IND VS ENG FIRST TEST
लीड्स टेस्ट में भारत ने ऐसा किया जो शायद किसी ने नहीं सोचा था...835 रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया हार गई। आज हम बात करेंगे इसी मैच की 5 बड़ी गलतियों की, जिन्होंने भारत से जीत छीन ली।
1. निचले क्रम की कमजोरी
भारत ने पहली पारी में 430 रन पर सिर्फ 3 विकेट गंवाए थे। लगा कि टीम 600 का स्कोर छू लेगी… लेकिन अचानक 41 रन में 7 विकेट गिर गए! दूसरी पारी में भी वही हाल — 333 पर 5 विकेट और फिर पूरी टीम 364 पर ऑलआउट। मानो ऐसा लगा की टेल-एंडर्स ने जरा भी प्रयास नहीं किया।
2. कैच छोड़ने की भारी चूक
टीम इंडिया ने पूरे मैच में 8 कैच टपकाए, जिसमें से अकेले यशस्वी जायसवाल ने 4 कैच छोड़े। एक समय ऐसा लग रहा था जैसे गेंद खुद जायसवाल की तरफ जा रही हो — ताकि वो उसे फिर से छोड़ दें! जडेजा, पंत और साई सुदर्शन ने भी कैच छोड़े और इंग्लैंड ने इन मौकों का पूरा इस्तेमाल किया।
3. दबाव में बिखरना
जब टीम strong position में थी, तब उसे और attacking game दिखाना चाहिए था लेकिन भारतीय बल्लेबाज दबाव में बिखर गए। खासकर आखिरी के 5-6 बल्लेबाजों में किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली।
4. इंग्लैंड के टेल-एंडर्स की वापसी
जहां भारत का lower order कुछ नहीं कर पाया, वहीं इंग्लैंड के टेल-एंडर्स ने 71 की साझेदारी कर डाली। यही रन मैच का रुख बदलने में अहम साबित हुए।
5. गेंदबाज़ी में धार की कमी
भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआती विकेट तो लिए लेकिन आखिरी में विकेट लेने की भूख कहीं गायब हो गयी थी। इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका मिला और भारत पहला टेस्ट हार गया।
ये थीं लीड्स टेस्ट की 5 बड़ी गलतियां जिन्होंने भारत से जीत छीन ली। शतक बनाने वाले खिलाड़ी तो थे, लेकिन टीम गेम की कमी साफ नजर आई। अब देखना ये है कि अगला मैच कौन-सी कहानी लिखता है।
हार के बाद निराश डी गुकेश
भारत के डी गुकेश को नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में हार का सामना करना पड़ा है। भारत के चैंपियन ग्रैंड मास्टर फैबियानो करुआना के हाथों हार गए हैं, जिसके चलते उनको टूर्नामेंट में तीसरा स्थान मिला है। गुकेश की हार से पांच बार के चैंपियन मैग्नस कार्लसन को फायदा हुआ, जिन्होंने यहां सातवां खिताब जीता। पिछले साल के विजेता कार्लसन ने 10वें राउंड में भारत के अर्जुन एरिगैसी के खिलाफ मुख्य बाजी ड्रॉ कराया जिसके कारण उनके 16 अंक हो गए और इस तरह उन्होंने खिताब जीत लिया।
गुकेश इस मैच को कभी नहीं भूल पाएंगे, मैच की शुरुआत में ही गुकेश असहज दिख रहे थे लेकिन उन्होंने बाद में वापसी की कोशिश की लेकिन तब तक उनकी हार निश्चित हो चुकी थी। जब घड़ी में सिर्फ 2 सेकंड बच्चे थे तो मुकेश ने हार मानते हुए करूआना से हाथ मिला लिया। इसके साथ ही नॉर्वे शतरंज में खिताब जीतने की उनकी उम्मीदें धराशाही हो गईं।
फैबियानो करूआना 15.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं डी गुकेश 14.5 अंकों के साथ तीसरे और अर्जुन एरिगेसी 13 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
शतरंज की दुनिया में 'मोजार्ट ऑफ चेस' के नाम से पहचान रखने वाले मैग्नस कार्लसन पहले स्थान पर रहे।
नॉर्वे के रहने वाले मैग्नस कार्लसन 5 बार के विश्व शतरंज चैंपियन 5 बार के विश्व रैपिड चैंपियन और 8 बार के विश्व ब्लिट्स चैंपियन हैं। FIDE की विश्व रैंकिंग में वह 2011 से नंबर एक पर काबिज है और उनका सबसे अधिक रेटिंग स्कोर 2882 है जो इतिहास में सबसे ज्यादा है। हाल ही में उन्होंने फ्री स्टाइल चेस ग्रैंड स्लैम टूर 2025 के आखिरी राउंड में भारत के डी गुकेश को हराया था।
पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (फाइल फोटो)
Indian Cricket News: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) अब एक नए अवतार में नजर आएंगे. बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष को साउथ अफ्रीका की फ्रेंचाइज़ी प्रिटोरिया कैपिटल्स (Pretoria Capitals) का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है. यह पहली बार होगा जब गांगुली किसी फ्रेंचाइज़ी टीम के हेड कोच की भूमिका निभाएंगे.
