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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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सुबह लहसुन खाने से कैसे बनाएं मजबूत इम्यून सिस्टम और दिल

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फाइल फोटो

Raw Garlic Benefits: आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अलग-अलग हेल्दी फूड्स अपना रहे हैं. इसमें लहसुन भी एक अहम जगह रखता है. खासतौर पर खाली पेट सुबह उठते ही कच्चा लहसुन खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं. यह सिर्फ रसोई में आसानी से मिलने वाली सब्जी नहीं, बल्कि एक नेचुरल सुपरफ़ूड की तरह काम करता है.

कच्चा लहसुन एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. इसे रोजाना खाने से इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ता है. महंगे सप्लीमेंट्स की जगह यह नेचुरल तरीके से शरीर को मजबूत बनाता है. लहसुन ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है. यह ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है.

रोजाना लहसुन खाने से हृदय की सेहत भी सुधरती है. यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाता है, आर्टरीज में जमावट नहीं होने देता और दिल के दौरे या स्ट्रोक के खतरे को कम करता है. डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए भी लहसुन फायदेमंद है. यह नेचुरल प्रीबायोटिक की तरह काम करता है और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. इसके नियमित सेवन से सूजन कम होती है और पाचन बेहतर होता है.

लहसुन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है. यह इंसुलिन के काम में सहायक होता है और डायबिटीज रोगियों को ग्लूकोज नियंत्रित करने में नेचुरल तरीका देता है. इसके अलावा, लहसुन इंफेक्शंस से लड़ने और शरीर को डिटॉक्स करने में भी काम आता है. इसके एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण फ्लू, सर्दी और अन्य संक्रमणों से बचाव करते हैं.

लहसुन रोजाना खाने से एनर्जी बढ़ती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और ऑक्सीजन की कमी को दूर करता है. साथ ही इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करते हैं. तो दिन में सिर्फ एक कच्ची लहसुन की कली खाना आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. यह नेचुरल, सस्ता और आसान तरीका है हेल्दी रहने का.


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Written by: Taushif

01 Sep 2025  ·  Published: 11:30 IST

किडनी की बीमारी का छिपा संकेत है बाल झड़ना, जानें कैसे होती है कनेक्शन

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Kidney Disease Symptoms: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है, जो शरीर से वेस्ट मटेरियल और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है. यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है. लेकिन जब किडनी कमजोर होने लगती है, तो इसका असर सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी दिखाई देता है. जैसे कि बालों का झड़ना, पतलापन या गंजापन.

किडनी खराब होने पर क्यों झड़ते हैं बाल
किडनी की खराबी से शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ खून में बढ़ जाते हैं. यह टॉक्सिन्स बालों की जड़ों यानी हेयर फॉलिकल्स को कमजोर कर देते हैं. जब पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है, तो बालों को जरूरी विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते, जिससे हेयर ग्रोथ रुक जाती है और बाल झड़ने लगते हैं.

एनीमिया और हार्मोनल असंतुलन भी वजह
किडनी की बीमारी से शरीर में एनीमिया (खून की कमी) हो जाती है, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई बालों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाती. इसके अलावा, विटामिन D, जिंक और पैराथाइरॉइड हार्मोन के स्तर में असंतुलन भी बालों को कमजोर कर देता है. कई बार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित मरीजों को बालों के रूखेपन, टूटने या गंजेपन जैसी समस्याएं भी होती हैं.

डायलिसिस और दवाएं बढ़ा सकती हैं दिक्कत
किडनी रोगियों को दी जाने वाली कुछ दवाएं या डायलिसिस ट्रीटमेंट भी हेयर लॉस बढ़ा सकते हैं. डॉक्टर आमतौर पर ऐसे मरीजों को पोषक तत्वों की निगरानी और सॉफ्ट हेयर केयर रूटीन अपनाने की सलाह देते हैं.

टेलोजन एफ्लुवियम का खतरा
किडनी की बीमारी से शरीर पर पड़ने वाला तनाव एक और स्थिति टेलोजन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) को जन्म दे सकता है. इसमें बालों का एक बड़ा हिस्सा ग्रोथ साइकिल से बाहर हो जाता है, जिससे अचानक हेयरफॉल बढ़ जाता है.

