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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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चेहरे पर दिखने लगते हैं किडनी खराब होने के संकेत, इन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

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फाइल फोटो

Kidney Disease Symptoms on Face: किडनी हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है. यह शरीर से वेस्ट मटीरियल, टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम करती है. अगर किडनी बीमार हो जाए तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

अगर समय रहते इलाज न मिले तो किडनी धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती है और किडनी फेलियर की स्थिति आ जाती है. इस अवस्था में मरीज को डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.

किडनी खराब होने पर चेहरे पर दिखने वाले शुरुआती संकेत
हेल्थ वेबसाइट Medical News Today के मुताबिक, किडनी की बीमारी के शुरुआती चरण में कई बार लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती है, शरीर में वेस्ट जमा होने लगता है और कुछ लक्षण दिखने लगते हैं.

1. चेहरे और आंखों के नीचे सूजन
अगर सुबह उठने पर आपका चेहरा या आंखों के नीचे सूजन नजर आती है, तो यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है. किडनी ठीक से टॉक्सिन्स और लिक्विड्स को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे शरीर में फ्लूड रिटेंशन होता है.

2. त्वचा में खुजली और सूखापन
किडनी खराब होने पर शरीर में वेस्ट जमा हो जाते हैं. इसका असर त्वचा पर भी दिखता है. त्वचा रूखी हो जाती है और खुजली होने लगती है.

3. चेहरे का पीलापन
किडनी रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करती है. जब किडनी कमजोर पड़ती है, तो खून की कमी (एनीमिया) होने लगती है और चेहरा पीला दिखने लगता है.

किडनी डैमेज के अन्य लक्षण

थकान और कमजोरी

पैरों या टखनों में सूजन

नींद न आना

सिरदर्द

पेशाब की मात्रा कम होना

मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन

भूख कम लगना और वजन घटना

लक्षण दिखने पर क्या करें
अगर आपको या आपके किसी करीबी को ये लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. खासकर जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज है, उन्हें नियमित रूप से किडनी की जांच करानी चाहिए.

ध्यान रखें
किडनी की बीमारी में पानी पीना जरूरी है, लेकिन ज्यादा मात्रा में पानी लेना भी नुकसानदायक हो सकता है. हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पानी पिएं.


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Written by: Taushif

17 Oct 2025  ·  Published: 11:14 IST

सिर्फ 5 मिनट का भुजंगासन, पेट की चर्बी गायब और पाचन बेहतर!

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Bhujangasana Benefits: व्यस्तता, कामकाजी, ट्रैफिक और घरेलू जिम्मेदारियों में फंसे लोगों के शरीर में तनाव, थकान, पेट की जिद्दी चर्बी और कब्ज जैसी समस्याएं घर कर जाती हैं, लेकिन ऐसे में योग करना एक प्रभावी उपाय हो सकता है. इन्ही में से एक है भुजंगासन.

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, यह आसन तनाव घटाने, पेट की जिद्दी चर्बी पिघलाने और कब्ज जैसी पाचन परेशानियों को जड़ से खत्म करने में मददगार हो सकता है. पीठ दर्द, साइटिका और श्वसन तंत्र की दिक्कतों से छुटकारा दिलाने वाला यह योग हर उम्र के लिए वरदान है.

'भुजंगासन' को 'कोबरा पोज' या फिर 'सर्पासन' के नाम से भी जाना जाता है. इसे सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से आठवां स्थान प्राप्त है. आयुष मंत्रालय ने भी 'भुजंगासन' पर विशेष जानकारी दी, जिसमें बताया गया है कि 'भुजंग' शब्द का अर्थ होता है 'सर्प' या 'नाग'. इस आसन में शरीर की आकृति सर्प के फन की तरह ऊपर उठती है, इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है. यह आसन तनाव को कम करने, चर्बी घटाने और कब्ज दूर करने में सहायक है. साथ ही, यह पीठ दर्द व श्वसन नली से संबंधित समस्याओं को दूर करता है.

'भुजंगासन' को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं और अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें और इस बात का ध्यान रखें कि आपके दोनों टखने एक-दूसरे को छूते रहें. इसके बाद दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और साथ ही दोनों हथेलियों को जमीन की तरफ रखें. अब शरीर का वजन हथेलियों पर डालें और धीरे-धीरे सांस भीतर की ओर खींचे और सिर को उठाते हुए पीठ की तरफ खींचें. 

