प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
बिहार चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक रैली में महागठबंधन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जो लोग कभी जंगलराज के प्रतीक थे, वे अब कानून-व्यवस्था पर ज्ञान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि "कट्टा, छर्रा और दोनाली की राजनीति करने वाले लोग अब बिहार के विकास की बात कर रहे हैं", लेकिन जनता सब जानती है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार ही विकास और सुशासन की गारंटी है.
इससे पहले पीएम मोदी ने कर्पूरी ठाकुर के परिवारजनों से मुलाकात कर कर्पूरी के जीवन के खास पलों को तस्वीरों के माध्यम से देखा. पीएम नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि केंद्र ने आपको मुफ्त गैस कनेक्शन दिया. इलाज की सुविधा दी. लखपति दीदी योजना ने ताकत दी.
उन्होंने आगे कहा कि आज जब बिहार सुशासन की यात्रा पर है तो बहन-बेटियों की भूमिका बढ़ गई है. मुख्यमंत्री रोजगार योजना से 10 हजार की सहायता हो रही है. त्योहार के दौरान महिलाओं ने कई काम किए. रोजगार शुरू किया.
उन्होंने कहा कि बिहार की बहनें कह रहीं, उन्हें यही नहीं रुकना है. अपने छोटे उद्यम को सफल बनना है. 14 नवंबर के बाद एनडीए सरकार बनेगी तो रोजगार के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा. यह सौभाग्य आपके पाहुन आपके दामाद खुद भगवान राम हैं. राम मंदिर बना तो पूरी मिथिला मगन हो उठी. निषाद राज और वाल्मीकि का भी मंदिर बना है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब पुनौरा धाम में माता सीता मंदिर का निर्माण हो रहा है. हम मैथिली और मिथिलांचल की लोक कला को आगे बढ़ा रहे हैं. देश के संविधान का माता सीता की भाषा में अनुवाद करवाया है. हम बिहार की धरोहर को विकास से जोड़ रहे हैं. रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट बन रहा, विकास हो रहा है. हमारे कार्यकर्ता ऐसे ही परिश्रम करते रहें.
माओवादियों की कमर तोड़ी
पीएम ने लोगों से कहा कि हत्या, फिरौती, अपहरण उद्योग की वजह से लालू यादव काल की पीढ़ियां बर्बाद हो गईंं. महिलाएंं, युवा, दलित, पिछड़े सव उस दौर के भुक्तभोगी रहे हैं. उनके लिए थाने के दरवाजे बंद थे. माओवादी आतंक भी खूब फलाफूला. डेढ़ दर्जन से अधिक जिले माओवाद से प्रभावित थे, निकलना मुश्किल था. हमारी सरकार ने बिहार में माओवाद की कमर तोड़ दी. अब पूरे देश से इनका जल्द ही खात्मा होने वाला है.
महागठबंधन का डब्बा गुल कर देना
उन्होंने लोगों से कहा, साथियों, आज आपको आरजेडी और कांग्रेस की बदनीयत से सावधान करूंगा. ये लठबंधन वाले फिर से पुराना दिन लाना चाहते हैं. ये कट्टा, छर्रा, दोनाली की बात कर रहे हैंं. घर से उठा लेने की धमकी दे रहे. इनका प्रचार इसकी धुन पर चल रहा. हमें इनका डिब्बा गुल करना है.
भारतीय छोरियों का जलवा, महिला विश्व कप क्रिकेट 2025 में रचा नया इतिहास
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने सुनहरे प्रदर्शन से 52 साल में पहली बार इतिहास रच दिया है. फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन और तीन विकेट से धूल चटाते हुए पहली बार विश्व कप अपने नाम कर लिया. भारत की इस जीत से पूरा देश गर्व से झूम उठा. शहर से गांव तक आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला.
देशभर में जश्न का माहौल है और सोशल मीडिया पर #ChampionIndia ट्रेंड कर रहा है. पीएम मोदी ने दी बधाई. बीसीसीआई ने 51 करोड़ की राशि पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की. भारत की बेटियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर जज्बा हो तो कोई मंजिल मुश्किल नहीं. इस जीत को हासिल करने में 52 साल लगे.
