फाइल फोटो
Neem Benefits For Skin: आयुर्वेद में नीम को एक बेहद शक्तिशाली और बहुउपयोगी औषधि माना गया है. नीम के पत्तों से लेकर इसका तेल, पाउडर और पेस्ट तक सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. खासतौर पर त्वचा की देखभाल में नीम को बेहद असरदार माना जाता है.
नीम में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं. नीम न सिर्फ त्वचा को साफ और हेल्दी बनाता है, बल्कि स्किन को अंदर से डिटॉक्स भी करता है. आइए जानते हैं कि नीम को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से आपको कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं.
मुंहासे और फुंसी से राहत
नीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मुंहासों से लड़ने में बेहद कारगर है. नीम के पत्तों में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण पिंपल्स की वजह बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. यह स्किन की सूजन को कम करता है और नए मुंहासे बनने से रोकता है. नीम का फेस पैक या पेस्ट लगाने से त्वचा साफ और संक्रमण रहित रहती है.
स्किन को जवां बनाता है (एंटी-एजिंग इफेक्ट)
नीम में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. यह फाइन लाइन्स, झुर्रियों और उम्र के निशानों को कम करने में मदद करता है. नियमित रूप से नीम का उपयोग करने से त्वचा में कसाव आता है और वह लंबे समय तक जवां नजर आती है.
लालपन और जलन से राहत (एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण)
जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उन्हें अक्सर स्किन में जलन, खुजली या लालपन की समस्या होती है. नीम के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्किन को शांत करने में मदद करते हैं. नीम का फेस वॉश या टोनर इस्तेमाल करने से स्किन पर ठंडक मिलती है और सूजन कम होती है.
फंगल इंफेक्शन से बचाव
नीम में मौजूद एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज स्किन को फंगल इंफेक्शन से बचाती हैं. यह दाद, एथलीट फुट या स्किन पर होने वाले फंगल रैशेज को ठीक करने में भी मदद करता है. नीम का तेल या पाउडर प्रभावित हिस्से पर लगाने से इन्फेक्शन धीरे-धीरे कम होने लगता है.
काले घेरे और दाग-धब्बों को कम करता है
नीम का इस्तेमाल काले घेरे और चेहरे के दाग-धब्बों को हल्का करने में भी किया जाता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट और कूलिंग गुण स्किन टोन को समान बनाते हैं और डलनेस को दूर करते हैं. नीम को गुलाब जल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर लगाने से चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है.
ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए बेस्ट
अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है और बार-बार एक्ने होते हैं, तो नीम आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है. नीम स्किन से अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करता है और पोर्स को साफ रखता है. यह स्किन का pH लेवल बैलेंस करता है जिससे स्किन न तो बहुत ऑयली रहती है और न ही बहुत ड्राई.
1. नीम की पत्तियों को पीसकर फेस पैक की तरह लगाएं.
2. नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से चेहरा धोएं.
3. नीम का फेस वॉश, नीम ऑयल या नीम पाउडर का उपयोग करें.
4. स्किन इंफेक्शन में नीम का पेस्ट सीधे प्रभावित हिस्से पर लगाएं.
फाइल फोटो
फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को उनकी बेबाक सोच और बिना लाग-लपेट बोले जाने वाले बयानों के लिए जाना जाता है. वे अपनी फिल्मों के साथ-साथ अक्सर ऐसे मुद्दों पर भी टिप्पणी कर देते हैं, जिनसे विवाद खड़ा हो जाता है. कई बार उनका गुस्सा और आलोचनात्मक रवैया लोगों को चौंका देता है. अब हाल ही में वेबसीरीज 'पंचायत' में प्रहलाद पांडे का दमदार किरदार निभाने वाले एक्टर फैसल मलिक ने अनुराग का बचाव करते हुए उनके गुस्से के पीछे की वजह बताई है.
क्या बोले फैसल मलिक?
एक इंटरव्यू के दौरान फैसल मलिक से अनुराग कश्यप के गुस्से और उनकी विवादित छवि को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा, "अनुराग का गुस्सा हमेशा इंडस्ट्री की स्थिति को लेकर रहा है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को लेकर." उन्होंने यह भी कहा कि अनुराग उस सिस्टम से नाराज़ हैं, जो क्रिएटिविटी को सपोर्ट करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश करता है.
फैसल ने कहा कि अनुराग के शब्द तीखे ज़रूर होते हैं, लेकिन उनका इरादा हमेशा इंडस्ट्री में बेहतर बदलाव लाना होता है. वे अपने अनुभवों के आधार पर बात करते हैं और इंडस्ट्री में हो रही राजनीति, पक्षपात और गुटबाज़ी के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं.
