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मस्जिद में बिना टोपी पहुंचे अखिलेश यादव, मुस्लिम धर्मगुरु ने काटा बवाल

File

फाइल फोटो

Akhilesh Yadav Mosque Cap Controversy: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के संसद भवन के पास स्थित मस्जिद जाने को लेकर नया विवाद सामने आया है। अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु इफराहिम हुसैन ने इस बात पर सवाल उठाया है कि अखिलेश यादव ने मस्जिद में प्रवेश के दौरान जालीदार टोपी क्यों नहीं पहनी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का इस पर सफाई देना जरूरी है।

धर्मगुरु ने कहा कि पहले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी मस्जिद जाया करते थे और उन्होंने हमेशा इस्लामिक परंपराओं का सम्मान किया। इसी परंपरा को अखिलेश यादव भी निभाते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव हमेशा नमाज और धार्मिक स्थलों पर टोपी पहनते रहे हैं, लेकिन इस बार उनके सिर पर टोपी नहीं दिखी। इससे मुस्लिम समाज में संदेह की स्थिति बनी है और लोग जवाब चाहते हैं।

इफराहिम हुसैन ने कहा, "अखिलेश यादव के दिल में क्या है, यह वही जानते हैं। परंतु यह जरूर पूछना चाहिए कि टोपी इस बार क्यों नहीं पहनी गई। जब पहले पहनी जाती थी, तो अब क्या कारण था कि छोड़ दी गई?" इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने पार्टी की ओर से सफाई देते हुए कहा कि नेता मस्जिद में किसी बैठक के लिए नहीं गए थे, बल्कि केवल चाय पीने के लिए वहां गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मसले को बेवजह बड़ा बना रही है और झूठे आरोप लगा रही है।

डिंपल यादव ने क्या कहा?
वहीं, सपा सांसद डिंपल यादव ने भी स्पष्ट किया कि कोई बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, "हमारे सांसद वहां एक सामाजिक कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे। वहां न तो कोई बैठक हुई और न ही कोई राजनीतिक गतिविधि।" इस पूरे मामले को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है, लेकिन मुस्लिम धर्मगुरु की तरफ से उठाए गए सवाल ने अखिलेश यादव के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि अखिलेश यादव इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।


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Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

24 Jul 2025  ·  Published: 04:25 IST

ग्राहकों की नाराजगी देख ICICI बैंक ने लिया यूटर्न, वापस लाए पुराने बैलेंस नियम, चेक डीटेल्स

(फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

ICICI Bank Minimum Balance Rules: ग्राहकों की नाराज़गी के बाद आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस की नई और बढ़ी हुई शर्तें वापस ले ली हैं. बैंक ने अब फिर से वही पुराने नियम लागू कर दिए हैं, जो पहले से लागू थे. यानी अब ग्राहकों को पहले जितना ही औसत मासिक बैलेंस (Minimum Average Balance) बनाए रखना होगा.

क्या था विवाद?
हाल ही में ICICI बैंक ने अपने न्यूनतम बैलेंस के नियमों में बदलाव करते हुए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में बचत खाता धारकों के लिए औसत मासिक बैलेंस 50,000 रुपये करने का ऐलान किया था. इसी तरह अर्ध-शहरी शाखाओं में यह सीमा 25,000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं में 10,000 रुपये तय की गई थी. यह बदलाव 1 अगस्त से लागू होना था.

हालांकि, ICICI बैंक के जरिये जारी औसत मासिक बैलेंस की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर ग्राहकों ने बैंक के इस फैसले की कड़ी आलोचना की. कई लोगों ने इसे आम ग्राहकों पर बोझ डालने वाला कदम बताया. आलोचना बढ़ने के बाद बैंक ने यह बढ़ोतरी वापस लेने का फैसला किया.

अब क्या है नया नियम?
ICICI बैंक ने बयान जारी कर बताया कि 1 अगस्त से नए बचत खातों के लिए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस 15,000 रुपये, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 7,500 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,500 रुपये ही रहेगा. बैंक के मुताबिक, अगर ग्राहक अपने खाते में निर्धारित न्यूनतम बैलेंस नहीं रखते, तो उनके खाते से 6 फीसदी या 500 रुपये (जो भी कम हो) का जुर्माना काटा जाएगा.

