प्रतीकात्मक फोटो
Harvard Morning Routine: हमारी सुबह की शुरुआत सिर्फ मूड पर ही नहीं, बल्कि दिनभर की एनर्जी, क्रिएटिविटी और फोकस पर भी असर डालती है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आर्थर ब्रूक्स ने ऐसा मॉर्निंग रूटीन तैयार किया है, जो उन्हें पूरे दिन एनर्जेटिक, पॉजिटिव और खुश रखता है. आइए जानते हैं उनका पूरा रूटीन...
सूर्योदय से पहले उठना
ब्रूक्स रोज़ाना सुबह 4:30 बजे उठते हैं. उनका मानना है कि जल्दी उठने से दिमाग शांत रहता है और दिन की शुरुआत फोकस के साथ होती है. कई रिसर्च में भी यह साबित हुआ है कि सुबह जल्दी उठने वाले लोग ज़्यादा क्रिएटिव और आत्मविश्वासी होते हैं.
हर दिन एक्सरसाइज
ब्रूक्स उठने के करीब 15 मिनट बाद अपने घर के जिम में एक घंटे की एक्सरसाइज करते हैं. इसमें कार्डियो और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग दोनों शामिल होते हैं. वह कहते हैं, “मैं हफ्ते के सातों दिन एक्सरसाइज करता हूं. इससे मेरा मूड अच्छा रहता है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है.”
मेडिटेशन या जर्नलिंग
हर दिन वे एनालिटिकल मेडिटेशन करते हैं, जो दलाई लामा से प्रेरित है. कभी वे चर्च में जाकर ध्यान लगाते हैं या कार में बैठकर कैथोलिक मेडिटेशन करते हैं. उनका कहना है कि यह उन्हें आत्मा से जोड़ता है और मन को शांत रखता है. जो लोग ध्यान नहीं कर पाते, वे 20-30 मिनट जर्नलिंग करके भी मन की शांति पा सकते हैं.
हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर नाश्ता
ब्रूक्स सुबह के नाश्ते में करीब 60 ग्राम प्रोटीन लेते हैं. वे ग्रीक योगर्ट, व्हे प्रोटीन, अखरोट और बेरीज का मिश्रण खाते हैं. इससे उनका पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वे दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं.
सुबह के वक्त फोकस्ड वर्क
ब्रूक्स अपनी सुबह की एनर्जी सोशल मीडिया पर बर्बाद नहीं करते. इसके बजाय, वे इस वक्त को अपने सबसे क्रिएटिव और गहन काम में लगाते हैं. उनका कहना है, “सुबह के दो घंटे मेरा सबसे प्रोडक्टिव टाइम होता है.”
अपना रूटीन खुद बनाएं
वे कहते हैं कि हर व्यक्ति का मॉर्निंग रूटीन अलग होता है. किसी को एक्सरसाइज, किसी को मेडिटेशन या राइटिंग सूट करती है. ज़रूरी यह है कि आप एक स्थिर और अनुशासित शुरुआत करें, जिससे दिनभर पॉजिटिविटी बनी रहे.
फाइल फोटो
Gym Heart Attack Risk: पिछले कुछ समय से जिम या वर्कआउट के दौरान अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खास बात यह है कि इनमें अधिकतर लोग 50 साल से कम उम्र के रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, बदलती जीवनशैली, तनाव, अनुचित आहार और आनुवंशिक कारणों के चलते हृदय रोग का खतरा अब युवाओं तक पहुंच चुका है. ऐसे में जिम शुरू करने से पहले सावधानी बरतना और जरूरी स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है.
अंग्रेज़ी वेबसाइट ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्थोपैथ और स्पोर्ट्स सर्जन डॉ. ओबैदुर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा कर बताया कि जिम शुरू करने से पहले दिल की सेहत का आकलन करने के लिए 5 महत्वपूर्ण टेस्ट करवाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सुंदर दिखने या फिट बॉडी पाने की दौड़ में अक्सर लोग सबसे अहम अंग, ‘दिल’ को नजरअंदाज कर देते हैं.
डॉ. रहमान के मुताबिक, ये टेस्ट्स महंगे नहीं हैं बल्कि आपके स्वास्थ्य निवेश की तरह हैं. विशेषकर 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, जिनके परिवार में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें इन जांचों को जरूर करवाना चाहिए. इससे दिल की मौजूदा स्थिति का पता चलता है और जोखिम कम करने में मदद मिलती है.
