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Foods That Cause Wrinkles: आजकल हर कोई जवान और खूबसूरत दिखना चाहता है. इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स, ट्रीटमेंट्स और घरेलू नुस्खे अपनाते हैं लेकिन असली फर्क हमारी डाइट से पड़ता है. हम जो खाते-पीते हैं वही हमारे हेल्थ और स्किन पर असर डालता है. कई बार हम ऐसी चीजें खा लेते हैं जो स्वाद में तो बेहतरीन लगती हैं लेकिन वे हमारी स्किन को डल और बेजान बना देती हैं. यही नहीं, ये फूड्स एजिंग प्रोसेस को भी तेज कर देते हैं, जिससे चेहरे पर झुर्रियां और ढीलापन जल्दी नजर आने लगता है. आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन्हें हमें रोजमर्रा की डाइट से दूर रखना चाहिए.
1. आइसक्रीम
खुशियों का जश्न हो और आइसक्रीम ना हो, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है लेकिन ये मीठी ठंडक हमारी स्किन के लिए उतनी अच्छी नहीं है. आइसक्रीम में शुगर और फैट दोनों ही भरपूर मात्रा में होते हैं. ये दोनों मिलकर शरीर में ग्लाइकेशन प्रोसेस को तेज कर देते हैं. इस प्रक्रिया से कोलेजन प्रोटीन कमजोर पड़ने लगता है, जो स्किन को टाइट और यंग बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. नतीजा यह होता है कि स्किन ढीली हो जाती है और चेहरे पर झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं. कभी-कभार आइसक्रीम खाना नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इसे रोजाना खाना स्किन और सेहत दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
2. सोडा
गर्मी में ठंडी बोतल वाला सोडा भले ही ताजगी का अहसास कराए, लेकिन हकीकत में यह स्किन और बॉडी को नुकसान पहुंचाता है. सोडा में शुगर और फॉस्फोरिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है. ये हड्डियों और दांतों को कमजोर करते हैं और ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर देते हैं. जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है तो स्किन पर ग्लो कम हो जाता है और चेहरा डल दिखने लगता है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्किन हेल्दी और चमकदार दिखे, तो सोडा जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूरी बनाना ही बेहतर है.
3. पैक्ड फ्रूट जूस
अक्सर लोग मानते हैं कि फ्रूट जूस हेल्दी होता है, लेकिन हकीकत कुछ और है. मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर पैक्ड जूस में बहुत ज्यादा शुगर होती है और इनमें पूरे फल जैसा फाइबर नहीं होता. फाइबर की कमी की वजह से शरीर शुगर को बहुत तेजी से अब्जॉर्ब करता है. इसका असर इंसुलिन पर पड़ता है और शरीर में सूजन बढ़ जाती है. यही वजह है कि पैक्ड जूस ज्यादा पीने वालों की स्किन जल्दी ढीली पड़ने लगती है. अगर आप सच में हेल्दी रहना चाहते हैं तो पैक्ड जूस की जगह ताजे फल खाएं. इसमें फाइबर भी मिलेगा और एजिंग प्रोसेस भी स्लो हो जाएगी.
4. अल्कोहल
अल्कोहल का असर सिर्फ लीवर पर ही नहीं, बल्कि स्किन पर भी नजर आता है. बार-बार शराब पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और विटामिन A की कमी हो जाती है. विटामिन A स्किन रिपेयर और सेल ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से स्किन डल, बेजान और कमजोर हो जाती है. इसके अलावा अल्कोहल लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते. नतीजा यह होता है कि स्किन पर पिंपल्स, झुर्रियां और उम्र से पहले बूढ़ापन नजर आने लगता है.
5. आर्टिफिशियल स्वीटनर
कई लोग चीनी से बचने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रिसर्च बताती है कि ये स्वीटनर गट हेल्थ को बिगाड़ सकते हैं और हेल्दी बैक्टीरिया को मार सकते हैं. इससे मीठा खाने की क्रेविंग और बढ़ जाती है और मेटाबॉलिक स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है. लंबे समय में इसका असर चेहरे पर दिखता है, जहां झुर्रियां और ढीलापन जल्दी आने लगता है. यानी कैलोरी बचाने के चक्कर में लोग अपनी स्किन का नुकसान कर बैठते हैं.
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Raw Garlic Benefits: आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अलग-अलग हेल्दी फूड्स अपना रहे हैं. इसमें लहसुन भी एक अहम जगह रखता है. खासतौर पर खाली पेट सुबह उठते ही कच्चा लहसुन खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं. यह सिर्फ रसोई में आसानी से मिलने वाली सब्जी नहीं, बल्कि एक नेचुरल सुपरफ़ूड की तरह काम करता है.
कच्चा लहसुन एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. इसे रोजाना खाने से इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ता है. महंगे सप्लीमेंट्स की जगह यह नेचुरल तरीके से शरीर को मजबूत बनाता है. लहसुन ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है. यह ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है.
रोजाना लहसुन खाने से हृदय की सेहत भी सुधरती है. यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाता है, आर्टरीज में जमावट नहीं होने देता और दिल के दौरे या स्ट्रोक के खतरे को कम करता है. डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए भी लहसुन फायदेमंद है. यह नेचुरल प्रीबायोटिक की तरह काम करता है और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. इसके नियमित सेवन से सूजन कम होती है और पाचन बेहतर होता है.
