पीएम मोदी ने महिला क्रिकेट टीम से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक कल्याण मार्ग स्थिति अपने आवास पर वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम से 5 नवंबर को मुलाकात की. पीएम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ ट्रॉफी जीती है, बल्कि हर भारतीय का दिल भी जीता. यह मुलाकात खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल रहा, जहां पीएम ने टीम के प्रयासों और संघर्ष की खुलकर तारीफ की. मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से उनके अनुभव साझा करने को कहा और उनके टीम के जज्बे की सराहना की.
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने रविवार को खेले गए फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता था. कप्तान ने इस मुलाकात में 2017 के उस पल को याद किया, जब वह पीएम मोदी से बिना ट्रॉफी के मिली थीं. स्मृति मंधाना ने कहा की पीएम सभी के लिए प्रेरणा रहे हैं.
हरमनप्रीत कौर का PM से सवाल
महिला क्रिकेट टीम की कप्तान पीएम नरेंद्र मोदी ने टीम को जीत की बधाई दी. उन्होंने वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की लगातार तीन हार और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करने के बाद टूर्नामेंट में उनकी शानदार वापसी की सराहना की. बता दें कि टीम इंडिया लीग स्टेज में साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी.
प्रधानमंत्री से मिलकर हमनप्रीत ने पूछा कि वह हमेशा वर्तमान में कैसे रहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ये उनके जीवन का हिस्सा और आदत बन गई है. प्रधानमंत्री ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ हरलीन देओल के कैच को भी याद किया, जिसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम मंगलवार को स्टार एयर की विशेष चार्टर्ड उड़ान (एस5 8328) से दिल्ली पहुंची थी. दिल्ली में प्लेयर्स को एयरपोर्ट से होटल और फिर पीएम आवास पर कड़ी सुरक्षा में ले जाया गया.
स्मृति मंधाना ने PM मोदी को बताया प्रेरणा
स्मृति मंधाना ने कहा कि प्रधामंत्री मोदी ने उन्हें प्रेरित किया है और वह सभी के लिए प्रेरणा रहे हैं. उन्होंने बताया कि कैसे आज लड़कियां हर क्षेत्र में प्रधानमंत्री की वजह से अच्छा कर रही हैं. दीप्ति शर्मा ने कहा कि वह पीएम मोदी से मिलने का इंतजार कर रही थीं. दीप्ति टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुनी गई थी.
पीएम मोदी
देश के अर्थव्यवस्था को लेकर सामने आए आंकड़ों ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 8.2% रही. यह दर न सिर्फ अनुमान से ऊपर रही बल्कि पिछले प्रत्येक प्रमुख आंकड़े को पीछे छोड़ गई. हालांकि, इस उत्साह के बीच कुछ चौंकाने वाले संकेत भी सामने आ रहे हैं, जो बताते हैं कि यह ग्रोथ कितनी स्थायी हो सकती है और किन चुनौतियों से देश अभी जूझ रहा है.
ग्रोथ का विस्फोट: आंकड़े क्या दिखा रहे हैं?
जुलाई–सितंबर 2025 (Q2 FY26) में देश की रियल GDP ग्रोथ दर 8.2% रही, जो पिछले साल इसी तिमाही के 5.6% से काफी अधिक है. यह ग्रोथ Q1 FY26 की 7.8% से भी अधिक है. यानी sequentially भी वृद्धि हुई है. नॉमिनल GDP भी 8.7% बढ़ी, जिससे संकेत मिलता है कि कीमतों एवं सकल माप दोनों में वृद्धि हुई है.
कौन-कौन से सेक्टर ले रहे आर्थिक रफ्तार
सेकेंडरी सेक्टर (उद्योग, निर्माण आदि) मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे रहा — मैन्युफैक्चरिंग में ~9.1% और निर्माण (Construction) में ~7.2% की वृद्धि. तृतीयक (सेवाओं) क्षेत्र ने भी जबरदस्त योगदान दिया. खासकर वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं में.