बाएं के विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार कप्तानी से भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले सौरव गांगुली को क्रिकेट से सन्यास लिए एक दशक से भी ज्यादा हो गया. लेकिन अब भी वह करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करते हैं. वहीं, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष रहे सौरव गांगुली को बड़ा मौका मिला है.
दरअसल, सौरव गांगुली को प्रिटोरिया कैपिटल्स ने अपने नए हेड कोच के तौर पर नियुक्त किया है. फ्रेंचाइज़ी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी पुष्टि की. कैपिटल्स ने पोस्ट में लिखा, "द प्रिंस इज़ ऑल सेट टू ब्रिंग अ रॉयल फ्लेयर टू द कैपिटल्स कैंप. हमें बेहद खुशी है कि सौरव गांगुली हमारे नए हेड कोच होंगे. सेंचुरियन आपका इंतजार कर रहा है."
पहली बार किसी फ्रेंचाइज़ी के हेड कोच बने गांगुली
यह पहला मौका है जब सौरव गांगुली को किसी फ्रेंचाइज़ी टीम का हेड कोच बनाया गया है. 2018 से 2019 तक गांगुली दिल्ली कैपिटल्स में टीम डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं. हालांकि, बीसीसीआई अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया था.
पिछले साल गांगुली को JSW का डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाया गया था. JSW के पास दिल्ली कैपिटल्स समेत कई फ्रेंचाइज़ी हैं, जिससे गांगुली का रास्ता कोचिंग की ओर और आसान हो गया. अब गांगुली 9 सितंबर 2025 को होने वाली SA20 नीलामी में प्रिटोरिया कैपिटल्स की टीम का नेतृत्व करेंगे.
जोनाथन ट्रॉट की विदाई के बाद मिली जिम्मेदारी
गांगुली को यह जिम्मेदारी इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज़ जोनाथन ट्रॉट की विदाई के बाद सौंपी गई है. ट्रॉट को 2025 सीज़न से पहले हेड कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन टीम 10 में से सिर्फ दो मैच जीत पाई और नॉकआउट में भी जगह नहीं बना सकी. इसके बाद ट्रॉट ने पद छोड़ दिया.
प्रिटोरिया कैपिटल्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, "जोनाथन ट्रॉट, आपके नेतृत्व और समर्पण के लिए हमेशा आभारी रहेंगे. आपकी अगली यात्रा के लिए शुभकामनाएं. वन्स अ कैपिटल, ऑलवेज अ कैपिटल." इस समय जोनाथन ट्रॉट अफगानिस्तान टीम के हेड कोच हैं और 2026 टी20 वर्ल्ड कप (भारत और श्रीलंका) में टीम की कमान संभालेंगे.
बदली गई SA20 की तारीखें
SA20 के 2026 सीजन की तारीखों में बदलाव किया गया है ताकि टी20 वर्ल्ड कप से टकराव न हो. अब यह टूर्नामेंट 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक खेला जाएगा. सौरव गांगुली को प्रिटोरिया कैपिटल्स का हेड कोच बनाए जाने पर भारतीय क्रिकेट फैंस काफी उत्सुक है. सोशल मीडिया पर फैंस गांगुली को नई भूमिका में देखने और हेड कोच बनाए जाने की मुबारकबाद दे रहे हैं.
