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उम्र नहीं, पोषण की कमी की चेतावनी देते हैं सफेद बाल, कैसे पाएं इससे छुटकारा

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फाइल फोटो

Premature Grey Hair Causes: बदलती लाइफस्टाइल और तनाव भरी जिंदगी बीमारियों की वजह बन रही है. कम उम्र में ही स्किन और बालों से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. आज बच्चों से लेकर युवाओं में जल्दी बाल सफेद होने की परेशानी देखी जा रही है. बाल सफेद होना सिर्फ खराब लाइफस्टाइल का कारण नहीं है, बल्कि ये पोषण की कमी, तनाव और लापरवाही का संकेत देता है। पहले जानते हैं कि बाल क्यों असमय सफेद होते हैं.

आयुर्वेद में बाल सफेद होने की परेशानी को वात दोष, रक्त धातु, हॉर्मोन के असंतुलन और रस धातु से जोड़कर देखा गया है. जब शरीर अंदर से स्वस्थ होता है, तो बाल और स्किन दोनों ही चमकदार होते हैं. आयुर्वेद में सफेद बालों की परेशानी को कम करने के लिए कई जड़ी-बूटियों को लाभकारी बताया है. इसमें आंवला, ब्रह्मी, जटामांसी, करी पत्ता, भृंगराज, गुड़हल, मुलेठी और नीम का पाउडर शामिल है. डॉक्टरी परामर्श के साथ अगर इन जड़ी-बूटियों का सेवन किया जाए, तो सफेद बाल होने की परेशानी को रोका जा सकता है.

ये सभी जड़ी बूटियां बालों की जड़ों को पोषित करती हैं और प्राकृतिक तरीके से उन्हें रंग भी देती हैं. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बाल तब सफेद होना शुरू होते हैं जब शरीर में मेलानिन प्रभावित होता है. यह स्किन और बाल दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसके अलावा, विटामिन बी12, आयरन की कमी, नींद आने में परेशानी होना, तनाव लेना, सिर दर्द की परेशानी लगातार होना और आंखों की रोशनी कम होना भी बालों के सफेद होने का कारण होते हैं.

आयुर्वेदिक उपायों के अलावा शरीर को भीतर से ठीक करने की भी जरूरत होती है. शरीर का आंत का साफ होना और रक्त का शुद्ध होना बालों का स्वास्थ्य दर्शाता है. शरीर की अंदरूनी सफाई के लिए रोजमर्रा की दिनचर्या में बदलाव की जरूरत होती है. इसके लिए सुबह गुनगुना पानी पीना, आंवला का सेवन करना, नाश्ते में फलों का सेवन करना, भुने काले तिल का सेवन करना, सुबह की धूप लेना और हफ्ते में कम से कम दो बार गुनगुने तेल से मालिश करना चाहिए. ये तरीके शरीर को अंदर से पोषण देंगे.

बालों को सही पोषण देने के लिए घर पर आसानी से पोषक तत्वों से भरपूर तेल भी बना सकते हैं, जिसे पोटली तेल कहा जाता है. इसमें अपने पसंदीदा तेल में करी पत्ता, भृंगराज, गुड़हल, नीम, मेथी दाना और आंवला को सूती पोटली में बांधकर तेल में तब तक उबालें जब तक उसका रंग गहरा न हो जाए. तेल को छानकर इस्तेमाल करें और हफ्ते में दो बार लगाएं. इससे बालों को मजबूती मिलेगी.
 


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Written by: Taushif

29 Nov 2025  ·  Published: 19:23 IST

दवा निगलने के बाद सीने में जलन? वजह हो सकती है गोली का बीच में अटकना

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Pill Stuck in Esophagus: कई बार हम जल्दी-जल्दी पानी के साथ गोली निगल लेते हैं और थोड़ी देर में सीने या गले में तेज जलन, चुभन या दर्द महसूस होने लगता है. ऐसा लगता है कि दवा पेट तक नहीं पहुंची और अंदर ही कहीं अटक गई है. यही स्थिति आगे चलकर 'पिल- इंड्यूस्ड एसोफैगिटिस' बन सकती है, जिसका सामान्य सा अर्थ दवा की वजह से भोजन नली में सूजन है.