निजी खपत (Private Final Consumption Expenditure - PFCE) में 7.9% की वृद्धि दर्ज हुई — जो पिछले साल की इसी अवधि से बेहतर है. लेकिन इस रफ्तार में छुपी है कुछ “चौंकाने वाली” बातें शामिल हैं. यह वृद्धि कई बाजार अनुमानों (जो 7–7.5% कर रहे थे) को पार कर गई.
हालांकि, आर्थिक रफ्तार अच्छी है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कम महंगाई (low deflator) और GST-दर कटौती जैसे अस्थायी फैक्टर ने ग्रोथ को असामान्य रूप से ऊपर दिखाया है. यानी मूलभूत ताकत (underlying strength) की जगह, सांख्यिकीय प्रभाव (statistical boost) भी काम कर सकता है.
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, निर्यात दबाव, तथा मुद्रास्फीति-प्रवृत्तियाँ अब भी महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं, जो आगे की तिमाहियों की रफ्तार को प्रभावित कर सकती हैं.
अंकारा में मिस्त्री दूतावास पर फूटा गुस्सा
Protesters Shut Egyptian Embassy: फिलिस्तीन के बेगुनाह और निहत्थे लोगों इजराइली नरसंहार और प्रताड़ना के खिलाफ पूरी दुनिया में विरोध के सुर तेज हो गए. इजराइली सेना की अवैध नाकाबंदी के कारण गाजा इस समय भयावह भूखमरी और कुपोषण की चपेट में है, इसकी वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है. वहीं, अब गाजा में बिगड़ते हालात और रफाह बॉर्डर को बंद रखने को लेकर मिस्र सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुस्सा फूट पड़ा है.
मिस्र के खिलाफ दुनिया के 16 से ज्यादा देशों में एकसाथ विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां मिस्र के दूतावासों को प्रतीकात्मक रूप से बंद कर दिया गया. तुर्की, नीदरलैंड्स, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी समेत कई देशों में यह प्रदर्शन हुए. इन सबका मकसद था, रफाह बॉर्डर खोलने की मांग और गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के रास्ते खोलने का दबाव बनाना.
🔴 Ankara'da bir grup kadın, Mısır Büyükelçiliği kapısına kilit astı. pic.twitter.com/Rgat20kjp3
— Daily Islamist (@dailyislamist) July 26, 2025
कैसे शुरू हुआ यह आंदोलन?
इस पूरे विरोध की शुरुआत एक मिस्री नौजवान अनस हबीब ने की, जो नीदरलैंड्स के हेग शहर में रहते हैं. 21 जुलाई को अनस हबीब ने मिस्र के दूतावास के बाहर लोहे की जंजीरों से गेट को बंद कर दिया और इसका लाइव प्रसारण सोशल मीडिया पर किया. उन्होंने कैमरे पर कहा, "दरवाजा हमने नहीं, उन्होंने बंद किया है."
यह बयान मिस्र सरकार के उस दावे को सीधी चुनौती थी, जिसमें कहा गया है कि रफाह बॉर्डर इजराइल की वजह से बंद है, न कि मिस्र की वजह से. अनस हबीब का यह साहसिक कदम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते यह विरोध आंदोलन ने वैश्विक रूप ले लिया.मिस्त्र सिर्फ गाजा पट्टी के साथ 12 किलोमीटर लंबी सीमा शेयर करता है.
