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Mumbai Airport Bomb Threat: मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक के बाद एक तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से बम की धमकी भरे कॉल आए। अज्ञात कॉल करने वाले ने दावा किया कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर बम रखा गया है, जो थोड़ी देर में फट जाएगा।
पुलिस को यह सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए। हवाई अड्डे के अंदर और बाहर के इलाकों की गहन तलाशी शुरू कर दी गई। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हवाई अड्डा प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी।
करीब तीन घंटे तक चले तलाशी अभियान में हवाई अड्डे के हर हिस्से - चेक-इन काउंटर, टर्मिनल, कार पार्किंग, लाउंज और सामान रखने वाले क्षेत्र - की गहन जाँच की गई। लेकिन किसी भी जगह से कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि धमकी भरे कॉल असम और पश्चिम बंगाल सीमा के पास के मोबाइल नंबरों से किए गए थे। ये कॉल इंटरनेट-आधारित कॉलिंग ऐप या नकली सिम कार्ड से किए गए हो सकते हैं, यही वजह है कि कॉल करने वाले की तुरंत पहचान नहीं हो पाई।
आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ धारा 505(1)(बी), 506 और 182 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जाँच जारी है। पुलिस साइबर सेल भी लोकेशन ट्रेसिंग और कॉल के तकनीकी विश्लेषण में लगी हुई है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि इस तरह की फर्जी धमकियों को बहुत गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि ये जन सुरक्षा को भंग करती हैं और संसाधनों के दुरुपयोग का कारण बनती हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पूर्व उपराष्ट्रपति का फोटो
Jagdeep Dhankhar Resignation: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावुक पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। हालांकि, उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार के दबाव में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
सूत्रों की मानें तो धनखड़ ने इस्तीफे के दिन से ही अपना सामान पैक करना शुरू कर दिया था, जबकि उनका इस्तीफा अगले दिन यानी मंगलवार को स्वीकार कर लिया गया। उसी दिन शरद पवार और संजय राउत जैसे विपक्षी नेताओं ने मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं मिला। इस्तीफे के बाद धनखड़ ने किसी भी राजनीतिक नेता से मुलाकात नहीं की है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि सोमवार को उनका पूरा कार्यक्रम सामान्य रहा। उन्होंने सुबह राज्यसभा के मनोनीत सांसदों को शपथ दिलाई, दो बार बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) की बैठक की अध्यक्षता की और कांग्रेस नेता जयराम रमेश से भी मुलाकात की। रमेश ने संकेत दिया कि दोपहर और शाम के बीच कुछ ऐसा हुआ जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
संविधान के किस आर्टिकल के तहत उपराष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा
संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर स्वास्थ्य कारणों को ही कारण बताया गया है। धनखड़ को इस्तीफे के बाद भी कई सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें पेंशन, स्टाफ (2 सहायक, 2 चपरासी), मुफ़्त दवाइयां, मेडिकल जांच और ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। नियमित रूप से एक डॉक्टर की तैनाती भी रहेगी। इसके साथ ही, उन्हें कार्यालय खर्च के लिए ₹60,000, मुफ़्त बिजली-पानी और रेल-हवाई यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी।
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Jharkhand High Court Video Viral: झारखंड हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान बड़ा मामला सामने आया. दरअसल, अदालत में एक आईएएस अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठे. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अधिकारी को सख्त फटकार लगाई और कहा कि आप झारखंड में कमीशन लेने आते हैं और फिर हमें कानून सिखाने की कोशिश करते हैं?
— Ranchi LIVE (@ranchilivenews) August 27, 2025
मामला दरअसल सरकारी योजनाओं और ठेकों में अनियमितता से जुड़ा था. न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि अधिकारी जनता के हित में काम करने के बजाय अपनी सुविधा और लाभ को प्राथमिकता दे रहे हैं. अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसे रवैये को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अधिकारी का काम सेवा और पारदर्शिता लाना है, न कि कानून की गलत व्याख्या कर अपने बचाव में दलील देना. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “हम यहां न्याय देने बैठे हैं, कानून पढ़ाने नहीं. आपका काम है ईमानदारी से व्यवस्था चलाना.”