इससे पहले नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हुई खिताबी भिड़ंत में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर 298 रन लगाए थे. शेफाल वर्मा ने शानदार 87 रनों की पारी खेली. दीप्ति शर्मा ने न केवल 58 रन बनाए बल्कि 5 विकेट चटक दक्षिण अफ्रीका के हलक से मैच जीत लिया.
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुल्फार्ट ने शतकीय पारी खेल दक्षिण अफ्रीकी टीम की उम्मीद बनाए रखीं. उन्होंने 101 रन की पारी खेली. मगर शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी ने भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
महिला वर्ल्ड कप की शुरुआत 1973 में हुई थी, लेकिन भारतीय टीम अब तक कभी विश्व विजेता का तमगा हासिल नहीं कर पाई थी. आखिरकार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इतिहास रच डाला है. टीम इंडिया इससे पहले 2005 और 2017 का फाइनल खेल चुकी थी, लेकिन 2025 का साल भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख चला है.
शेफाली 'द ग्रेट' वर्मा
शेफाली वर्मा बतौर रिप्लेसमेंट इस वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में खेलने आई थीं. कौन जानता था कि फाइनल में वो भारत की ऐतिहासिक जीत की हीरो बन जाएंगी. फाइनल मैच में उन्होंने 87 रनों की यादगार पारी खेली. कप्तान हरमनप्रीत ने उन्हें गेंद सौंप कर बहुत बड़ा दांव खेला. शेफाली 'सरप्राइज पैकेज' साबित हुईं. पहले उन्होंने सून लूस को आउट करके पनप रही बड़ी पार्टनरशिप को तोड़ा. मैरिजेन काप को भी उन्होंने आउट किया.
दीप्ति शर्मा का पंजा
जो योगदान बैटिंग में शेफाली वर्मा का रहा, वो गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा का रहा. उन्होंने 9.3 ओवर में केवल 39 रन देकर 5 विकेट लिए. दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लॉरा वुल्फार्ट को भी उन्होंने ही आउट किया, जिन्होंने 101 रन की शतकीय पारी के दौरान निरंतर टीम इंडिया की मुश्किल बढ़ाई हुई थी. वुल्फार्ट अकेले लड़ती रहीं, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिला.
25 साल बाद नया चैंपियन
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ही महिला ODI वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत पाई थीं. आखिरी बार महिला वनडे क्रिकेट को नया चैंपियन साल 2000 में मिला था, जब न्यूजीलैंड चैंपियन बनी थी. उससे पहले और उसके बाद भी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ही चैंपियन बनते आए हैं. अब 25 साल बाद भारत के रूप में महिला वनडे क्रिकेट को नया चैंपियन मिला है.
मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद शशि थरूर
Shashi Tharoor Reaction: केंद्र सरकार द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में सात प्रतिनिधिमंडल को विदेश जाने के बाद से वह कांग्रेस नेताओं के निशाने पर हैं. इस मसले पर जयराम रमेश और पवन खेड़ा जैसे नेताओं की ओर से बयान आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शशि थरूर पर खुल्लम खुल्ला तंज कसा है.
उन्होंने कहा, "कुछ लोगों के लिए देश से पहले मोदी हैं'. ऐसा कर कांग्रेस अध्यक्ष ने आपातकाल की घटना की याद शशि थरूर को दिला दी है. मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान सामने आने के बाद शशि थरूर ने उड़ान भरते एक पक्षी की तस्वीर एक्स पर पोस्ट कर मल्लिकार्जुन पर पलटवार किया है. उन्होंने लिखा, "आसमान में उड़ने के लिए इजाजत की मांगने की जरूरत नहीं. पंख तुम्हारे हैं और आसमान किसी का नहीं है."
