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Pill Stuck in Esophagus: कई बार हम जल्दी-जल्दी पानी के साथ गोली निगल लेते हैं और थोड़ी देर में सीने या गले में तेज जलन, चुभन या दर्द महसूस होने लगता है. ऐसा लगता है कि दवा पेट तक नहीं पहुंची और अंदर ही कहीं अटक गई है. यही स्थिति आगे चलकर 'पिल- इंड्यूस्ड एसोफैगिटिस' बन सकती है, जिसका सामान्य सा अर्थ दवा की वजह से भोजन नली में सूजन है.
हमारी भोजन नली एक पतली सी ट्यूब है जो मुंह को पेट से जोड़ती है. जब गोली सही तरीके से नीचे नहीं जाती और पेट से मिलने वाले हिस्से के पास फंस जाती है, तो वहीं घुलकर जलन या घाव बना सकती है. इसलिए निगलने में दिक्कत, आवाज बैठना, या ऐसा महसूस होना कि कुछ अटका हुआ है आम संकेत हैं.
यूके की 'लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी' में एनाटॉमी के प्रोफेसर एडम टेलर ने पिछले हफ्ते कन्वर्सेशन में लिखा, "हालांकि यह बहुत ज्यादा देखने वाली समस्या नहीं है, फिर भी हर साल लगभग 1 लाख में 4 लोग इससे प्रभावित पाए जाते हैं. संख्या और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि छोटे-मोटे मामले अक्सर बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं."
कुछ लोगों में इसका जोखिम भी अधिक होता है. अधेड़ उम्र की महिलाओं को सजग रहने की जरूरत है क्योंकि उम्र के साथ दिक्कतें बढ़ती हैं तो दवाओं की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ जाती है. बुजुर्गों में उम्र के साथ भोजन नली की ताकत कम हो जाती है. इनके अलावा जिनका दिल या थायरॉयड बड़ा हो उनमें निगलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.
शोध में माना गया कि कोई भी गोली नुकसान कर सकती है, लेकिन एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, आयरन वाली गोलियां और हड्डियों के इलाज की दवाएं अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं. अधिकतर मामलों में यह तकलीफ कुछ दिनों में ठीक हो सकती है, लेकिन सावधानी जरूरी है. गोली हमेशा भरपूर पानी के साथ निगलें और दवा लेते ही लेटें नहीं. अगर दर्द बढ़ता जाए या निगलना मुश्किल हो, तो डॉक्टर को तुरंत बताएं.
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Weight Loss Foods: आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बन चुकी है, जो न सिर्फ हमारी पर्सनैलिटी को प्रभावित करता है बल्कि कई गंभीर बीमारियों की वजह भी बनता है. डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और थायराइड जैसी समस्याओं का सीधा संबंध बढ़ते वजन से जुड़ा होता है. ऐसे में अगर आप स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीना चाहते हैं, तो वजन को संतुलित रखना बेहद जरूरी है.
वजन कम करने के लिए सबसे अहम भूमिका आपकी डाइट और लाइफस्टाइल की होती है. सही खान-पान और नियमित दिनचर्या से न सिर्फ वजन घटाया जा सकता है, बल्कि शरीर को संपूर्ण पोषण भी दिया जा सकता है. आज हम आपको कुछ ऐसे सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं जो वजन कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं. ये फूड्स कम कैलोरी वाले होते हैं लेकिन इनमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है, जिससे पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है और बार-बार खाने की जरूरत महसूस नहीं होती.
1. अवोकाडो (Avocado)
हालांकि अवोकाडो में कैलोरी थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन ये कैलोरीज़ हेल्दी फैट्स से आती हैं. इसमें मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैट्स और फाइबर न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि लंबे समय तक भूख भी नहीं लगने देते. यह पेट को भरा रखने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है.
2. बेरीज (Berries)
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी जैसी बेरीज स्वाद में तो अच्छी होती ही हैं, साथ ही ये नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत भी होती हैं. इनमें कैलोरी कम होती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना कम होती है. साथ ही मीठा खाने की इच्छा होने पर ये एक हेल्दी विकल्प बनती हैं.
3. ओट्स (Oats)
ओट्स को वजन घटाने के लिए सुपरफूड कहा जाता है. इसमें सॉल्युबल फाइबर होता है जो पेट में जाकर पानी के साथ मिलकर जेल जैसा बन जाता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती. अगर आप दिन की शुरुआत ओट्स से करते हैं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी एक्टिव करता है.
4. बीन्स और दालें (Beans and Lentils)
राजमा, छोले, मसूर और मूंग जैसी दालें प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती हैं. यह शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देती हैं और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करती हैं. इनके सेवन से पेट जल्दी नहीं खाली होता, जिससे आप अनहेल्दी स्नैक्स से बच जाते हैं.
5. अंडे (Eggs)
अंडे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं और वजन कम करने वालों के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं. खासतौर पर अगर आप नाश्ते में अंडा शामिल करते हैं, तो दिनभर एनर्जी बनी रहती है और बार-बार खाने की जरूरत नहीं पड़ती. यह मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर को पोषण देते हैं.
6. हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Greens)
पालक, मेथी, केल, सरसों जैसी हरी सब्जियां फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का खजाना हैं. इनकी खासियत यह है कि इनमें कैलोरी बहुत कम होती है, लेकिन पोषण भरपूर मिलता है. इन्हें सलाद, सूप या सब्जी के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है.