तुर्की में भी हुई बड़ी कार्रवाई
तुर्की की राजधानी अंकारा में तीन मिस्री महिलाओं ने मिस्र के दूतावास को बंद कर दिया. इन महिलाओं ने साफ कहा कि अब वह गाजा के लोगों पर हो रहे नाइंसाफी पर चुप नहीं बैठ सकतीं. यह प्रतीकात्मक विरोध तेजी से बढ़ रहा है और यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कई शहरों में मिस्र के दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
प्रदर्शनकारियों का आरोप
प्रदर्शनकारियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी की सरकार इज़रायली कब्जे के साथ मिलीभगत कर रही है। उनका कहना है कि मिस्र रफाह बॉर्डर को जानबूझकर बंद रखे हुए है, जिससे न तो राहत सामग्री ग़ाज़ा में पहुंच पा रही है और न ही घायल और बीमार लोगों को बाहर लाया जा पा रहा है।
इन गंभीर आरोपों के बाद मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी ने एक टेलीविजन को दिए गये इंटरव्यू में सफाई पेश की.अल-सीसी ने कहा कि रफाह बॉर्डर से मदद भेजने के लिए दूसरी तरफ यानी गाजा में मौजूद पक्षों के साथ समन्वय जरूरी होता है. उनका कहना है कि यह सिर्फ मिस्र के हाथ में नहीं है.
Nikki bhati Murder
Nikki Bhati Murder Case Latest Updates: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में निक्की भाटी की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. पुलिस ने इस मामले में पति विपिन भाटी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. जबकि उसकी सास को भी हिरासत में ले लिया गया है. आरोप है कि निक्की को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और आखिरकार उसे केरोसिन डालकर जला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई.
निक्की के परिजनों ने खुलकर आरोप लगाए हैं कि शादी (2016) के बाद से ही पति और ससुराल वाले दहेज की मांग करते रहे और लगातार घरेलू हिंसा करते रहे.
पति विपिन ने अस्पताल से दिए बयान में खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को नकार दिया. इस मामले ने प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आक्रोश फैला दिया है. पीड़िता के पिता, भिखारी सिंह पैला, ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि "प्रशासन ने अच्छा कदम उठाया है. राक्षसों ने मेरी बेटी को जलाकर मार डाला… मैं खुश हूं कि उसकी सास को गिरफ्तार किया गया. यही महिला पूरे षड्यंत्र की पीछे की साजिश रच रही थी.
उन्होंने कहा कि एक मां का कर्तव्य होता है कि वह बेटे को सही राह दिखाए, लेकिन उसने उसे और बढ़ावा दिया. इन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सास ने निक्की पर केरोसिन डाला और पति विपिन ने उसे आग के हवाले कर दिया.
भिखारी सिंह पैला ने यह भी कहा कि विवाद सुलझाने के लिए कई बार पंचायतें हुईं, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे. एक अन्य रिश्तेदार ने पीटीआई वीडियोज़ को बताया कि विपिन पिछले एक साल से मर्सिडीज कार की मांग कर रहा था. उसने कहा था कि या तो कार दे दो या 60 लाख रुपए.
अब तक क्या-क्या हुआ?
साल 2016 में शादी के कुछ समय बाद से ही निक्की को दहेज के लिए तंग किया जाने लगा. परिवार का आरोप है कि पति ने ₹35 लाख और कार की डिमांड की थी. पीड़िता के पिता का कहना है कि निक्की को अक्सर पीटा जाता था. एक बार वे उसे मायके ले भी आए, लेकिन समाजिक दबाव में उसे फिर ससुराल भेज दिया गया. आरोप है कि निक्की की सास ने केरोसिन डाला और पति विपिन ने उसे आग के हवाले कर दिया.
निक्की को पहले ग्रेटर नोएडा और फिर सफदरजंग अस्पताल (दिल्ली) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसके बचने की संभावना नहीं है. निक्की की मौत के बाद परिवार ने कसाना थाने के बाहर धरना देकर सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने पति विपिन को पकड़ने के लिए मुठभेड़ की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी. निक्की की सास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पति विपिन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
जल्द दाखिल हो चार्जशीट
समाजवादी पार्टी महिला विंग अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सज़ा मिलनी चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों का कहना है कि सभी आरोपियों को बिना जमानत गिरफ्तारी हो और तेज़ी से चार्जशीट दाखिल हो.