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आजकल दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा और मिड-एज लोग भी हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजहें हैं – खराब खानपान, भागदौड़ भरी ज़िंदगी और बढ़ता तनाव लेकिन अच्छी खबर ये है कि अगर आप कुछ जरूरी सब्जियों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करें, तो दिल को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
गाजियाबाद के जिला अस्पताल में कार्यरत डायटिशियन डॉ. अनामिका सिंह कहती हैं कि कुछ सब्जियां दिल की धमनियों को साफ रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. खासतौर पर लहसुन, ब्रोकली और पालक. आइए जानते हैं कैसे...
लहसुन में पाया जाने वाला तत्व ऐलिसिन (Allicin) शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करता है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में लाता है और धमनियों में जमा फैट को धीरे-धीरे साफ करता है. रोज सुबह खाली पेट 1-2 कली कच्चे लहसुन चबाकर खाने से ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है.
ब्रोकली में फाइबर, विटामिन C और K, और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं जो धमनियों की दीवारों को मजबूत बनाते हैं और सूजन कम करते हैं. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और दिल को हेल्दी बनाए रखता है. इसे भाप में हल्का पकाकर या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं.
पालक में नाइट्रेट, फोलिक एसिड और आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है. यह ब्लड फ्लो को बेहतर करता है और धमनियों को खोलने में मदद करता है. पालक की सब्जी, सूप या जूस के रूप में नियमित सेवन करें.
सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि तनाव को कम करना, नियमित व्यायाम करना, और समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है. जंक फूड से दूरी और नींद पूरी करना भी दिल को हेल्दी रखने में मदद करता है.
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Javitri Benefits: जावित्री, जायफल का बाहरी लाल रंग का आवरण होता है. इसका टेस्ट थोड़ा तीखा और बेहद खुशबूदार होता है, इसलिए इसे मसालों में खास जगह दी जाती है. आयुर्वेद में इसे गर्म तासीर वाला माना जाता है. आम भाषा में कहें तो जावित्री शरीर को गर्माहट देती है और पाचन को तेज करती है. खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही ये आपके सेहत का भी ख्याल रखता है. पुराने समय से लोग इसे मन को प्रसन्न रखने, भूख बढ़ाने और शरीर को हल्का महसूस कराने वाली चीज के रूप में भी इस्तेमाल करते आए हैं.
पुरानी घरेलू विधियों में जावित्री को पेशाब ज्यादा आने या बार-बार लगने की समस्या में इस्तेमाल किया जाता था. लोग इसका थोड़ा-सा चूर्ण खांड या मिश्री के साथ पानी या दूध में मिलाकर पीते थे. नपुंसकता जैसी समस्याओं में भी पुराने वैद्य जावित्री, जायफल, बड़ी इलायची और थोड़ी सी अफीम मिलाकर बनाई गई औषधि का उपयोग करते थे, लेकिन आज के समय में ऐसे मिश्रण बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल नहीं लेने चाहिए.
श्वास या दमे जैसी दिक्कतों में जावित्री को पान में रखकर खाने का चलन भी पुराने समय में देखा गया है. दांत के दर्द में इसे माजूफल व कुटकी के साथ उबालकर कुल्ला करने के लिए कहा जाता था. दस्त, पेचिश या बार-बार टट्टी होने पर जावित्री को छाछ या दही के साथ देने की परंपरा भी रही है. गठिया यानी जोड़ों के दर्द में जावित्री के साथ सोंठ को गर्म पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है. हृदय को मजबूत बनाने के लिए दालचीनी, अकरकरा और जावित्री का चूर्ण शहद के साथ लेने की सलाह दी जाती थी.
चेचक (मसूरिका/माता) जैसी बीमारियों में भी इसे बहुत बारीक पीसकर छोटी मात्रा में देने की पुरानी मान्यता बताई जाती है. ध्यान रखने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि जावित्री का अधिक मात्रा में सेवन करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे सिरदर्द या घबराहट जैसे लक्षण हो सकते हैं.
