सनातन संस्कृति संसद नामक संस्था की ओर से इस सामूहिक गीता पाठ बाबा बागेश्वर और बाबा रामदेव शामिल होंगे.
कोलकाता में रविवार 7 दिसंबर 2025 को कोलकाता का Brigade Parade Ground एक अनूठे धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने जा रहा है, जब लगभग 5 लाख श्रद्धालु एक साथ सामूहिक रूप से भगवद-गीता का पाठ करेंगे. भारत के जाने-माने योगगुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस भव्य आयोजन में मुख्य भूमिका निभाएंगे. आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न सिर्फ कोलकाता या बंगाल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक घटना होगी.
सनातन संस्कृति संसद नामक संस्था की ओर से इस सामूहिक गीता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य आम लोगों तक सनातन धर्म की मूल भावना और गीता के सार्वभौमिक संदेशों को पहुंचाना है.
मालूम हो कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पिछली बार 24 दिसंबर, 2023 को सामूहिक गीता पाठ कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग एक लाख लोगों ने भाग लिया था। इस बार होने जा रहा आयोजन भारत में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक गीता पाठ होगा.
कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज करेंगे, जबकि पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और योगगुरु बाबा रामदेव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.
आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शुद्ध धार्मिक-आध्यात्मिकता, संस्कृति और सामाजिक सद्भाव बनाये रखने के उद्देश्य से रखा गया है.
रान्या राव (फाइल फोटो)
DRI Imposes Penalty on Ranya Rao: बेंगलुरु एयरपोर्ट से 14.2 किलो सोना पकड़े जाने के बाद कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव का नाम गोल्ड स्मगलिंग केस ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मार्च में दुबई से सोना लेकर आई रान्या अब राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की शिकंजे में हैं. जांच एजेंसी ने उन पर 102 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक दिया है.
इस मामले ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री को हिला दिया है बल्कि हवाला नेटवर्क और बड़े तस्करी सिंडिकेट्स से संभावित कनेक्शन भी उजागर कर दिए हैं. बता दें, 3 मार्च को रान्या राव को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।.उनके पास से 14.2 किलो सोना बरामद हुआ, जो हाल के महीनों में सबसे बड़ी जब्ती मानी जा रही है.
बार-बार दुबई यात्रा से हुआ शक
जांच में खुलासा हुआ कि रान्या पिछले एक साल में 30 बार दुबई गई थीं. कई बार तो उन्होंने 15 दिनों में चार-चार बार सफर किया. अधिकारियों का मानना है कि इस दौरान ज्यादातर यात्राओं में वह सोना लेकर आती थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रान्या को हर किलो सोना लाने पर एक लाख रुपये मिलते थे. यानी औसतन एक ट्रिप से वह 12–13 लाख रुपये तक कमा रही थीं. सालभर में उनकी कमाई करोड़ों तक पहुंचने का अंदेशा है.
खास जैकेट और बेल्ट से तस्करी
सोने की तस्करी के लिए रान्या बार-बार स्पेशल जैकेट और बेल्ट का इस्तेमाल करती थीं. गिरफ्तारी के समय भी उन्होंने ऐसी जैकेट पहन रखी थी, जिसके अंदर सोने की सिल्लियां छिपाई गई थीं. उनकी लगातार विदेशी यात्राओं ने DRI को पहले से ही शक में डाल दिया था. पुख्ता इनपुट मिलने के बाद ही उन्हें एयरपोर्ट पर पकड़ा गया.
रिश्तों का हवाला देकर बचने की कोशिश
पकड़े जाने पर रान्या ने खुद को कर्नाटक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के DGP रामचंद्र राव की सौतेली बेटी बताया. हालांकि पहले से मिली जानकारी के चलते अधिकारियों ने सख्ती बरती और सोना जब्त कर लिया. इस केस में रान्या के साथ कारोबारी तरुण कोंडाराजू और ज्वैलर्स साहिल सखारिया जैन व भारत कुमार जैन को भी अरेस्ट किया गया है.