लहसुन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है. यह इंसुलिन के काम में सहायक होता है और डायबिटीज रोगियों को ग्लूकोज नियंत्रित करने में नेचुरल तरीका देता है. इसके अलावा, लहसुन इंफेक्शंस से लड़ने और शरीर को डिटॉक्स करने में भी काम आता है. इसके एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण फ्लू, सर्दी और अन्य संक्रमणों से बचाव करते हैं.
लहसुन रोजाना खाने से एनर्जी बढ़ती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और ऑक्सीजन की कमी को दूर करता है. साथ ही इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करते हैं. तो दिन में सिर्फ एक कच्ची लहसुन की कली खाना आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. यह नेचुरल, सस्ता और आसान तरीका है हेल्दी रहने का.
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Wednesday Season 2 Release Date: एक ज़माना था जब फिल्मों की सफलता बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से आंकी जाती थी। अब ज़माना बदल गया है। आज ओटीटी की दुनिया में व्यूज़ ही किसी नए सुपरस्टार की पहचान होते हैं और इस डिजिटल दौर में अगर किसी सीरीज़ ने तहलका मचाया है, तो वो है "वेडनसडे"। 2022 में आई इस हॉरर और मिस्ट्री से भरपूर वेब सीरीज़ ने लोगों के दिलों में जगह बनाई, जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से कम नहीं थी। पहले सीज़न के 8 एपिसोड्स को न सिर्फ़ ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला, बल्कि IMDB पर इसे 8 स्टार की ज़बरदस्त रेटिंग भी मिली।
अब मज़ेदार बात ये है कि वेडनसडे ने ऐसी धूम मचाई कि अब ये दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज़ बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इसे 3.41 करोड़ घंटे देखा जा चुका है और अब इसने गेम ऑफ़ थ्रोन्स और स्ट्रेंजर थिंग्स जैसी दिग्गज सीरीज़ को पीछे छोड़ दिया है लेकिन खेल अभी बाकी है! सबसे ऊपर स्क्विड गेम्स है, जिसे 3.48 करोड़ घंटे देखा जा चुका है। फ़र्क़ बस कुछ लाख घंटों का है। और जैसे-जैसे वेडनेसडे के दूसरे सीज़न की रिलीज़ का इंतज़ार बढ़ रहा है, पहले सीज़न के दर्शकों की संख्या फिर से आसमान छू रही है।
तो तैयार हो जाइए, क्योंकि वेडनेसडे सीज़न 2, 6 अगस्त 2025 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने जा रहा है। अगर पहले सीज़न ने इतना धमाल मचाया है, तो दूसरा सीज़न उससे भी ज़्यादा धमाल मचाएगा, इसमें कोई शक नहीं। दरअसल, वेडनेसडे अब सिर्फ़ एक वेब सीरीज़ नहीं रही, बल्कि एक कल्ट फ़ैनबेस बन गई है। इसका डार्क ह्यूमर, रोमांचक कहानी और ज़बरदस्त अभिनय इसे ख़ास बनाते हैं। यही वजह है कि अब यह दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली सीरीज़ का ख़िताब जीतने जा रही है। तो अगर आपने अभी तक वेडनेसडे नहीं देखा है, तो यही सही समय है, क्योंकि एक ऐसी सीरीज़ बनने जा रही है जो ओटीटी की रानी बनने जा रही है, जिसे आप मिस नहीं करना चाहेंगे।
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Daily Healthy Seeds: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलावों से इन दिक्कतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर बीज (सीड्स) शामिल करें, तो यह न सिर्फ आपकी गट हेल्थ बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बना सकता है.
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर चिया सीड्स, अलसी और तुलसी के बीज के फायदे बताए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इन्हें सही तरीके से खाने से पाचन से जुड़ी कई दिक्कतें दूर हो सकती हैं.
1. चिया सीड्स
डॉ. सेठी के मुताबिक, चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में सॉल्यूबल फाइबर होता है. जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जो पेट में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. इससे कब्ज की समस्या दूर रहती है और डाइजेशन बेहतर होता है. वहीं, चिया सीड्स को कभी सूखा न खाएं. इन्हें खाने से पहले कम से कम 20–30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें. चाहें तो इन्हें रातभर के लिए भिगो दें और सुबह स्मूदी, जूस या दही के साथ लें.
2. अलसी
अलसी छोटे बीज होते हैं, लेकिन पोषण के मामले में बेहद ताकतवर हैं. इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है जो शरीर में सूजन कम करता है, हार्मोन को संतुलित रखता है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इन्हें हमेशा पीसकर ही खाना चाहिए क्योंकि साबुत अलसी शरीर से बिना पचे निकल जाती है. पिसी हुई अलसी ब्लोटिंग और हार्मोनल असंतुलन को कम करती है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है. डॉ. सेठी हफ्ते में 3–4 बार इसे खाने की सलाह देते हैं.
3. तुलसी के बीज
तुलसी के बीज दिखने में चिया जैसे होते हैं लेकिन स्वाद में हल्के मीठे और ज्यादा टेस्टी लगते हैं. ये बहुत जल्दी फूल जाते हैं और इनमें भी भरपूर सॉल्यूबल फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. डॉ. सेठी सलाह देते हैं कि इन्हें चिया सीड्स के साथ मिलाकर ओटमील, दही या बादाम दूध में डालकर खाया जाए. इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ता है बल्कि पौष्टिकता भी दोगुनी हो जाती है.