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आजकल लोगों को कम उम्र में ही हड्डियों में कमज़ोरी, जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली और पौष्टिक आहार की कमी है। हड्डियों को मज़बूत बनाए रखने के लिए शरीर को कैल्शियम, विटामिन डी, मैग्नीशियम, पोटैशियम, प्रोटीन और विटामिन के जैसे पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। इन तत्वों की कमी से हड्डियाँ धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगती हैं।
1. कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाएँ
दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। ये हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए ज़रूरी हैं। इसके अलावा, टोफू भी एक अच्छा विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो डेयरी उत्पाद नहीं खाते। रोज़ाना एक गिलास दूध या एक कटोरी दही से अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिल सकता है।
2. हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ
पालक, ब्रोकली, केल और अन्य हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन के, मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर होती हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ हड्डियों के घिसाव को भी रोकते हैं।
3. वसायुक्त मछली
सार्डिन और सैल्मन जैसी मछलियों में कैल्शियम और विटामिन डी दोनों होते हैं, जो हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। सैल्मन जैसी मछलियों में, विशेष रूप से, ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होते हैं, जो हड्डियों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
4. मशरूम और धूप
कुछ प्रकार के मशरूम, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते हैं, विटामिन डी का अच्छा स्रोत होते हैं। विटामिन डी शरीर को कैल्शियम को अच्छी तरह अवशोषित करने में मदद करता है। इसके अलावा, सुबह की हल्की धूप लेना भी विटामिन डी प्राप्त करने का एक प्राकृतिक तरीका है।
5. खट्टे फल और मेवे
संतरे और नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी होता है, जो कोलेजन बनाने में मदद करता है। कोलेजन हड्डियों को लचीला और मजबूत रखता है। बादाम और अखरोट जैसे मेवों में भी हड्डियों के लिए आवश्यक खनिज होते हैं।
यदि आप इन सभी खाद्य पदार्थों को अपने नियमित आहार में शामिल करते हैं, तो आपकी हड्डियाँ लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रहेंगी।
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आजकल दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा और मिड-एज लोग भी हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजहें हैं – खराब खानपान, भागदौड़ भरी ज़िंदगी और बढ़ता तनाव लेकिन अच्छी खबर ये है कि अगर आप कुछ जरूरी सब्जियों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करें, तो दिल को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
गाजियाबाद के जिला अस्पताल में कार्यरत डायटिशियन डॉ. अनामिका सिंह कहती हैं कि कुछ सब्जियां दिल की धमनियों को साफ रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. खासतौर पर लहसुन, ब्रोकली और पालक. आइए जानते हैं कैसे...
लहसुन में पाया जाने वाला तत्व ऐलिसिन (Allicin) शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करता है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में लाता है और धमनियों में जमा फैट को धीरे-धीरे साफ करता है. रोज सुबह खाली पेट 1-2 कली कच्चे लहसुन चबाकर खाने से ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है.
ब्रोकली में फाइबर, विटामिन C और K, और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं जो धमनियों की दीवारों को मजबूत बनाते हैं और सूजन कम करते हैं. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और दिल को हेल्दी बनाए रखता है. इसे भाप में हल्का पकाकर या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं.
पालक में नाइट्रेट, फोलिक एसिड और आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है. यह ब्लड फ्लो को बेहतर करता है और धमनियों को खोलने में मदद करता है. पालक की सब्जी, सूप या जूस के रूप में नियमित सेवन करें.
सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि तनाव को कम करना, नियमित व्यायाम करना, और समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है. जंक फूड से दूरी और नींद पूरी करना भी दिल को हेल्दी रखने में मदद करता है.
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Glowing Skin Tips: बॉलीवुड की हीरोइनों को जब भी हम पर्दे पर देखते हैं तो उनकी बेदाग और चमकदार स्किन देखकर अक्सर यही सोचते हैं कि आखिर वो इतनी सुंदर और टाइट स्किन कैसे बनाए रखती हैं. हकीकत यह है कि स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल और डाइट में छुपा है.