आरोप है कि यही लोग सोने की बिक्री और हवाला चैनलों के जरिए लेनदेन को संभालते थे. जांचकर्ताओं को शक है कि रान्या पहले कई बार अपने पारिवारिक प्रभाव का इस्तेमाल कर एयरपोर्ट चेकिंग से बच निकलती थीं. यहां तक कि कभी-कभी उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट भी मिला होगा.
102 करोड़ का जुर्माना
DRI ने रान्या पर 102 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है, जिसमें सोने का बाजार मूल्य और बचाए गए कस्टम शुल्क शामिल हैं. अधिकारियों ने साफ किया है कि यह जुर्माना मुकदमे की कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा, केस कस्टम्स एक्ट और COFEPOSA कानून के तहत जारी रहेगा.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, रान्या के सौतेले पिता और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव ने कहा, "मैं भी सदमे में हूं. कानून अपना काम करेगा. मेरे करियर पर कोई दाग नहीं है." फिलहाल रान्या राव दूसरे आरोपियों के साथ परप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल में बंद हैं.
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जुमिल्ला में मुस्लिम त्योहार पर पाबंदी
Muslim Festival Ban in Spain: स्पेन के मर्सिया क्षेत्र के जुमिल्ला शहर में एक चौंकाने वाला फैसला लिया गया है. यहां की स्थानीय काउंसिल ने अब मुस्लिम त्योहारों जैसे ईद उल-फितर और ईद उल-अजहा को सार्वजनिक स्थानों पर मनाने से रोक लगा दी. इस आदेश के बाद स्पेन मुसलमान सिविक सेंटर और स्पोर्ट्स हॉल में ईद उल-फितर और ईद उल-अजहा की नमाज नहीं पढ़ सकेंगे.
इस फैसले के बाद पूरे स्पेन में बवाल खड़ा हो गया है, जिसे लोग संविधान का उल्लंघन बताया जा रहा है. यह प्रस्ताव कंजरवेटिव पार्टी 'पीपल्स पार्टी (PP)' के जरिये पेश किया गया था, जिसे दूर-दराज की पार्टी 'वॉक्स (Vox) के समर्थन के बिना पास कर दिया गया. बताया जा रहा है कि ऐसा 'वॉक्स' पार्टी की चुप्पी यानी 'एबसटेंशन'के चलते पास कर दिया गया. जबकि वामपंथी दलों ने इसका खुलकर विरोध किया.
दक्षिमी पूर्वी स्पेन के मर्सिया प्रशासन के नियमों के तहत नगरपालिका के खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल 'हमारी पहचान से अलग किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक कार्यक्रम'के लिए नहीं किया जा सकेगा, जब तक कि आयोजन स्थानीय प्रशासन के जरिये न किया गया हो.
जुमिल्ला की आबादी करीब 27,000 है, जिसमें लगभग 7.5 फीसदी मुस्लिम हैं. इनमें से ज्यादातर लोग उत्तर अफ्रीकी देशों से हैं. इस फैसले पर वॉक्स पार्टी ने सोशल मीडिया पर खुलकर खुशी जताई. उन्होंने लिखा, "वॉक्स की बदौलत पहली बार स्पेन में इस्लामिक त्योहारों पर सार्वजनिक जगहों पर पाबंदी लगाई गई है. स्पेन हमेशा ईसाई लोगों की धरती रहेगा."
इस विवादित फैसले पर न सिर्फ मुस्लिम संगठनों ने बल्कि स्पेन की दूसरे समुदाय के लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. स्पेनिश फेडरेशन ऑफ इस्लामिक ऑर्गनाइजेशंस के अध्यक्ष मुनिर बेंजेल्लौन अंदलुसी अजहरी ने इसे "इस्लामोफोबिक और भेदभावपूर्ण" बताया.
इस विवाद के बीच संवैधानिक विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं ने कहा है कि यह फैसला स्पेन के संविधान के अनुच्छेद 16 का उल्लंघन है, जो धर्म, विचार और पूजा की स्वतंत्रता की गारंटी देता है. स्पेनी समाजवादी पार्टी नेता फ्रांसिस्को लुकास ने इसे सोशल मीडिया पर आड़े हाथों लेते हुए कहा, "पीपल्स पार्टी संविधान को ताक पर रखकर सत्ता में बने रहने के लिए समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डाल रही है."
