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बदलते मौसम में सेहत का मजबूत साथी है गोमुखासन, तनाव से लेकर डायबिटीज तक में मिलता है फायदा

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फाइल फोटो

Gomukhasana Benefits: बदलता मौसम और व्यस्त जीवनशैली आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. तनाव, थकान, नींद की कमी और शारीरिक जकड़न जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. ऐसे में योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करके मन और शरीर दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है. इन्हीं में से एक बेहद असरदार योगासन है गोमुखासन.

देश के मशहूर योग संस्थान Morarji Desai National Institute of Yoga के अनुसार, गोमुखासन एक ऐसा योगासन है जिसका नियमित अभ्यास शरीर के कई हिस्सों को लचीला बनाता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है. इस आसन से खासतौर पर कंधे, छाती, रीढ़ की हड्डी और पैरों को मजबूती मिलती है.

योग विशेषज्ञों का कहना है कि रोज गोमुखासन करने से कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से में जमा जकड़न दूर होती है. इससे फेफड़े पूरी तरह खुलते हैं और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद माना गया है, क्योंकि यह अग्न्याशय को सक्रिय करता है. इसके अलावा, तनाव, चिंता, थकान और अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी इस आसन से राहत मिलती है.

गोमुखासन करने की आसान विधि
गोमुखासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर दंडासन की अवस्था में बैठें. रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. अब बायां पैर मोड़कर उसकी एड़ी को दाहिने कूल्हे के पास रखें. इसके बाद दाहिना पैर मोड़कर उसकी एड़ी बाएं कूल्हे के पास रखें, जिससे दाहिना घुटना बाएं घुटने के ऊपर आ जाए.

अब दाहिना हाथ कंधे के ऊपर से पीठ के पीछे ले जाएं और बायां हाथ कमर के नीचे से पीठ के पीछे ले जाकर दोनों हाथों की उंगलियां फंसा लें. अगर उंगलियां न मिल पाएं तो रुमाल या पट्टी की मदद ली जा सकती है. नजर सामने रखें, रीढ़ सीधी रखें और गहरी सांस लेते रहें. इस स्थिति में 20 से 25 सेकंड तक रुकें. फिर धीरे-धीरे पहले वाली अवस्था में वापस आ जाएं.

महिलाओं के लिए भी बेहद लाभकारी
गोमुखासन महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. यह पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं में राहत देता है और शरीर को संतुलित बनाए रखता है.

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
अगर किसी को कंधे या घुटने में गंभीर चोट, स्लिप डिस्क या अत्यधिक दर्द की समस्या है, तो उन्हें गोमुखासन करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. नियमित अभ्यास से गोमुखासन न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी देता है.
 


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Written by: Taushif

29 Nov 2025  ·  Published: 19:31 IST

दवा निगलने के बाद सीने में जलन? वजह हो सकती है गोली का बीच में अटकना

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Pill Stuck in Esophagus: कई बार हम जल्दी-जल्दी पानी के साथ गोली निगल लेते हैं और थोड़ी देर में सीने या गले में तेज जलन, चुभन या दर्द महसूस होने लगता है. ऐसा लगता है कि दवा पेट तक नहीं पहुंची और अंदर ही कहीं अटक गई है. यही स्थिति आगे चलकर 'पिल- इंड्यूस्ड एसोफैगिटिस' बन सकती है, जिसका सामान्य सा अर्थ दवा की वजह से भोजन नली में सूजन है.

हमारी भोजन नली एक पतली सी ट्यूब है जो मुंह को पेट से जोड़ती है. जब गोली सही तरीके से नीचे नहीं जाती और पेट से मिलने वाले हिस्से के पास फंस जाती है, तो वहीं घुलकर जलन या घाव बना सकती है. इसलिए निगलने में दिक्कत, आवाज बैठना, या ऐसा महसूस होना कि कुछ अटका हुआ है आम संकेत हैं.

यूके की 'लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी' में एनाटॉमी के प्रोफेसर एडम टेलर ने पिछले हफ्ते कन्वर्सेशन में लिखा, "हालांकि यह बहुत ज्यादा देखने वाली समस्या नहीं है, फिर भी हर साल लगभग 1 लाख में 4 लोग इससे प्रभावित पाए जाते हैं. संख्या और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि छोटे-मोटे मामले अक्सर बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं."

कुछ लोगों में इसका जोखिम भी अधिक होता है. अधेड़ उम्र की महिलाओं को सजग रहने की जरूरत है क्योंकि उम्र के साथ दिक्कतें बढ़ती हैं तो दवाओं की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ जाती है. बुजुर्गों में उम्र के साथ भोजन नली की ताकत कम हो जाती है. इनके अलावा जिनका दिल या थायरॉयड बड़ा हो उनमें निगलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.

शोध में माना गया कि कोई भी गोली नुकसान कर सकती है, लेकिन एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, आयरन वाली गोलियां और हड्डियों के इलाज की दवाएं अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं. अधिकतर मामलों में यह तकलीफ कुछ दिनों में ठीक हो सकती है, लेकिन सावधानी जरूरी है. गोली हमेशा भरपूर पानी के साथ निगलें और दवा लेते ही लेटें नहीं. अगर दर्द बढ़ता जाए या निगलना मुश्किल हो, तो डॉक्टर को तुरंत बताएं.
 


