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सर्दियों में आटे में मिलाएं पांच पोषण भरी चीजें, स्वाद और सेहत दोनों के मिलेंगे फायदे

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Winter Diet Tips: सर्दियों में शरीर को गर्म, मजबूत और सेहतमंद बनाए रखना बेहद ज़रूरी होता है. ठंड के मौसम में शरीर की इम्यूनिटी कमज़ोर पड़ जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, जोड़ों का दर्द और त्वचा की रूखापन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में अगर आप रोज़ की रोटियों को थोड़ा हेल्दी बना लें, तो ये सर्दी में एक तरह की प्राकृतिक औषधि का काम कर सकती हैं. रोटियां हर घर की थाली का हिस्सा होती हैं, और अगर इन्हीं में कुछ खास चीजें मिला दी जाएं, तो स्वाद और सेहत दोनों के फायदे मिलते हैं.

सोंठ पाउडर (सूखा अदरक)
सर्दियों में सोंठ का सेवन बेहद फायदेमंद माना गया है. इसमें मौजूद जिंजरोल और शोगोल जैसे तत्व शरीर में गर्माहट बनाए रखते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाते हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं. अगर आप रोज़ के आटे में आधा या एक चम्मच सोंठ पाउडर मिला लें, तो रोटियां हल्की मसालेदार होने के साथ शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं.

मेथी पाउडर
सर्दियों में मेथी का सेवन जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या में बहुत असरदार होता है. मेथी में मौजूद सैपोनिन और फ्लेवोनॉयड्स शरीर की सूजन को कम करते हैं. साथ ही, यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और पाचन को सुधारने में मदद करती है. आटे में 1-2 चम्मच मेथी पाउडर मिलाने से रोटियां थोड़ी कड़वी लग सकती हैं, लेकिन यही कड़वाहट शरीर को गर्मी और ऊर्जा देती है.

अजवाइन पाउडर
ठंड में गैस और पेट फूलने की समस्या आम है. अजवाइन इसमें राहत देती है. इसमें मौजूद थाइमोल नामक तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और पेट की परेशानी दूर होती है. आटे में एक चम्मच अजवाइन पाउडर मिलाने से रोटियां स्वादिष्ट और पेट के लिए फायदेमंद बनती हैं.

तिल पाउडर
तिल को सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है. इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक और हेल्दी फैट्स होते हैं जो हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं. तिल में मौजूद सेसमोलिन और सेसामोलिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और ठंड से बचाते हैं. आटे में 2-3 चम्मच तिल का पाउडर डालकर रोटियां बनाना बेहद फायदेमंद होता है.
 


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Written by: Taushif

13 Nov 2025  ·  Published: 22:42 IST

क्या ब्लैक एग्स सफेद अंडों से बेहतर हैं? जानिए एक्सपर्ट की राय

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आजकल लोग अपनी डाइट और फिटनेस को लेकर बहुत सजग हो गए हैं. इसी में अंडे सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले हेल्दी फूड्स में से एक हैं. अब सफेद और भूरे अंडों के साथ-साथ काले अंडे (ब्लैक एग्स) भी चर्चा में हैं. ये अंडे दिखने में अलग होते हैं. इनका छिलका काला होता है और अंदर का रंग भी थोड़ा गहरा.

काले अंडे क्या हैं?

काले अंडे कड़कनाथ मुर्गी के होते हैं, जो भारत की एक खास नस्ल है. इसका मीट, पंख और अंडे सभी गहरे रंग के होते हैं. ये मुर्गियां ज़्यादातर मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में पाई जाती हैं. इनके अंडे स्वादिष्ट, लो-फैट और हाई-प्रोटीन माने जाते हैं, इसलिए फिटनेस लवर्स इन्हें खूब पसंद करते हैं.

पोषण तुलना (100 ग्राम में)

अंडे का प्रकार प्रोटीन फैट कोलेस्ट्रॉल
कड़कनाथ (काला) 15.6 ग्राम 1 ग्राम 180 मिलीग्राम
सामान्य (सफेद) 6.6 ग्राम 5.8 ग्राम 372 मिलीग्राम

कड़कनाथ अंडों में लगभग दोगुना प्रोटीन होता है, जबकि फैट और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है.

 सेहत के फायदे

  • इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियों से बचाव होता है.

  • मसल्स मजबूत करते हैं, खासकर जिम जाने वालों के लिए फायदेमंद हैं.

  • दिल के लिए अच्छे हैं, क्योंकि इनमें वसा और कोलेस्ट्रॉल कम है.

  • डाइजेशन सुधारते हैं, जिससे शरीर को पोषण आसानी से मिलता है.

  • इनमें मौजूद ग्लूटामिक एसिड स्वाद को और लाजवाब बनाता है.

कौन बेहतर है?