बाल झड़ना हो सकता है बीमारी का संकेत
अगर किसी व्यक्ति के बाल अचानक बहुत झड़ने लगें, तो इसे केवल सामान्य हेयरफॉल समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए. यह किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.


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Written by: Taushif

16 Oct 2025  ·  Published: 10:47 IST

बरसात के मौसम में क्यों खाना चाहिए करेला, फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

Bitter Gourd Health Benefits: मानसून का मौसम, अपनी ठंडी हवाओं और बारिश के साथ, कभी-कभी बीमारियों का कारण भी बन जाता है। इस दौरान सर्दी-ज़ुकाम, पाचन संबंधी समस्याएं और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आना आम बात है। कई लोग दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन एक प्राकृतिक उपाय आपकी रसोई में ही मौजूद है, करेला।

करेला स्वाद में भले ही कड़वा हो, लेकिन इसके इतने स्वास्थ्य लाभ हैं कि इसे "दूत की औषधि" कहा जा सकता है। खासकर मानसून के मौसम में, करेले को आहार में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कैसे:

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
मानसून में वायरल संक्रमण और सर्दी-ज़ुकाम होना आम बात है। करेले में मौजूद विटामिन सी, फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते हैं। ये शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।

रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है
करेले में ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर में इंसुलिन की तरह काम करते हैं। ये मधुमेह या प्री-डायबिटीज़ के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह प्राकृतिक रूप से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

पाचन और डिटॉक्स के लिए फायदेमंद
करेला फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज से बचाता है। इसका कड़वा स्वाद पित्त रस को सक्रिय करता है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

स्किन को साफ़ और स्वस्थ रखता है
मानसून के दौरान मुंहासे और रैशेज़ होना आम बात है। करेला रक्त को साफ़ करता है और शरीर में सूजन को कम करता है। यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखता है।

लिवर के लिए वरदान
भारी भोजन और खराब पाचन लिवर को प्रभावित करते हैं। करेला लिवर को साफ़ रखने और उसके कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

नोट- मानसून के दौरान अपने आहार में करेले को ज़रूर शामिल करें। यह न केवल बीमारियों से लड़ने में मदद करेगा, बल्कि आपको बिना किसी दुष्प्रभाव के स्वस्थ और तंदुरुस्त भी रखेगा।


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Written by: Taushif

21 Jul 2025  ·  Published: 06:00 IST

Post-Diwali Health: दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से बचाएं अपने फेफड़े, आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक डिटॉक्स ड्रिंक्स

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Post Diwali Health Tips: दीवाली के बाद दिल्ली और एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. स्मॉग और धुएं के बीच सांस लेना तक मुश्किल हो गया है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए. ऐसे समय में अपने फेफड़ों की सफाई और देखभाल बेहद जरूरी है. इसके लिए आप कुछ आसान आयुर्वेदिक डिटॉक्स ड्रिंक्स आजमा सकते हैं, जो नेचुरली फेफड़ों को साफ करने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं.

1. अदरक-नींबू चाय
अदरक और नींबू की यह चाय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करती है. नींबू में विटामिन C और अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों को साफ और मजबूत बनाते हैं. सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे बेहतर माना जाता है.

2. गाजर-चुकंदर जूस
यह जूस विटामिन A और C से भरपूर होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और थकान कम करता है. इसके नियमित सेवन से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.

3. नींबू-शहद पानी (Lemon-Honey Water)
यह ड्रिंक शरीर से गंदगी निकालने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाता है. सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और त्वचा में निखार आता है.

4. हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk)
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन और इन्फेक्शन को कम करता है. रात में हल्दी दूध पीने से फेफड़ों को राहत मिलती है और गले में जलन या खराश से भी आराम मिलता है.

5. मुलेठी की चाय (Licorice Tea)
मुलेठी की चाय गले की खराश और खांसी में बहुत फायदेमंद होती है. यह सांस की नली को शांत करती है और प्रदूषण से हुए नुकसान को कम करती है.

अगर आप रोजाना इन ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो यह आपके फेफड़ों को मजबूत बनाएंगे और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाएंगे. हालांकि, इसके साथ धूम्रपान से दूर रहें, धूल-मिट्टी से बचें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. क्योंकि सेहत सिर्फ ड्रिंक्स से नहीं, बल्कि संतुलित दिनचर्या से भी बनती है.


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Written by: Taushif

22 Oct 2025  ·  Published: 10:40 IST