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Written by: Taushif

25 Nov 2025  ·  Published: 10:37 IST

सिर्फ 3 दिन में मसूड़ों की सूजन गायब! जानें कौन से हैं आयुर्वेद के रामबाण नुस्खे

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Ayurvedic Remedies for Swollen Gums: मुस्कान तभी खूबसूरत लगती है जब दांत और मसूड़े दोनों स्वस्थ हों, लेकिन अगर मसूड़ों में सूजन, दर्द या खून आने लगे, तो यह जिंजीवाइटिस का संकेत है. यह समस्या आमतौर पर मुंह की सफाई में लापरवाही, बहुत गर्म या ठंडी चीजें खाने, सख्त वस्तु चबाने, विटामिन सी की कमी या धूम्रपान-तंबाकू जैसी आदतों से होती है.

आयुर्वेद के अनुसार, यह रोग पित्त और रक्त दोष के बढ़ने से होता है, जिससे मसूड़ों के ऊतकों में सूजन और कमजोरी आ जाती है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह मसूड़ों से खून आने, दांतों के हिलने या गिरने जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है. इसके लिए आयुर्वेद में कुछ बेहद असरदार और सरल घरेलू नुस्खे बताए गए हैं.

सबसे पहला उपाय है फिटकरी, सेंधा नमक, हरड़ और काली मिर्च का मंजन. इन सभी को बराबर मात्रा में कूटकर मंजन बना लें और रोज सुबह-शाम हल्के हाथों से मसूड़ों पर मलें. इससे सूजन और दर्द में आराम मिलता है और मसूड़े मजबूत बनते हैं. दूसरा आसान उपाय है सोंठ (सूखी अदरक) का सेवन. तीन ग्राम सोंठ का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लेने से सूजन और दर्द दोनों में राहत मिलती है.

अगर मसूड़ों से खून आ रहा हो, तो जली हुई सुपारी का चूर्ण भी बहुत उपयोगी है. इसे मंजन की तरह इस्तेमाल करें, इससे मसूड़े सख्त बनते हैं और खून आना बंद होता है. इसके अलावा, सेंधा नमक और मीठा सोडा को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से तुरंत राहत मिलती है. प्याज का रस भी काफी फायदेमंद है. इसमें मौजूद सल्फर बैक्टीरिया को खत्म करते हैं.

त्रिफला क्वाथ भी एक असरदार उपाय है. हरड़, बहेड़ा और आंवला को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाएं और उससे दिन में 2–3 बार गरारा करें. यह मसूड़ों की सूजन, दर्द और खून बहने की समस्या को खत्म करता है. रोजमर्रा की देखभाल के लिए सुबह-शाम ब्रश करने के बाद तिल तेल से ऑयल पुलिंग करें. खाने के बाद कुल्ला करने की आदत डालें. मसालेदार और बहुत गर्म खाना खाने से बचें और पाचन को दुरुस्त रखें, क्योंकि पेट की गड़बड़ी से भी मसूड़ों में सूजन बढ़ती है.
 


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Written by: Taushif

10 Nov 2025  ·  Published: 10:46 IST

अलसी से लेकर चंदन तक; पिगमेंटेशन को दूर करने वाले 4 चमत्कारी उपाय

प्रतीकात्मक फोटो

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Pigmentation Home Remedies: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, गलत खान-पान और प्रदूषित वातावरण के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं आम होती जा रही हैं। इनमें पिगमेंटेशन सबसे आम समस्या है। यह सिर्फ़ असमान रंगत या काले धब्बों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती है। हालाँकि, कुछ घरेलू उपायों से आप धीरे-धीरे इस समस्या को कम कर सकते हैं और अपनी त्वचा को फिर से चमकदार बना सकते हैं।

1. अलसी का जेल
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है और इसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। यह त्वचा को अंदर से शांत करके पिगमेंटेशन को हल्का करने में मदद करती है।

बनाने की विधि: 2 बड़े चम्मच अलसी को 1.5 कप पानी में उबालें। जब यह जेल जैसा हो जाए, तो इसे छान लें। इसे ठंडा करके एक जार में भर लें और रोज़ रात त्वचा पर लगाएँ। 20 मिनट बाद धो लें या रात भर लगा रहने दें।

2. चंदन, हल्दी और शहद का मास्क
यह मास्क त्वचा में निखार लाता है और दाग-धब्बों को हल्का करता है।

सामग्री: 1 छोटा चम्मच चंदन पाउडर, एक चुटकी हल्दी, 1 छोटा चम्मच कच्चा शहद और गुलाब जल की कुछ बूँदें।

कैसे लगाएँ: पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएँ। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। इसे हफ़्ते में दो बार लगाने से फ़ायदा होगा।

3. मुलेठी और एलोवेरा जेल
मुलेठी मेलेनिन के उत्पादन को रोकती है और त्वचा की रंगत निखारती है।

विधि: 1 छोटा चम्मच मुलेठी पाउडर और 2 छोटे चम्मच ताज़ा एलोवेरा जेल मिलाएँ। इसे पिगमेंटेड जगह पर लगाएँ और 20 मिनट बाद धो लें।

4. आलू और नींबू का दाग-धब्बों का उपचार
आलू में मौजूद एंजाइम और नींबू के प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट मिलकर ज़िद्दी दागों को हल्का करते हैं।

विधि: एक छोटे आलू को कद्दूकस करके उसका रस निकालें और उसमें नींबू की कुछ बूँदें मिलाएँ। इसे प्रभावित जगह पर लगाएँ और 10 मिनट बाद धो लें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इससे बचना चाहिए और हफ़्ते में दो बार से ज़्यादा इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।


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Written by: Taushif

23 Jul 2025  ·  Published: 14:12 IST