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Weather Update: दिल्ली में 21 अगस्त को मौसम में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है. तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है. अगले कुछ दिनों में भी दिल्ली में आंशिक वर्षा के आसार हैं. शहर में उमस और नमी बढ़ सकती है, इसलिए बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट रखना लाभकारी रहेगा. खासकर सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बादलों के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, इसलिए घर से निकलते समय हल्के, आरामदायक और सांस लेने वाले कपड़े पहनना चाहिए.
आने वाले सप्ताह में दिल्ली में बारिश के दिन अधिक रहेंगे. शुक्रवार और शनिवार को अधिक बारिश की संभावना है, जिससे तापमान थोड़ी राहत मिल सकती है. वहीं, रविवार और सोमवार को मौसम में बादल रहेंगे, लेकिन हल्की वर्षा की संभावना भी बनी रहेगी. बारिश के कारण ट्रैफिक में भी थोड़ी गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए लोग अपने यात्रा कार्यक्रम में बदलाव की योजना पहले से बना सकते हैं.
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आज मौसम बादलपूर्ण रहेगा और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होगी. तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. विशेषज्ञों ने किसानों और ग्रामीण इलाकों के निवासियों को सुझाव दिया है कि वे जलस्तर बढ़ने और खेतों में जलभराव की संभावना के मद्देनजर सावधानी बरतें.
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को मध्यम बारिश होने की उम्मीद है. रविवार और सोमवार को हल्की बारिश रह सकती है, और मंगलवार तथा बुधवार को मौसम कुछ स्थिर रहने के संकेत हैं. पानी भराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी. इसके अलावा, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वालों को भी बारिश के कारण सावधानी रखने की सलाह दी जाती है.
बिहार (Bihar)
बिहार में भी मौसम बादलपूर्ण रहेगा और अधिकांश इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. तापमान अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. आने वाले सप्ताह में बिहार के कई जिलों में बारिश के दौर जारी रह सकते हैं. खासकर पटना, गया, नालंदा और मुजफ्फरपुर जिलों में बारिश की संभावना अधिक है.
बारिश के कारण नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए जलस्तर वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना आवश्यक है. बच्चे और बुजुर्ग बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. किसान भाई अपनी खेतों की गतिविधियों के लिए मौसम की जानकारी लगातार लें. अगले सप्ताह मंगलवार और बुधवार को कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में हल्का बदलाव हो सकता है.
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Delhi Floods News: दिल्ली इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है. यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और इसका असर राजधानी के ज्यादातर इलाकों पर दिखाई दे रहा है. निचले इलाकों में पानी भरने से हजारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं.
यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ा
मौसम विभाग और जल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश और पहाड़ी राज्यों से छोड़े गए पानी की वजह से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. कई जगहों पर यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इसका सीधा असर दिल्ली के निचले इलाकों पर पड़ा है, जहां पानी भरकर लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है.
हजारों लोग बेघर
बाढ़ के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया है। खासकर मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, वजीराबाद, लोहे का पुल और यमुना किनारे बसी बस्तियों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. यहां रहने वाले हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. लोग अपने घरों का सामान, छोटे बच्चे और बुजुर्गों को लेकर राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं. कई परिवारों को सड़क किनारे या फ्लाईओवर के नीचे रात बितानी पड़ रही है.
यातायात और जनजीवन पर असर
बाढ़ ने दिल्ली की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है. सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ है. मेट्रो स्टेशन के आसपास पानी भर जाने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्कूलों और दफ्तरों को बंद करना पड़ा है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम अलर्ट
हालात को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ की टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया है. नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. दिल्ली सरकार ने यमुना के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और किसी तरह का जोखिम न उठाएं.
स्वास्थ्य और स्वच्छता की चिंता
बाढ़ के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. गंदे पानी और नमी की वजह से डेंगू, मलेरिया, दस्त और स्किन इंफेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमें तैनात की हैं और प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं. वहीं, पीने के पानी और साफ-सफाई को लेकर भी चुनौतियां बढ़ गई हैं.
आम लोगों की परेशानियां
बाढ़ से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोज कमाने-खाने वाले हैं. उनके घर और सामान पानी में डूब गए हैं, रोजगार बंद हो गया है और खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है. बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है. लोग राहत सामग्री और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं.