हमारी भोजन नली एक पतली सी ट्यूब है जो मुंह को पेट से जोड़ती है. जब गोली सही तरीके से नीचे नहीं जाती और पेट से मिलने वाले हिस्से के पास फंस जाती है, तो वहीं घुलकर जलन या घाव बना सकती है. इसलिए निगलने में दिक्कत, आवाज बैठना, या ऐसा महसूस होना कि कुछ अटका हुआ है आम संकेत हैं.

यूके की 'लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी' में एनाटॉमी के प्रोफेसर एडम टेलर ने पिछले हफ्ते कन्वर्सेशन में लिखा, "हालांकि यह बहुत ज्यादा देखने वाली समस्या नहीं है, फिर भी हर साल लगभग 1 लाख में 4 लोग इससे प्रभावित पाए जाते हैं. संख्या और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि छोटे-मोटे मामले अक्सर बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं."

कुछ लोगों में इसका जोखिम भी अधिक होता है. अधेड़ उम्र की महिलाओं को सजग रहने की जरूरत है क्योंकि उम्र के साथ दिक्कतें बढ़ती हैं तो दवाओं की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ जाती है. बुजुर्गों में उम्र के साथ भोजन नली की ताकत कम हो जाती है. इनके अलावा जिनका दिल या थायरॉयड बड़ा हो उनमें निगलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.

शोध में माना गया कि कोई भी गोली नुकसान कर सकती है, लेकिन एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, आयरन वाली गोलियां और हड्डियों के इलाज की दवाएं अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं. अधिकतर मामलों में यह तकलीफ कुछ दिनों में ठीक हो सकती है, लेकिन सावधानी जरूरी है. गोली हमेशा भरपूर पानी के साथ निगलें और दवा लेते ही लेटें नहीं. अगर दर्द बढ़ता जाए या निगलना मुश्किल हो, तो डॉक्टर को तुरंत बताएं.
 


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Written by: Taushif

25 Nov 2025  ·  Published: 10:37 IST

Health News: नींद का दुश्मन है मोबाइल! जल्दी उठने के लिए करें ये बदलाव

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Health News: अगर आप भी सोचते हैं कि काश मैं सुबह जल्दी उठ पाता, तो ये खबर आपके लिए है। सुबह जल्दी उठना सेहत, दिमाग और लाइफस्टाइल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन जिन लोगों को देर से सोने और देर से उठने की आदत है, उनके लिए ये थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तो चलिए जानते हैं आसान भाषा में कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी मदद करेंगे।

सुबह जल्दी उठने के फायदे
1.    मन खुश और पॉजिटिव रहता है।
2.    ध्यान और याददाश्त बेहतर होती है।
3.    बीमार होने का खतरा कम होता है।
4.    चेहरा फ्रेश और स्किन चमकदार दिखती है।
5.    पूरा दिन एनर्जी भरा रहता है, काम जल्दी होते हैं।

 क्या करना चाहिए?
1.    सुबह उठने का मन बनाइए, सबसे पहले दिमाग को तैयार कीजिए कि आपको सुबह जल्दी उठना है। हमारी बॉडी की नेचुरल घड़ी (सर्केडियन रिदम) वैसे भी सुबह उठने के लिए बनी है।

2. जल्दी सोने की आदत डालिए, अगर रात 2 बजे सोएंगे, तो 6 बजे कैसे उठेंगे? कोशिश करें कि रात 10 बजे तक सो जाएं। सोने से पहले मोबाइल, टीवी बंद कर दें और दिमाग शांत करें। भारी खाना न खाएं, हल्की वॉक करें ताकि नींद अच्छे से आए।