सफेद और काले दोनों अंडे फायदेमंद हैं, लेकिन पोषण के मामले में काले अंडे आगे हैं. इनमें ज़्यादा प्रोटीन, कम फैट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. हालांकि, ये महंगे होते हैं और हर जगह आसानी से नहीं मिलते, अगर आप रोजाना के लिए सस्ता और हेल्दी विकल्प चाहते हैं, तो सफेद अंडे भी बेहतरीन विकल्प हैं.


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Written by: Taushif

04 Nov 2025  ·  Published: 22:04 IST

सिर्फ 5 मिनट का भुजंगासन, पेट की चर्बी गायब और पाचन बेहतर!

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Bhujangasana Benefits: व्यस्तता, कामकाजी, ट्रैफिक और घरेलू जिम्मेदारियों में फंसे लोगों के शरीर में तनाव, थकान, पेट की जिद्दी चर्बी और कब्ज जैसी समस्याएं घर कर जाती हैं, लेकिन ऐसे में योग करना एक प्रभावी उपाय हो सकता है. इन्ही में से एक है भुजंगासन.

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, यह आसन तनाव घटाने, पेट की जिद्दी चर्बी पिघलाने और कब्ज जैसी पाचन परेशानियों को जड़ से खत्म करने में मददगार हो सकता है. पीठ दर्द, साइटिका और श्वसन तंत्र की दिक्कतों से छुटकारा दिलाने वाला यह योग हर उम्र के लिए वरदान है.

'भुजंगासन' को 'कोबरा पोज' या फिर 'सर्पासन' के नाम से भी जाना जाता है. इसे सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से आठवां स्थान प्राप्त है. आयुष मंत्रालय ने भी 'भुजंगासन' पर विशेष जानकारी दी, जिसमें बताया गया है कि 'भुजंग' शब्द का अर्थ होता है 'सर्प' या 'नाग'. इस आसन में शरीर की आकृति सर्प के फन की तरह ऊपर उठती है, इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है. यह आसन तनाव को कम करने, चर्बी घटाने और कब्ज दूर करने में सहायक है. साथ ही, यह पीठ दर्द व श्वसन नली से संबंधित समस्याओं को दूर करता है.

'भुजंगासन' को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं और अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें और इस बात का ध्यान रखें कि आपके दोनों टखने एक-दूसरे को छूते रहें. इसके बाद दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और साथ ही दोनों हथेलियों को जमीन की तरफ रखें. अब शरीर का वजन हथेलियों पर डालें और धीरे-धीरे सांस भीतर की ओर खींचे और सिर को उठाते हुए पीठ की तरफ खींचें. 

ध्यान दें कि इस वक्त तक आपकी कुहनी मुड़ी हुई है और फिर सिर को पीछे की तरफ ले जाएं और साथ ही अपनी छाती को आगे की तरफ निकालें. फिर पुन: वाली अवस्था में आ जाएं और अपनी क्षमता के अनुसार इस प्रक्रिया को दोहराएं. पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें. डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं.


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Written by: Taushif

01 Nov 2025  ·  Published: 09:57 IST

खजूर खाने से होती है चमकदार स्किन और मजबूत हड्डियां, जानिए कैसे!

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Dates Health Benefits: खजूर एक ऐसा मीठा और स्वादिष्ट फल है जो न सिर्फ टेस्ट में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. खजूर को नेचुरल हेल्थ बूस्टर भी कहा जाता है. खजूर के पेड़ ज्यादातर गर्म और शुष्क इलाकों में पाए जाते हैं. खजूर की खेती हजारों सालों से की जा रही है और यह खासतौर पर भारत के राजस्थान, गुजरात और पंजाब में उगाया जाता है.

इसके पोषक तत्वों की बात करें, तो खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज होते हैं जो इसे न सिर्फ मीठा बनाते हैं, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का भी काम करते हैं. अगर कभी आपको थकान महसूस हो तो 2–3 खजूर खा लेने से तुरंत एनर्जी मिल जाती है.

खजूर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज को दूर करता है और पाचन में मदद करता है. इसके अलावा, खजूर दिल के लिए भी बहुत अच्छा होता है क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखती है और दिल की सेहत को बनाए रखती है. हड्डियों के लिए भी यह कमाल का फल है क्योंकि इसमें कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है.

खजूर में मौजूद आयरन खून की कमी (एनीमिया) में बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन और बालों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं. ये त्वचा को जवां और चमकदार रखते हैं और बालों को मजबूती देते हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए भी खजूर बहुत उपयोगी होता है क्योंकि यह उन्हें ऊर्जा और पोषण देता है.

खजूर को कई तरीकों से खाया जा सकता है. इसे डायरेक्ट ऐसे ही खाया जाता है. आप चाहें तो इसे दूध में भिगोकर या शेक, हलवा या मिठाई में भी डालकर खा सकते हैं. हालांकि, डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में ही खाएं, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है.


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Written by: Taushif

10 Nov 2025  ·  Published: 10:40 IST