फाइल फोटो
Karwa Chauth 2025 Beauty Tips: करवाचौथ का त्योहार हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं. हर महिला चाहती है कि इस खास मौके पर उसका चेहरा चांद की तरह दमकता हुआ नजर आए. इस साल करवाचौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. अगर आप भी इस दिन परफेक्ट ग्लो पाना चाहती हैं, तो घर पर ही कुछ आसान नुस्खे अपनाकर अपनी स्किन को खूबसूरत बना सकती हैं.
1. हल्दी और दूध का फेस मास्क
हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. दूध स्किन को हाइड्रेट करता है. 1 चम्मच हल्दी और 2 चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरे पर 10–15 मिनट लगाकर छोड़ दें. गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देगा और व्रत के दौरान आने वाली ड्राइनेस कम करेगा.
2. नींबू और शहद का टोनर
नींबू स्किन को ब्राइट करता है और शहद मॉइस्चराइजिंग का काम करता है. 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएं. हल्के हाथ से चेहरे पर लगाएं और 5–10 मिनट बाद धो लें. इससे त्वचा पर फ्रेशनेस और निखार आता है.
3. ओटमील स्क्रब
यह डेड स्किन हटाकर त्वचा को मुलायम बनाता है. 2 चम्मच ओट्स, 1 चम्मच दही और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे पर हल्के हाथों से 5–7 मिनट मसाज करें और धो लें. यह स्किन को स्मूद बनाता है और मेकअप भी अच्छे से बैठता है.
4. नारियल तेल से मसाज
अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है तो व्रत से एक दिन पहले या उसी दिन नारियल तेल से चेहरे की मसाज करें. 5–10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. रोज रात को सोने से पहले भी नारियल तेल लगाकर सो सकती हैं. यह स्किन को हाइड्रेट और मुलायम रखेगा.
5. पानी पिएं और हाइड्रेट रहें
करवाचौथ के दिन महिलाएं पानी नहीं पीतीं, इसलिए व्रत से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. यह न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि त्वचा को भी हाइड्रेटेड रखता है और ड्राइनेस को रोकता है.
फाइल फोटो
आजकल लोगों को कम उम्र में ही हड्डियों में कमज़ोरी, जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली और पौष्टिक आहार की कमी है। हड्डियों को मज़बूत बनाए रखने के लिए शरीर को कैल्शियम, विटामिन डी, मैग्नीशियम, पोटैशियम, प्रोटीन और विटामिन के जैसे पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। इन तत्वों की कमी से हड्डियाँ धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगती हैं।
1. कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाएँ
दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। ये हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए ज़रूरी हैं। इसके अलावा, टोफू भी एक अच्छा विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो डेयरी उत्पाद नहीं खाते। रोज़ाना एक गिलास दूध या एक कटोरी दही से अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिल सकता है।
2. हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ
पालक, ब्रोकली, केल और अन्य हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन के, मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर होती हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ हड्डियों के घिसाव को भी रोकते हैं।
3. वसायुक्त मछली
सार्डिन और सैल्मन जैसी मछलियों में कैल्शियम और विटामिन डी दोनों होते हैं, जो हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। सैल्मन जैसी मछलियों में, विशेष रूप से, ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होते हैं, जो हड्डियों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
4. मशरूम और धूप
कुछ प्रकार के मशरूम, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते हैं, विटामिन डी का अच्छा स्रोत होते हैं। विटामिन डी शरीर को कैल्शियम को अच्छी तरह अवशोषित करने में मदद करता है। इसके अलावा, सुबह की हल्की धूप लेना भी विटामिन डी प्राप्त करने का एक प्राकृतिक तरीका है।
5. खट्टे फल और मेवे
संतरे और नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी होता है, जो कोलेजन बनाने में मदद करता है। कोलेजन हड्डियों को लचीला और मजबूत रखता है। बादाम और अखरोट जैसे मेवों में भी हड्डियों के लिए आवश्यक खनिज होते हैं।
यदि आप इन सभी खाद्य पदार्थों को अपने नियमित आहार में शामिल करते हैं, तो आपकी हड्डियाँ लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रहेंगी।