अनुराग की बेबाकी और आलोचना
अनुराग कश्यप ने पहले भी कई बार बड़े प्रोडक्शन हाउसेज़, सेंसरशिप, और सरकार की नीतियों पर खुलकर बयान दिए हैं. उनकी इस बेबाकी के कारण कई बार उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा है लेकिन उनके करीबी और इंडस्ट्री के कुछ कलाकार हमेशा उनके सपोर्ट में खड़े नजर आते हैं.
फैसल और अनुराग की दोस्ती
फैसल मलिक और अनुराग कश्यप एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. फैसल ने यह भी बताया कि अनुराग बहुत संवेदनशील और ईमानदार इंसान हैं, जो दूसरों की क्रिएटिविटी की कद्र करते हैं. उनका गुस्सा सिस्टम से है, न कि इंडस्ट्री के लोगों से.
फाइल फोटो
Yoga for Flexibility: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह उठते ही शरीर में अकड़न, थकान और कमजोरी महसूस होना आम बात है. लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर के सामने बैठना, नींद पूरी न होना और अनियमित खान-पान जैसी आदतें हमारी सेहत पर बुरा असर डालती हैं. ऐसे में अगर आप दिन की शुरुआत कुछ आसान योगासन से करें, तो शरीर और मन दोनों को राहत मिल सकती है.
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवनशैली है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखती है. रोजाना योग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पाचन और हृदय क्रिया बेहतर होती है और मानसिक तनाव भी कम होता है. यहां जानिए तीन ऐसे आसान योगासन जो रोजाना करने से शरीर में लचीलापन और ताकत दोनों बढ़ती है.
पर्वतासन (Mountain Pose)
इस आसन में शरीर को सीधा और स्थिर रखा जाता है. जब आप हाथों को ऊपर उठाकर पूरे शरीर को खींचते हैं, तो कंधे और बाजुओं की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं. इससे रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों की जकड़न दूर होती है. पर्वतासन से शरीर ऊर्जावान महसूस करता है और पूरे दिन थकान नहीं होती.
शलभासन (Locust Pose)
इस आसन में पेट के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाया जाता है. इससे रीढ़, कमर और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. लंबे समय तक बैठने या ऑफिस के काम के कारण जो पीठ दर्द या अकड़न होती है, उसमें यह आसन बहुत लाभकारी है. साथ ही यह रक्त प्रवाह और दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है.
Boat Pose
नौकासन में शरीर को नाव के आकार में बनाया जाता है. इसमें आप हाथ और पैर दोनों को एक साथ ऊपर उठाते हैं. यह आसन पेट की मांसपेशियों को टोन करता है, पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और शरीर में ऊर्जा भरता है. नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और चलने-फिरने में हल्कापन महसूस होता है.
फाइल फोटो
Daily Healthy Seeds: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलावों से इन दिक्कतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर बीज (सीड्स) शामिल करें, तो यह न सिर्फ आपकी गट हेल्थ बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बना सकता है.
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर चिया सीड्स, अलसी और तुलसी के बीज के फायदे बताए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इन्हें सही तरीके से खाने से पाचन से जुड़ी कई दिक्कतें दूर हो सकती हैं.
1. चिया सीड्स
डॉ. सेठी के मुताबिक, चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में सॉल्यूबल फाइबर होता है. जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जो पेट में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. इससे कब्ज की समस्या दूर रहती है और डाइजेशन बेहतर होता है. वहीं, चिया सीड्स को कभी सूखा न खाएं. इन्हें खाने से पहले कम से कम 20–30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें. चाहें तो इन्हें रातभर के लिए भिगो दें और सुबह स्मूदी, जूस या दही के साथ लें.
2. अलसी
अलसी छोटे बीज होते हैं, लेकिन पोषण के मामले में बेहद ताकतवर हैं. इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है जो शरीर में सूजन कम करता है, हार्मोन को संतुलित रखता है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इन्हें हमेशा पीसकर ही खाना चाहिए क्योंकि साबुत अलसी शरीर से बिना पचे निकल जाती है. पिसी हुई अलसी ब्लोटिंग और हार्मोनल असंतुलन को कम करती है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है. डॉ. सेठी हफ्ते में 3–4 बार इसे खाने की सलाह देते हैं.
3. तुलसी के बीज
तुलसी के बीज दिखने में चिया जैसे होते हैं लेकिन स्वाद में हल्के मीठे और ज्यादा टेस्टी लगते हैं. ये बहुत जल्दी फूल जाते हैं और इनमें भी भरपूर सॉल्यूबल फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. डॉ. सेठी सलाह देते हैं कि इन्हें चिया सीड्स के साथ मिलाकर ओटमील, दही या बादाम दूध में डालकर खाया जाए. इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ता है बल्कि पौष्टिकता भी दोगुनी हो जाती है.