पूर्व मेयर और सोशलिस्ट नेता जुआना गुआर्डियाला ने इस तानाशाही फैसले का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने कहा,"आखिर वे किस पहचान की बात कर रहे हैं? क्या मुस्लिम विरासत हमारी पहचान का हिस्सा नहीं है?" उन्होंने याद दिलाया कि जुमिल्ला कभी अरब शासन का हिस्सा था और यहां मुस्लिम संस्कृति की गहरी छाप रही है.
इंडियन एक्सप्रेस ने इतिहास के जानकारों को हवाला देते हुए लिखा कि जुमिल्ला 8वीं सदी में अरबों के अधीन आया था और 13वीं सदी तक मुस्लिम शासन में रहा. बाद में अल्फॉन्सो एक्स ने जीत कर यहां पर ईसाईयत की सत्ता स्थापित की, लेकिन शुरुआत में कैपिटुलेशन्स ऑफ अलकतराज नाम की संधि के तहत ईसाई और मुस्लिम समुदाय मिलकर रहते थे.
अब इस फैसले को लेकर कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है और आने वाले समय में यह मामला स्पेन की संवैधानिक अदालत तक पहुंच सकता है. जिसका असर न सिर्फ स्पेन में सभी संप्रदायों के बीच विभेद पैदा होगा, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द का खतरा बढ़ गया है.
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने घोषणा की है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसे जेवर हवाई अड्डा भी कहा जाता है, का आधिकारिक उद्घाटन 30 अक्टूबर को होगा. यह इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव कम करने और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. इसे विशेष तौर से एयरपोर्ट फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन - ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) भारतीय नागरिकों और ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड रखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए डिजाइन किया गया है.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू के अनुसार उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद है. शुरुआती चरण में यह हवाई अड्डा बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरीय केंद्रों सहित 10 प्रमुख शहरों से जुड़ेगा. नायडू ने पुष्टि की है कि मंत्रालय प्रमुख एयरलाइनों के साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस नई सुविधा से पहली उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए बातचीत में सबसे आगे है.
जेवर एयरपोर्ट पर यात्री इन सुविधाओं का उठा पाएंगे लाभ
1. फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन (FTI-TTP)
यह सुविधा भारतीय नागरिकों और OCI कार्डधारकों के लिए उपलब्ध होगी. FTI-TTP के तहत, पंजीकृत यात्री ई-गेट्स के माध्यम से इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिससे लंबी कतारों से बचा जा सकता है. यह प्रक्रिया लगभग 30 सेकंड में पूरी होती है.
2. ऑटोमेटिक चेक-इन और बैग ड्रॉप
हवाई अड्डे पर स्वचालित चेक-इन कियोस्क और बैग ड्रॉप प्वाइंट्स होंगे, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से बचने में मदद मिलेगी. यह प्रणाली वास्तविक समय में डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी होगी. ई-गेट्स के माध्यम से यात्रियों की बायोमेट्रिक जानकारी (जैसे फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन) की जाएगी, जिससे इमिग्रेशन प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी. जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली मेट्रो के एक्वा लाइन के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को दिल्ली से सीधे हवाई अड्डे तक पहुंचने में सुविधा होगी. हवाई अड्डे पर स्मार्ट पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यात्रियों के लिए टैक्सी, बस और अन्य परिवहन विकल्प भी उपलब्ध होंगे.
एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को चार चरणों वाली एक बड़ी परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके पहले चरण में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रारंभिक निवेश किया जाएगा. एक स्विस कंपनी द्वारा डिजाइन किए गए इस हवाई अड्डे के पहले चरण में एक रनवे और एक अत्याधुनिक टर्मिनल भवन शामिल है, जो सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम है। चारों चरण पूरे होने के बाद, हवाई अड्डे की क्षमता बढ़कर प्रति वर्ष 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा.