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सर्दियों में कम पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानें कौन-कौन सी बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

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Winter Dehydration Risks: सर्दियां शुरू होते ही शरीर की प्यास अपने आप कम होने लगती है. ठंड की वजह से लोग पानी पीना भूल जाते हैं या ठंडे पानी के डर से बहुत कम पानी पीते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. खासतौर पर यदि कोई व्यक्ति रोज़ 500 मिली लीटर से भी कम पानी पी रहा है, तो उसे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है. आइए जानें कम पानी पीने से शरीर पर कैसा असर पड़ता है.

1. किडनी की फिल्टरेशन क्षमता कम होना
बहुत कम पानी पीने से किडनी को शरीर के अपशिष्ट पदार्थ निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे यूरिन गाढ़ा हो जाता है और शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं. यह स्थिति आगे चलकर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है.

2. दिमाग तक ऑक्सीजन की कमी
कम पानी पीने से ब्लड वॉल्यूम घटता है, जिससे दिमाग तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन भी कम हो जाती है. इसका असर फोकस, मूड और ऊर्जा पर पड़ता है. व्यक्ति को चिड़चिड़ापन, थकान और ध्यान की कमी का अनुभव हो सकता है.

3. मसल्स का थकना और दर्द बढ़ना
पानी शरीर की मसल्स को ऊर्जा देता है. कम पानी पीने पर मसल्स कमजोर महसूस होने लगते हैं. थोड़ी-सी मेहनत में थकावट आ जाती है और मसल्स सोरनेस बढ़ सकती है.

4. डाइजेशन धीमा होना
पानी पाचन प्रक्रिया में बड़ा रोल निभाता है. यदि शरीर में पानी की कमी हो जाए तो खाना पचने में दिक्कत आती है. इससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. भूख भी कम लगने लगती है.

5. लंबे समय में कई क्रॉनिक बीमारियों का खतरा
लगातार कम पानी पीने से शरीर पर स्ट्रेस बढ़ता है. यूरिन का रंग गहरा हो जाता है, किडनी की फिल्टरेशन रेट धीमी हो जाती है और शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता भी प्रभावित होती है. लंबे समय में यह आदत किडनी, दिल और ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है.

कैसे बचें?
सर्दियों में भी दिनभर 6–8 गिलास पानी जरूर पिएं. गरम पानी या हर्बल चाय का सेवन बढ़ाएं. प्यास न लगे तब भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें.


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Written by: Taushif

18 Nov 2025  ·  Published: 11:29 IST

एनीमिया क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

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Iron Deficiency Symptoms: आयरन हमारे शरीर के लिए एक बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है. यह न सिर्फ खून बनाने में मदद करता है, बल्कि पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम भी करता है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए तो इसका सीधा असर हमारी ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अंगों के कामकाज पर पड़ता है. आयरन की कमी से सबसे ज्यादा एनीमिया नामक बीमारी होती है, जो आज के समय में बहुत आम हो चुकी है.

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिपोर्ट के मुताबिक, आयरन की कमी खासकर उन लोगों में देखी जाती है जो फोर्टिफाइड अनाज या आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का कम सेवन करते हैं. फोर्टिफाइड अनाज में मौजूद पोषक तत्व रोज़ाना की ज़रूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकते हैं. अगर इन्हें डाइट से हटा दिया जाए तो शरीर में धीरे-धीरे आयरन की कमी हो सकती है.

एनीमिया किन कारणों से होता है?


एनीमिया सिर्फ आयरन की कमी से नहीं होता, बल्कि इसके कई और भी कारण हैं:-

विटामिन की कमी – खासकर फोलेट और विटामिन बी12 की कमी

क्रॉनिक बीमारियां – लंबे समय तक चलने वाले रोग, जैसे किडनी या लिवर की समस्या

थैलेसीमिया और जेनेटिक रेड ब्लड सेल डिसऑर्डर – वंशानुगत बीमारियां

संक्रमण और ऑटो-इम्यून डिजीज़ – शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी दिक्कतें

कुछ दवाओं का असर

गर्भावस्था – इस दौरान महिलाओं को अतिरिक्त आयरन की ज़रूरत होती है

इन सब कारणों में सबसे कॉमन कारण आयरन की कमी है, जो धीरे-धीरे गंभीर समस्या का रूप ले सकती है.