ध्यान दें कि इस वक्त तक आपकी कुहनी मुड़ी हुई है और फिर सिर को पीछे की तरफ ले जाएं और साथ ही अपनी छाती को आगे की तरफ निकालें. फिर पुन: वाली अवस्था में आ जाएं और अपनी क्षमता के अनुसार इस प्रक्रिया को दोहराएं. पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें. डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं.


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Written by: Taushif

01 Nov 2025  ·  Published: 09:57 IST

डाइजेशन दुरुस्त करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 3 सीड्स, पेट रहेगा एकदम फिट!

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Daily Healthy Seeds: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलावों से इन दिक्कतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर बीज (सीड्स) शामिल करें, तो यह न सिर्फ आपकी गट हेल्थ बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बना सकता है.

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर चिया सीड्स, अलसी और तुलसी के बीज के फायदे बताए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इन्हें सही तरीके से खाने से पाचन से जुड़ी कई दिक्कतें दूर हो सकती हैं.

1. चिया सीड्स
डॉ. सेठी के मुताबिक, चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में सॉल्यूबल फाइबर होता है. जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जो पेट में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. इससे कब्ज की समस्या दूर रहती है और डाइजेशन बेहतर होता है. वहीं, चिया सीड्स को कभी सूखा न खाएं. इन्हें खाने से पहले कम से कम 20–30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें. चाहें तो इन्हें रातभर के लिए भिगो दें और सुबह स्मूदी, जूस या दही के साथ लें.

2. अलसी
अलसी छोटे बीज होते हैं, लेकिन पोषण के मामले में बेहद ताकतवर हैं. इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है जो शरीर में सूजन कम करता है, हार्मोन को संतुलित रखता है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इन्हें हमेशा पीसकर ही खाना चाहिए क्योंकि साबुत अलसी शरीर से बिना पचे निकल जाती है. पिसी हुई अलसी ब्लोटिंग और हार्मोनल असंतुलन को कम करती है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है. डॉ. सेठी हफ्ते में 3–4 बार इसे खाने की सलाह देते हैं.

3. तुलसी के बीज
तुलसी के बीज दिखने में चिया जैसे होते हैं लेकिन स्वाद में हल्के मीठे और ज्यादा टेस्टी लगते हैं. ये बहुत जल्दी फूल जाते हैं और इनमें भी भरपूर सॉल्यूबल फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. डॉ. सेठी सलाह देते हैं कि इन्हें चिया सीड्स के साथ मिलाकर ओटमील, दही या बादाम दूध में डालकर खाया जाए. इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ता है बल्कि पौष्टिकता भी दोगुनी हो जाती है.


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Written by: Taushif

21 Oct 2025  ·  Published: 11:04 IST

‘साइलेंट किलर’ फूड्स से रहें सावधान, बढ़ा सकते हैं हार्ट अटैक का खतरा

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पिछले कुछ सालों में भारतीय युवाओं में हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और दिल की बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह लोगों की लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें हैं. आजकल युवा न तो सही समय पर खाते हैं और न ही शरीर को एक्टिव रखते हैं. इसके अलावा तनाव, धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन भी दिल को कमजोर बना रहा है.

1. नमक पर लगाम लगाएं
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है. लगातार हाई बीपी रहने पर दिल पर दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे वह कमजोर हो जाता है.

2. प्रॉसेस्ड फूड से दूरी रखें
बर्गर, पिज़्ज़ा, चिप्स या पैकेट वाले फूड्स का ज्यादा सेवन धमनियों में चर्बी जमाता है. इससे ब्लड फ्लो रुकने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

3. ज्यादा चीनी से बचें
मीठा ज़रूरत से ज़्यादा खाने पर शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है. यही आगे चलकर हृदय रोग की वजह बनता है.

4. आलस भरी दिनचर्या से बचें
लंबे समय तक बैठे रहना, एक्सरसाइज न करना और देर तक सोना दिल की मांसपेशियों को कमजोर करता है. रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग या हल्की कसरत से हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है.

5. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
सिगरेट में मौजूद निकोटिन और शराब, दोनों ही दिल की नसों को नुकसान पहुंचाते हैं. ये खून में ऑक्सीजन की मात्रा घटाते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं, जिससे दिल की गति रुकने तक की स्थिति बन सकती है.


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Written by: Taushif

13 Oct 2025  ·  Published: 10:23 IST