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रात में क्यों बढ़ जाती है खांसी? कफ सिरप नहीं, अपनाएं ये 5 घरेलू नुस्खे

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फाइल फोटो

राजस्थान और मध्यप्रदेश से हाल ही में आई खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है. दोनों राज्यों में कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं. इस घटना के बाद से लोगों में डर और गुस्सा दोनों है. जिस कंपनी का ये सिरप था, उस पर जांच चल रही है कि आखिर इन मौतों की असली वजह क्या थी.

कफ सिरप हर घर में आम दवा मानी जाती है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर खांसी में सिरप पीना जरूरी नहीं होता, बल्कि गलत तरीके से लिया गया सिरप नुकसान भी पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कि खांसी के कितने प्रकार होते हैं और कब कफ सिरप से परहेज करना चाहिए.

खांसी क्यों होती है?
खांसी हमारे शरीर की एक प्राकृतिक रक्षा प्रणाली (Natural Defense System) है. जब गले या फेफड़ों में धूल, गंदगी या कोई बाहरी चीज जाती है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए खांसी करता है. यानी खांसी हमेशा बुरी नहीं होती यह शरीर को साफ रखने का तरीका भी है.

खांसी के प्रकार

  1. गीली खांसी (Wet Cough): इसमें कफ या बलगम निकलता है. यह फेफड़ों की सफाई में मदद करती है.
  2. सूखी खांसी (Dry Cough): इसमें बलगम नहीं होता, लेकिन गले में जलन होती है.
  3. क्रूप खांसी: बच्चों में पाई जाने वाली वायरल खांसी जिसमें आवाज भारी या भौंकने जैसी हो जाती है.
  4. पुरानी खांसी: जो कई हफ्तों तक बनी रहती है और किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है.

कफ सिरप हर बार क्यों नहीं पीना चाहिए?
गलत सिरप नुकसानदायक होता है. हर सिरप अलग तरह की खांसी के लिए बनाया जाता है. गलत सिरप असर नहीं करता, बल्कि साइड इफेक्ट दे सकता है.

गीली खांसी में नुकसान: जब शरीर बलगम निकालने की कोशिश करता है, तब सिरप खांसी को दबा देता है, जिससे बलगम अंदर रह जाता है.

बच्चों के लिए खतरा: कई सिरप में अल्कोहल या स्लीपिंग एजेंट होते हैं, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.

बार-बार सिरप पीने से शरीर की नैचुरल सफाई प्रक्रिया कमजोर हो जाती है.

खांसी में क्या करें?
गुनगुना पानी या तुलसी-अदरक वाला काढ़ा पिएं.

नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें.

भाप लें और हवा में नमी बनाए रखें.

सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोएं ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो.

डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर खांसते समय खून आ रहा है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है, खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा चल रही है या सीने में दर्द है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.


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Written by: Taushif

07 Oct 2025  ·  Published: 14:28 IST

सर्दी में खांसी-जुकाम से हैं परेशान तो ये तीन योगासन पहुंचाएंगे राहत

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Yoga for Cold and Cough: योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, इम्यूनिटी और श्वसन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. खासकर सर्दियों में जब जुकाम और खांसी आम होती है, योग इनसे बचाव और राहत पाने का असरदार तरीका माना जाता है.

योग अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, फेफड़ों और श्वसन नलियों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और तनाव भी कम होता है. आयुष मंत्रालय रोजाना कम से कम 30 मिनट योग और प्राणायाम करने की सलाह देता है. कुछ आसन ऐसे हैं जिन्हें अपनाकर खांसी-जुकाम में आराम पाया जा सकता है.

1. उत्तानासन
उत्तानासन करने से शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है और सांस लेने की नलियां खुलती हैं. इससे नाक बंद होना और गले में जकड़न कम होती है. यह आसन शरीर में गर्मी भी पैदा करता है, जिससे सर्दी-जुकाम में होने वाली तकलीफ घटती है. इसके अलावा, तनाव कम होने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है.

2. अधोमुख श्वानासन
इस आसन से शरीर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव आता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है. जब फेफड़े सही तरीके से काम करते हैं तो सांस लेना आसान हो जाता है और गले में जमाव कम महसूस होता है. साथ ही, रक्त संचार बढ़ने से संक्रमण से लड़ने वाले सफेद रक्त कण भी मजबूत होते हैं.

3. सेतुबंधासन
सेतुबंधासन नाक की बंदी को कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इस आसन से सिर और छाती में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे गले और फेफड़ों तक ताजगी पहुंचती है. यह आसन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने की समस्या रहती है.