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Muscle Pain Relief: आज की तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल में गर्दन और कंधे के दर्द की समस्या बेहद आम हो चुकी है. खासकर मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल, लैपटॉप पर झुककर काम करना, गलत तरीके से सोना या शरीर में कमजोरी, यह सब मिलकर इस दर्द को और बढ़ा देते हैं. सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि ठंड के कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और खिंचाव बढ़ जाता है.
अधिकतर लोग इस दर्द से राहत पाने के लिए पेन-किलर दवाइयों, स्प्रे या जेल का सहारा लेते हैं. हालांकि ये उपाय त्वरित राहत देते हैं, लेकिन लंबे समय तक फायदेमंद नहीं होते और बार-बार दवाइयां लेने से शरीर पर इसके दुष्प्रभाव भी पड़ सकते हैं. इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए आयुर्वेद में प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार बताए गए हैं.
इसी कड़ी में आचार्य बालकृष्ण ने हाल ही में एक घरेलू नुस्खा साझा किया है, जो गर्दन और कंधे के दर्द में काफी प्रभावी माना जा रहा है. यह नुस्खा न केवल आसान है, बल्कि बेहद कम लागत में घर पर ही तैयार किया जा सकता है.
आवश्यक सामग्री
अरंडी का तेल – 50 ml
लहसुन – 4 कलियां (हल्का कूटा हुआ)
तेल तैयार करने की विधि
एक छोटे पैन में अरंडी का तेल गर्म करें और इसमें कूटा हुआ लहसुन डालकर धीमी आंच पर पकने दें. जब लहसुन पूरी तरह काला होने लगे, गैस बंद कर दें. तेल ठंडा होने पर छानकर एक साफ शीशी में भर लें. यह तेल कई दिनों तक सुरक्षित रह सकता है.
यह तेल इतना असरदार क्यों है?
अरंडी का तेल गर्म तासीर वाला माना जाता है, जो मांसपेशियों की जकड़न को ढीला करता है और सूजन कम करता है. वहीं लहसुन में मौजूद सल्फर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द को तेजी से शांत करते हैं. दोनों के मिल जाने से यह तेल मसल्स पेन, स्ट्रेन और स्टिफनेस में बेहद कारगर साबित होता है.
कैसे करें इस्तेमाल?
5–10 मिनट तक इस गुनगुने तेल से गर्दन और कंधों की हल्की मालिश करें. इसके बाद गर्म कपड़े या हॉट बैग से सेक करने पर प्रभाव तेजी से दिखता है. रोजाना रात को सोने से पहले यह प्रक्रिया अपनाने पर कुछ ही दिनों में दर्द में काफी कमी महसूस होती है.
किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?
कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने वालों को
सुबह उठते ही जकड़न महसूस करने वालों को
बैठे-बैठे काम करने वाले प्रोफेशनल्स को
यह नुस्खा सुरक्षित है और बिना दवा के प्राकृतिक तरीके से राहत देता है.
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फिटनेस और हेल्दी डाइट को लेकर जागरूक लोगों के बीच चिया सीड्स काफी लोकप्रिय हो गए हैं. छोटे दिखने वाले ये बीज फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो पाचन और गट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद हैं. जब इन्हें भिगोकर पुडिंग बनाया जाता है, तो यह नाश्ते के लिए एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प बन जाता है.
फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर कुछ हेल्दी चिया पुडिंग रेसिपी शेयर की हैं. ये रेसिपी दिखने में तो डेजर्ट जैसी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आइए जानें कि इन्हें घर पर कैसे बनाया जा सकता है.
1. कोकोनट मैंगो चिया पुडिंग
दो लोगों के लिए ½ कप लाइट कोकोनट मिल्क, ¼ कप ग्रीक योगर्ट, 4 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच कद्दूकस किया नारियल और ¾ कप आम लें. सबको अच्छी तरह मिलाकर रात भर फ्रिज में रखें. सुबह ताजे आम के टुकड़ों के साथ सर्व करें. यह रेसिपी गर्मियों के लिए परफेक्ट है.
2. ब्लूबेरी चिया पुडिंग
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इस रेसिपी के लिए ½ कप ब्लूबेरी, ¾ कप ग्रीक योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप और 3 चम्मच चिया सीड्स लें. ब्लूबेरी, योगर्ट और सिरप को ब्लेंड करें, फिर उसमें चिया मिलाकर फ्रिज में रख दें. सुबह ऊपर से ब्लूबेरी या डार्क चॉकलेट डालकर खाएं.
3. माचा लाटे चिया पुडिंग
माचा फ्लेवर पसंद करने वालों के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है. 1 कप ओट मिल्क, 2 चम्मच माचा पाउडर, ¼ कप चिया सीड्स और थोड़ा मेपल सिरप मिलाकर रात भर ठंडा करें. सुबह रास्पबेरी और बादाम से सजाकर खाएं.
4. रास्पबेरी चिया पुडिंग
½ कप रास्पबेरी, ½ कप दूध, ¼ कप योगर्ट, 3 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच नींबू रस और थोड़ा मेपल सिरप मिलाएं. रात भर ठंडा करें और सुबह ग्रेनोला या रास्पबेरी से गार्निश करें.
5. मैंगो चिया पुडिंग
1 बड़ा आम, ¾ कप योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप, एक चुटकी नमक और ½ कप चिया सीड्स मिलाकर रात भर रखें. सुबह ऊपर से आम के टुकड़े डालें और परोसें.
क्यों फायदेमंद है
चिया सीड्स में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती. ये पाचन को सुधारते हैं और एनर्जी लेवल बनाए रखते हैं. इसलिए अगर आप हेल्दी, आसान और टेस्टी ब्रेकफास्ट की तलाश में हैं, तो चिया पुडिंग एक परफेक्ट चॉइस हो सकती है.