आयरन की कमी के प्रमुख लक्षण

1. लगातार थकान रहना
थकान आयरन की कमी का सबसे आम लक्षण है. आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाता है. अगर खून में आयरन की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और इंसान अक्सर थका हुआ महसूस करता है. हालांकि, थकान के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे – डिप्रेशन, ज्यादा तनाव, नींद की दिक्कत या स्लीप एप्निया. लेकिन अगर बिना किसी बड़ी वजह के लगातार थकान महसूस हो रही है तो आयरन की जांच करवाना जरूरी है.

2. हर वक्त ठंड लगना
आयरन की कमी की वजह से कुछ लोगों को हमेशा ठंड लगती रहती है. खासकर हाथ-पांव ठंडे रहने लगते हैं. 2022 के एक अध्ययन में पाया गया कि शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में थायरॉइड हार्मोन की अहम भूमिका होती है. थायरॉइड का सही से काम करने के लिए आयरन बेहद जरूरी है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो तो थायरॉइड प्रभावित हो सकता है और शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है.

3. सांस फूलना
अगर आप रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करते हैं और फिर भी आपको सांस लेने में दिक्कत होती है, तो यह भी आयरन की कमी का लक्षण हो सकता है. 2023 की एक स्टडी में बताया गया कि आयरन शरीर में ऑक्सीजन को हर सेल तक पहुंचाने का काम करता है. जब शरीर में आयरन कम हो जाता है तो मांसपेशियों और अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है. इसके चलते हल्की गतिविधि करने पर भी सांस फूलने लगती है.

आयरन की कमी क्यों खतरनाक है?
आयरन की मामूली कमी शुरुआत में सामान्य लग सकती है, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज कर दिया जाए तो यह गंभीर एनीमिया का कारण बन सकती है. इससे इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे बार-बार संक्रमण होता है. गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी से प्रीमैच्योर डिलीवरी और शिशु के कम वजन की समस्या हो सकती है. लंबे समय तक कमी रहने पर दिल और दिमाग पर असर पड़ सकता है.

आयरन की कमी से बचाव के उपाय

आहार में बदलाव

  • पालक, मेथी, चुकंदर, हरी पत्तेदार सब्जियां

  • सेब, अनार, किशमिश, खजूर

  • मसूर और चना जैसी दालें

  • मीट, मछली, अंडा (नॉन-वेज खाने वालों के लिए)

फोर्टिफाइड अनाज और खाद्य पदार्थ का सेवन
गेहूं, चावल और आटे में मिलने वाले फोर्टिफाइड प्रोडक्ट्स

विटामिन C का सेवन

संतरा, नींबू, अमरूद जैसे फलों के साथ आयरन लें, इससे शरीर आयरन को जल्दी अवशोषित करता है.

डॉक्टर से नियमित जांच

अगर लगातार थकान, ठंड या सांस फूलने की समस्या है तो खून की जांच जरूर करवाएं.


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Written by: Taushif

08 Sep 2025  ·  Published: 12:38 IST

फेस्टिव लुक में चार चांद लगाएं! दिवाली पर अपनाएं ये स्टाइलिश आउटफिट और मेकअप आइडियाज

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Diwali Fashion Tips: दिवाली रोशनी, रंगों और खुशियों का त्योहार है. इस दिन हर कोई अपने घर को सजाता है, लेकिन अपने लुक को निखारना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इस दिवाली सबसे अलग और स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो ये कुछ आसान फैशन और ब्यूटी टिप्स आपके लिए हैं.

पारंपरिक लुक में दें मॉर्डन टच
दिवाली जैसे मौके पर एथनिक लुक तो बनता है, लेकिन उसे थोड़ा मॉर्डन ट्विस्ट दें. भारी लहंगे या साड़ी की जगह एम्ब्रॉयडरी वाली कुर्ती को स्कर्ट या पलाजो के साथ पहनें. इससे आपको स्टाइलिश और कंफर्टेबल दोनों लुक मिलेगा.

मेकअप रखें ग्लोइंग और बैलेंस्ड
फेस्टिव लुक के लिए ग्लॉसी और ग्लोइंग मेकअप परफेक्ट रहता है. ध्यान रखें कि मेकअप में बैलेंस जरूरी है — अगर आंखों का मेकअप शिमरी है तो लिपस्टिक हल्के रंग की रखें, और अगर लिपस्टिक डार्क है तो आई मेकअप लाइट रखें. अपने स्किन टोन से मैच करता हुआ फाउंडेशन या बीबी क्रीम लगाएं. चेहरे पर हल्का हाईलाइटर और ब्लश जरूर लगाएं ताकि नैचुरल ग्लो दिखे. साथ ही वॉटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें.

