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बरसात और ठंड में विटामिन D कैसे पाएं? जानिए आसान उपाय

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Vitamin D Rich Foods: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। यह सिर्फ हड्डियों को ही मजबूत नहीं बनाता, बल्कि मांसपेशियों, इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) और हमारे मूड यानी इमोशनल हेल्थ को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बाकी विटामिन हमें खाने-पीने से मिलते हैं, लेकिन विटामिन D थोड़ा अलग है – यह शरीर खुद बनाता है, जब हमारी त्वचा सूरज की रोशनी, खासकर यूवीबी किरणों के संपर्क में आती है।

हालांकि बरसात और सर्दियों के मौसम में सूरज कम निकलता है, और अगर निकलता भी है तो धूप में बैठना या निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शरीर को धूप से विटामिन D कम मिल पाता है, जिससे इसकी कमी हो जाती है। खासतौर पर अक्टूबर से फरवरी तक ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

'द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' के अनुसार, मार्च से सितंबर तक सूरज की रोशनी से हमें अच्छी मात्रा में विटामिन D मिल जाता है। लेकिन जब धूप नहीं मिल पाती, तब खानपान के जरिए इसकी पूर्ति जरूरी हो जाती है। नीचे कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ दिए गए हैं जिनसे विटामिन D की कमी को दूर किया जा सकता है:

1. ऑयली फिश (तेली मछली)
सैल्मन, सार्डिन, ट्राउट, हेरिंग और मैकेरल जैसी मछलियों में भरपूर विटामिन D होता है। जो लोग मछली खाते हैं, उनके लिए ये एक बेहतरीन विकल्प है।

2. अंडे की जर्दी
अंडे की पीली जर्दी में भी अच्छी मात्रा में विटामिन D होता है। अगर आप रोज एक अंडा खाते हैं, तो इससे थोड़ी मात्रा में विटामिन D मिल सकता है।

3. फोर्टिफाइड फूड्स
कुछ खाद्य पदार्थ जैसे दूध, नाश्ते के सीरियल और वसायुक्त स्प्रेड्स (बटर जैसे प्रोडक्ट्स) में विटामिन D को कृत्रिम रूप से मिलाया जाता है। इन्हें फोर्टिफाइड फूड्स कहते हैं।

4. लिवर (यकृत)
एनिमल बेस्ड प्रॉडक्ट्स में लिवर यानी जानवरों के यकृत में विटामिन D होता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व भी हो सकते हैं जो भ्रूण के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

अगर आप सूरज की धूप में नहीं जा पा रहे हैं, तो ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थ आपकी विटामिन D की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं। जरूरत पड़े तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।


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Written by: Taushif

27 Jul 2025  ·  Published: 05:49 IST

गले की खराश और दर्द से मिनटों में राहत देंगी ये तीन चीजें, सर्दियों में इस तरह करें सेवन

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Winter Throat Pain Remedies: सर्दियों का मौसम जहां ठंड और सुहावना एहसास देता है, वहीं इस मौसम में गले से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं. बार-बार तापमान बदलना और ठंडी, सूखी हवा गले की नमी छीन लेती है. आयुर्वेद के मुताबिक, इस मौसम में शरीर का वात और कफ असंतुलन में आ जाता है, जिससे गला सूखना, आवाज बैठना, खराश और दर्द जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं. 

विज्ञान भी मानता है कि ठंडी हवा गले की म्यूकस लाइनिंग को कमजोर कर देती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया आसानी से संक्रमण फैला देते हैं. लेकिन राहत की बात यह है कि इन समस्याओं से बचाव के लिए महंगी दवाओं की जरूरत नहीं होती. हमारी रसोई में मौजूद कुछ घरेलू चीजें ही गले की परेशानी को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकती हैं.

काली मिर्च और मिश्री का कमाल
काली मिर्च को आयुर्वेद में बलगम कम करने वाली औषधि माना गया है. इसमें मौजूद पाइपरीन तत्व गले में जमा कफ को कम करता है और आवाज को साफ करता है. जब काली मिर्च को मिश्री के साथ चबाया जाता है तो यह गले की सूजन, भारीपन और जलन को काफी हद तक कम कर देता है. वैज्ञानिक भी मानते हैं कि काली मिर्च का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करता है.

अदरक
अदरक का रस सर्दियों में गले के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. अदरक में मौजूद जिंजरॉल तत्व सूजन को कम करता है और दर्द से राहत देता है. नींबू और सेंधा नमक के साथ इसका सेवन करने से गले की सफाई होती है और इंफेक्शन तेजी से ठीक होता है.

मुलेठी
मुलेठी को गले के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है. यह गले पर एक सुरक्षात्मक परत बनाती है, जिससे जलन और दर्द कम होता है. आंवला शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है. मिश्री इस मिश्रण को संतुलित करके गले को ठंडक और राहत देती है.

