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Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में इस समय मानसून का असर अलग-अलग तरह से दिखाई दे रहा है. कहीं लगातार बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, तो वहीं कई राज्यों में अभी भी उमस और गर्मी से लोग परेशान हैं. राजधानी दिल्ली-एनसीआर से लेकर पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत तक मौसम की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में अलर्ट भी जारी किया है. आइए जानते हैं राज्यवार मौसम का हाल.
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने बताया कि आज भी दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. दिनभर धूप-छांव का खेल चलता रहेगा, लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है.
उत्तर प्रदेश का जानें हाल
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में जहां मानसून सक्रिय है और लगातार बारिश हो रही है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक बारिश कमजोर रही है. यहां के लोग उमस और चिलचिलाती धूप से परेशान हैं. हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अब मौसम में बदलाव होने वाला है. 18 अगस्त से अगले 72 घंटों तक कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, 21 अगस्त से पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग ने आज कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. साथ ही भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाओं के मद्देनज़र लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. यहां बादल फटने की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से बारिश कमजोर पड़ गई थी, जिसके चलते तेज धूप और गर्मी का असर दिखाई दे रहा था. लेकिन अब मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि राज्य में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सकती है.
कर्नाटक और केरल में भारी बारिश का अंदेशा
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मानसून तेज हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 18 अगस्त को तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है. इसके अलावा, 18 से 20 अगस्त के बीच केरल और माहे में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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Delhi Weather Today: भारत में मॉनसून की बारिश का सिलसिला फिलहाल कई हिस्सों में जारी है. महाराष्ट्र से लेकर मेघालय तक झमाझम बारिश हो रही है, जबकि असम और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार तेज बरसात लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. वहीं, दूसरी ओर उत्तर भारत के कई राज्यों में अभी भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों को लेकर अलग-अलग राज्यों के लिए ताजा अपडेट जारी किया है.
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में इस समय लोग उमस भरी गर्मी से जूझ रहे हैं. सुबह से लेकर दोपहर तक धूप तेज रहती है, हालांकि बीच-बीच में बादल भी छा जाते हैं लेकिन बारिश का इंतजार अभी भी जारी है. हल्की-फुल्की बूंदाबांदी जरूर हो रही है, लेकिन लगातार बारिश देखने को नहीं मिल रही. मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में 27 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है. फिलहाल, राजधानी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है. उमस और गर्मी के कारण लोग खासे परेशान हैं और बारिश ही उन्हें राहत दिला सकती है.
उत्तर प्रदेश का मौसम
उत्तर प्रदेश में भी हालात दिल्ली जैसे ही हैं. यहां भी पिछले करीब एक हफ्ते से लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान हैं. राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के जिलों में दिन के समय तापमान लगातार 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है. हालांकि, मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 25 अगस्त तक यूपी के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है. पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों में यह बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आएगी. खासकर पूर्वी यूपी में ज्यादा बरसात होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से निजात मिल सकेगी.
बिहार का मौसम
बिहार में भी मौसम का मिजाज दिल्ली और यूपी जैसा ही है. यहां के लोग पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी की मार झेल रहे हैं लेकिन आज यानी 23 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इस बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है. राजधानी पटना, भागलपुर, दरभंगा, गया और सीमांचल के जिलों में आज अच्छी बारिश होने की उम्मीद है.
राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राजस्थान के भी कुछ जिलों में तेज बरसात हो सकती है. यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रहेगी.
पहाड़ी राज्यों में लगातार बरसात
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले सात दिनों तक तेज बरसात की संभावना जताई गई है. यहां पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और नदियों में पानी बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है.
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Mumbai Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को मुंबई और महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से मुंबई शहर और उपनगरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हुई है. अब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में बारिश और तेज हो सकती है.
मुंबई में मौसम का हाल
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे. हल्की से मध्यम बारिश दिनभर जारी रही. मौसम विभाग का कहना है कि शहर में अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा. मुंबई और उपनगरों के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पहले सिर्फ येलो अलर्ट था. लगातार बढ़ती बारिश की तीव्रता को देखते हुए यह चेतावनी बदली गई है. इसका मतलब है कि अगले कुछ घंटों में तेज बारिश की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
महाराष्ट्र के बाकी जिलों में भी अलर्ट
केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है.
इसका मतलब है कि राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD की वेबसाइट के मुताबिक, कोकण-गोवा और दक्षिण महाराष्ट्र के ज़िलों में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी. वहीं, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के ज़िलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. तेज़ हवाएं भी चलेंगी, जिनकी गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है और झोंकों में यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
भारी बारिश की वजह क्या है?
मौसम विभाग के मुताबिक, विदर्भ और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण यह बारिश हो रही है. इस सिस्टम के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से कोकण और मुंबई क्षेत्र में तेज़ बारिश हो रही है.
बीते 24 घंटे का हाल
शुक्रवार को भी मुंबई में सुबह से हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन दोपहर तक यह बारिश तेज़ हो गई. बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे से शाम 6 बजे तक मुंबई में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
बारिश से जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश से मुंबई और आसपास के जिलों में जगह-जगह पानी भर गया है. सड़कें डूबने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है और कई ट्रेनों व उड़ानों पर भी असर पड़ा है. राज्य के कई हिस्सों में बारिश से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 1 व्यक्ति लापता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित जगहों पर रहें.
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Pakistan Flood 2025 Punjab: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. देश के पूर्वी हिस्से में यह आपदा सबसे ज्यादा असर डाल रही है, जहां कई गांव और कस्बे पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के प्रमुख इनाम हैदर मलिक ने बताया कि केवल सिंध प्रांत में ही करीब 1.5 लाख लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया है. उनका कहना है कि आने वाले दिनों में बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है, इसलिए सरकार लगातार बचाव और राहत कार्यों पर निगरानी रख रही है. इंटरनेशनल मेडिकल कोर के हालिया अपडेट में कहा गया है कि जून के आखिर से अब तक देशभर में तेज़ बारिश और बाढ़ के कारण 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन ने पाकिस्तान में मानसूनी बारिश और बाढ़ की तीव्रता को और बढ़ा दिया है. तेज़ बारिश से नदियों में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे गांव और शहर बुरी तरह प्रभावित होते हैं. हालांकि आलोचक यह भी कहते हैं कि सरकार ने समय रहते आपदा प्रबंधन और राहत ढांचे में पर्याप्त निवेश नहीं किया. बेहतर अलर्ट सिस्टम, मजबूत बांध और तटबंध जैसी तैयारियां समय पर नहीं होने की वजह से नुकसान बढ़ा है.
इस बाढ़ ने खास तौर पर उन इलाकों को प्रभावित किया है, जहां लोग पहले से ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन बिता रहे थे. पाकिस्तान की करीब 40 प्रतिशत आबादी गरीब है, और उनके खेत-खलिहान तथा घर बर्बाद होने से उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. राहत सामग्री और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मदद ली जा रही है.
सरकार ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजी जा रही है, लेकिन जरूरतमंदों की संख्या इतनी अधिक है कि सभी तक समय पर मदद पहुंचाना चुनौती बन गया है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना और जलवायु अनुकूल ढांचे की आवश्यकता है.