हेयरस्टाइल से बढ़ाएं चार्म
बाल आपके लुक को पूरी तरह बदल सकते हैं. अगर खुले बाल पसंद हैं तो सॉफ्ट वेव्स या हल्के कर्ल्स ट्राय करें. वहीं, अगर बन बनाना चाहती हैं तो लो बन, मेसी बन या फिशटेल चोटी एकदम परफेक्ट रहेंगी. बालों में गजरा या फैंसी हेयरपिन लगाकर लुक में एलीगेंस जोड़ें.

ज्वेलरी से बढ़ाएं खूबसूरती
ड्रेस के अनुसार ज्वेलरी चुनना जरूरी है. अगर आपकी ड्रेस हेवी है तो सिंपल और मिनिमल ज्वेलरी पहनें. वहीं, अगर आउटफिट लाइट है तो स्टेटमेंट नेकपीस, झुमके या माथा पट्टी पहन सकती हैं. ये आपके पूरे लुक को फेस्टिव टच देंगे.

मैचिंग बैग रखना न भूलें
अपनी ड्रेस से मैच करता पोटली बैग या क्लच कैरी करें. इससे लुक और भी स्टाइलिश लगेगा और फोन, लिपस्टिक जैसी जरूरी चीजें आसानी से रखी जा सकेंगी.


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Written by: Taushif

20 Oct 2025  ·  Published: 11:30 IST

पेट रहेगा स्वस्थ तो शरीर रहेगा तंदरुस्त, जानिए किन चीज़ों से मिलेगा फायदा

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Fermented Foods For Gut Health: अगर आप अपनी सेहत को लंबे समय तक अच्छा बनाए रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने गट यानी पाचन तंत्र की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. एक हेल्दी गट न सिर्फ पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है, बल्कि यह हार्मोन बैलेंस, इम्युनिटी बढ़ाने और स्किन ग्लो तक में अहम भूमिका निभाता है. रिसर्च से यह भी साबित हो चुका है कि हेल्दी गट हमारे मूड और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है.

गट हेल्थ सुधारने में फर्मेंटेड फूड्स (Fermented Foods) की अहम भूमिका होती है. ये फूड्स प्रोबायोटिक्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन से भरपूर होते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे कुछ बेहतरीन फर्मेंटेड फूड्स के बारे में जो आपके गट के लिए रामबाण की तरह काम कर सकते हैं.

1. घर का बना दही
दही भारतीय रसोई में रोज़मर्रा का हिस्सा है और यह सबसे लोकप्रिय प्रोबायोटिक फूड है. यह अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, सूजन कम करता है और पाचन शक्ति मजबूत बनाता है.

2. सॉरक्रॉट (Sauerkraut)
यह फर्मेंटेड पत्ता गोभी से बनाया जाता है. इसमें फाइबर, विटामिन C और प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में होते हैं. यह गट के बैक्टीरियल बैलेंस को सुधारने में मदद करता है.

3. इडली और डोसा
इडली और डोसा भी फर्मेंटेड फूड की श्रेणी में आते हैं. ये चावल और उड़द दाल को भिगोकर और फर्मेंट करके बनाए जाते हैं, जिससे पाचन में आसानी होती है.

4. कोम्बुचा
कोम्बुचा एक फर्मेंटेड चाय है जो प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती है। यह डाइजेशन, डिटॉक्स और एनर्जी बूस्ट के लिए बहुत लाभकारी मानी जाती है.

5. फर्मेंटेड चावल
बचे हुए चावल को रात भर पानी में भिगोकर सुबह छाछ या दही के साथ खाने से यह एक बेहतरीन प्रोबायोटिक फूड बन जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है और गट हेल्थ को सपोर्ट करता है.

6. किमची और मिसो (वैकल्पिक विदेशी विकल्प)
कोरियन डिश किमची और जापानी मिसो भी बेहतरीन फर्मेंटेड फूड्स हैं. हालांकि ये हर जगह आसानी से नहीं मिलते, लेकिन जहां उपलब्ध हों वहां ये गट हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी हैं.


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Written by: Taushif

31 Jul 2025  ·  Published: 05:05 IST