल्पसंख्यक किस तरह खतरे में हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को ऐसे हिंसक और नस्लवादी हमलों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए. हम इस क्रूर नस्लवादी और यौन हमले की सभी नेताओं द्वारा सार्वजनिक निंदा का इंतजार कर रहे हैं. 48 घंटे से अधिक समय हो चुके हैं और अब तक किसी बड़े नेता की प्रतिक्रिया नहीं आई है.”
दबिंदरजीत सिंह ने यह भी बताया कि पीड़ित महिला सिख समुदाय से है और उसके साथ दिनदहाड़े क्रूरता की गई. उन्होंने कहा, “यह घटना न केवल पीड़िता के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए सदमे जैसी है. सरकार और पुलिस को इसे गंभीरता से लेकर अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए.”
फिलहाल पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा और सहयोग देने का भरोसा दिया है. जांच टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में गवाहों से संपर्क कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जो भी घटना के समय वहां मौजूद था या कुछ संदिग्ध देखा है, वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे. यह मामला ब्रिटेन में नस्लीय भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते खतरे को उजागर करता है. स्थानीय संगठनों का कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.
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Fenugreek Seeds Benefits: भारतीय रसोई में मसालों का ख़ास स्थान है और मेथी दाना (Fenugreek Seeds) उनमें से एक ज़रूरी मसाला है. लगभग हर घर में यह मौजूद रहता है. इसका स्वाद कड़वा और कसैला होता है, इसलिए बहुत कम लोग इसे सीधे खाना पसंद करते हैं. लेकिन सेहत के लिहाज से यह किसी अमृत से कम नहीं है. मेथी दाना पाचन सुधारने, ब्लड शुगर नियंत्रित रखने, वजन कम करने और दिल की सेहत बनाए रखने जैसे कई बड़े फायदे देता है.
पाचन के लिए लाभकारी
मेथी के दाने आपके पेट की कई परेशानियों को दूर करने में मददगार हैं. यह गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज से राहत दिलाता है. नियमित रूप से सही मात्रा में मेथी दाना लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट की समस्याएं कम होती हैं.
ब्लड शुगर कंट्रोल
मेथी दाना डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है. इसमें घुलनशील फाइबर भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है. इस वजह से यह प्राकृतिक तरीके से शुगर लेवल कम करने का आसान उपाय माना जाता है.
वजन घटाने में मददगार
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो मेथी दाना आपके लिए उपयोगी हो सकता है. इसमें मौजूद फाइबर भूख कम लगने में मदद करता है और पेट भरा होने का अहसास कराता है. इससे आप अनावश्यक कैलोरी लेने से बचते हैं और वजन घटाने में आसानी होती है.
दिल और बालों के लिए फायदेमंद
मेथी दाना बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय रोग के खतरे को घटाने में सहायक होता है. इसके अलावा यह बालों के झड़ने और त्वचा की समस्याओं को भी कम करता है.
कैसे करें सेवन
वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए मेथी दाना लेने का तरीका बेहद आसान है. एक चम्मच मेथी दाना रातभर पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं. इससे आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होगा, भूख कम लगेगी और पाचन बेहतर रहेगा.
इस तरह मेथी दाना स्वाद में भले कड़वा हो, लेकिन स्वास्थ्य लाभों की वजह से इसे रोज़ाना के आहार में शामिल करना शरीर को कई बीमारियों से बचाने और फिट रहने में मदद कर सकता है.