3. रात की अच्छी नींद जरूरी है, सोने से पहले दूध में केसर या शहद डालकर पिएं। अनुलोम-विलोम जैसे आसान योग से दिमाग शांत करें। बहुत ज़्यादा टाइम देखने या "नींद क्यों नहीं आ रही" सोचने से नींद और भागेगी।

अलार्म ट्रिक अपनाएं
अलार्म सुनते ही उठें, बार-बार स्नूज़ न करें। अलार्म को थोड़ा दूर रखें ताकि आपको उठकर बंद करना पड़े। उठते ही पानी पिएं, फ्रेश हवा में जाएं और चेहरा ठंडे पानी से धोएं।

आदत बनाने के आसान तरीके
2-3 दिन में ही आदत नहीं बनती, थोड़ा समय लगेगा। दिन में ज़्यादा देर की नींद न लें, अगर थकान लगे तो 15-20 मिनट की नैप लें। सुबह उठने के लिए कोई कारण रखें – जैसे योग, पढ़ाई, वॉक या खेल।

जल्दी सोने के लिए क्या करें?
रात में हल्का और जल्दी खाना खाएं। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल-TV बंद कर दें। अंधेरे और शांत कमरे में सोने की कोशिश करें।
 


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Written by: Taushif

25 Jul 2025  ·  Published: 04:49 IST

सर्दियों में स्किन को रखें हेल्दी और ग्लोइंग, जानें कौन से फल हैं सबसे फायदेमंद

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Winter Skincare: सर्दियां शुरू होते ही जहां गर्म कपड़े और गरम चाय का मजा बढ़ जाता है, वहीं ठंडी हवा हमारी त्वचा की नमी छीन लेती है. इसके बाद स्किन डल, रूखी और बेजान हो जाती है. लेकिन अगर आप चाहें तो कुछ फलों को अपनी डाइट में शामिल करके इस समस्या से बच सकते हैं. ये फल न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट आपकी स्किन को अंदर से हाइड्रेट और ग्लोइंग बनाए रखते हैं. आइए जानते हैं सर्दियों के पांच बेस्ट फल जो आपकी स्किन को हेल्दी रखेंगे.

1. संतरा
सर्दियों में ड्राइनेस और डलनेस से बचने के लिए संतरा जरूर खाएं. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो कोलेजन को बढ़ाता है और स्किन को टाइट रखता है. यह प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाव करता है. रोजाना एक संतरा खाने या इसका जूस पीने से स्किन ब्राइट और फ्रेश दिखती है.

2. अनार
अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन को एजिंग के असर से बचाते हैं और डैमेज सेल्स को रिपेयर करते हैं. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और चेहरा गुलाबी, हेल्दी और ग्लोइंग दिखता है. आयुर्वेद के मुताबिक, अनार ‘वात दोष’ को संतुलित करता है, जिससे स्किन की ड्राइनेस कम होती है.

3. पपीता
पपीता स्किन के लिए नेचुरल क्लेंजर की तरह काम करता है. इसमें पपेन एंजाइम होता है जो डेड स्किन हटाकर नई, सॉफ्ट और चमकदार स्किन लाता है. विटामिन A, C और E की मौजूदगी स्किन को रिपेयर और मॉइस्चराइज करती है.

4. आंवला
आंवला सर्दियों का सुपरफूड है. यह विटामिन C से भरपूर होता है, जो स्किन को टाइट, ब्राइट और यंग बनाए रखता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है जिससे पिंपल्स और डलनेस कम होती है. इसे कच्चा, जूस या अचार के रूप में लिया जा सकता है.

5. ब्लूबेरी
ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C भरपूर होते हैं, जो स्किन की रेडनेस और पफीनेस कम करते हैं. यह कोलेजन को बढ़ाकर स्किन को जवां और टाइट बनाते हैं.


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Written by: Taushif

18 Oct 2025  ·  Published: 12:01 IST