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Immunity Boosting Foods: आजकल बहुत से लोग बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ जाते हैं. कभी सर्दी-जुकाम, कभी गले में खराश तो कभी बुखार जैसी परेशानियां उन्हें घेर लेती हैं. इसका सबसे बड़ा कारण होता है कमजोर इम्यून सिस्टम. जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो जाती है, तो मामूली बदलाव भी हमें बीमार कर देते हैं. इसलिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर खास ध्यान दें.
संतुलित आहार है सबसे जरूरी
हमारा शरीर तभी मजबूत रह सकता है, जब हम उसे सही पोषण दें. इसके लिए हमें रोजाना संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए. फलों, हरी सब्जियों, दालों, बीन्स, ड्राई फ्रूट्स, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं.
साबुत अनाज जैसे ओट्स, चना, किनोआ और स्प्राउट्स में भरपूर मात्रा में फाइबर, मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं. ये न केवल पेट को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि लंबे समय तक एनर्जी भी देते हैं. इसके साथ ही ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम और अखरोट इम्युनिटी बूस्ट करने में काफी फायदेमंद होते हैं.
विटामिन सी वाले फल हैं सबसे असरदार
अगर आप अपनी इम्युनिटी को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं तो विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन जरूर करें. संतरा, मौसंबी, नींबू, अमरूद और कीवी ऐसे फल हैं जिनमें विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है. विटामिन सी शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) के उत्पादन को बढ़ाता है. ये कोशिकाएं संक्रमणों से लड़ने का काम करती हैं और शरीर को बीमारियों से बचाती हैं. इसके अलावा, खट्टे फलों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और हमें जल्दी थकान महसूस नहीं होने देते.
नींद और व्यायाम भी है जरूरी
सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि जीवनशैली भी इम्युनिटी को प्रभावित करती है. रोजाना पर्याप्त नींद लेना, नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करना और तनाव को कम करना उतना ही जरूरी है जितना अच्छा आहार लेना. अगर आप देर रात तक जागते हैं और नींद पूरी नहीं करते, तो शरीर कमजोर हो सकता है और बीमारियां जल्दी घेर सकती हैं.
खट्टे फलों के फायदे
खट्टे फल न सिर्फ इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं बल्कि इनके और भी कई फायदे हैं. इनमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. वहीं, इनमें पाया जाने वाला फाइबर पाचन को दुरुस्त करता है और वजन को नियंत्रित रखता है. यही वजह है कि इन फलों को रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है.
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Chia Seeds: चिया सीड्स को आजकल सुपरफूड कहा जाता है, और इसकी वजह है इनमें मौजूद ढेर सारे पोषक तत्व. ये छोटे-छोटे बीज न सिर्फ आपकी सेहत के लिए अच्छे होते हैं, बल्कि स्किन की देखभाल में भी बेहद फायदेमंद हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर चिया सीड्स आपकी त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाते हैं.
स्किन के लिए चिया सीड्स क्यों फायदेमंद हैं?
चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. साथ ही, इनमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं. इनके नियमित सेवन या स्किन पर इस्तेमाल से त्वचा कोमल, मुलायम और चमकदार बनती है.
घर पर बनाएं चिया सीड्स फेस मास्क
चिया सीड्स से बना फेस मास्क स्किन को गहराई से पोषण देता है. इसके लिए रातभर 1-2 चम्मच चिया सीड्स को पानी में भिगो दें. अगले दिन ये जेल जैसी बनावट में बदल जाते हैं. इस जेल को आप 1 चम्मच शहद या 1 चम्मच दही के साथ मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. यह मास्क स्किन को हाइड्रेट करता है, जिससे चेहरा तरोताजा और निखरा हुआ दिखता है.
DIY मॉइस्चराइजिंग मास्क
अगर आपकी त्वचा बहुत रूखी है, तो भीगे हुए चिया बीजों में मसला हुआ केला या एवोकाडो मिलाकर एक और असरदार फेस मास्क बना सकते हैं. केले और एवोकाडो में विटामिन A, C और E होते हैं, जो स्किन को मुलायम और ग्लोइंग बनाते हैं.
चिया सीड्स को फेस स्क्रब की तरह कैसे इस्तेमाल करें?