हाइड्रेशन है स्किन की सबसे बड़ी जरूरत
फिटनेस और ब्यूटी के लिए जानी जाने वाली मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने मॉर्निंग रूटीन का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि वह सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पीती हैं जिसमें रोस्टेड जीरा, अजवायन और सौंफ मिलाती हैं. यह डिटॉक्स ड्रिंक शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालता है और स्किन को हाइड्रेट करता है. हाइड्रेशन स्किन के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि पानी नमी बनाए रखता है और स्किन को रूखा व बेजान होने से बचाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि सुबह उठते ही सबसे पहले पानी जरूर पिएं. अगर आपको सादा पानी पसंद न हो तो उसमें नींबू का रस, शहद या काला नमक डालकर पी सकते हैं.
विटामिन C और खट्टे फल हैं जरूरी
खट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी, नींबू और अमरूद स्किन के लिए बहुत फायदेमंद हैं. इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है. यह शरीर में कोलेजन को बूस्ट करता है, जिससे स्किन टाइट और युवा बनी रहती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा की चमक बढ़ती है और झुर्रियां देर से आती हैं. यही वजह है कि बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ अपनी डाइट में विटामिन C से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करती हैं.
सनस्क्रीन का इस्तेमाल ना भूलें
स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. अक्सर लोग इसे हल्के में लेते हैं लेकिन यही सबसे बड़ा प्रोटेक्शन है. यूवी किरणें स्किन को टैन करती हैं, उसे बेजान बनाती हैं और समय से पहले एजिंग की समस्या पैदा करती हैं. हीरोइनें चाहे शूटिंग पर हों या आउटडोर एक्टिविटीज़ में, वो सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करती हैं. अगर आप भी बाहर निकल रहे हैं तो स्किन को ढककर और सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर जाएं.
संतुलित डाइट और सेल्फ-केयर का असर
स्किन हेल्दी रखने के लिए सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि संतुलित डाइट भी बेहद जरूरी है. प्रोटीन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर फूड्स स्किन को अंदर से पोषण देते हैं. जंक फूड से दूरी और नियमित एक्सरसाइज भी स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करते हैं.
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दिवाली के बाद से दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है. पराली जलाने, धूल, धुआं और मौसम में ठहराव के कारण प्रदूषण का स्तर बेहद बढ़ गया है. हवा में मौजूद जहरीले कणों से सांस लेने में दिक्कत, खांसी, एलर्जी और सीने में जलन जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
क्या अब सुबह की सैर बंद करनी चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय दिल्ली-NCR की हवा बेहद खराब है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिल या फेफड़े के मरीजों के लिए. ऐसे में सुबह-सुबह टहलने जाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. दरअसल, सुबह के वक्त हवा में नमी और ठंडक ज्यादा होती है, जिससे प्रदूषण के कण नीचे जमा रहते हैं. ऐसे में जो लोग ताजी हवा समझकर मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं, वे वास्तव में प्रदूषित हवा में सांस ले रहे होते हैं.
क्या रात में टहलना सुरक्षित है?
शाम या रात के समय भी टहलना बहुत सुरक्षित नहीं है. रात को तापमान गिरने से धुंध बनती है और हवा में मौजूद धूल व प्रदूषक तत्व नीचे आ जाते हैं. इससे सांस की परेशानी बढ़ सकती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस दौरान सुबह और शाम के वक्त बाहर निकलने से बचें और घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें.
वॉक का सही समय क्या है?
अगर आप अपने वॉक का रूटीन नहीं छोड़ सकते, तो कोशिश करें कि लेट मॉर्निंग यानी सुबह 8-9 बजे के बाद टहलने जाएं. इस समय सूरज की रोशनी प्रदूषण को थोड़ा कम करती है और हवा कुछ साफ हो जाती है. बाहर निकलते समय N95 या FFP2 मास्क जरूर पहनें ताकि हानिकारक कणों से फेफड़े सुरक्षित रहें.
सेहत के लिए अपनाएं ये उपाय
सुबह और शाम खिड़कियां बंद रखें
घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें
घर के अंदर योग या हल्की एक्सरसाइज करें
गले में जलन, सीने में जकड़न या थकान महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें
वायु प्रदूषण का असर सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर भी होता है. इसलिए इस मौसम में अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहें.