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दिवाली के बाद थकान और भारीपन? इन 6 आसान आदतों से करें पूरा डिटॉक्स

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Post Diwali Detox Tips: दिवाली के दौरान खूब मिठाइयां, नमकीन और तले-भुने पकवान खाने का मज़ा तो सबको आता है, लेकिन उसके बाद शरीर का थका हुआ और भारी महसूस करना आम बात है. मिठाइयों और मसालेदार खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं, जिससे थकान, ब्लोटिंग और पाचन की समस्या होती है. अगर आपको भी दिवाली के बाद सुस्ती और भारीपन महसूस हो रहा है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं. कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने शरीर को फिर से एक्टिव, हल्का और एनर्जेटिक बना सकते हैं.

1. सुबह पिएं नींबू-शहद वाला पानी
सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं. यह शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है. साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन घटाने में भी फायदेमंद होता है.

2. शुगर से लें ब्रेक
त्योहारों के दौरान खाई गई मिठाइयों का असर शरीर पर लंबे समय तक रहता है. ऐसे में 2–3 हफ्तों तक चीनी से परहेज करें. इसके बजाय गुड़, खजूर या शहद का सीमित इस्तेमाल करें. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है और थकान कम करता है.

3. फाइबर से भरपूर डाइट लें
फाइबर शरीर के लिए नेचुरल डिटॉक्स एजेंट की तरह काम करता है. इसलिए अपने खाने में सलाद, अंकुरित अनाज, ओट्स, फल और हरी सब्जियां ज़रूर शामिल करें. ये पाचन को दुरुस्त रखते हैं और पेट की सूजन को घटाते हैं.

4. खूब पानी पिएं
पर्याप्त पानी पीना डिटॉक्स प्रक्रिया का सबसे ज़रूरी हिस्सा है. दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी ज़रूर पिएं. चाहें तो डिटॉक्स वॉटर (नींबू, पुदीना और खीरे के साथ) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

5. हल्की एक्सरसाइज करें
त्योहारों के बाद शरीर को फिर से सक्रिय करने के लिए योग, स्ट्रेचिंग या मॉर्निंग वॉक करें. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सुस्ती दूर होती है.

6. पूरी नींद लें
त्योहारों के दौरान नींद की कमी आम है. अब कोशिश करें कि हर दिन 7–8 घंटे की नींद लें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके और एनर्जी लेवल बढ़ सके. इन आसान आदतों को अपनाकर आप दिवाली के बाद भी अपनी सेहत और एनर्जी दोनों को वापस पा सकते हैं. 


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Written by: Taushif

23 Oct 2025  ·  Published: 20:23 IST

शारीरिक काम कम, फिर भी थकान ज्यादा? जानिए असली कारण

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Mental Fatigue Causes: अक्सर हम सोचते हैं कि अगर शरीर थका हुआ नहीं है तो हमें थकान क्यों महसूस होती है लेकिन सच यह है कि मानसिक थकान भी उतनी ही गहरी हो सकती है जितनी शारीरिक थकान. दिनभर का बोझ, छोटी-छोटी आदतें और लगातार चलने वाला मानसिक दबाव हमारी ऊर्जा को धीरे-धीरे खत्म करता है. आइए जानते हैं सात ऐसी आदतों के बारे में, जो हमारी मेंटल एनर्जी को चुपचाप खा जाती हैं.

1. बार-बार अपनी बात समझाना
हम अक्सर सोचते हैं कि हमारी भावनाएं, फैसले या पसंद दूसरों को पूरी तरह समझ आनी चाहिए. इसी वजह से हम बार-बार सफाई देने लगते हैं लेकिन यह आदत थकान का कारण बनती है, क्योंकि हर किसी को मनाना या संतुष्ट करना जरूरी नहीं होता. याद रखें, आपके फैसले आपकी सहजता पर आधारित होने चाहिए, न कि सबको खुश करने पर.

