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जाति, धर्म, विकास किस मुद्दे पर होगा बिहार का चुनाव? Bihar Election 2025 | Public Opinion
(फाइल फोटो)
Indian Railway Ticket Booking Offer: त्योहारों के मौसम में ट्रेन का सफर अब जेब पर हल्का पड़ेगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई और खास योजना शुरू की है, जिसके तहत आने-जाने का टिकट एक साथ बुक कराने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी. इस पहल का नाम रखा गया है 'राउंड ट्रिप पैकेज'.
रेलवे का कहना है कि यह योजना यात्रियों की सुविधा, त्योहारों में भीड़ कम करने और ट्रेनों के बेहतर इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है. भारतीय रेलवे से हर औसतन 2.4 करोड़ लोग सफर करते हैं, ऐसे में रेलवे के इस ऐलान से त्योहारों पर घर का रुख करने वाले लोगों को महंगे टिकटों से कुछ हद तक राहत मिलेगी.
कैसे मिलेगा फायदा?
रेलवे के मुताबिक, अगर कोई यात्री एक साथ अपने आने और जाने दोनों का टिकट बुक कराता है, तो उसे वापसी के टिकट पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी. यह छूट तभी लागू होगी जब यात्री का नाम दोनों टिकटों पर समान हो और दोनों टिकट एक ही क्लास में बुक किए गए हों.
कब से शुरू होगी योजना?
यह योजना 13 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 1 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी. आने का टिकट 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए होना चाहिए, जबकि वापसी का टिकट 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए मान्य होगा.
किन शर्तों के साथ मिलेगी छूट?
दोनों तरफ की टिकटें कंफर्म होनी चाहिए. टिकट में कोई बदलाव या रद्दीकरण की सुविधा नहीं होगी. रिफंड का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा. किसी अन्य ऑफर या स्कीम के साथ यह छूट नहीं जोड़ी जा सकेगी. दोनों टिकट एक ही समय और एक ही माध्यम (ऑनलाइन या ऑफलाइन) से बुक करने होंगे.
सभी ट्रेनों और क्लास में सुविधा
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ऑफर देशभर की सभी ट्रेनों और सभी क्लास में लागू होगा. यात्री चाहे स्लीपर में सफर करें या एसी कोच में उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे तय शर्तों का पालन करें. रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना का मकसद त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना, टिकट बुकिंग को सरल बनाना, यात्रियों को अधिक सुविधा देना और ट्रेनों का दोनों दिशाओं में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है.
प्रज्वल रेवन्ना (फाइल फोटो)
Bengaluru MP MLA Court on Prajwal Revanna Case: बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने जनता दल (सेक्युलर) के निलंबित नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला शनिवार (2 अगस्त) को सुनाया गया. यह मामला एक घरेलू महिला कर्मचारी के साथ रेप से जुड़ा है.
इस केस की सुनवाई सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के लिए बनी स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में हुई, जिसकी अध्यक्षता जज संतोष गजानन भट्ट ने की. कोर्ट ने शुक्रवार (1 अगस्त) को ही प्रज्वल को दोषी करार दिया था. इस मामले में लोगों को लंबे समय से प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कोर्ट के फैसले का इंतजार था.
क्या है मामला?
प्रज्वल रेवन्ना पर आरोप है कि उन्होंने हसन जिले के गन्नीकाडा फार्महाउस में काम करने वाली 48 साल की घरेलू महिला कर्मचारी के साथ 2021 में दो बार रेप किया. पीड़िता के साथ आरोपी ने एक बार फार्महाउस पर और दूसरी बार बेंगलुरु के एक घर में रेप की वारदात को अंजाम दिया. आरोप है कि रेवन्ना ने इस घटना की वीडियो भी रिकॉर्ड की थी.
सजा सुनाए जाने से पहले कोर्ट में प्रज्वल रेवन्ना रो पड़ा. इस दौरान उसने कोर्ट से कम से कम सजा की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. रेवन्ना ने कहा, "मेरी सिर्फ एक गलती है कि मैंने राजनीति में तेजी से तरक्की की." उसने दावा किया कि महिलाओं से जबरदस्ती शिकायत करवाई गई और वीडियो सामने आने के बाद ही यह केस दर्ज हुआ.
एसआईटी ने पेश किए थे पुख्ता सबूत
इस मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) ने की थी. SIT ने 1,632 पन्नों की चार्जशीट, 113 गवाह, 180 से ज्यादा दस्तावेज और वीडियो सबूत पेश किए. इसके अलावा डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की गई. अभियोजन पक्ष ने बताया कि पीड़िता के कपड़े तक कोर्ट में पेश किए गए, जो उसने घटना के समय पहने थे.
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनावों में वह हसन सीट से चुनाव हार गया था. चुनाव से कुछ दिन पहले उसके कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद रेप और यौन उत्पीड़न के कई केस दर्ज हुए. इन्हीं मामलों को लेकर उसे 31 मई 2024 को जर्मनी से लौटते समय गिरफ्तार किया गया था.
पाकिस्तान में बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त
Heavy Rain in Pakistan Today: पाकिस्तान में मानसूनी बारिश कहर बनकर टूटी है. बीते 24 घंटों के दौरान पंजाब प्रांत में भारी बारिश और बाढ़ की विभीषिका ने 63 लोगों की जान ले ली है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने शुक्रवार (18 जुलाई) को इस दिन को अब तक का सबसे अधिक आपदा-प्रभावित दिन बताया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रांत में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है.
सेना को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है. राजधानी लाहौर और रावलपिंडी समेत कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. NDMA के अनुसार, जून के अंत से अब तक बारिश संबंधी घटनाओं में 180 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 70 बच्चे शामिल हैं. 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
रावलपिंडी में भारी तबाही
रावलपिंडी में 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में चकलाला (239 मिमी), गवालमंडी (235 मिमी), न्यू कटारियन (220 मिमी) और पीर वड्डई (200 मिमी) शामिल हैं. कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है. दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने लोगों को घरों में ही रहने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है.
NDMA की चेतावनी
प्राधिकरण ने संवेदनशील इलाकों में रहने वालों से अपील की है कि वे आगामी तीन से पांच दिनों के लिए राशन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी सामान एकत्र करके रखें. साथ ही नदियों, जलाशयों और नहरों के पास जाने से परहेज करने की चेतावनी दी गई है. बढ़ते जलस्तर के कारण जानलेवा घटनाएं हो सकती हैं.
बलूचिस्तान और अन्य राज्यों में भी तबाही
बलूचिस्तान में भी बारिश जनित घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई है. NDMA के मुताबिक, अब तक सबसे ज्यादा मौतें छत गिरने, बिजली के झटके और बाढ़ में बहने की वजह से हुई हैं. पंजाब के गृह विभाग ने कहा है कि इस तरह की बारिश ने पूरे प्रांत को आपातकालीन हालात में ला दिया है और प्रशासन सतर्क मोड पर है.