पीएम की तारीफ पड़ा भारी
मोदी की तारीफ बीजेपी में शामिल होने के संकेत नहीं इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक अंग्रेजी अखबार के संपादकीय में पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा था, "पीएम की ऊर्जा, गतिशीलता और अपनी इच्छाशक्ति के कारण भारत के लिए एक प्रमुख संपत्ति" बताया था, लेकिन इसे और अधिक समर्थन मिलना चाहिए."
शशि थरूर ने मल्लिकार्जुन खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर की वैश्विक पहुंच बीजेपी में शामिल होने के उनके लड़ाई का संकेत नहीं है बल्कि राष्ट्रीय एकता, हित और भारत के लिए खड़े होने का एक बयान है.' उनके इस बयान को लेकर भी कहा जा रहा है कि कहीं वो बीजेपी ज्वाइन करने तो नहीं जा रहे हैं?
कोई मोदी को माने देश से पहले तो क्या करना चाहिए- खरगे
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार प्रशंसा करने के लिए वरिष्ठ पार्टी नेता शशि थरूर पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं."
ऐसा पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस में शशि थरूर शीर्ष नेतृत्व के सामने खड़े दिख रहे हैं. अगस्त 2020 में कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी. इनमें से एक शशि थरूर भी थे. 2022 में जब कांग्रेस में अध्यक्ष की तलाश शुरू हुई तो मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने शशि थरूर ने ही चुनौती पेश की थी. जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे गांधी परिवार की पसंद थे.
तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे के निर्माण को लेकर उठा विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हैदराबाद में एक नए स्मारक के ऐलान ने माहौल गरमा दिया है. एक मुस्लिम संगठन ने घोषणा की है कि हैदराबाद में एक ऐसा स्मारक बनाया जाएगा, जिसे ऐतिहासिक स्मृति से जोड़कर देखा जा रहा है. इस ऐलान के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं.
तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने इसका एलान बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी के अवसर पर हुई सभा के दौरान किया. उन्होंने कहा कि स्मारक परिसर में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़ी संस्थाओं की स्थापना की भी योजना है.अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने कहा कि शिलान्यास समारोह में सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे. ताकि यह दिखाया जा सके कि यह स्मारक नफरत नहीं बल्कि प्रेम एवं भाईचारे का प्रतीक है.
उन्होंने यह भी कहा कि बाबर के नाम को राजनीतिक मुद्दा बनाना देश को बांटने की कोशिश है. उनके अनुसार अयोध्या वाले बाबरी मस्जिद के निर्माण में बाबर का खजाना नहीं गया था. यह दलील उन्होंने दोहराई.
मुश्ताक मलिक कौन हैं?
तहरीक मुस्लिम शब्बान (TMS) एक मुस्लिम-सामाजिक और धार्मिक संगठन है जिसकी स्थापना 1991 में हुई थी. संगठन का काम मुस्लिम समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान, धार्मिक जागरूकता और मुस्लिमों के बीच एकता बढ़ाने का रहा है. Mushtaq Malik इस संगठन के अध्यक्ष हैं. उनके नेतृत्व में TMS ने कई पहलों को आगे बढ़ाया है. जैसे शिक्षा-समर्थन, सामाजिक सुधार, ड्रग विरोधी मुहिम, वक्फ (Waqf) से जुड़े मुद्दे आदि.
2023 चुनाव में कांग्रेस का किया था समर्थन
TMS और Malik ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों में Indian National Congress को समर्थन देने की घोषणा की थी. साथ ही मुस्लिमों के लिए वक्फ आयोग की मांग, आरक्षण, आदि 13 बिंदु मांग पत्र भी पेश किया था. मुश्ताक के खिलाफ 2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा TMS पहले भी विवादों में रहा है. उदाहरण के लिए 2022 में Malik पर हिंसा-भड़काने का मुकदमा दर्ज हुआ था.
मुश्ताक मलिक का एलान ऐसे वक्त में किया गया है जब एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने भी बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे की आधारशिला रखी है, जिसको लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमाई गई है. शनिवार को दिनभर इस मामले को लेकर तनाव का माहौल बना रहा है. सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था.