2. हर किसी की समस्या हल करने की कोशिश
कभी कोई दोस्त दुखी हो या सहकर्मी तनाव में हो, तो तुरंत सलाह देने या उनकी समस्या सुलझाने की कोशिश करते हैं. ऐसा करने से हम अनजाने में दूसरों का बोझ भी अपने सिर ले लेते हैं. ज़रूरी नहीं कि हर बार समाधान दें, कई बार सिर्फ ध्यान से सुन लेना भी मददगार होता है.

3. मल्टीटास्किंग
आजकल लोग मल्टीटास्किंग को एक बड़ी कला मानते हैं, लेकिन हमारा दिमाग इसके लिए बना ही नहीं है. जब हम एक साथ कई काम करते हैं, तो दिमाग बार-बार ध्यान बदलता है. इससे न तो काम ठीक से हो पाता है और न ही दिमाग को आराम मिलता है. बेहतर है कि एक समय पर सिर्फ एक काम पर ध्यान दें.

4. पुराने विवादों को याद करना
बीती बातें बार-बार दिमाग में घूमती रहती हैं और हमें भीतर से थका देती हैं. पुरानी लड़ाइयां या विवाद सिर्फ तनाव बढ़ाते हैं. जब भी ऐसा हो, खुद को याद दिलाएं कि वो समय खत्म हो चुका है. इससे आपका मन धीरे-धीरे वर्तमान पर केंद्रित होगा.

5. बिना मन से हां कहना
कभी-कभी हम सिर्फ सामने वाले को नाराज़ न करने के लिए हां कह देते हैं लेकिन अंदर ही अंदर यह हमें परेशान करता है. अपनी क्षमता और भावनाओं को समझकर ही कोई निर्णय लें. याद रखें, मना करना भी उतना ही जरूरी है जितना हां कहना.

6. बहुत ज्यादा शोर और स्क्रीन टाइम
लगातार सोशल मीडिया, वीडियो, खबरें और नोटिफिकेशन हमारे नर्वस सिस्टम को थका देते हैं. यह मानसिक शांति को खत्म करता है. कोशिश करें कि दिन में कुछ समय के लिए फोन से दूर रहें, चाय पिएं या खुली हवा में टहलें. यह छोटा-सा ब्रेक दिमाग को तरोताज़ा कर देता है.

7. अपनी भावनाओं को अनदेखा करना
जब आप उदास, चिड़चिड़े या तनावग्रस्त हों और इसे नज़रअंदाज़ कर दें, तो यह मन पर दबाव बनाता है. बेहतर होगा कि अपनी भावनाओं को पहचानें, उन्हें लिखें या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें. इससे मन हल्का होता है और ऊर्जा वापस आती है.

क्या करें मानसिक शांति के लिए?
इन आदतों को बदलने के साथ एक आसान-सा अभ्यास आपकी मदद कर सकता है. सांसों पर ध्यान देना.
रोज़ाना सिर्फ 2 मिनट शांति से बैठकर अपनी सांसों को आते-जाते देखें. इसे बदलने की कोशिश न करें, बस महसूस करें. यह अभ्यास दिमाग और शरीर दोनों को आराम देता है और आपकी मानसिक ऊर्जा को फिर से ताजा कर देता है.


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Written by: Taushif

09 Sep 2025  ·  Published: 13:06 IST

सर्दी-खांसी और जुकाम में चाहिए तुरंत राहत, पिएं ये 5 आयुर्वेदिक काढ़े

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Ayurvedic Kadha for Cold and Cough: सर्दियों के मौसम में खांसी और जुकाम की वजह से शरीर पूरे दिन थका हुआ और एनर्जी की कमी महसूस करता है. नाक बहना, गले में खराश और हल्का बुखार जैसे लक्षण आम हैं. ऐसे मामलों में आयुर्वेदिक काढ़ा बहुत मददगार हो सकता है. ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और वायरस से लड़ने की ताकत देते हैं.

आयुर्वेद के मुताबिक, सर्दी और खांसी मुख्य रूप से कफ दोष बढ़ने के कारण होती है. इसलिए, गर्म, तीखे और हल्के सूखने वाले गुणों वाले काढ़े कफ को कम करते हैं और तुरंत आराम देते हैं. अदरक, दालचीनी, काली मिर्च और तुलसी कफ को बैलेंस करते हैं, जबकि गिलोय और हल्दी शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं.