हाईकोर्ट की यह टिप्पणी पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए चेतावनी मानी जा रही है. अदालत ने साफ कर दिया है कि अधिकारी अगर जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते तो उन्हें सीधे कोर्ट में जवाब देना होगा. इस घटनाक्रम ने राज्य के अफसरशाही और न्यायपालिका के रिश्तों पर भी चर्चा शुरू कर दी है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ही जिम्मेदारी से नहीं काम करेंगे तो आम जनता न्याय और सेवा की उम्मीद किससे करेगी.
Ahmedabad Plane Crash
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरने के तत्काल बाद एयर इंडिया का विमान हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में 241 लोग मारे गए. इंटरनेशनल फ्लाइट में क्रू मेंबर्स समेत 242 पैसेंजर्स सवार थे.
Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का प्लेन 12 जून 2025 को अहमदाबाद में क्रैश हो गया. इंटरनेशनल फ्लाइट में क्रू मेंबर्स समेत 242 पैसेंजर्स सवार थे. इस भीषण विमान हादसे में 241 लोग मारे गए. प्लेन में सवार लोगों में सिर्फ एक शख्स जिंदा बचा. इस विमान हादसे ने भारत में हुए बड़े विमान हादसे की याद दिला दी। जानिए देश में कब-कब हुए बड़े विमान हादसे?
एयर इंडिया एकसप्रेस फ्लाइट हादसा 2010
एयर इंडिया एक्सप्रसे फ्लाइट 812, 22 मई 2010 को कर्नाटक के मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते समय रनवे से आगे निकल गई. दुबई से आ रहा यह बोइंग 737—800 टेबलटॉप रनवे से आगे खाई में गिर गया और उसमें आग लग गई. इस हादसे में 158 लोगों की मौत हुई थी.
एलायंस एय फ्लाइट हादसा 2000
एलायंस एयर फलइट 17 जुलाई 2000 को उतरने का प्रयास करते समय बिहार के पटना में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में भी काफी संख्या में लोगों की मौत हई थी.
चरखी दादरी हवाई टक्कर 1996
12 नवंबर 1996 को भारत की सबसे विनाशकारी विमान दुर्घटना हुई थी. इसमें 349 लोग मारे गए थे. यह त्रासदी तब हुई जब जब सउदी फ्लाइट बोइंग 747 और कजाकिसतान एयराइंस की फ्लाइट 1907 इल्यूशिन आईएल 76 हरियाणा के चरखी दादरी में हवा में ही टकरा गई. इस घटना के बाद भारत ने सभी कमर्शियल विमानों पर ट्रैफिक टकराव परिहार प्रणाली की स्थापना को अनिवार्य करने की सहित कई विमानन सुरक्षा उपायों पर अमल किया.
इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट हादसा 1990
14 फरवरी 1990 को इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 605 बेंगलुर के एचएएल एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस घटना में विमान में सवा 146 लोगों में से 92 की मौत हो गई. उस समय भारत में नया विमान एयरबस ए320 बहुत नीचे उतरा और रनवे से पहले ही जमन पर जा गिरा. जांच में पता चला कि पायलट की गलती और ए320 के लेटेसट डिजिटल कॉकपिट से अनजानेपन ने भी इस हादसे में अहम भूमिका निभाई.
इंडियन एयराइंस फ्लाइट 1988 19 अक्टूबर 1988 को लो विजिबिलीटी के कारण यह फ्लाइट अहमदाबाद के पास हादसे का शिकार हुई थी. मुंबई से आ रही यह फ्लाइट पेड़ों से टकरा गई और रनवे से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार 135 में से 133 लोगों की मौत हुई थी. जांचकर्ताओं ने पायलट की गलती, अपर्याप्त मौसम की जानकारी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चूक को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया था.