नोट:- डॉक्टरों का मानना है कि अगर इन घरेलू उपायों को सही तरीके से अपनाया जाए तो सर्दियों में गले की अधिकांश समस्याओं से बिना दवा के ही राहत मिल सकती है. हालांकि अगर दर्द ज्यादा समय तक बना रहे तो चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए.
 


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Written by: Taushif

02 Dec 2025  ·  Published: 01:22 IST

पेट फूलना, भारीपन और गैस बढ़ रही? आयुर्वेद और विज्ञान बताते हैं असली वजह, जानिए कैसे मिलेगा राहत

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Bloating causes and remedies: खाने के बाद पेट फूलना, भारीपन, डकारें और जलन की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ बदहजमी नहीं बल्कि पाचन शक्ति कमजोर होने यानी अग्निमांद्य का संकेत है. आयुर्वेद मानता है कि भोजन ठीक से न पचने पर शरीर में आम दोष बनता है, जो गैस, सूजन और कई बीमारियों की जड़ है.

वहीं आधुनिक विज्ञान कहता है कि पेट फूलने की वजह आंतों में गैस का बढ़ना, पाचन का धीमा पड़ना और आंतों में हल्की सूजन है. विशेषज्ञों के अनुसार तेज़ी से खाना, भोजन को ठीक से न चबाना, जंक और प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चाय-कॉफी, गैस वाले पेय, तैलीय भोजन और रात को देर से खाना इस समस्या को बढ़ाते हैं. तनाव और चिंता भी पाचन पर सीधा असर डालते हैं. कई लोगों को ग्लूटेन या लैक्टोज न पचने की वजह से तुरंत ब्लोटिंग होती है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि पाचन अग्नि को संतुलित रखना जरूरी है, जिसके लिए घर में मौजूद कुछ आसान उपाय काफी असर दिखाते हैं. भोजन के बाद अजवाइन और काला नमक, सौंफ का पानी, अदरक, हींग का गुनगुना पानी, त्रिफला चूर्ण, हल्दी वाला दूध, पुदीना या जीरा पानी गैस और सूजन तुरंत कम करते हैं.

योग विशेषज्ञों के अनुसार पवनमुक्तासन, वज्रासन और कपालभाति ब्लोटिंग और गैस को कम करने के सबसे असरदार योगासन हैं. डॉक्टर सलाह देते हैं कि जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है. खाना हमेशा धीरे-धीरे खाएं, रात का भोजन हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले खा लें और भोजन के तुरंत बाद लेटने की बजाय थोड़ी देर टहलें. रोजाना हल्का व्यायाम और योग पाचन को मजबूत करता है. 

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि ब्लोटिंग की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे सामान्य न समझें और डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें.
 


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Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 23:47 IST

स्किन केयर में क्यों शामिल करने चाहिए चिया सीड्स? जानें एक्सपर्ट की राय

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Chia Seeds: चिया सीड्स को आजकल सुपरफूड कहा जाता है, और इसकी वजह है इनमें मौजूद ढेर सारे पोषक तत्व. ये छोटे-छोटे बीज न सिर्फ आपकी सेहत के लिए अच्छे होते हैं, बल्कि स्किन की देखभाल में भी बेहद फायदेमंद हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर चिया सीड्स आपकी त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाते हैं.

स्किन के लिए चिया सीड्स क्यों फायदेमंद हैं?
चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. साथ ही, इनमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं. इनके नियमित सेवन या स्किन पर इस्तेमाल से त्वचा कोमल, मुलायम और चमकदार बनती है.

घर पर बनाएं चिया सीड्स फेस मास्क
चिया सीड्स से बना फेस मास्क स्किन को गहराई से पोषण देता है. इसके लिए रातभर 1-2 चम्मच चिया सीड्स को पानी में भिगो दें. अगले दिन ये जेल जैसी बनावट में बदल जाते हैं. इस जेल को आप 1 चम्मच शहद या 1 चम्मच दही के साथ मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. यह मास्क स्किन को हाइड्रेट करता है, जिससे चेहरा तरोताजा और निखरा हुआ दिखता है.
 
DIY मॉइस्चराइजिंग मास्क
अगर आपकी त्वचा बहुत रूखी है, तो भीगे हुए चिया बीजों में मसला हुआ केला या एवोकाडो मिलाकर एक और असरदार फेस मास्क बना सकते हैं. केले और एवोकाडो में विटामिन A, C और E होते हैं, जो स्किन को मुलायम और ग्लोइंग बनाते हैं.

चिया सीड्स को फेस स्क्रब की तरह कैसे इस्तेमाल करें?
चिया सीड्स एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर भी हैं. आप पिसे हुए चिया बीजों को नारियल तेल या जैतून तेल में मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर मालिश करें. इससे डेड स्किन हटती है और त्वचा साफ और फ्रेश लगती है.


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Written by: Taushif

09 Aug 2025  ·  Published: 07:07 IST