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Fatty Liver Diet: अमेरिका के फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने बताया है कि कुछ खास फल और सब्जियां आपकी लिवर हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसे 7 फूड्स का जिक्र किया है जो लिवर को मजबूत करते हैं और शरीर की ओवरऑल हेल्थ को भी सुधारते हैं. डॉ. सलहब कहते हैं कि फल और सब्जियां सिर्फ रंग और स्वाद नहीं बढ़ातीं, बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं.
डॉ. सलहब सलाह देते हैं कि अगर आप डार्क चॉकलेट खाते हैं, तो उसमें 70% या उससे अधिक कोको होना चाहिए. उनका कहना है कि इन फलों और सब्जियों को रोज की डाइट में शामिल करने से लिवर टॉक्सिन्स कम होते हैं और शरीर ज्यादा एनर्जी से भर जाता है.
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Home Pilates Workout: आजकल लोग इतने व्यस्त हो गए हैं कि उनके पास जिम जाने का समय ही नहीं बचता. कभी ऑफिस की डेडलाइंस, कभी घर की जिम्मेदारियां और दिनभर का हंगामा जिम तक पहुंचना मुश्किल बना देता है. अगर आप भी ऐसी ही लाइफस्टाइल जी रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है.
फिट रहने के लिए न तो महंगी जिम मेंबरशिप चाहिए और न भारी-भरकम मशीनें. दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और कैटरीना कैफ जैसी सेलेब्स की ट्रेनर यास्मीन कराचीवाला ने हाल ही में 5 पिलाटे वर्कआउट शेयर किए हैं, जिन्हें आप घर पर सिर्फ 10 मिनट में कर सकते हैं और शरीर को फ्लेक्सिबल बना सकते हैं.
1. रोल डाउन टू प्लैंक
सीधे खड़े होकर धीरे-धीरे झुकें, हाथों को जमीन तक लाएं और आगे बढ़ाकर प्लैंक पोज में आएं. कुछ सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस खड़े हो जाएं.
फायदा: पेट, पीठ और कंधे मजबूत होते हैं और बैलेंस बेहतर होता है.
2. लेग पुल फ्रंट
प्लैंक पोज में आएं और एक-एक करके पैर को ऊपर उठाएं. कूल्हे और कमर स्थिर रखें.
फायदा: पेट, हिप्स और पैरों की मसल्स टोन होती हैं, बैलेंस सुधरता है.
3. सीटिंग स्पाइन ट्विस्ट
पैर फैलाकर सीधे बैठें, पंजे ऊपर की ओर रखें. दोनों हाथ कंधे की ऊंचाई पर फैलाएं और कमर से शरीर को एक तरफ घुमाएं, सांस छोड़ें. फिर दूसरी तरफ यही करें.
फायदा: रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और साइड पेट की मसल्स मजबूत होती हैं.
4. स्विमिंग की हंड्रेड्स
पीठ के बल लेटें, पैर और कंधे मैट से ऊपर उठाएं. दोनों हाथ तेजी से ऊपर-नीचे करें. पांच बार सांस अंदर और पांच बार बाहर छोड़ें. 100 बीट्स तक करें.
फायदा: पेट की मसल्स एक्टिव होती हैं, ब्लड फ्लो और सांस बेहतर होती है.
5. गेंद की तरह लुढ़कना
घुटनों को छाती से लगाकर बैठें, पीठ को C-शेप में करें. सांस लें और पीछे की ओर कंधों तक लुढ़कें. सांस छोड़ते हुए बिना पैर या सिर जमीन पर टिकाए आगे आएं.
फायदा: रीढ़ की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है, कोर मजबूत होता है और कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है.
इन पांच पिलाटे एक्सरसाइज को रोज 10 मिनट करने से आप बिना जिम जाए भी फिट और फ्लेक्सिबल बॉडी पा सकते हैं.
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Ayurvedic drinks for sleep: नींद हमारे शरीर का सबसे अहम रिपेयरिंग टाइम है, लेकिन आजकल नींद की समस्या बहुत आम हो चुकी है. कई लोग दिनभर की थकान के बाद भी ठीक से सो नहीं पाते. ऐसे में आयुर्वेद के कुछ सरल और प्राकृतिक नुस्खे आपकी रातों को शांत, आरामदेह और तनावमुक्त बना सकते हैं. आइए जानते हैं उन पेयों के बारे में जिन्हें सोने से पहले पीने पर नींद की गुणवत्ता काफी बेहतर हो सकती है.