सरकार ने की मदद की घोषणा
दिल्ली सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है. प्रभावित इलाकों में अस्थायी कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों को खाना, पीने का पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं. सरकार ने दावा किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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Delhi August Rainfall: दिल्ली और उत्तर भारत में इस बार अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश ने लोगों को चौंका दिया है. सड़कों पर जलभराव, पहाड़ों में भूस्खलन और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति ने हालात को गंभीर बना दिया है. आमतौर पर अगस्त तक बारिश कम हो जाती है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज अलग ही दिखाई दे रहा है. आखिर क्यों हो रही है इतनी बारिश और क्यों पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं आम हो गई हैं?
मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि इन सबके पीछे मुख्य कारण क्लाइमेट चेंज है. उन्होंने कहा कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में नमी और गरजने वाले बादलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. पहले जहां तीन-चार दिन तक हल्की-हल्की बारिश होती थी, अब वही बारिश 4 से 6 घंटे में ही हो जाती है. यही वजह है कि बादल फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और भविष्य में यह खतरा और गंभीर हो सकता है.
ग्लोबल वार्मिंग और दिल्ली की स्थिति
ग्लोबल वार्मिंग का असर दिल्ली-NCR पर भी साफ दिखाई दे रहा है. यहां तेजी से खेत और जंगल खत्म होते जा रहे हैं. डेवलपमेंट के नाम पर हो रही निर्माण गतिविधियों और प्रदूषण ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. इस साल दिल्ली में सामान्य से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा बारिश हुई है. मानसून काफी एक्टिव रहा और अचानक भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं.
राजस्थान में बाढ़ और फसल बर्बादी
राजस्थान का हाल भी कुछ अलग नहीं है. मानसून की शुरुआत में वहां बारिश न होने से करीब 50 फीसद फसल खराब हो गई थी लेकिन अब जब बारिश हो रही है तो इतनी तेज हो रही है कि बची हुई फसलें भी बर्बाद हो रही हैं. यानी किसानों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा उठाना पड़ रहा है.
देशभर में बदला मानसून का पैटर्न
महेश पलावत के अनुसार, इस बार पूरे देश में सामान्य से लगभग 4 फीसद ज्यादा बारिश हुई है. पिछले एक दशक से मानसून का पैटर्न बदल रहा है. पहले बारिश धीरे-धीरे होती थी जिससे पानी जमीन में समा जाता था, ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता था और फसलों को फायदा मिलता था लेकिन अब हालात बिल्कुल उलट हो गए हैं. झमाझम बारिश कुछ घंटों में ही हो जाती है, जिससे जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं आम हो गई हैं.
समाधान क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस पानी को सही तरीके से संचित किया जाए तो यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है लेकिन मौजूदा हालात में भारी बारिश से ज्यादा नुकसान हो रहा है. बढ़ते तापमान, ग्लोबल वार्मिंग और अनियंत्रित विकास ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है.
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Delhi Rain News Today: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार (9 अगस्त) सुबह आसमान से आफत बरसी. रातभर हुई तेज बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली और पूरे दिल्ली एनसीआर में मौसम सुहावना हो गया.
वहीं, दूसरी तरफ जलजमाव और भारी ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दीं. राजधानी के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं और मौसम विभाग ने दिनभर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है. देर रात से शुरू हुई बारिश अभी तक जारी है. एक्सपर्ट की मानें तो बारिश से दिल्ली के प्रदूषण में सुधार हो सकता है.
राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव
तेज बारिश के कारण शास्त्री भवन, आरके पुरम, मोती बाग और किदवई नगर समेत कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. पंचकुइयां मार्ग, मिंटो रोड और मथुरा रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया है. यहां तक कि भारत मंडपम के गेट नंबर 7 पर भी पानी भरने की सूचना मिली है.
दिल्ली में रेड अलर्ट, NCR में भी खतरे की घंटी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. साथ ही गाजियाबाद में रेड और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. इसका मतलब है कि इन इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज के साथ तेज हवाओं की संभावना है.
हरियाणा में भी बारिश की चेतावनी
केंद्रीय राजधानी से सटे पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी बारिश की फुहारों से मौसम सुहावना हो गया. हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां मध्यम से भारी बारिश के साथ तूफान की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग ने सोहना, नूंह, रोहतक, सोनीपत और औरंगाबाद जैसे क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई है.
हिमाचल में भी बारिश का अलर्ट
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है. यहां बीते एक हफ्ते से जारी बारिश पर गुरुवार को कुछ राहत मिली थी, लेकिन उसके बाद फिर बारिश शुरू हो गई. हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों के लिए 11 और 12 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है. अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश जारी रह सकती है.
कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, दिनभर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी,
IMD ने सोशल मीडिया पर भी चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की जानकारी लगातार चेक करते रहें. प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और रेस्क्यू टीमें सतर्क हैं.
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