फाइल फोटो
भाप लेना यानी स्टीम थेरेपी एक बहुत पुरानी और असरदार घरेलू प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल लोग सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए करते आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भाप लेना सिर्फ सर्दी में नहीं, बल्कि चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में भी बहुत मददगार है?
आयुर्वेद में इसे “स्वेदन कर्म” कहा गया है. इसका मतलब है शरीर में जमा आम (टॉक्सिन) को बाहर निकालना और शरीर की शुद्धि करना. भाप लेने से शरीर के अंदर की नमी और गर्मी संतुलित रहती है, जिससे वात और कफ दोष दोनों नियंत्रित रहते हैं. यही वजह है कि ठंड के मौसम में भाप लेना शरीर के लिए औषधि जैसा काम करता है.
चेहरे के लिए भाप के फायदे
भाप लेने से चेहरे के रोमछिद्र खुल जाते हैं, और उनके अंदर जमा गंदगी व तेल बाहर निकल जाते हैं. इससे त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार हो जाती है. अगर आप पानी में गुलाब जल और ग्लिसरीन की कुछ बूंदें डालकर भाप लें, तो यह न सिर्फ चेहरे की नमी बनाए रखता है, बल्कि रंगत भी निखारता है.
तनाव और सिर दर्द के लिए भाप
अगर आपको सिर भारी लगता है या तनाव महसूस हो रहा है, तो पानी में चंदन के तेल और लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें डालकर भाप लें. इससे मानसिक शांति मिलती है, सिर दर्द में आराम होता है और नींद भी बेहतर आती है. लैवेंडर ऑयल दिमाग को शांत करने में बहुत फायदेमंद माना जाता है.
गले की खराश और खांसी में भाप का असर
जब गला बैठ जाए या खांसी-बलगम ज्यादा हो, तो पानी में मुलेठी और हल्दी डालकर भाप लेना बहुत फायदेमंद होता है. इससे गले के अंदर का संक्रमण कम होता है और सांस लेने में राहत मिलती है.
सर्दी-जुकाम और जकड़न में भाप का जादू
सर्दी-जुकाम या शरीर में अकड़न होने पर पानी में तुलसी की पत्तियां, लौंग और अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर उस भाप को लें. इससे छाती में जमी बलगम निकल जाती है और शरीर हल्का महसूस होता है.
फाइल फोटो
Premature Grey Hair Causes: बदलती लाइफस्टाइल और तनाव भरी जिंदगी बीमारियों की वजह बन रही है. कम उम्र में ही स्किन और बालों से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. आज बच्चों से लेकर युवाओं में जल्दी बाल सफेद होने की परेशानी देखी जा रही है. बाल सफेद होना सिर्फ खराब लाइफस्टाइल का कारण नहीं है, बल्कि ये पोषण की कमी, तनाव और लापरवाही का संकेत देता है। पहले जानते हैं कि बाल क्यों असमय सफेद होते हैं.
आयुर्वेद में बाल सफेद होने की परेशानी को वात दोष, रक्त धातु, हॉर्मोन के असंतुलन और रस धातु से जोड़कर देखा गया है. जब शरीर अंदर से स्वस्थ होता है, तो बाल और स्किन दोनों ही चमकदार होते हैं. आयुर्वेद में सफेद बालों की परेशानी को कम करने के लिए कई जड़ी-बूटियों को लाभकारी बताया है. इसमें आंवला, ब्रह्मी, जटामांसी, करी पत्ता, भृंगराज, गुड़हल, मुलेठी और नीम का पाउडर शामिल है. डॉक्टरी परामर्श के साथ अगर इन जड़ी-बूटियों का सेवन किया जाए, तो सफेद बाल होने की परेशानी को रोका जा सकता है.