चिया सीड्स एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर भी हैं. आप पिसे हुए चिया बीजों को नारियल तेल या जैतून तेल में मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर मालिश करें. इससे डेड स्किन हटती है और त्वचा साफ और फ्रेश लगती है.
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Bloating After Eating: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि जैसे ही वे खाना खाते हैं, उनका पेट फूलने लगता है या खट्टी डकारें आने लगती हैं. कई लोग इसे मामूली पाचन समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि यह दिक्कत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर और विषाक्त बना सकती है.
क्यों होती है पेट फूलने की समस्या?
आयुर्वेद के अनुसार पेट फूलने की समस्या वात दोष बढ़ने से होती है. जब शरीर में वात दोष असंतुलित हो जाता है, तो पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है. इसका असर सीधे लिवर, आंतों और हार्मोन सिस्टम पर पड़ता है.
गलत खानपान और जीवनशैली इसके कई बड़े कारण हैं. ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से भी ये समस्या हो जाती है. इसके अलावा, गलत फूड कॉम्बिनेशन (जैसे कढ़ी के साथ दही या रायता), बार-बार चाय, कॉफी या ठंडे पेय पीना, खाना खाने के बाद तुरंत लेटना या टहलना न करना और खाते वक्त बात करना, जिससे हवा पेट में चली जाती है. इन छोटी-छोटी गलतियों के कारण ही गैस, पेट दर्द और पेट फूलने की समस्या बार-बार होती रहती है. इस समस्या को दूर कैसे करें आइए जानते हैं.
अजवाइन और काला नमक
थोड़ी सी अजवाइन और काले नमक को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. खाने के बाद एक चुटकी सेवन करें. इससे गैस और पेट फूलने में काफी राहत मिलेगी.
अदरक का पानी
ताजा अदरक को पानी में उबालें और दिन में दो बार पिएं. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करता है.
सौंफ और मिश्री
सौंफ और धागे वाली मिश्री को दरदरा पीसकर खाने के बाद लें. यह न सिर्फ मुंह का स्वाद ठीक करता है, बल्कि पेट को भी हल्का रखता है. अगर कब्ज की समस्या रहती है तो इसे गुनगुने दूध के साथ लें.
मुनक्का और काला नमक
कुछ मुनक्कों के अंदर थोड़ा काला नमक भरकर सुबह खाली पेट खाएं. यह आंतों की सफाई करता है और पेट को हल्का रखता है.
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Premature White Hair: आजकल बहुत से लोग समय से पहले सफेद बालों की समस्या से जूझ रहे हैं। पहले जहाँ 40-45 की उम्र के बाद बाल सफेद होने लगते थे, वहीं अब यह समस्या 14 से 25 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। जब सिर पर पहली बार सफेद बाल आते हैं, तो व्यक्ति चिंतित हो जाता है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर समय रहते कारणों को समझ लिया जाए और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएँ, तो इस समस्या से बचा जा सकता है।
बालों का रंग एक खास तत्व 'मेलेनिन' के कारण होता है। यही तत्व त्वचा और बालों को रंग देता है। बाल एक चक्र में लगातार बढ़ते और गिरते रहते हैं। हर नए चक्र के शुरू होने पर मेलेनिन बनता है। लेकिन कभी-कभी 7-15 चक्रों के बाद यह मेलेनिन बनना बंद हो जाता है, जिससे बाल सफेद होने लगते हैं।
इसके अलावा, कई अन्य कारण भी हैं - जैसे गलत खान-पान, तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, विटामिन बी12 की कमी, आनुवंशिक कारण आदि। शोध में सामने आया है कि धूम्रपान ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ाता है, जिससे बालों की जड़ों को नुकसान पहुँचता है और मेलेनिन का उत्पादन कम हो जाता है।
सफ़ेद बालों को रोकने के लिए सबसे ज़रूरी है एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। इसके लिए सबसे पहले आपको विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए। हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे और बीज जैसे खाद्य पदार्थ आपके बालों को पोषण देते हैं। साथ ही, रोज़ाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके।
तनाव से दूर रहना, योग करना, प्राणायाम और ध्यान जैसी तकनीकें अपनाना भी मददगार होता है। साथ ही, धूम्रपान से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि यह बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।
हालाँकि सफ़ेद बालों को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन सही खान-पान, जीवनशैली और देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है और बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और काला रखा जा सकता है।