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Delhi NCR Rain: दिल्ली और एनसीआर (NCR) के लोगों की सोमवार सुबह झमाझम बारिश और ठंडी हवा के साथ हुई. रातभर हुई बारिश के बाद सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश की बौछारें पड़ीं. मौसम विभाग (IMD) ने आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि दिनभर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना बनी रहेगी.
ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई दिक्कतें
बारिश का सबसे बड़ा असर राजधानी की सड़कों पर दिखा. दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वालों को भारी जाम से जूझना पड़ा. आईटीओ, राजीव चौक, प्रीत विहार और इंडिया गेट जैसे इलाकों में रविवार को हुई बारिश से पहले से ही जलभराव था, अब सोमवार को फिर से बारिश ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दीं. सोशल मीडिया पर निचले इलाकों में पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं.
NCR के कई शहरों में बारिश का असर
दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, बल्लभगढ़ और बहादुरगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी है. सुबह से ही कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश का दौर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा और 30 अगस्त तक बारिश की संभावना बनी हुई है.
हवाई यात्रियों की बढ़ी टेंशन
बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि हवाई यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. खराब मौसम के चलते कई उड़ानों में देरी की आशंका जताई जा रही है. स्पाइसजेट ने अपने यात्रियों को ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और कहा है कि खराब मौसम के कारण फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर ने अभी तक कोई एडवाइजरी नहीं जारी की है.
तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत
बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम था. न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज किया गया. बारिश के कारण नमी का स्तर 77% से 100% तक पहुंच गया है. हालांकि लोगों को ट्रैफिक और जलभराव से दिक्कत हुई, लेकिन उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत ने सबको सुकून दिया.
रेड अलर्ट के बाद अब येलो अलर्ट
शनिवार शाम को हुई मूसलधार बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट के बाद मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था. अब हालात थोड़ा बेहतर हुए हैं और सोमवार को येलो अलर्ट लगाया गया है. इस महीने अब तक 254.8 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य औसत से ज्यादा है.
दिल्लीवालों के लिए सलाह
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IMD Weather Update: देशभर में मानसून की बारिश इन दिनों लोगों के लिए राहत के साथ-साथ परेशानी भी लेकर आई है. एक तरफ जहां बारिश से गर्मी और उमस से छुटकारा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. खासकर पहाड़ी राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इन इलाकों में रहने वाले लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं.
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रविवार सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है. छुट्टी का दिन होने की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में बैठकर मौसम का मज़ा ले रहे हैं, लेकिन जिन्हें जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ा, उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. मौसम विभाग ने पहले ही पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली और शाहदरा जैसे इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था. दो दिन पहले हुई बारिश ने ही दिल्लीवासियों की परेशानियां बढ़ा दी थीं और आज हालात फिर वैसा ही दिख रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर दिखने लगा है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ना तय है.
उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड में मानसून की बारिश सबसे ज्यादा मुसीबत खड़ी कर रही है. राज्य के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने देहरादून समेत पांच जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सितंबर के पहले हफ्ते में यहां सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है. हालांकि, दूसरे हफ्ते से बारिश का असर कुछ कम हो सकता है. लगातार हो रही बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं और सड़कों के अवरुद्ध होने से यातायात बाधित हुआ है.
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी खतरा बरकरार
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बादल फटने और भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं. इससे लोगों के घरों और खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा है. सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं.
कुल मिलाकर, मानसून का यह दौर देशभर के लोगों के लिए चुनौती लेकर आया है. मैदानों में जहां जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में लोग बाढ़ और भूस्खलन के डर से सहमे हुए हैं. मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है.
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Delhi Rain Update: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था. सड़कों पर पानी भर गया, जगह-जगह जाम की स्थिति बनी और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी. कई इलाकों की सड़कें तो तालाब जैसी दिखने लगी थीं. हालांकि अब राहत की खबर यह है कि बारिश का जोर धीरे-धीरे थमने लगा है और पानी भी उतरने लगा है लेकिन इसके बावजूद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है, जिस वजह से बाढ़ का खतरा अभी भी टला नहीं है.
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली-एनसीआर में अब लगातार तेज बारिश की संभावना नहीं है. आने वाले दिनों में केवल रुक-रुककर हल्की बारिश होगी. यानी लोगों को भारी बारिश और जलभराव जैसी समस्या से फिलहाल राहत मिलेगी. हालांकि हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण उमस बढ़ सकती है.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आर.के. जेनामणि के मुताबिक, अब दिल्ली में मौसम धीरे-धीरे बदलने वाला है. उन्होंने कहा कि 7 सितंबर से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी. सुबह और शाम हल्की धूप देखने को मिलेगी, जबकि आसमान में बादल छाए रहेंगे. हल्की बारिश के बीच उमस भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा.
9 से 11 सितंबर तक का पूर्वानुमान
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, 9 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुककर हल्की बारिश जारी रहेगी. इसके बाद 10 और 11 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे. इस दौरान लगभग 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है. इसका मतलब है कि राजधानी में तेज बारिश तो नहीं होगी, लेकिन मौसम का मिजाज बदलता रहेगा.
यमुना का जलस्तर चिंता का कारण
दिल्ली में पानी उतरने के बावजूद यमुना नदी के जलस्तर पर सभी की निगाहें टिकी हैं. नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बरकरार है. प्रशासन ने भी हालात पर कड़ी नजर बनाए रखी है. बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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Delhi Floods News: दिल्ली इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है. यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और इसका असर राजधानी के ज्यादातर इलाकों पर दिखाई दे रहा है. निचले इलाकों में पानी भरने से हजारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं.
यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ा
मौसम विभाग और जल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश और पहाड़ी राज्यों से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. कई जगहों पर यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इसका सीधा असर दिल्ली के निचले इलाकों पर पड़ा है, जहां पानी भरकर लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है.
हजारों लोग बेघर
बाढ़ के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया है। खासकर मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, वजीराबाद, लोहे का पुल और यमुना किनारे बसी बस्तियों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. यहां रहने वाले हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. लोग अपने घरों का सामान, छोटे बच्चे और बुजुर्गों को लेकर राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं. कई परिवारों को सड़क किनारे या फ्लाईओवर के नीचे रात बितानी पड़ रही है.
यातायात और जनजीवन पर असर
बाढ़ ने दिल्ली की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है. सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ है. मेट्रो स्टेशन के आसपास पानी भर जाने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्कूलों और दफ्तरों को बंद करना पड़ा है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम अलर्ट
हालात को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ की टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया है. नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. दिल्ली सरकार ने यमुना के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और किसी तरह का जोखिम न उठाएं.
स्वास्थ्य और स्वच्छता की चिंता
बाढ़ के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. गंदे पानी और नमी की वजह से डेंगू, मलेरिया, दस्त और स्किन इंफेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमें तैनात की हैं और प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं. वहीं, पीने के पानी और साफ-सफाई को लेकर भी चुनौतियां बढ़ गई हैं.
आम लोगों की परेशानियां
बाढ़ से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोज कमाने-खाने वाले हैं. उनके घर और सामान पानी में डूब गए हैं, रोजगार बंद हो गया है और खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है. बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है. लोग राहत सामग्री और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं.
सरकार ने की मदद की घोषणा
दिल्ली सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है. प्रभावित इलाकों में अस्थायी कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों को खाना, पीने का पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं. सरकार ने दावा किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.