ये सभी जड़ी बूटियां बालों की जड़ों को पोषित करती हैं और प्राकृतिक तरीके से उन्हें रंग भी देती हैं. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बाल तब सफेद होना शुरू होते हैं जब शरीर में मेलानिन प्रभावित होता है. यह स्किन और बाल दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसके अलावा, विटामिन बी12, आयरन की कमी, नींद आने में परेशानी होना, तनाव लेना, सिर दर्द की परेशानी लगातार होना और आंखों की रोशनी कम होना भी बालों के सफेद होने का कारण होते हैं.
आयुर्वेदिक उपायों के अलावा शरीर को भीतर से ठीक करने की भी जरूरत होती है. शरीर का आंत का साफ होना और रक्त का शुद्ध होना बालों का स्वास्थ्य दर्शाता है. शरीर की अंदरूनी सफाई के लिए रोजमर्रा की दिनचर्या में बदलाव की जरूरत होती है. इसके लिए सुबह गुनगुना पानी पीना, आंवला का सेवन करना, नाश्ते में फलों का सेवन करना, भुने काले तिल का सेवन करना, सुबह की धूप लेना और हफ्ते में कम से कम दो बार गुनगुने तेल से मालिश करना चाहिए. ये तरीके शरीर को अंदर से पोषण देंगे.
बालों को सही पोषण देने के लिए घर पर आसानी से पोषक तत्वों से भरपूर तेल भी बना सकते हैं, जिसे पोटली तेल कहा जाता है. इसमें अपने पसंदीदा तेल में करी पत्ता, भृंगराज, गुड़हल, नीम, मेथी दाना और आंवला को सूती पोटली में बांधकर तेल में तब तक उबालें जब तक उसका रंग गहरा न हो जाए. तेल को छानकर इस्तेमाल करें और हफ्ते में दो बार लगाएं. इससे बालों को मजबूती मिलेगी.
फाइल फोटो
Heart attack symptoms: आजकल हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा एक आम बीमारी बनती जा रही है. पहले यह समस्या उम्रदराज़ लोगों में ही दिखती थी, लेकिन अब 30-35 साल के युवाओं को भी इसका शिकार होते देखा जा रहा है. आंकड़े डराने वाले हैं — WHO के मुताबिक, साल 2019 में दुनियाभर में 1.79 करोड़ लोगों की मौत दिल और ब्लड वेसल्स से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई, जिनमें 85% की जान हार्ट अटैक या स्ट्रोक ने ली.
हार्ट अटैक कई बार बिना किसी चेतावनी के आता है. इसलिए ऐसे वक्त पर हर एक सेकेंड कीमती होता है, खासकर अगर आप उस समय अकेले हों. 25 साल का अनुभव रखने वाले मशहूर हार्ट सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने बताया है कि ऐसी स्थिति में कुछ आसान से कदम आपकी जान बचा सकते हैं.
अगर आपको छाती में तेज दर्द, सांस लेने में दिक्कत या शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी महसूस हो रही हो, तो बिना देर किए एम्बुलेंस या इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें. कॉल पर बने रहें और अपने लक्षण साफ-साफ बताएं. देर करना जानलेवा हो सकता है.
जब तक मदद आ रही है, अपने घर का मुख्य दरवाजा खोल दें. अगर रात का समय है, तो बाहर की लाइट जला दें ताकि मेडिकल टीम आसानी से आपका घर पहचान सके. इससे समय की बचत होगी.
अपने शरीर की एनर्जी बचाएं. बिस्तर या सोफे पर लेट जाएं और पैरों को थोड़ा ऊपर रखें, ताकि ब्लड फ्लो बना रहे. अगर लेटना मुमकिन न हो, तो कुर्सी पर आराम से बैठें और शांत रहें. ज्यादा हिलने-डुलने से बेहोशी या गिरने का खतरा बढ़ सकता है.
इमरजेंसी सेवा को कॉल करने के बाद, अपने किसी परिवार के सदस्य या दोस्त को फोन करें. उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं और एम्बुलेंस आ रही है. वे अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरों को आपकी मेडिकल हिस्ट्री बता सकते हैं.