किन्हें नहीं रखना होगा न्यूनतम बैलेंस?
बैंक ने साफ किया है कि वेतन खाते (Salary Accounts), पेंशनभोगी खाते, छात्र बचत खाते, पीएम जन धन योजना (PMJDY) और अन्य विशेष खाते इस नियम से मुक्त रहेंगे. इसके अलावा जिन ग्राहकों के बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट में कुल 2 लाख रुपये हैं, उन्हें भी न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होगी.

आरबीआई का क्या कहना है?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वाणिज्यिक बैंक अपने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस खुद तय करने के लिए स्वतंत्र हैं. यह निर्णय नियामक दायरे में नहीं आता. ICICI बैंक का यह कदम ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, खासकर उन लोगों के लिए जो बढ़े हुए न्यूनतम बैलेंस के बोझ से परेशान थे.

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Written by: Raihan

13 Aug 2025  ·  Published: 20:14 IST

प्रयागराज कुंभ में भगदड़ से हुई मौतों की पड़ताल पर बड़ा खुलासा, राहुल गांधी ने PM-CM पर बोला हमला, कहा- 'यही तो...'

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

Rahul Gandhi News: प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या (29 जनवरी) को मची भगदड़ में काफी संख्या में लोगों की मौतें हुई थी. इस हादसे को लेकर यूपी सरकार ने कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किए. अब बीबीसी ने अपनी एक पड़ताल में बड़ा खुलासा किया है. बीबीसी का दावा है कि भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. वहीं, राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. 

कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, "BBC की रिपोर्ट बताती है कि कुंभ मेले की भगदड़ में हुई मौतों के आंकड़े योगी सरकार ने छुपाए. जैसे COVID में गरीबों की लाशें आंकड़ों से मिटा दी गई थी. जैसे हर बड़े रेल हादसे के बाद सच्चाई दबा दी जाती है.
यही तो BJP मॉडल है. मोदी सरकार के दौर में गरीबों की कोई गिनती नहीं, तो जिम्मेदारी भी नहीं." 

योगी सरकार की नजर में 37 लोगों की हुई भगदड़ से मौत

दरअसल, प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या को मची भगदड़ में बीबीसी ने अपने एक पड़ताल के आधार पर दावा किया है कि उस समय यूपी सरकार ने 37 लोगों के मरने की बात स्वीकार की थी, लेकिन उससे कई गुना ज्यादा लोग मरे थे. 

100 अधिक परिवारों से मिला बीबीसी का प्रतिनिधिमंडल 

बीबीसी के मुताबिक हजारों किलोमीटर का सफर, 11 राज्य और 50 से अधिक जिलों का दौरा करने के बाद 100 से अधिक परिवारों से पीड़ित के लोगों से उनका प्रतिनिधि मिला. पड़ताल के मुताबिक कुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों की तादाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों से कहीं अधिक हैं. 

बीबीसी ने दावा किया कि कुंभ के दौरान भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. बीबीसी के प्रतिनिधि ने पड़ताल के दौरान 82 से ज्यादा मृतकों के परिजनों से सीधा संपर्क किया. 82 लोगों में उन लोगों नाम शामिल नहीं हैं, जो मौत का सबूत नहीं दे सके, लेकिन उनके परिजनों की मौत भगदड़ में हुई. ऐसा पीड़ितों ने दावा किया. 


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Written by: Dhirendra Mishra

11 Jun 2025  ·  Published: 18:07 IST

'जनता का नेता' लालू की कहानी!

'जनता का नेता' लालू की कहानी

कभी एक छोटे से गांव से निकला एक युवक...आज देश की राजनीति का ऐसा नाम है जिसे भुलाना आसान नहीं, नाम है — लालू प्रसाद यादव, गरीबों की बात करना, वंचितों के लिए लड़ना और जनता की भाषा में बोलना — यही उनकी पहचान बनी, उन्होंने राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बदलाव का औज़ार बनाया। देखिए हमारी रिपोर्ट
 


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Written by: Rajeev

27 Jun 2025  ·  Published: 15:18 IST