आयुर्वेद के अनुसार, रात के समय वात दोष बढ़ जाता है, जिससे मन सक्रिय और बेचैन हो जाता है. इसलिए गरम, हल्के और सात्त्विक पेय शरीर और दिमाग को तेजी से शांत करते हैं. विज्ञान भी मानता है कि गर्म पेय तंत्रिका तंत्र को रिलैक्स करते हैं, ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं और पाचन को आसान बनाते हैं. ये सभी अच्छी नींद के लिए जरूरी हैं.
1. हल्दी दूध
रात में हल्दी दूध पीना सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. हल्दी शरीर और दिमाग की थकान मिटाती है. इसमें थोड़ा सा घी मिलाने से नींद और गहरी होती है और सुबह शरीर हल्का महसूस होता है.
2. अश्वगंधा दूध
अश्वगंधा तनाव कम करने के लिए आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध जड़ी-बूटी है. इसे दूध में मिलाकर पीने से शरीर रिलैक्स होता है और नींद की गहराई बढ़ती है.
3. दालचीनी दूध
दालचीनी पाचन बेहतर करती है और इसकी हल्की मिठास मन को शांत करती है. इससे सोने में देरी नहीं होती और नींद लगातार आती है.
4. ब्राह्मी टी
जो लोग मानसिक तनाव, ओवरथिंकिंग या दिमाग में लगातार विचार आने से परेशान रहते हैं, उन्हें ब्राह्मी टी काफी राहत देती है. यह मन को तुरंत शांत करती है.
5. कैमोमाइल टी
कैमोमाइल भले ही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी नहीं है, लेकिन इसकी चाय तनाव मिटाने, दिल की धड़कन को सामान्य करने और नींद की गुणवत्ता बढ़ाने में असरदार है.
6. गुनगुना पानी + शहद
हल्का शहद मिले गुनगुने पानी का एक गिलास शरीर, पाचन और मन तीनों पर सकारात्मक असर डालता है. यह नींद को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है.
7. खसखस या सौंफ का ड्रिंक
खसखस बेचैनी और अनिद्रा में राहत देता है. वहीं सौंफ का पानी पाचन सुधारकर रात में बार-बार जागने की समस्या कम करता है.
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Lemon Water Benefits: नींबू पानी को लंबे समय से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है. साधारण पानी भी उतना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन कई लोग इसमें नींबू मिलाकर पीना पसंद करते हैं, क्योंकि हल्का खट्टा स्वाद उन्हें ज़्यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर की हर कोशिका को पानी की ज़रूरत होती है और स्वाद के कारण कुछ लोगों में पानी पीने की आदत बेहतर हो जाती है.
विटामिन C का हल्का डोज़
नींबू विटामिन C का प्राकृतिक स्रोत है, जो इम्यून सिस्टम और त्वचा की सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व है. एक गिलास नींबू पानी दिनभर की ज़रूरत को पूरा नहीं करता, लेकिन यह सुबह-सुबह पोषण का हल्का डोज़ देने जैसा असर डाल सकता है. जिन लोगों में पेट में एसिड की कमी होती है, उन्हें इसका खट्टापन पाचन प्रक्रिया शुरू करने में मदद कर सकता है. हालांकि यह सबके लिए सही नहीं है, इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया देखकर ही इसे अपनाएं.
तापमान का ध्यान रखें
नींबू पानी बनाते समय ज़्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे विटामिन C की गुणवत्ता घट सकती है. हल्का गुनगुना पानी सबसे अच्छा रहता है. इतना गर्म कि पीना आरामदायक हो लेकिन उबलता हुआ न हो. इस तरह नींबू पानी अपने प्राकृतिक लाभ बनाए रखता है.
कब नुकसान कर सकता है
नींबू का एसिडिक स्वभाव कुछ लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है. खासकर जिन्हें एसिड रिफ्लक्स, पेट दर्द या जलन की शिकायत रहती है, उन्हें सावधान रहना चाहिए. बिना सोचे-समझे किसी ट्रेंड को अपनाने से पहले अपने शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है.
दांतों की सुरक्षा
बार-बार नींबू पानी पीने से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) कमजोर हो सकती है, जिससे संवेदनशीलता बढ़ने का खतरा रहता है. दांतों को सुरक्षित रखने के लिए इसे स्ट्रॉ से पीना या बाद में सादे पानी से कुल्ला करना बेहतर उपाय है.
डिटॉक्स का मिथक
कई लोग नींबू पानी को डिटॉक्स ड्रिंक मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्सीफिकेशन लिवर और किडनी खुद करते हैं. नींबू पानी हाइड्रेशन और पाचन में मददगार हो सकता है, पर इसे जादुई डिटॉक्स पेय न समझें.
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह की शुरुआत एक गिलास नींबू पानी से करने से शरीर को काम शुरू करने का संकेत मिलता है और दिनभर तरोताज़ा महसूस होता है, लेकिन संतुलन और सावधानी जरूरी है.