क्या भारतीय टीम को कोच करेंगे गांगुली?
इससे पहले गांगुली ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में टीम इंडिया के कोच बनने को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, "मैंने कभी इस बारे में सोचा नहीं था, क्योंकि मेरी भूमिकाएं बदलती रहीं. 2013 में क्रिकेट छोड़ने के बाद मैं बीसीसीआई अध्यक्ष बना, लेकिन भविष्य में मौका मिलेगा तो जरूर सोचूंगा. अभी मैं सिर्फ 53 साल का हूं, देखते हैं आगे क्या होता है."
गांगुली का करियर और योगदान
प्रिंस ऑफ कोलकाता और दादा जैसे उपनामों से मशहूर सौरव गांगुली का शुमार भारत के सबसे सफल कप्तानों में होता है. उन्होंने 113 टेस्ट और 311 वनडे मैचों में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया और कुल 18,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए. उनकी कप्तानी में भारत 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी.
क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष बने. साल 2019 में उन्हें बीसीसीआई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां उनका कार्यकाल 2022 तक चला. इसके बाद रोजर बिन्नी ने उन्हें रिप्लेस किया.
ये भी पढ़ें: भारी बारिश से थमी हिमाचल की सांसें!...482 सड़कें गायब, 941 ट्रांसफॉर्मर जले, 95 जल योजनाएं सूखी
अकील होसेन और रोहित पौडेल ट्रॉफी के साथ पोज देते हुए
Nepal vs West Indies T20 Cricket Match: नेपाल ने शनिवार को क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतिहास रच दिया. देश की क्रिकेट टीम ने दो बार के विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 19 रन से हराया. यह नेपाल की किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ पहली जीत है. इससे पहले नेपाल ने 2014 में अफगानिस्तान को हराया था, लेकिन उस समय नेपाल केवल एसोसिएट सदस्य था.
शनिवार का मुकाबला नेपाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी जीत साबित हुआ. यह जीत न केवल वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आई, बल्कि यह किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ उनकी पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की जीत भी थी.
बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर नेपाल ने आठ विकेट खोकर 148 रन बनाए. मैच के शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाज अकील हुसैन और जेसन होल्डर ने शानदार शुरुआत करते हुए चौथे ओवर तक नेपाल का स्कोर दो विकेट पर 12 रन कर दिया. इसके बाद कप्तान रोहित पोडेल (38) और कुशल मल्ला (30) ने 58 रन की अहम साझेदारी करके नेपाल की पारी को संभाला. लेकिन वेस्टइंडीज के नवीन बिदाईसी ने दोनों को जल्दी-जल्दी आउट कर दिया.
कुशल मल्ला ने दो छक्के लगाकर रन गति में इजाफा किया, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी (24) और गुलशन झा (22) ने भी उम्दा पारियां खेलीं. होल्डर ने 19वें ओवर में तीन विकेट चटकाए, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम कुछ कैच टपकाने की वजह से नेपाल को आठ विकेट पर 148 रन बनाने में सफल होने से नहीं रोक सकी.
वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत खराब रही. नेपाल के कुशल भुर्तेल ने काइल मायर्स (05) को रन आउट किया. अकीम ऑगस्टे (15) ने दो छक्के लगाकर पलटवार किया, लेकिन नेपाल के स्पिनरों ने जल्दी ही रन गति पर ब्रेक लगा दिया. ललित राजवंशी ने छह रन देकर एक विकेट लिया, जबकि रोहित पोडेल ने 20 रन पर एक विकेट लेकर मध्य ओवरों में वेस्टइंडीज की पारी को काबू में किया.
इसके बाद दीपेंद्र ऐरी ने शानदार फील्डिंग करते हुए कीसी कार्टी (16) को रन आउट किया. होल्डर (05) भी भुर्तेल की गेंद पर आउट हो गए, जिससे कैरेबियाई टीम की जीत की उम्मीदें धूमिल हो गईं. हुसैन (18) और फैबियन एलेन (19) ने टीम को संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन नेपाल की जीत को रोक नहीं सके.