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Winter Dry Fruits Benefits: सर्दियों का मौसम ठंडक और सुहावनेपन के साथ आता है, लेकिन इस समय शरीर को गर्म और मजबूत रखना बहुत जरूरी होता है. ठंड में अक्सर लोग थकान, कमजोरी, जोड़ों में दर्द और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान रहते हैं. ऐसे में सही खानपान बहुत मदद करता है. खासतौर पर ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) इस मौसम में शरीर को अंदर से ऊर्जा और गर्माहट देने का काम करते हैं.
ड्राई फ्रूट्स न सिर्फ पौष्टिक होते हैं बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल और हेल्दी फैट शरीर की इम्युनिटी को भी मजबूत बनाते हैं. यहां जानें सर्दियों में कौन से 5 ड्राई फ्रूट्स खासतौर पर खाने चाहिए और उनके क्या फायदे हैं.
बादाम
बादाम सबसे मशहूर ड्राई फ्रूट है. इसे सर्दियों में खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है. बादाम में प्रोटीन, विटामिन E, फाइबर और मैग्नीशियम पाया जाता है. यह दिमाग को तेज करता है, दिल की सेहत सुधारता है और शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है.
अखरोट
अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन E से भरपूर होता है. यह शरीर में सूजन कम करता है और हृदय को स्वस्थ रखता है. अखरोट सर्दियों में होने वाले वायरल संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सिडेंट अच्छी मात्रा में होते हैं.
अंजीर
अंजीर फाइबर का बेहतरीन स्रोत है. यह सर्दियों में कब्ज की समस्या को कम करता है. इसमें मौजूद कैल्शियम और पोटैशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखते हैं.
किशमिश
किशमिश आयरन से भरपूर होती है, इसलिए यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है. इसमें विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है.
खजूर
खजूर सर्दियों में खूब खाया जाता है क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और गर्माहट बनाए रखता है. इसमें आयरन और फाइबर होता है, जो खून की कमी और पाचन समस्याओं में फायदा करता है.
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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को उनकी बेबाक सोच और बिना लाग-लपेट बोले जाने वाले बयानों के लिए जाना जाता है. वे अपनी फिल्मों के साथ-साथ अक्सर ऐसे मुद्दों पर भी टिप्पणी कर देते हैं, जिनसे विवाद खड़ा हो जाता है. कई बार उनका गुस्सा और आलोचनात्मक रवैया लोगों को चौंका देता है. अब हाल ही में वेबसीरीज 'पंचायत' में प्रहलाद पांडे का दमदार किरदार निभाने वाले एक्टर फैसल मलिक ने अनुराग का बचाव करते हुए उनके गुस्से के पीछे की वजह बताई है.
क्या बोले फैसल मलिक?
एक इंटरव्यू के दौरान फैसल मलिक से अनुराग कश्यप के गुस्से और उनकी विवादित छवि को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा, "अनुराग का गुस्सा हमेशा इंडस्ट्री की स्थिति को लेकर रहा है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को लेकर." उन्होंने यह भी कहा कि अनुराग उस सिस्टम से नाराज़ हैं, जो क्रिएटिविटी को सपोर्ट करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश करता है.
फैसल ने कहा कि अनुराग के शब्द तीखे ज़रूर होते हैं, लेकिन उनका इरादा हमेशा इंडस्ट्री में बेहतर बदलाव लाना होता है. वे अपने अनुभवों के आधार पर बात करते हैं और इंडस्ट्री में हो रही राजनीति, पक्षपात और गुटबाज़ी के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं.
अनुराग की बेबाकी और आलोचना
अनुराग कश्यप ने पहले भी कई बार बड़े प्रोडक्शन हाउसेज़, सेंसरशिप, और सरकार की नीतियों पर खुलकर बयान दिए हैं. उनकी इस बेबाकी के कारण कई बार उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा है लेकिन उनके करीबी और इंडस्ट्री के कुछ कलाकार हमेशा उनके सपोर्ट में खड़े नजर आते हैं.
फैसल और अनुराग की दोस्ती
फैसल मलिक और अनुराग कश्यप एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. फैसल ने यह भी बताया कि अनुराग बहुत संवेदनशील और ईमानदार इंसान हैं, जो दूसरों की क्रिएटिविटी की कद्र करते हैं. उनका गुस्सा सिस्टम से है, न कि इंडस्ट्री के लोगों से.