ऐसे रखें ध्यान
फाइल फोटो
How to Look Younger Naturally: आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग अपनी असली उम्र से छोटे और जवान दिखाई देते हैं, जबकि कई लोग उम्र से पहले ही बूढ़े दिखने लगते हैं. असल में यह सब हमारी जीवनशैली और आदतों पर निर्भर करता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक जवान और सुंदर बनी रहे, तो आपको अपने खानपान, दिनचर्या और देखभाल पर ध्यान देना होगा. केवल क्रीम और कॉस्मेटिक चीज़ें ही नहीं, बल्कि आपकी रोज़मर्रा की आदतें भी आपकी उम्र को प्रभावित करती हैं.
1. फलों का सेवन बढ़ाएं
अगर आपको लगता है कि आपकी स्किन ढीली हो रही है या चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगी हैं, तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान दें. फलों का सेवन बढ़ाना बेहद ज़रूरी है. फल विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो स्किन को पोषण देते हैं. ये त्वचा की इलास्टिसिटी यानी खिंचाव बनाए रखने में मदद करते हैं और स्किन को हेल्दी ग्लो देते हैं. खासकर संतरा, पपीता, सेब, बेरीज़ और अमरूद जैसे फल खाने से शरीर को भरपूर विटामिन सी मिलता है, जो कोलेजन बनाने में मदद करता है.
2. हरी सब्जियां खाएं
हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से शरीर को विटामिन ए, सी, के और फोलेट मिलता है. पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली जैसी सब्जियां त्वचा को डिटॉक्स करती हैं और उसे जवान बनाए रखती हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व स्किन सेल्स को रिपेयर करते हैं और चेहरे पर नेचुरल चमक लाते हैं.
3. सूरज की हानिकारक किरणों से बचें
धूप से निकलने वाली पराबैंगनी (UV) किरणें त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन होती हैं. ये किरणें त्वचा पर समय से पहले बुढ़ापा लाने का मुख्य कारण मानी जाती हैं. अगर आप ज्यादा देर धूप में रहते हैं, तो झुर्रियां, डार्क स्पॉट्स और पिगमेंटेशन की समस्या जल्दी आने लगती है. इससे बचने के लिए बाहर निकलते समय स्किन को ढककर रखें और रोज़ाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन आपकी स्किन को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है.
4. शरीर को हाइड्रेटेड रखें
पानी पीना न केवल शरीर बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद ज़रूरी है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से स्किन कोमल और मुलायम रहती है. डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है. इसलिए दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी ज़रूर पिएं. नारियल पानी, नींबू पानी और फ्रूट जूस भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं.
5. तनाव से दूरी बनाएं
तनाव यानी स्ट्रेस आपकी त्वचा पर जल्दी असर डालता है. लगातार तनाव में रहने से चेहरे पर थकान, डार्क सर्कल्स और झुर्रियां आने लगती हैं. तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और प्राणायाम बेहद फायदेमंद हैं. इसके अलावा, अपनी हॉबीज़ और पसंदीदा गतिविधियों के लिए समय निकालें, जिससे मानसिक शांति मिले और त्वचा पर सकारात्मक असर दिखे.
6. भरपूर नींद लें
नींद आपकी त्वचा की सबसे अच्छी दोस्त है. जब आप सोते हैं तो आपका शरीर और त्वचा खुद को रिपेयर करते हैं. नींद की कमी से चेहरा थका हुआ और बूढ़ा दिखने लगता है. रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की गहरी नींद लेना बहुत जरूरी है. नींद पूरी होने पर चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है और आंखों के नीचे काले घेरे भी नहीं पड़ते.
7. संतुलित जीवनशैली अपनाएं
फास्ट फूड, तैलीय और जंक फूड से दूरी बनाएं. ये चीजें स्किन पर मुंहासे और ऑयलीनेस लाती हैं. इसकी जगह पौष्टिक आहार, ताजे फल-सब्जियां और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करें. साथ ही रोज़ाना हल्का व्यायाम करें. वॉकिंग, योग या जॉगिंग से खून का संचार बेहतर होता है और चेहरा ताजा दिखाई देता है.