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Written by: Taushif

26 Oct 2025  ·  Published: 15:24 IST

रात में पिएं ये डिटॉक्स ड्रिंक, पेट की चर्बी होगी गायब; बिना एक्सरसाइज पाएं फ्लैट टमी

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Belly Fat: अगर आप सेब का सिरका, ग्रीन टी या नींबू पानी जैसे घरेलू नुस्खे आजमा चुके हैं, लेकिन पेट की जिद्दी चर्बी कम नहीं हो रही, तो यह खबर आपके लिए है. आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर एक आसान सा मिश्रण रात में पीने से न केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि पेट फूलने की समस्या, नींद की गुणवत्ता और शुगर क्रेविंग पर भी असर पड़ता है. खास बात यह है कि यह ड्रिंक पूरी तरह घरेलू और सुरक्षित है.

इस मिश्रण को बनाने के लिए ज़रूरी है - धनिया, मेथी, सौंफ, दालचीनी और अदरक.

1.    धनिया के बीज लिवर को साफ करने और सूजन घटाने में मदद करते हैं.

2.    मेथी के बीज ब्लड शुगर कंट्रोल करते हैं और भूख कम करने में सहायक होते हैं.

3.    सौंफ गैस और पेट फूलने को कम करती है तथा पाचन सुधारती है.

4.    दालचीनी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती है और शुगर लेवल को संतुलित रखती है.

5.    अदरक मेटाबॉलिज्म तेज करता है और शरीर को ज्यादा कैलोरी जलाने में मदद करता है.

कैसे बनाएं यह ड्रिंक?
एक-एक चम्मच धनिया और मेथी को रात भर डेढ़ कप पानी में भिगो दें. शाम को इस पानी में आधा चम्मच सौंफ, आधा इंच दालचीनी और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर 5 मिनट उबालें. छानकर रात के खाने के लगभग एक घंटे बाद पिएं.

रात में पीना क्यों फायदेमंद है?
नींद के दौरान शरीर स्वाभाविक रूप से डिटॉक्स होता है. लिवर रीसेट होता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी सबसे बेहतर रहती है और तनाव से जुड़े हार्मोन कम हो जाते हैं. इन सभी प्रक्रियाओं से फैट बर्निंग और डाइजेशन दोनों तेज़ होते हैं, जिससे खासकर पेट की चर्बी घटाने में मदद मिलती है.


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Written by: Taushif

03 Oct 2025  ·  Published: 09:56 IST

खाली पेट चुकंदर का जूस पीना सही या गलत? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सच्चा असर

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चुकंदर को हेल्थ और स्किन दोनों के लिए सुपरफूड माना जाता है. यही वजह है कि आजकल कई लोग सुबह खाली पेट Beetroot Juice पीकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. कहा जाता है कि इससे स्टैमिना बढ़ता है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. लेकिन क्या खाली पेट इसे पीना सभी के लिए फायदेमंद है? इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट राशी चहल ने एक इंटरव्यू में दिया.

खाली पेट चुकंदर का जूस पीने के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, अगर आपका पाचन ठीक है तो खाली पेट चुकंदर का जूस पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है.

आयरन और विटामिन का बेहतर अवशोषण: खाली पेट पीने पर शरीर बीटरूट में मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स को जल्दी और बेहतर तरीके से अवशोषित करता है.

  1. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है: बीटरूट जूस में नाइट्रेट्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नैचुरल तरीके से नियंत्रित करते हैं.

  2. ब्लड फ्लो बढ़ाता है: यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है.

  3. वर्कआउट में मददगार: वर्कआउट से पहले पीने पर यह मसल्स तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाता है और थकान कम करता है.

  4. पाचन में सुधार: इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है और आंतों की सेहत सुधारता है.

न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि इसे सुबह नाश्ते से करीब 30 मिनट पहले या वर्कआउट से पहले नींबू का रस मिलाकर पिएं, इससे असर दोगुना हो जाता है.

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है, खासकर जिन लोगों को पेट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें इसे खाली पेट नहीं पीना चाहिए.

  1. गैस या ब्लोटिंग: फाइबर की ज्यादा मात्रा कुछ लोगों के लिए पाचन में परेशानी, गैस या एसिडिटी का कारण बन सकती है.

  2. किडनी स्टोन का खतरा: चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकती है.

  3. एसिड रिफ्लक्स: ज्यादा मात्रा में पीने से पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है.

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
राशी चहल कहती हैं कि खाली पेट बीटरूट जूस पीना फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा में. अगर आपको लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन या पेट की समस्या है, तो इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न पिएं. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि चुकंदर का जूस अन्य फूड्स के साथ मिलाकर पिया जाए.


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Written by: Taushif

14 Oct 2025  ·  Published: 10:45 IST