पहला असरदार काढ़ा है अदरक-तुलसी का काढ़ा
अदरक शरीर की अकड़न और सूजन को कम करता है और तुलसी इम्यूनिटी बढ़ाती है. इसे बनाने के लिए एक इंच अदरक का टुकड़ा और 10-12 तुलसी के पत्ते दो कप पानी में उबालें. स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं. इसे दिन में 1-2 बार पीना काफी है.

दूसरा काढ़ा है काली मिर्च-लौंग-दालचीनी का काढ़ा
इसका बहुत गर्म असर होता है, जो बलगम को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है. काली मिर्च वायरल एक्टिविटी को कम करती है, लौंग गले की खराश से राहत देती है, और दालचीनी शरीर को गर्म रखती है.

तीसरा है गिलोय-अदरक का काढ़ा
गिलोय को आयुर्वेद में अमृत माना जाता है और जब इसे अदरक के साथ लिया जाता है, तो यह इन्फेक्शन को जल्दी कम करने में मदद करता है. चौथा है हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क) हल्दी एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी है और दूध शरीर को आराम देता है और गले की खराश से तुरंत राहत देता है.

पांचवां है मुलेठी-तुलसी का काढ़ा
मुलेठी गले की जलन को शांत करती है और तुलसी इम्यूनिटी बढ़ाती है. हालांकि, याद रखें कि बहुत गर्म काढ़े ज़्यादा मात्रा में न पिएं. काढ़ा दवा का विकल्प नहीं है, लेकिन ये राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत मददगार होते हैं.


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Written by: Taushif

13 Dec 2025  ·  Published: 22:11 IST

नारियल पानी है असली स्पोर्ट्स ड्रिंक, गूगल नहीं नेचर पर भरोसा करो! समीरा रेड्डी ने बताई नारियल पानी की अहमियत

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Sameera Reddy Coconut Water Video: बॉलीवुड अभिनेत्री समीरा रेड्डी अब फिल्मों में कम दिखती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वह लगातार एक्टिव रहती हैं और फैंस से जुड़ी रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक मज़ेदार और प्रेरणादायक वीडियो शेयर की, जो खूब वायरल हो रही है.

समीरा रेड्डी इन दिनों गोवा में अपने परिवार के साथ रहती हैं और प्रकृति के बीच सादा जीवन जीती हैं. वह फिटनेस और नेचुरल चीज़ों के इस्तेमाल पर बहुत ध्यान देती हैं. अपनी इसी लाइफस्टाइल को दिखाते हुए उन्होंने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें वह पेड़ से खुद नारियल तोड़कर उसका पानी पीती नजर आ रही हैं.

वीडियो शेयर करते हुए समीरा ने लिखा, “नारियल पानी को बस पी लो, गूगल मत करो! इसके फायदे जानने के लिए सर्च करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह अपने आप में नेचर का सबसे बढ़िया एनर्जी ड्रिंक है.” उन्होंने बताया कि नारियल पानी न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि बेहद फायदेमंद भी है. यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है और दिल की सेहत का ख्याल रखता है. उन्होंने कहा, “वर्कआउट के बाद इसे पीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. ये असली नेचुरल स्पोर्ट्स ड्रिंक है, सीधे नारियल से!”

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी में पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, मांसपेशियों की कार्यप्रणाली सुधारते हैं और पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं. आयुर्वेदिक ग्रंथ ‘सुश्रुत संहिता’ के मुताबिक, नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर को ठंडा रखता है.

हालांकि, डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि जिन लोगों को किडनी की समस्या है या जिनका ब्लड शुगर असंतुलित रहता है, उन्हें नारियल पानी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. समीरा रेड्डी का यह वीडियो लोगों को प्रकृति के नज़दीक रहने और नेचुरल लाइफस्टाइल अपनाने का सुंदर संदेश देता है, “हर चीज़ का जवाब इंटरनेट नहीं, कभी-कभी एक नारियल में भी सेहत छिपी होती है.”
 


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Written by: Taushif

13 Nov 2025  ·  Published: 22:47 IST